लेख शोक, दुख व मृत्यु पर भी मुस्कुराते हुए कृष्ण February 16, 2024 / February 16, 2024 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव श्रीकृष्ण जैसा अदभुत अलौकिक चरित्र दूसरा नहीं मिलता है, इसलिए किन्हीं भी परिस्थिति में कोई भी सांसारिक घटना हो, जिसमें लोग विषाद में हो, संकट में , किसी की मृत्यु पर अपना दुख व्यक्त कर रो रहा हो, या स्वयं उन्हें संकट में डालने की धमकी दे रहा हो, वे सदैव निर्द्वन्द्व […] Read more » दुख व मृत्यु पर भी मुस्कुराते हुए कृष्ण
लेख नर्मदापुरम में वर्ष 1980 में नर्मदा जयंती महोत्सव के जनक संत राधे बाबा February 16, 2024 / February 16, 2024 | Leave a Comment – आज नर्मदा जन्मोत्सव पर विशेष आत्माराम यादव पीव आज 16 फरवरी को नर्मदा जयंती महोत्सव को नर्मदापुरम में गौरव दिवस के रूप में मनाने की तैयारी बडी धूमधाम से की जा रही है जिसमें प्रात: साढ़े दस बजे नॉ नर्मदा के प्राीच मंदिर में नित्य आरती के साथ जन्मोत्सव की शुरुआत होगी , दोपहर में शोभायात्रा के पश्चात सॉय साढे […] Read more » Saint Radhe Baba the father of Narmada Jayanti Mahotsav in Narmadapuram in the year 1980 नर्मदा जयंती महोत्सव
कविता मंत्र है, साक्षात शिवशक्ति February 1, 2024 / February 1, 2024 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव हमारा देश अनादिकाल से ज्ञान-विज्ञान की गवेषणा, अनुशीलन एवं अनुसंधान का प्रमुख केन्द्र रहा है जिसमें विद्या की विभिन्न शाखाओं में हमारे ऋषिमुनियों-ज्ञानियों ने धर्म दर्शन, व्याकरण, साहित्य, न्याय, गणित ज्योतिष सहित अनेक साधनाओं का प्रस्फुटन किया है जिनमें मंत्र, तंत्र और यंत्र का भी […] Read more » The mantra is Shiva Shakti in person
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म लेख विधि-कानून विश्व की एकमात्र पाप-नाशिनी है नर्मदा जिसका कंकड़ भी नर्मदेश्वर शिवलिंग बन जाता है। January 29, 2024 / January 29, 2024 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव समूचे विश्व में जो दिव्य व रहस्यमयी है तो वह नर्मदा। नर्मदा का वर्णन चारों वेदों की व्याख्या में विष्णु के अवतार वेदव्यास जी ने स्कन्द पुराण के रेवाखंड में किया है। रामायण और महाभारत में भी नर्मदा का उल्लेख मिलता है। कालिदास ने नर्मदा को सोमप्रभवा कहा है और रघुवंश में […] Read more » पाप-नाशिनी नर्मदा
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म लेख विद्यादायिनी मोक्षप्रदायनी मॉ शारदा का शरीर है मातृकाओं से निर्मित January 29, 2024 / January 29, 2024 | Leave a Comment आत्माराम यादव मॉ शारदा का शरीर ’’अवर्ग’’ आदि सात वर्गो में विभक्त 51 मातृकाओं से निर्मित है। स्वच्छन्दोद्योत .पटल 10 पटल के अनुसार-’’अवर्गे तू महालक्ष्मीः कवर्गे कमलोद्भवा।।34।। चवर्गे तू महेशानी, टवर्गे तु कुमारिका।। नारायणी तवर्गे तु, वाराही तु पवर्गिका।।35।। ऐन्दी चैव यवर्गस्था, चामुण्डा तु शवर्गिका।। एता सप्तमहामातृ, सप्तलोकव्यवस्थिः।।36।। अर्थात 16 […] Read more » Vidyadayini Mokshapradayani Maa Sharda's body is made up of matrikas.
