लेख स्वास्थ्य-योग जानलेवा होता डेंगू का डंक November 5, 2022 / November 5, 2022 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment – योगेश कुमार गोयलडेंगू के लगातार बढ़ते मामले स्वास्थ्य विभाग के लिए देश के अनेक हिस्सों में गंभीर चिंता का सबब बन रहे हैं। कई जगहों से डेंगू के कारण लोगों की जान जाने की खबरें भी निरन्तर आ रही हैं। उत्तर प्रदेश हो या उत्तराखण्ड, पंजाब हो या हरियाणा, दिल्ली हो या राजस्थान, बिहार […] Read more » Dengue sting would have been fatal जानलेवा होता डेंगू
लेख भयावह व अनिश्चित भविष्य के बीच November 5, 2022 / November 5, 2022 by अनुज अग्रवाल | Leave a Comment – अनुज अग्रवाल सभ्यताएँ जब अपने शिखर पर पहुँचती हैं तो उसके उपरांत बस पराभव की ओर ही जा सकती हैं। मानव सभ्यता क्या ऐसे ही दौर में है। विज्ञान व प्रौद्योगिकी व बाजार की उपलब्धियों के इस स्वर्णिम काल में हम सबसे ज़्यादा डरे हुए हैं और हताश व निराश हैं। यूँ तो मानव […] Read more » जनसंख्या पर नियंत्रण
कविता अर्जुन जैसे अब नहीं होते अपनों के प्रति अपनापन दिखानेवाले November 5, 2022 / November 5, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकअर्जुन जैसे अब नहीं होतेअपनों के प्रति अपनापन दिखानेवालेअब तो तनिक सी बात से शत्रुता हो जातीमरने मारने पर उतारू हो जाते अपनेतुरंत ही दुर्योधन दुशासन सरीखे बन जाते बिना किसी गीता को सुने हमेशा तैयार रहतेमारने पीटने कूटने काटने अपनों को अपने हीजबकि अपनों से छले गए उन छली अपनों के प्रतिअर्जुन […] Read more » Arjun is no more like those who show their affinity towards their loved ones
कला-संस्कृति लेख भगवान विश्वकर्मा, शिल्प कौशल के दिव्य वास्तुकार October 28, 2022 / October 28, 2022 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment विश्वकर्मा शिल्प कौशल के हिंदू देवता और देवताओं के वास्तुकार हैं। उन्होंने महलों, विमानों और देवताओं के दिव्य हथियारों को डिजाइन किया और बनाया। वह ब्रह्मांड के वास्तुकार भी हैं। उन्हें समर्पित विश्वकर्मा पुराण नामक एक पुराण है जिसमें उन्हें भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और भगवान शिव का निर्माता माना जाता है। विश्वकर्मा शब्द में […] Read more » Divine Architect of Craftsmanship Lord Vishwakarma
लेख ऋषि सुनक के बहाने भारतीय ज्ञान परम्परा की ताजा होती यादें October 28, 2022 / October 28, 2022 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment : डॉ. मयंक चतुर्वेदी ऋषि सुनक को आज दुनिया जान रही है। वे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री हैं, किंतु भारत में भी शौनक ऋषि हुए हैं, जोकि शुनक ऋषि के पुत्र थे। तत्कालीन समय के वे प्रसिद्ध वैदिक आचार्य थे। शतपथ ब्राह्मण के निर्देशानुसार इनका पूरा नाम इंद्रोतदैवाय शौनक था ऋषि शौनक दस सहस्त्र शिष्यों के […] Read more » Refreshing memories of Indian knowledge tradition on the pretext of Rishi Sunak
कहानी फौजी जीवन October 28, 2022 / October 28, 2022 by डॉ० शिबन कृष्ण रैणा | Leave a Comment शिबन कृष्ण रैणा हमारे पड़ोस में रहने वाले बाबूजी की उम्र यही कोई अस्सी के लगभग होनी चाहिए। इस उम्र में भी स्वास्थ्य उनका ठीक–ठाक है। ज़िंदगी के आख़िरी पड़ाव तक पहुँचते–पहुँचते व्यक्ति आशाओं–निराशाओं एवं सुख–दुख के जितने भी आयामों से होकर गुजरता है, उन सबका प्रमाण उनके चेहरे को देखने से मिल जाता है। […] Read more » फौजी जीवन
