कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार लेख वर्त-त्यौहार भाई-बहिन के रिश्तों में नवीन ऊर्जा का पर्व है रक्षाबंधन August 19, 2024 / August 19, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment रक्षाबंधन- 19 अगस्त, 2024 पर विशेष-ललित गर्ग – भाई और बहन के रिश्ते को फौलाद-सी मजबूती देने वाला एवं सामाजिक और पारिवारिक एकबद्धता एवं एकसूत्रता का सांस्कृतिक एवं मानवीय मूल्यों का अनूठा पर्व है रक्षाबंधन। ऐसा माना जाता है कि राखी के रंगबिरंगे धागे भाई-बहन के प्यार के बन्धन को मजबूत करते हैं और सुख-दुख […] Read more » रक्षाबंधन- 19 अगस्त
लेख आखिर क्यों और कैसे जल रहे हैं जंगल? August 16, 2024 / August 16, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment बीना बिष्टहल्द्वानी, उत्तराखंड उत्तराखंड को देश के चंद हरियाली वाले राज्यों के रूप में जाना जाता है. प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर इसका हर इलाका लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता रहता है. यही कारण है कि यहां के विभिन्न पर्यटक स्थलों पर वर्ष भर देश विदेश के पर्यटकों का तांता लगा रहता है. लेकिन अभी […] Read more » आखिर क्यों और कैसे जल रहे हैं जंगल?
कविता जहाँ मनुष्य जीवन का धर्म सनातन है August 16, 2024 / August 16, 2024 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकजहाँ मनुष्य जीवन का धर्म सनातन है,वहाँ मनुज जाति तन मन से सज्जन है!जहाँ बुद्ध का आचार विचार संस्कार है,वहाँ मानव जन का शुद्ध सद्व्यवहार है! जहाँ-जहाँ जिन का अनुयाई जैन फैला है,वहाँ सुख चैन है, दुख का नहीं झमेला है!जहाँ हिन्दू वहाँ हिंसा को दूर भगा देता है,जहाँ सिख है वहाँ देशभक्ति […] Read more » where the religion of human life is eternal जहाँ मनुष्य जीवन का धर्म सनातन है
कला-संस्कृति लेख साहित्य मेरे मानस के राम : अध्याय 25 August 16, 2024 / August 16, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment रावण की मंत्रणा उधर रावण भी अब भली प्रकार यह समझ गया था कि जिस राम को वह केवल एक वनवासी मान कर चल रहा था वह कोई हल्का-फुल्का व्यक्ति नहीं है। उसके पास आध्यात्मिक शक्ति भी है, साथ ही साथ बौद्धिक शारीरिक और सैनिक बल में भी वह कम नहीं है। उसके द्वारा भेजे […] Read more » Ram of my mind
लेख ‘तिरंगा और आरएसएस’ के अंतर्संबंधों का विश्लेषण August 15, 2024 / August 15, 2024 by अंकित शर्मा | Leave a Comment – अंकित शर्मा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा, भगवा ध्वज और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर अनेक प्रकार के भ्रम फैलाए जाते हैं। यहाँ तक कहा जाता है कि आरएसएस भगवा ध्वज को मानता है इसलिए संघ के स्वयंसेवक तिरंगा का सम्मान नहीं करते हैं। प्रखर राष्ट्रभक्त संगठन के बारे में इस प्रकार की भ्रामक बातों को यूँ तो समाज स्वीकार नहीं करता है परंतु फिर भी एक वर्ग तो भ्रम में पड़ ही जाता है। समाज को भ्रमित करनेवाले झूठे नैरेटिव का तथ्यात्मक उत्तर लेखक लोकेन्द्र सिंह ने अपनी बहुचर्चित पुस्तक ‘राष्ट्रध्वज और आरएसएस’ के माध्यम से दिया है। उन्होंने अपनी पुस्तक में राष्ट्रध्वज तिरंगा, सांस्कृतिक ध्वज भगवा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अंतर्संबंधों का विश्लेषण किया है। राष्ट्रध्वज और आरएसएस के संदर्भ में कई नए तथ्य यह पुस्तक हमारे सामने लेकर आती है। यह पुस्तक हमें बताती है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने कब और किन परिस्थितियों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे […] Read more » ‘तिरंगा और आरएसएस’
