लेख मनुष्य देह है, त्रिनेत्रधारी शिव ! December 13, 2023 / December 13, 2023 | Leave a Comment शिव ही नहीं अपितु प्रत्येक जीवात्मा त्रिनेत्रधारी होता है जिसमें दो नेत्र खुले होते है और एक नेत्र बंद रहता है। हर मनुष्य के केन्द्र में छिपा होता है त्रिनेत्र, थर्ड आई, जो नेत्र बंद होता है, जिसे गुप्त नेत्र या दिव्य चक्षु कहते है। दिव्यचक्षु को योगीजन शिवनेत्र कहते है और साधकों का वह […] Read more » त्रिनेत्रधारी शिव मनुष्य देह है
लेख कृष्ण राधा तो बन गए, पर राधा कृष्ण न बन सकी December 11, 2023 / December 11, 2023 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव मैं सूरदास को बचपन से पढ़ता आ रहा हूँ । प्रारम्भिक शिक्षा के दौर में उनके बालचरित्र के पदों को रटने ओर उनका अर्थ लिखकर परीक्षा में अब्बल आने का शौक रहा लेकिन जैसे-जैसे में उम्र के साथ उनके काव्य सागर में डूबता […] Read more » कृष्ण राधा तो बन गए पर राधा कृष्ण न बन सकी
व्यंग्य जब अपने सृष्टा कवियों से दुखी हो कविताओं ने की सामूहिक आत्महत्या December 8, 2023 / December 8, 2023 | Leave a Comment (आत्माराम यादव पीव) विश्व के तमाम देश के कवि अपना दिमाग लगाकर जितनी कविताए एक साल में लिखते है, उतनी कविताए भारत देश के तथाकथित कविगण एक सप्ताह में लिख लेते है। या कहिए भारत एकमात्र देश है जिसके हर शहर, मोहल्ले, गली ओर हर गाँव में एक से एक धुरंधर कवि मिल जाएँगे। या गर्व कर […] Read more »
लेख दशरथ का श्राद्ध करने पर नहीं दी गवाही-सीता ने दिया श्राप December 6, 2023 / December 6, 2023 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव चित्रकूट में भरत श्री राम को राज्य सौंपने पहुचते है जहां राम भरत से अयोध्या का राज्य स्वीकार कर भरत की भावनाओं का सम्मान करते है किन्तु वे अपने पिता की आज्ञा का उल्लंघन न हो इसलिये भरत को 14 साल के वनवास पूरे होने तक अपने राज्य की जिम्मेदारी का निर्वहन करने […] Read more »
व्यंग्य भिखारियों से शर्मिंदा है देश December 5, 2023 / December 5, 2023 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव आज की तारीख में दुनियाभर के देशों में भारत का नेतृत्व करने वाले ये राजनेता वोट की भीख मॉगते समय भिखारियों के आत्मविश्वास को धराशाही कर वोट की भीख पाकर अपने भाग्य को आजमा कर भाग्यशाली बन जाते है। असल में देखा जाए तो भारत मॉ के भाल […] Read more » The country is ashamed of beggars
लेख विविधा शख्सियत समाज साक्षात्कार बुन्देलखण्ड के सर्वमान्य देवता- दीवान हरदौल लाला December 5, 2023 / December 5, 2023 | Leave a Comment लोक कथाओं में नियति प्रधान, व्यक्ति प्रधान, समाज प्रधान एवं जाति प्रदान विशेषणों का आधिक्य देखने को मिलता है। कुछ रचनाएं व्यक्तिविशेष के माध्यम से उत्पन्न होती है तो कुछेक रचनाओं को जनसमुदाय द्वारा यथावत प्रस्तुत करने का चलन रहा है।व्यक्तिप्रधान रचनाओं का जन्म किसी कवि,लेखक की कृतियों-रचनाओं को आधार माना गया है।लोककथायें किसी समाज-जाति विशेष […] Read more » बुन्देलखण्ड के सर्वमान्य देवता- दीवान हरदौल लाला