पर्यावरण लेख उत्तर प्रदेश में इलैक्ट्रिक वाहनों की मदद से वायु गुणवत्ता में होगा सुधार, बढ़ेगा अर्थव्यवस्था का आकार October 27, 2022 / October 27, 2022 by निशान्त | Leave a Comment जहां एक ओर भारत ने साल 2070 तक नेट ज़ीरो होने का अपना लक्ष्य दुनिया के सामने रखा है, वहीं इस संदर्भ में दुनिया की सबसे बड़ी उप-राष्ट्रीय इकाई, उत्तर प्रदेश, न सिर्फ राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप होने की कोशिशें कर रही है बल्कि वह भारत की सबसे बड़ी यातायात व्यवस्था को भी प्रदूषण मुक्त करने की कवायद में सक्रिय है। Read more » Air quality will improve with the help of electric vehicles in Uttar Pradesh इलैक्ट्रिक वाहनों की मदद से वायु गुणवत्ता में सुधार
कला-संस्कृति लेख रोशनी की लहर बनाते हैं दीपावली के दीये October 23, 2022 / October 23, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment दीपों की कतारें दीपावली का शाब्दिक अर्थ ही नहीं, वास्तविक अर्थ है। कतारों के लिए निरंतरता जरूरी है। और निरंतरता के लिए नपा-तुला क्रम। दीप जब कतार में होते हैं, तो आनंद का सूचक बन जाते हैं। जैसे कोई मूक उत्सव हो- जगर-मगर उजाले का। उजालों की पंक्तियां उल्लास का द्योतक हैं। दीप होते ही प्रेरक हैं। एक बाती, अंजुरी-भर तेल और राह-भर प्रकाश। Read more » Deepawali diyas make a wave of light
लेख बाल श्रम:एक ज़िंदगी जो सम्मान की हक़दार है October 23, 2022 / October 23, 2022 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment ऐसा नहीं है कि बाल श्रम रोकने के लिए कोई क़ानून नहीं है. केंद्र से लेकर सभी राज्य सरकारों ने बाल श्रम रोकने के लिए न जाने कितने कानून बनाए हैं और न जाने कितनी योजनाएं बनाई गई है. जिसमें उनकी पढ़ाई से संबंधित योजनाएं भी हैं, जैसे सरकारी स्कूल में मुफ्त शिक्षा और मिड डे मील जैसे महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं. जिससे कि भारत का हर बच्चा शिक्षा प्राप्त कर सके. Read more » बाल श्रम
लेख सिंहासन खाली करो कि हिन्दी और भारतीय भाषाएं आती हैं…. October 23, 2022 / October 23, 2022 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment चिकित्सा शिक्षा हिन्दी माध्यम से दिए जाने के निर्णय से हमें इस बात की तो गहन चिन्ता हो गई है कि हिन्दी पढ़कर निकलें चिकित्सक विदेशी शोध पत्रिकाओं को कैसे पढेंगे? परन्तु हमने आज तक यह पता नहीं किया कि अंगरेजी माध्यम से पढ़ें कितने प्रतिशत भारतीय चिकित्सक देशी और विदेशी पत्र-पत्रिकाओं के शोधों को पढ़ते हैं I मैंने लगभग ढाई दशकों तक सफलतापूर्वक डिस्पेंसिंग चिकित्सक के रूप में प्रैक्टिस की मुझे तो इसकी कभी आवश्यकता ही नहीं पड़ी I जो नगण्य चिकित्सक पढ़ते हैं, वे उन शोधों को अपनी प्रैक्टिसिंग लाइफ में कितना अपनाते हैं, यदि ऐसा शोध करेंगे तो वास्तविकता का अनुमान लग सकेगा I Read more » हिन्दी और भारतीय भाषाएं
लेख कम नहीं हुई है मिट्टी के दीयों की महत्ता October 23, 2022 / October 23, 2022 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment दीपावली की बात मिट्टी के दीयों की चर्चा के बगैर अधूरी है. इसके बिना दीपावली की कल्पना भी नहीं की जा सकती है. हज़ारों सालों से यह परंपरा चली आ रही है. इससे सबसे अधिक लाभ इसका कारोबार करने वालों को होता है. मिट्टी से दीया बनाने वाले कुम्हार समुदाय से लेकर इसे बेचने वाले कारोबारी तक इसी त्यौहार का इंतज़ार करते हैं. लेकिन बदलते समय और तकनीक के विकास ने इस कारोबार को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है. Read more » मिट्टी के दीयों की महत्ता
कविता खुशियों का दीपोत्सव आया October 23, 2022 / October 23, 2022 by दीपक कुमार त्यागी | Leave a Comment देश में चहुं ओर छाया उजियारा, खुशियों का पर्व दीपोत्सव आया। Read more » दीपोत्सव