लेख समाज लुटती जाए द्रौपदी, जगह-जगह पर आज। August 14, 2024 / August 14, 2024 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment अगर यह बलात्कार संस्कृति नहीं है, जिसे समाज के समझदार पुरुषों और महिलाओं, संस्थानों और सरकारी अंगों द्वारा समर्थित और बरकरार रखा जाता है, तो यह क्या है? आप सभी कानून, सभी तेज़ अदालतें, यहाँ तक कि मौत की सज़ा भी ला सकते हैं, लेकिन कुछ भी नहीं बदल सकता जब तक कि एक समान […] Read more »
धर्म-अध्यात्म लेख समाज मेरे मानस के राम : अध्याय 23 August 14, 2024 / August 13, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment हनुमान लंका जलाकर लौट आए राम के पास हनुमान जी ने रावण की लंका को जलाया । इसका अभिप्राय यह नहीं है कि उन्होंने सारे लंका देश को ही जलाकर समाप्त कर दिया था। भारतीय धर्म और परंपरा भी ऐसा नहीं कहती कि निरपराध लोगों को आप अपने बल के वशीभूत होकर समाप्त कर दें। […] Read more » मेरे मानस के राम
प्रवक्ता न्यूज़ लेख मेरे मानस के राम : अध्याय 22 August 13, 2024 / August 13, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment हनुमान जी का अशोक वाटिका में उत्पात हनुमान जी कूटनीति में बहुत निपुण थे। सीता जी से वार्तालाप करने के पश्चात वह अब राम जी के पास लौटने का मनोरथ बना चुके थे, पर तभी उनके मस्तिष्क में एक नया विचार आया। उन्होंने सोचा कि किसी प्रकार रावण से भी भेंट होनी चाहिए । जिससे […] Read more » Ram of my mind
लेख आज़ादी के बाद के सबक August 13, 2024 / August 13, 2024 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment आज़ादी के बाद सबसे महत्वपूर्ण सबक यह है कि भारत को विकसित बनाने के लिए हमें पांच प्रमुख क्षेत्रों में पूरी ईमानदारी और निष्ठा से काम करने की जरूरत है। इनमें कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, शिक्षा व स्वास्थ्य सुरक्षा, सूचना व संचार तकनीक, भरोसेमंद इलेक्ट्रॉनिक पॉवर, महत्वपूर्ण तकनीक में आत्मनिर्भरता। ये पांचों क्षेत्र एक-दूसरे से […] Read more »
लेख समाज अंगदान बीमार या मरते को नयी मुस्कान देने का पुण्य August 13, 2024 / August 13, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment विश्व अंगदान दिवस-13 अगस्त-ः ललित गर्ग :- विश्व अंगदान दिवस प्रतिवर्ष 13 अगस्त को मनाया जाता है। किसी व्यक्ति के जीवन में अंगदान के महत्व को समझने के साथ ही अंगदान करने के लिये आम इंसान को प्रोत्साहित करने के लिये सरकारी संगठनों, सार्वजनिक संस्थानों और दूसरे व्यवसायों से संबंधित लोगों द्वारा हर वर्ष यह […] Read more » World Organ Donation Day-13 August विश्व अंगदान दिवस-13 अगस्त
लेख समाज गांवों में शिक्षा और रोज़गार की चुनौती August 13, 2024 / August 13, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment हारून खानअजमेर, राजस्थान जब भी हम देश में किसी इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करते हैं तो पहला ध्यान गांव की ओर जाता है. इसलिए केंद्र से लेकर सभी राज्यों की सरकार भी ग्रामीण क्षेत्रों को ध्यान में रख कर ही अपनी योजनाएं तैयार करती हैं. इस मामले में शिक्षा और रोज़गार सबसे महत्वपूर्ण विषय होता है. […] Read more » Challenge of education and employment in villages गांवों में शिक्षा और रोज़गार की चुनौती
कविता इसी देश में August 13, 2024 / August 13, 2024 by प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Leave a Comment इसी देश में कृष्ण हुये हैं, इसी देश में राम। सबसे पहिले जाना जग ने, इसी देश का नाम। इसी देश में भीष्म सरीखे, दृढ़ प्रतिज्ञ भी आये। इसी देश में भागीरथजी, भू पर गंगा लाये। इसी […] Read more » poem on 15th August इसी देश में