लेख 600 साल पहले नर्मदा तट होशंगाबाद आये थे गुरु नानक देव, राजा होशंगशाह को बनाया था शिष्य November 23, 2023 / November 23, 2023 | Leave a Comment ( गुरु नानक जयंती पर विशेष.) आत्माराम यादव पीव ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक दृष्टि से प्राचीन, नर्मदापुर तथा आधुनिक काल में होशंगाबाद जिले का महत्वपूर्ण स्थान रहा है । पुण्य सलिला मॉ नर्मदा की महिमा न्यारी है तभी यहॉ साम्प्रदायिक सद्भाव की गौरवमयी मिसालें देखने को मिलती है। सिखों के आदि गुरु श्री गुरु नानक देव भी नर्मदा […] Read more »
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार लेख वर्त-त्यौहार देवउठनी एकादशी पर पूर्वजों के नाम पर दीपदान की परंपरा November 21, 2023 / November 21, 2023 | Leave a Comment आज पूरी दुनिया में तरक्की के नाम पर लोग कम्यूटर और मोबाइल को अपनी अंगुलियों में नचाते हुये दुनिया को अपनी मुटठी में मानते है जबकि वे भारतीय संस्कार, परम्पराओं, धर्म और रिश्तों से कोसों दूर हो गये है। एक समय था जब गॉवों में बसने वाले हमारे पूर्वज सहज,सरल और आत्मीयता को अपनी जमा पूंजी मानते […] Read more » देवउठनी एकादशी
लेख शख्सियत समाज साक्षात्कार संतों के राजकुमार’’ के नाम से विख्यात, निमाड़ के संत दलु दास जी ग्वाल November 21, 2023 / November 21, 2023 | Leave a Comment नर्मदाचंल स्वर्ग के देवताओं को भी अपनी ओर आकर्षित करता आया है और यहॉ पर अनेक ऋषि मुनियों, मनीषियों सहित संत-महात्माओं ने जन्म लेकर अपने जीवन में चमत्कारों के माध्यम से जन-जन की सेवायें की है इनमें एक नाम संत दलु जी महाराज का भी है। वे सिंगा जी के पौत्र एवं कालू महाराज के […] Read more » known as the “Prince of Saints” Saint Dalu Das Ji Gwal of Nimar निमाड़ के संत दलु दास जी ग्वाल
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार वर्त-त्यौहार सीता, लक्ष्मण, भरत ओर राम के प्राणों के रक्षक-महावीर हनुमान November 17, 2023 / November 17, 2023 | Leave a Comment गोस्वामी तुलसीदास रचित श्रीरामचरित्र मानस रामायण में महावीर हनुमान के अनेक स्वरूप के दर्शन होते है। जहॉ मारूति, आंजनेय,बजरंगवली, महावीर,हनुमान जैसे अनेक नामों से वे विख्यात हुये वही शिवजी के 11 वें रूद्र का अवतार होने से वे सबसे बलवान और बुद्धिमान भी है और उनके पराक्रम एवं चार्तुय से ही सुग्रीव, माता […] Read more » भरत ओर राम के प्राणों के रक्षक-महावीर हनुमान लक्ष्मण सीता
कविता कितना ओछा है आदमी November 17, 2023 / November 17, 2023 | Leave a Comment मेरे अवचेतन मन में दफन है शब्दों का सागर जब कभी चेतना आती है मेरा मन भर लाता है शब्दों की एक छोटी सी गागर। जब मैं गागर को उलीचता हूँ तो शब्दों के जल में मिलते है सांस्कृतिक मूल्य,परनिंदा ओर कल्पनाओं का सुनहरा संसार । सत्य धीरे-धीरे बन जाता है कल्पनाजीवी शब्दों का जाल […] Read more » कितना ओछा है आदमी
