जयराम 'विप्लव'

स्वतंत्र उड़ने की चाह, परिवर्तन जीवन का सार, आत्मविश्वास से जीत.... पत्रकारिता पेशा नहीं धर्म है जिनका. यहाँ आने का मकसद केवल सच को कहना, सच चाहे कितना कड़वा क्यूँ न हो ? फिलवक्त, अध्ययन, लेखन और आन्दोलन का कार्य कर रहे हैं ......... http://www.janokti.com/

अनावरण एक(गांधी) मूर्ति का (एक व्यंग्य)

नेता जी ने अपनी गांधी-टोपी सीधी की।रह रह कर टेढी़ हो जाया करती है। विशेषत: जब वह सत्ता सुख से वंचित रहते हैं।धकियाये जाने के बाद टेढी़ ,मैली-कुचैली हो जाती है।समय-समय पर सीधी रखना एक बाध्यता हो जाती है,अन्यथा विरोधी दल ’टोपी-कोण” पर ही हंगामा शुरू कर सकते हैं

बॉलीवुड की लीक से हटकर हैं अनुराग

दैनिक हिन्दुस्तान के सप्लीमेंट ‘रिमिक्स’ के अंदर छपे एक लेख ने मेरे मस्तिष्क को अच्छा खासा घुमाया। अब आप यह सोच रहे होंगे की ऐसा लेख क्या था? वह लेख था ‘अनुराग कैसे पहुंचे वेनिस’’ ।

साठ में से चार पोस्ट सेक्स पर क्या लिखा हो गया बबाल

अरे , भाई यह क्या गजब हो गया .मैंने तो सेक्स / काम – चर्चा की कड़ियाँ लिखनी शुरू कर दी .अब लोगों को कैसे साबित करूँगा कि मैं ब्लॉग हित ,देश हित ,जन हित …. में लिखता हूँ ! . सेक्स /काम का जन से क्या सरोकार ! कुछ अन्य ब्लॉगर को देखो धर्म -चर्चा में विलीन हैं, अपने -अपने ब्लॉग पर अवतारों की चर्चा करते हैं , और मैं मूढ़ सेक्स की बात करता हूँ ! छि छि छि …..

सेक्स चर्चा (भाग-४)

पिछले दिनों कई पोस्ट में मैंने सेक्स और समाज को मुद्दा बना लिखा .आम तौर पर लोगों ने मज़े लेने के लिए पढ़े और वाहवाही कर चलते बने . हाँ कुछेक साथियों ने बहस में भाग लेने की कोशिश जरुर की जो कामयाब न हो पाई . सेक्स की बात सुन कर हम मन ही मन रोमांचित होते हैं .जब भी मौका हो सेक्स की चर्चा में शामिल होने से नहीं चूकते .इंटरनेट पर सबसे अधिक सेक्स को हीं सर्च करते हैं .

चीन को लेकर मनमोहन सरकार लापरवाह

अमेरिका में होने वाले आगामी जी-20 देशों की शिखर बैठक के दौरान भारतीय और चीनी प्रधानमंत्री के बीच औपचारिक भेंट की संभावना ख़त्म हो गयी है .भारत की तरफ से यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत सरकार चीनी सेना द्वारा सीमा के अतिक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर भारत में कमोबेश तनाव का माहौल बनता दिख रहा है

मणिपुर में अलगाववादियों को सर उठाने का मौका क्यों मिला ?

मणिपुर में लंबे समय से सशस्त्र बल विशेषाधिकार क़ानून का विरोध होता आ रहा है . राज्य में एकबार फिर से कई संगठन इसके विरोध के लिए एकजुट होकर सडकों पर उतरे हैं. मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाते हुए इस विशेषाधिकार क़ानून के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते हुए इन संगठनों ने राज्य में 60 घंटे का बंद बुलाया जिसमें जनजीवन पर मिलाजुला असर दिखाई पड़ा . मामले के अभी गरम होने की वजह पहले चरमपंथी रहे और अब सामान्य जीवन में वापसी कर चुके संजीत की कथित फ़र्ज़ी मुठभेड़ में हत्या को समझा जा रहा है .

अनिल ने केंद्र से कहा बेगाने की शादी में अब्दुल्ला दीवाना

अनिल अंबानी की कंपनी, आरएनआरएल ने शुक्रवार को मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ अपने गैस विवाद पर सरकार की याचिका को खारिज करने की मांग की है।और कहा है , सरकार इस मुद्दे पर किसी फैसले की मांग नहीं कर सकती है।हाँ, सरकार इस मुद्दे पर अपनी राय दे सकती है।

कलावती लड़ेगी चुनाव तो राहुल कहाँ जायेंगे

लोकतंत्र के चाहने वालों के लिए एक और खुशखबरी है .आगामी महाराष्ट्र विधान सभा चुनाव में कलावती चुनाव लड़ रही है .पिछले साल सुर्खियों में रहने वाली विदर्भ के किसान की विधवा और ७ बच्चों की माँ कलावती यवतमाल के वणी विधानसभा सीट से चुनावी समर में कूद पड़ी हैं . कलावती ने तमाम राजनितिक दलों के टिकट को ठुकराकर विदर्भ जनांदोलन समिति और शेतकरी संघर्ष समिति के बैनर तले चुनाव लड़ना स्वीकार किया है .

सेक्स चर्चा (भाग -3)

हम जीवन के मूल तत्व ‘ काम ‘ अर्थात ‘सेक्स’ के ऊपर विभिन्न विचारकों और अपने विचार को आपके समक्ष रखेंगे . काम का जीवन में क्या उपयोगिता है ? सेक्स जिसे हमने बेहद जटिल ,रहस्यमयी ,घृणात्मक बना रखा है उसकी बात करने से हमें घबराहट क्यों होती है ? क्यों हमारा मन सेक्स में चौबीस घंटे लिप्त रहने के बाद भी उससे बचने का दिखावा करता है

पशु-कारोबारी ने मेनका के ऊपर मुकदमा दर्ज कराया

वन्यजीव कार्यकर्ता और भाजपा की सांसद मेनका गांधी और उनके एनजीओ के खिलाफ दिल्ली पुलिस में एक मामला दर्ज किया गया है। मेनका पर आरोप लगाया है कि वह एक पालतू पशु की दुकान चलाने वाले व्यक्ति को अपना कार्य करने से रोक रही थीं।

जमाखोरी को रोकने के सख्त उपाय सफल होंगे या नहीं ?

केंद्र की संप्रग सरकार ने खाद्य पदार्थों की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने हेतु उनके भंडारण पर सीमा और कारोबार पर लाइसेंस आदि की शर्तो की मियाद एक साल के लिए बढा दिया है .सरकार ने इसके लिए आवश्यक वस्तु कानून के तहत दालों, चीनी, धान, खाद्य तेल, तिलहन और चावल के संबंध में केंद्रीय अधिसूचनाओं की अवधि अगले वर्ष सितंबर तक बढ़ा दी है।