महत्वपूर्ण लेख लेख विविधा शिक्षा की नई नीति में गुणवत्ता पर जोर September 3, 2020 / September 3, 2020 by डॉ. राकेश राणा | Leave a Comment डॉ0राकेश राणा वैश्वीकरण का दौर बाजार का दौर है। जो लाभ की दृष्टि से पूरी तरह आप्लावित है। जोड़-घटा का गणित ही मानवीय क्रिया-कलाप को संचालित कर रहा है। ऐसे वातावरण में संवेदना, रचनात्मकता, जिज्ञासा और जरुरत के लिए जगह ही नही बचती है। जबकि संवेदना तो समाज का आधार है। समाज की विविधताओं, […] Read more » Emphasis on quality in new policy of education New education policy 2020 नई नीति में गुणवत्ता शिक्षा की नई नीति शिक्षा की नई नीति में गुणवत्ता
टॉप स्टोरी लेख विविधा नई शिक्षा नीति से नये शिक्षक तैयार हो September 3, 2020 / September 3, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment शिक्षक दिवस- 5 सितम्बर 2020 पर विशेष– ललित गर्ग-भारत के राष्ट्रपति, महान दार्शनिक, शिक्षाशास्त्री डाॅ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस को 5 सितम्बर को पूरे देश में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति घोषित की गयी है, इसको लेकर देश में शिक्षा […] Read more » new education policy New teachers should be prepared with the new education policy नई शिक्षा नीति शिक्षक दिवस- 5 सितम्बर
लेख समाज शिक्षक : संस्कारों का प्रकाश स्तंभ September 3, 2020 / September 3, 2020 by डॉ. वंदना सेन | Leave a Comment डॉ. वंदना सेन हम भली भांति जानते हैं कि पुरातन काल में भारतीय गुरुकुलों में जो शिक्षा प्रदान की जाती थी, वह निश्चित रूप से बच्चों का समग्र विकास करने वाली ही थी। इतना ही नहीं वह शिक्षा विश्व स्तरीय ज्ञान का द्योतक भी थी, इसलिए विश्व के कई देश भारत के शिक्षालयों में ज्ञान […] Read more » 5 सितंबर शिक्षक दिवस Teacher: Lighthouse of Rites डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन शिक्षक संस्कारों का प्रकाश स्तंभ
मीडिया लेख पत्रकारिता पर क्यों उठते सवाल ? September 3, 2020 / September 3, 2020 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment प्रभुनाथ शुक्ल पत्रकारिता के आगे एक हांसिया खड़ा है ? वह हांसिया उसे कटघरे में खड़ा करता है। पत्रकारिता ख़ुद न्याय की मांग कर रहीं है। उसकी आजादी और निष्पक्षता प्रभावित हो रहीं है। वह कराहती, टूटती और बिखरती नज़र आती है। उसकी […] Read more » question arising on journalism पत्रकारिता पर क्यों उठते सवाल पत्रकारिता पर सवाल
मीडिया लेख मौत में अपना अस्तित्व तलाशता मीडिया September 3, 2020 / September 3, 2020 by डॉ नीलम महेन्द्रा | 1 Comment on मौत में अपना अस्तित्व तलाशता मीडिया आजकल जब टी वी ऑन करते ही देश का लगभग हर चैनल “सुशांत केस में नया खुलासा” या फिर “सबसे बडी कवरेज” नाम के कार्यक्रम दिन भर चलाता है तो किसी शायर के ये शब्द याद आ जाते हैं, “लहू को ही खाकर जिए जा रहे हैं, है खून या कि पानी,पिए जा रहे हैं।” […] Read more » Media seeks its existence in celebrity death Media seeks its existence in SSR death अस्तित्व तलाशता मीडिया
लेख समाज नेक नीयत की नोक-झोंक प्यार के रंग को चोखा करती है, September 2, 2020 / September 2, 2020 by केवल कृष्ण पनगोत्रा | Leave a Comment * केवल कृष्ण पनगोत्रा जिंदगी समग्रता से संपूर्ण होती है और समग्रता तब आती है जब जिंदगी हर रंग से रंगी जाए.संगीत तभी संपूर्ण होता है जब सात सुरों का संगम होता है. सिर्फ एक ही सुर से न गीत मुकम्मल होता है और न ही संगीत. जैसे […] Read more » नेक नीयत की नोक-झोंक नोक-झोंक प्यार