व्यंग्य दिवाली पर लक्ष्मी जाती है, आती नही ? November 9, 2023 / November 9, 2023 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीवसमुद्र मथने से लक्ष्मी समुद्र से निकली और बाहर आयी। बाहर का तात्पर्य जमीन पर नहीं क्षीरसागर में, जहॉ समुद्र में, ही विष्णु ने वरण कर लिया। क्षीरसागर से निकली लक्ष्मी जमीन पर आई, जमीन पर लक्ष्मी को ज्यादा चला नही जाता है इसलिये वह बैकुंठ में, […] Read more » Lakshmi goes on Diwali
कविता हे वीणापाणि आज इतना तो कीजिये November 9, 2023 / November 9, 2023 | Leave a Comment हे वीणापाणि आज इतना तो कीजिये तेरी वंदना कर सकु मुझे दो क्षण तो दीजिये दो पुष्प चरणों में धरू इंतजाम ऐसा कीजिये अवशेष नही हो वंदना मेरी अर्चना पूरी कीजिये कभी दो पग चलकर,मैं मंदिर न तेरे आया दो नयनों की करुण व्यथा,मैं तुझे सुना न पाया अश्रु भरे इन नयनों की,लाज आज […] Read more » Hey Veenapani
कविता एक टीस अंतरमन में November 6, 2023 / November 6, 2023 | Leave a Comment जब भी मेरे प्राणों में अवतरित होता है सत्यगीत देह वीणा बन जाती है, सत्य बन जाता है परमसंगीत। एक टीस सी उठती है हृदय में, किसी को मैं दिखला न सका जीवन सॉसों के बंधन पर, ह़दय के क्रंदन को मैं जान न सका। रिसता प्राणों से जो हरपल, जैसे टूट रहा सॉसों का […] Read more » एक टीस अंतरमन में
लेख शख्सियत समाज सामूहिक कीर्तन के उपासक- श्री श्री 1008 श्री हरे राम जी महाराज November 6, 2023 / November 6, 2023 | Leave a Comment नर्मदापुरम के महान संत की जीवनी सन् 1900 का वह दौर था जब अंग्रेजों को नर्मदाजी के मध्यपूर्व से पश्चित तक फैले विशाल पर्वत सतपुड़ा-विन्ध्याचल की उचाईयों ही नहीं अपितु नर्मदा जल की पवित्रता के दर्शन का आभास होने लगा। इस दौर में नर्मदा […] Read more » श्री श्री 1008 श्री हरे राम जी महाराज
लेख मेरे ही कफन का साया छिपाया है November 4, 2023 / November 4, 2023 | Leave a Comment ओठों ने करके दफन अपने तेरे प्यार को भुलाया है सताया है रूलाया है मुझे तेरा यादों ने बुलाया है। चाहा था दिल में, हम गम की कब्र खोदेगें दिल का क्या कसूर, जो इसमें गम ही नहीं समाया है। दिखती है मेरे लबों पर, तुमको जमाने भर की हंसी हॅसी में मेरे ही कफन का, मैंने साया छिपाया […] Read more » मेरे ही कफन का साया छिपाया है
व्यंग्य खादी,खाकी और काले रंग में रंगी जा रही पत्रकारिता November 3, 2023 / November 3, 2023 | Leave a Comment आत्माराम यादव आज के समय की पत्रकारिता विकास के पथ को तलाशती, जनआकांक्षाओं के समक्ष समपर्ण कर, भ्रष्टाचार की भूलभुलैया मे थककर स्वयं का ही गलाघोटते हुये अधर्म का शिकार हो गयी है। पत्रकार स्वयं पत्रकारिता के अवमूल्यन और तमाम तरह की मर्यादाओं को तोड़ने के लिये खुद अग्रणी हो गया है। वह अपने कर्तव्य […] Read more » Journalism is being painted in khadi khaki and black colors
व्यंग्य गपोड़ी एण्ड सपोड़ी वोट बैंक November 3, 2023 / November 3, 2023 | Leave a Comment हमारे देश में रंगा और बिल्ला नाम के दो भाई हुए थे, उनके बेटे गपोड़ी और सपोड़ी ने चुनावी मौसम का बारीकी से अध्ययन कर जान लिया कि जिस प्रकार दुनियाभर में पर्यावरण असंतुलन ने नींद उड़ा दी है, उसी तर्ज पर उनकी गपोड़ी एण्ड़ सपोड़ी बैंक खुल जाये तो वे इससे मिलने वाले मुनाफें […] Read more »