लेख गुरु बिन ज्ञान न उपजै September 4, 2022 / September 4, 2022 by डॉ. सौरभ मालवीय | Leave a Comment -डॉ. सौरभ मालवीय हमारे जीवन में गुरु अथवा शिक्षक का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। गुरु ज्ञान का भंडार होता है। वह हमें ज्ञान देता है, हमारा पाठ आलोकित करता है। ज्ञान वह अमूल्य वस्तु है, जिसे कोई चुरा नहीं सकता। ज्ञान ऐसा कोश है, जिसमें से जितना व्यय करो वह उतना ही बढ़ता जाता है। गुरु ही हमारे जीवन का मार्गदर्शन करता है। हमारे जीवन […] Read more » 5th September Teachers day Guru without knowledge does not arise Teachers Day
लेख एक तरफ योगी का प्रयास दूजी तरफ परिवार का सामाजिक बोध September 4, 2022 / September 4, 2022 by दिव्य अग्रवाल | Leave a Comment समाजिक दृष्टिकोण से इसका आकलन होना आवश्यक है कि जब शासक बदलता है तो राज्य व समाज मे क्या बदलाव आते हैं । कुछ लोगो की अपेक्षाएं इतनी बढ़ जाती है कि सकारात्मक परिणाम होते हुए भी उन्हें नकारात्मक ही लगते हैं। एक समय था जब मजहबी मनचलों के हौसले इतने बुलंद थे कि लड़कियों […] Read more » the social understanding of the family on the other Yogi's efforts on the one hand
लेख आतंक सहने की आत्मघाती आदत September 4, 2022 / September 4, 2022 by विनोद कुमार सर्वोदय | Leave a Comment ====================== लेखक: श्री राजीव सचान (दैनिक जागरण में एसोसिएट एडिटर हैं) साभार: दैनिक जागरण 31.08.2022 पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ कोई नई बात नहीं। यह भी नई बात नहीं कि अक्सर ऐसे आतंकी मारे जाते हैं या फिर पकड़े जाते हैं। एक ऐसा ही आतंकी तबरीक हुसैन 21 अगस्त को कश्मीर के नौशहरा […] Read more » suicidal habit of terror आतंक सहने की आत्मघाती आदत
लेख गोर्बाच्येव थे रूसी महानायक September 4, 2022 / September 4, 2022 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डाॅ. वेदप्रताप वैदिक मिखाइल गोर्बाच्येव के निधन पर पश्चिमी दुनिया ने गहन शोक व्यक्त किया है। शोक तो व्लादिमीर पूतिन ने भी प्रकट किया है लेकिन रूस के इतिहास में जैसे व्लादिमीर इलिच लेनिन का नाम अमर है, वैसे ही गोर्बाच्येव का भी रहेगा। रूस के बाहर की दुनिया शायद लेनिन से ज्यादा गोर्बाच्येव को […] Read more » Gorbachev was a Russian superhero मिखाइल गोर्बाच्येव
लेख गांव की पहुंच से बाहर है नेटवर्क September 4, 2022 / September 4, 2022 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment डॉली गढ़िया पोथिंग, कपकोट बागेश्वर, उत्तराखंड देश में 5जी को लेकर तैयारियां जोरों शोरों से चल रही है. माना जा रहा है कि इससे इंटरनेट की रफ़्तार को पंख लग जाएगा. कनेक्टिविटी में जहां बेहतरी आएगी वहीं किसी भी चीज़ को डाउनलोड करना चुटकियों का काम हो जाएगा. इसे दूरसंचार के क्षेत्र में क्रांति मानी जा रही है. इसके […] Read more » The network is out of reach of the village
कविता प्रेम का अनोखा मर्म September 3, 2022 / September 4, 2022 by लक्ष्मी अग्रवाल | Leave a Comment गोकुल का नंदकिशोर तेरो दीवानो भयोरम्य-रमणीक रूप साँवरे को मोह गयो।पढ़ रहे अब यह नैन नैनों की मूक भाषाप्रेम ने तिहारे बदल दी प्रीत की परिभाषा। Read more » unique meaning of love
