लेख समाज मात पिता के अपमान पर भी मैत्री रखना कायर सन्तान की पहचान है May 20, 2022 by दिव्य अग्रवाल | Leave a Comment -दिव्य अग्रवाल एक ऐसी सन्तान जिसके माता पिता को उसके तथाकथित मित्रो ने एक छोटे से कमरे में कैद कर दिया हो । उन्हें कैदी से भी बद्तर स्थिति, गंदगी व कीचड़ से भरे स्थान पर रखा हो । प्रतिदिन उनके ऊपर थूका हो , अपने पैरों से रौंदा हो । क्या ऐसे व्यक्तियों को […] Read more » Keeping friendship even in the face of insult to parents is the hallmark of a cowardly child
पर्यावरण लेख दुनिया की हर छठी मौत के लिए प्रदूषण था ज़िम्मेदार: द लांसेट May 19, 2022 / May 19, 2022 by निशान्त | Leave a Comment वर्ष 2019 में 90 लाख लोगों की मौत का कारण बना वायु प्रदूषण, बीते चार सालों में स्थिति में मामूली सुधार वर्ष 2019 में प्रदूषण करीब 90 लाख लोगों की मौत के लिये जिम्मेदार था। यह दुनिया भर में होने वाली हर छठी मौत के बराबर है। वास्तव में इस संख्या में वर्ष 2015 में […] Read more » दुनिया की हर छठी मौत के लिए प्रदूषण था ज़िम्मेदार
पर्यावरण लेख ‘तपती धरती’ का जो ज़िम्मेदार,बचाव भी उसी से दरकार May 19, 2022 / May 19, 2022 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानीमौसम विशेषज्ञों द्वारा ग्रीष्म ऋतू शुरू होने से पहले ही यह भविष्यवाणी कर दी गयी थी कि इस बार दुनिया के अधिकांश देश झुलसाने वाली अभूतपूर्व गर्मी का सामना कर सकते हैं। सहस्त्राब्दियों पुराने ग्लेशियर्स के लगातार पिघलते रहने के बीच जब यह ख़बर भी आयी थी कि पूरे विश्व को प्रकृतिक रूप से […] Read more » Whoever is responsible for the 'scorching earth'
धर्म-अध्यात्म मीडिया लेख सर्वश्रेष्ठ लोक संचारक एवं आदर्श आदि पत्रकार देव ऋषि नारद May 16, 2022 / May 16, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment नारद जयंती (17 मई) के पर विशेष ललित गर्ग –देव ऋषि नारद या नारद मुनि ब्रह्माजी के पुत्र और भगवान विष्णु के बहुत बड़े भक्त महान तपस्वी, तेजस्वी, सम्पूर्ण वेदान्त एवं शस्त्र के ज्ञाता तथा समस्त विद्याओं में पारंगत हैं, वे ब्रह्मतेज एवं अलौकिक तेजोरश्मियों से संपन्न हैं। हैं। वे आदि-पत्रकार हैं जो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड […] Read more » Best public communicator and ideal journalist Dev Rishi Narad देव ऋषि नारद नारद जयंती सर्वश्रेष्ठ लोक संचारक एवं आदर्श आदि पत्रकार देव ऋषि नारद
लेख भारत के भाग्य जगे मर्यादित हो जाएं सभी राम के बंदे May 16, 2022 / May 16, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकबापू कहते थे रामराज्य वापस लाना है,भारत देश की गरीबी को मिटाना है,तो क्या अतीत को फिर से बुलाना है? अगर हां तो महापंडित रावण का भांजाब्राह्मण किंवा तथाकथित शूद्र शंबुक कोकहां बिठाना है किस नाम से पुकारना है?शूद्र या कि ब्राह्मण गांधीवादी देश में! शूद्र नाम को बापू ने नकार दिया था,हरिभक्त […] Read more » May the fate of India be limited भारत के भाग्य जगे मर्यादित हो जाएं सभी राम के बंदे
लेख समाज संयुक्त परिवार जीवन पथ की दुश्वारियों को कम करने का सबसे कारगर उपाय May 16, 2022 / May 16, 2022 by दीपक कुमार त्यागी | Leave a Comment दीपक कुमार त्यागी विश्व के लोगों को परिवार की अहमियत बताने व समझने के उद्देश्य से हर वर्ष 15 मई को “विश्व परिवार दिवस” मनाया जाता है। वैसे तो इस संसार या समाज में परिवार एक सबसे छोटी लेकिन महत्वपूर्ण व बेहद मजबूत इकाई है। यह हमारे जीवन की एक ऐसी आवश्यक मौलिक इकाई है, […] Read more » The most effective way to reduce the difficulties of joint family life path विश्व परिवार दिवस