लेख गैस कांड की रात मौत उसे निगल लेगी, यह काकी जानती थी November 30, 2023 / November 30, 2023 | Leave a Comment 2दिसम्बर गैस काण्ड की बरसी पर संस्मरण- आत्माराम यादव पीव वरिष्ठ पत्रकार 2 दिसंबर 1984 की रात मौत के तांडव की रात थी जिसमें हजारों लोग मिक गैस से असमय ही काल कवलित हो गये थे। उस दिन शाम के 5 बजे मैं शाहजहांनाबाद स्थित जिला सत्र न्यायालय जहॉ मैं टायपिस्ट था, जल्द काम निपटाकर छोला स्थित लोको शेड रेलवे कॉलोनी में काकी के पास […] Read more » 2दिसम्बर गैस काण्ड
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म लेख रामायण में काण्ड का नाम सुन्दर काण्ड क्यों? November 28, 2023 / November 28, 2023 | Leave a Comment महर्षि वाल्मीक रचित रामायण हो या गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरित्र मानस, दोनों में बालकाण्ड,अयोध्याकाण्ड, अरण्यकाण्ड, किष्किंधाकाण्ड, उत्तरकाण्ड नामकरण कर रामकथा के प्रसंगों को इन काण्डों में समाहित किया है जिसमें सुंदरकाण्ड नामकरण किए जाने की विशेषताओं का रहस्य विरले ही समझ पाते है विशेषकर वे लोग जो नित्य प्रतिदिन सुंदरकाण्ड का पाठ करते है […] Read more » Why is the name of the incident in Ramayana Sundar Kand?
कविता सुख की चाह में November 27, 2023 / November 27, 2023 | Leave a Comment असीम समृद्धिशाली जागीरें मेरे जीवन की बियावान धरती से सॅटकर जगत पिता परमेश्वर ने अपनी अन्य संतानों में असमान वितरित की है? जीवन की इन सब जागीरों में चंद लोगों ने सुन्दरतम महल बनाकर सुख के फाटक लगाये हैं मेरे ये तथाकथित पड़ोसी अपने महल की खिड़कियों से रात गये बेईमान सुन्दरी को काले लिबास […] Read more »
व्यंग्य प्रशंसक बिना जग सूना November 27, 2023 / November 27, 2023 | Leave a Comment प्रशंसक की अपनी दुनिया है। दुनिया में कोई भी प्रशंसक के बिना जीना नहीं चाहता है, इसलिये सभी के प्रशंसक होते है, प्रशंसक न हो तो यह जीवन बोझ लगने लगता है। जब तक हमें अपने कानों से अपनी प्रशंसा न सुनने को मिले या सोसलमीड़िया के विभिन्न प्लेटफार्मो, […] Read more » The world is empty without fans
व्यंग्य क्या नेता जी अभी फुर्सत में है ? November 24, 2023 / November 24, 2023 | Leave a Comment अभी अभी प्रदेश की जनता ने अपना फैसला ईव्हीएम मशीन की वटन दबाकर दर्ज करा दिया, एक पखवाड़े बाद फैसला आना है, फैसला आने तक सारे के सारे नेता फुर्सत में है। हमने अपने विधानसभा प्रत्याशी के न मिलने पर एक बड़े नेता के चुनाव लड़ने पर उनका मन टटोलकर बात छेड़ दी, […] Read more »
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म लेख वर्त-त्यौहार देवउठनी एकादशी पर पूर्वजों के नाम पर दीपदान की परंपरा November 23, 2023 / November 23, 2023 | Leave a Comment आज पूरी दुनिया में तरक्की के नाम पर लोग कम्यूटर और मोबाइल को अपनी अंगुलियों में नचाते हुये दुनिया को अपनी मुटठी में मानते है जबकि वे भारतीय संस्कार, परम्पराओं, धर्म और रिश्तों से कोसों दूर हो गये है। एक समय था जब गॉवों में बसने वाले हमारे पूर्वज सहज,, सरल, और आत्मीयता को अपनी जमा पूंजी मानते […] Read more » देवउठनी एकादशी देवप्रबोधनी एकादशी