कहानी छलावा September 3, 2022 / September 4, 2022 by लक्ष्मी अग्रवाल | Leave a Comment शुभ्रा और नीलेश एक ही कॉलेज में साथ पढ़ते थे। दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी। लेकिन यह दोस्ती कब मन-मंदिर में प्रेम-पुष्प खिला गए, खुद शुभ्रा को भी पता न चला। वह नीलेश को दिल ही दिल चाहने लगी। पर अपने प्यार का इजहार करने से डरती थी। उसे डर था कि यदि नीलेश की […] Read more »
लेख शिक्षक-शिक्षा और छात्र बने मूल्यवान September 2, 2022 / September 2, 2022 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment प्रभुनाथ शुक्ल गुरु ज्ञान और प्रकाश का प्रवाह पुंज है। अपने शिष्य के प्रति गुरूतर दायित्व निभाते हुए एक कुम्हार की भांति उसके जीवन को रचता और संवारता है। गुरु हमें शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, संस्कृति,नैतिकता और अनुशासन की शिक्षा देता है। जीवन के बहुयामी […] Read more » Teachers Day शिक्षक-शिक्षा
कविता मेरी गुंजन September 1, 2022 / September 1, 2022 by लक्ष्मी अग्रवाल | Leave a Comment नहीं सी प्यारी सी अठखेली तेरीमुझको बड़ा लुभाती-हंसाती है।अपनी मधुर-कोमल मुसकान से तूहमारा घर-आँगन चहकाती है।नन्हीं-नन्हीं पायल की छम-छम तेरीसात सुरों से सुरीले संगीत सुना जाती है।अपने अबोध बालपन से तूमेरा संसार महकाती है।तुतले स्वर में जब तू माँ कहकर बुलाती हैन जाने कितनी संवेदना तू मेरी जगाती है।मेरी गुंजन तू केवल बिटिया नहीं हमारीहम […] Read more » मेरी गुंजन
लेख ग्रामीण भारत की सशक्त किशोरियां September 1, 2022 / September 1, 2022 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment चेतना वर्मा सीईओ, चरखा उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के एक दूरदराज के गांव में एक कमरे में बैठी किशोरियों के एक समूह ने मुझसे पूछा, “अपने बारे में हमें बताइए.” मैंने उनसे पूछा “आप क्या जानना चाहती हैं?” मैं उनसे अपनी उम्र या वैवाहिक जीवन के बारे में प्रश्न की उम्मीद कर रही थी जो अक्सर […] Read more » ग्रामीण भारत की सशक्त किशोरियां
कविता शक्ति August 31, 2022 / August 31, 2022 by लक्ष्मी अग्रवाल | Leave a Comment चुन-चुनकर तिनकाजब चिड़िया अपनानीड़ बनाती है,धैर्य और हौंसला जुटावह अपने बच्चों काआशिआना सजाती है।मौसम के थपेड़ों सेसंतान को बचाने कोनन्हीं चिड़िया जाने कहाँ सेइतनी शक्ति लाती है ? प्रसव-वेदना सहकरस्त्री जब शिशु कोजन्म देती हैमाँ की उस शक्ति कीन कोई उपमा न थाती है।शिशु का रुदन सुनमाँ की खोई शक्तिलौट आती है।होंठों पर जब देखतीउसके […] Read more »
कविता क्या थी मेरी खता August 31, 2022 / August 31, 2022 by लक्ष्मी अग्रवाल | Leave a Comment पापा के आँगन की थी मैं भी महकती कलीपढ़-लिखकर सपने अपने पूरे करने थी चलीफिर क्या कसूर था मेरा किसजा मुझे इतनी भयंकर मिली ?किसी की नाजायज ख्वाहिशों का हिस्सा नहीं बननाया अपने लिए अपने हिसाब की ज़िन्दगी चुननाया दोष था मेरा समाज में बेटी बनकर पलनापता तो चले मुझे कि क्या थी मेरी खता […] Read more » क्या थी मेरी खता