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार लेख पूर्णिमा पर क्यों सुनी जाती है सत्यनारायण व्रत कथा…? May 15, 2022 / May 15, 2022 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment आमतौर पर देखा जाता है किसी शुभ काम से पहले या मनोकामनाएं पूरी होने पर सत्यनारायण व्रत की कथा सुनने का विधान है। सनातन धर्म से जुड़ा शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसने श्रीसत्यनारायण कथा का नाम न सुना हो। इस कथा को सुनने का फल हजारों सालों तक किए गये यज्ञ के बराबर […] Read more » Why is Satyanarayan Vrat Katha heard on Purnima? सत्यनारायण व्रत कथा
लेख समाज प्रेम जताते ग़ैर से, अपनों से अलगाव ।। May 15, 2022 / May 15, 2022 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment टूट रहे परिवार हैं, बदल रहे मनभाव । प्रेम जताते ग़ैर से, अपनों से अलगाव ।। -प्रियंका सौरभ आज सभी को एक संस्था के रूप में पारिवारिक मूल्यों और परिवार के बारे में सोचने-समझने की बेहद सख्त जरूरत है और साथ ही इन मूल्यों की गिरावट के कारण ढूंढकर उनको दुरुस्त करने की भी जरूरत […] Read more » 15 मई - परिवारों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस
लेख शख्सियत समाज बुद्ध हैं धर्म एवं व्यक्ति क्रांति के शिखर May 15, 2022 / May 15, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment बुद्ध पूर्णिमा- 16 मई 2022 पर विशेष ललित गर्ग – बुद्ध जयन्ती/बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध धर्म में एवं मानवता में आस्था रखने वालों का एक प्रमुख त्यौहार है। बुद्ध जयन्ती वैशाख पूर्णिमा को मनाया जाता हैं। पूर्णिमा के दिन ही गौतम बुद्ध का स्वर्गारोहण समारोह भी मनाया जाता है। बुद्ध की कीर्ति किसी एक युग तक […] Read more » Buddha is the pinnacle of religion and individual revolution बुद्ध जयन्ती/बुद्ध पूर्णिमा बुद्ध पूर्णिमा- 16 मई
कला-संस्कृति लेख कुटुम्बप्रबोधन: भारतीयता का मूल हैं हमारे परिवार May 15, 2022 / May 15, 2022 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment विश्व परिवार दिवस(15 मई) पर विशेष प्रो.संजय द्विवेदीभारत में ऐसा क्या है जो उसे खास बनाता है? वह कौन सी बात है जिसने सदियों से उसे दुनिया की नजरों में आदर का पात्र बनाया और मूल्यों को सहेजकर रखने के लिए उसे सराहा। निश्चय ही हमारी परिवार व्यवस्था वह मूल तत्व है, जिसने भारत को […] Read more » The root of Indianness is our family कुटुम्बप्रबोधन भारतीयता का मूल हैं हमारे परिवार विश्व परिवार दिवस15 मई पर विशेष
लेख सेहतमंद गांव से स्वस्थ भारत मुमकिन है May 13, 2022 / May 13, 2022 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment नरेन्द्र सिंह बिष्ट हल्द्वानी, नैनीताल भारत ने जहां 21वी सदी में प्रवेश किया है वहीं ऐसा लगता है कि पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के दूरस्थ ग्रामो ने स्वास्थ्य सुविधाओं के मामलें में इसके विपरित 12वी सदी में प्रवेश किया है. राज्य के दूरस्थ इलाकों का धरातलीय सच शर्मसार करता है. यहां के दूर दराज़ क्षेत्रों में […] Read more » सेहतमंद गांव से स्वस्थ भारत मुमकिन
लेख विधि-कानून सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को लेकर भ्रामकता सही नहीं है’ May 13, 2022 / May 15, 2022 by कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल | Leave a Comment ~कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटलमध्यप्रदेश के पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनावों में बगैर ओबीसी आरक्षण के निर्वाचन सम्पन्न कराने एवं अधिसूचना जारी करने के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय सुनाया है। किन्तु इस पर राजनैतिक गिद्ध दृष्टि गड़ाने वाले इस निर्णय को भी निराशापूर्ण बताते हुए अपनी वोटबैंक की राजनीति सिद्ध करना चाह रहे हैं। ये […] Read more » Misleading about the decision of the Supreme Court is not right. सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को लेकर भ्रामकता सही नहीं