व्यंग्य यमलोक में यमराज का चुनाव January 29, 2024 / January 29, 2024 | Leave a Comment नर्मदा तट की अपनी महिमा है, भगवान कृष्ण शिशुपाल के 100 अपराध तक माफ करने की सहनशक्ति रखते थे, तभी हज जाने के लिये बिल्ली जैसे मांसाहारी जीव को भी सौ-सौ चूहे खाने अर्थात दो सौ अपराध करने की छूट मिल चुकी थी, यह अलग बात है कि वह पूरी जिंदगी में हजार से ज्यादा […] Read more » Yamraj's election in Yamalok
लेख प्रधानमंत्री जवाहर नेहरू को 1952 के चुनाव प्रचार में नहीं दिया सरकारी वाहन, निजी वाहन से किया प्रचार January 25, 2024 / January 25, 2024 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव बात 1952 के दिसम्बर माह की है, तब मध्यप्रदेश विधानसभा के चुनाव प्रचार हेतु निजी वाहन से दौरा कर रहे थे उस समय चुनावों के लिए सरकारी वाहन उपलब्ध कराया जाना नियम विरुद्ध था। उनका निजी वाहन खराब हो गया था, लगातार सड़कों पर दौडते हुए वाहन चालक ने थकने से आगे […] Read more »
कविता हम जो छले, छलते ही गये January 25, 2024 / January 25, 2024 | Leave a Comment 15 अगस्त की वह सुबह तो आयी थीजब विदेशी आक्रांताओं से हमेंशेष भारत की बागड़ोर मिलीहम गुलाम थे, आजाद हुयेआजादी के समय भी हम छले गये थेआज भी हम अपनों के हाथों छले जा रहे है।भले आज हम आजादी में साँसे ले रहे हैपर यह कैसी आधी अधूरी आजादी ?पहले अंगे्रेजों के जड़ाऊ महल बनाते […] Read more » We who were deceived continued to be deceived.
कविता मैं भूल गया हॅू अलमारी में बंद किताबों को, जो आज भी मेरा इंतजार करती है ! January 24, 2024 / January 24, 2024 | Leave a Comment मैं बचपन से ही किताबों सेबहुत प्रेम करता हूं,पहले लोटपोट, मधु मुस्कान, नंदनगुड़िया जैसी किताबों का चस्का लगा थाधीरे धीरे सरिता,कादम्बिनी, मायानिरोगधाम जैसी पत्रिकाओं का शौकमुझे सातवें आसमान पर पहुंचा देता था।किताबें पढने के जुनून ने 10 साल की उम्र में ही मुझेबसस्टेण्ड पर लाकर खडा कर दियाजहॉ ब्रजकिशोर मालवीय और संजीव डेहरी मालवीय के बुकस्टाल सेकमीशन से किताबें लेता औरबस […] Read more » I have forgotten the books locked in the cupboard
राजनीति लेख अयोध्या का इतिहास, जहॉं 496 साल बाद घर लौट रहे हैं राम January 19, 2024 / January 19, 2024 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव उत्तरकोशला की राजधानी अयोध्या जिसे अवध और साकेत भी कहते है तथा जो तीर्थ-रूपी विष्णु का मस्तक कही गयी है और इस अयोध्या की गणना इस धरा के सात तीर्थो में प्रथम है होती है, यथा- अयोध्या मथुरा माया काशी कांची अवन्तिका। पुरी द्वारावती चैव सप्तेता मोक्षदायिकाः। अयोध्या का सौन्दर्य ब्रम्हलोक के […] Read more » History of Ayodhya where Ram is returning home after 496 years
कविता क्षितिज के पार January 18, 2024 / January 18, 2024 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव दूर क्षितिज के पार शून्य मेंऑखें भेदना चाहती है व्योम कोपुच्छल छल्लों का बनता बिगड़ता गुच्छाऑखों की परिधि में आवद्घ रहकरथिरकता हुआ ओझल हो जाता हैऑखें कितनी बेबश होती हैअपनी पूर्ण क्षमता केउन गुच्छों के स्वरूप कोथिर देखने को उत्सुक ।अनवरत चल पडता हैउन छल्लों का शक्तिस्त्रोतऑखों से फूटताअज्ञात यात्रा की ओरयह क्रमवार […] Read more » क्षितिज के पार
लेख समाज तिलक यज्ञोपवीत और शिखा का माहात्म्य January 18, 2024 / January 18, 2024 | Leave a Comment सनातन परम्परा में हिन्दू देवी-देवताओं के ललाट पर धारित विभिन्न स्वरूप के तिलक हमें अपनी ओर आकर्षित कर एक सुखद अनुभूति प्रदान कर स्वयं तिलक धारण करने की सद्प्रेरणा प्रदान करता है परिणामस्वरूप हम उनकी पूजा-अर्चना, आराधना के समय तिलक धारण कर स्वयं को गौरवान्वित पाते है। तिलक की ही भॉति सिर के मध्य में […] Read more » Importance of Tilak Yagyopavit and Shikha Tilak Yagyopavit and Shikha तिलक यज्ञोपवीत और शिखा का माहात्म्य