आर्थिकी लेख घिरे अर्थ-संकट के बादल September 2, 2020 / September 2, 2020 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिक भारत की अर्थ-व्यवस्था अब अनर्थ-व्यवस्था बनती जा रही हैं। इससे बड़ा अनर्थ क्या होगा कि सारी दुनिया में सबसे ज्यादा गिरावट भारत की अर्थ-व्यवस्था में हुई है। कोरोना की महामारी से दुनिया के महाशक्ति राष्ट्रों के भी होश ठिकाने लगा दिए हैं लेकिन उनके सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 10-15 प्रतिशत से […] Read more » अर्थ-संकट के बादल
लेख मोदी सरकार आखिर क्यों ढूंढ रही है दाराशिकोह जैसे मुस्लिम शासक की कब्र ? September 2, 2020 / September 2, 2020 by आर बी एल निगम | Leave a Comment आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दारा शिकोह के चरित्र में क्या खोजा की उसकी कब्र की तलाश हो रही है। कहते हैं, हीरे की कदर जौहरी ही कर सकता है। दारा शिकोह अन्य मुगलों से एकदम अलग विचारों वाला मुग़ल बादशाह था, जिसकी महानता को पाखंडी, छद्दम धर्म-निरपेक्षों, कुर्सी के भूखे और […] Read more » the tomb of a Muslim ruler Dara shikoh औरंगजेब दारा शिकोह धार्मिक सहिष्णुता और धर्म निरपेक्षता का हिमायती दाराशिकोह जैसे मुस्लिम शासक की कब्र
लेख संस्कृत में विज्ञान की शिक्षा September 2, 2020 / September 2, 2020 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव देश के शीर्ष अभियांत्रिकी संस्थानों में आमतौर पर गणित और विज्ञान की पढ़ाई अंग्रेजी में होती है लेकिन अब उस कक्षा की कल्पना कीजिए, जिसमें तकनीकी विषयों के प्राचीन पाठ संस्कृत में पढ़ाए जाएंगे। साथ ही शिक्षक और विद्यार्थी इसी भाषा में संवाद संप्रेषित करेंगे। यह सुखद एवं उल्लेखनीय पहल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान […] Read more » Science education in sanskrit संस्कृत संस्कृत में विज्ञान की शिक्षा
मीडिया लेख मीडिया में रिया चालीसा का ही जाप क्यों? August 31, 2020 / August 31, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ः ललित गर्ग:-भारत में एक नई आर्थिक सभ्यता और एक नई जीवन संस्कृति करवट ले रही है, तब उसके निर्माण में प्रभावी एवं सशक्त भूमिका के लिये जिम्मेदार इलैक्ट्रोनिक एवं प्रिंट मीडिया शायद दिशाहीन है। एक सौ तीस करोड़ की आबादी का यह देश- कोरोना एवं अन्य जटिल समस्याओं से जूझ रहा है, इन समस्याओं […] Read more » Controversial death of Sushant Singh Rajput Quiet Sushant amid dead sensations Riya chakraborty Sushant Singh Rajput Why chanting Riya Chalice in the media? रिया चालीसा
लेख भारतीय भाषाएँ : दशा, दिशा और भविष्य August 31, 2020 / August 31, 2020 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment राहुल देव सारी भारतीय भाषाएं अपने जीवन के सबसे गंभीर संकट के मुहाने पर खड़ी हैं। यह संकट अस्तित्व का है, महत्व का है, भविष्य का है। कुछ दर्जन या सौ लोगों द्वारा बोली जाने वाली छोटी आदिवासी भाषाओं से लेकर 45-50 करोड़ भारतीयों की विराट भाषा हिंदी तक इस संकट के सामने अलग-अलग अंशों […] Read more » Direction and Future of Indian Languages Indian Languages: Condition भारतीय भाषाएँ
लेख विधि-कानून धर्मनिरपेक्ष शब्द को हटाने की मांग को लेकर सर्वोच्च न्यायालय की शरण August 31, 2020 / August 31, 2020 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment –अशोक “प्रवृद्ध” भारत विभाजन के पश्चात आज तक के काल में केंद्र की सता में सतासीन सरकारों के आचरण के अवलोकन से यह सिद्ध होता है कि भारत की सरकारें धर्मनिरपेक्षता का सिर्फ ढिंढोरा ही पीटती है, और धर्म निरपेक्षता के नाम पर बहुसंख्यक हिंदुओं के हितों की बलि देकर मुसलमानों और ईसाईयों के हितों […] Read more » Supreme Court to demand removal of the word secular धर्मनिरपेक्ष सर्वोच्च न्यायालय