राजनीति व्यंग्य पर-भारी; मन-तरी ‘ December 11, 2021 / December 11, 2021 by कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल | Leave a Comment ~कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटलसूबे में हुजूर की सरकार है,और जब हुजूर की सरकार है तो उन्हीं के हाथों में सारे अधिकार है। चाहे बढ़ा दें विकास की रफ्तार या वे दिखला दें अपने पॉवर का चमत्कार। सबकुछ उनके ही वश में है। ऊपर से जब सत्ता की पहरेदारी के लिए इस जिले से उस जिले तक […] Read more »
कविता ॐ शान्ति शान्ति शान्ति: महासेनापति विपिन! December 9, 2021 / December 9, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकआठ दिसंबर इक्कीसबुधवार को कैसा था दुर्दिनभारत का वीर सपूतमहा सेनापति रावत विपिनहेलिकॉप्टर क्रैश मेंहम देशवासियों से गए छिनहम सब हैं अति दीन मलिनजिन्हें युद्ध भूमि मेंहरा सका नहीं था कोई संगीनभूलेगा नहीं देश हमाराइस महान वीर सपूत का ऋणहमारी पलकें नम है गम मेंऔर हमारे चेहरे दुखी उदासीनआखिरी विदाई हम देतेहे विपिन! […] Read more » Om Shanti Shanti Shanti: Mahasenapati Vipin! महासेनापति विपिन
लेख शख्सियत बिपिन रावतः सेना को 21वीं सदी में ले जाने वाला नायक December 9, 2021 / December 9, 2021 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गवप्रशंसा और चापलूसी से दूर रहने वाले अप्रतिम योद्धा एवं तीनों सेनाओं के समन्यवयक (चीफ आॅफ डिफेंस) बिपिन रावत ने एक टीवी कार्यक्रम में कहा था कि ‘खामोशी से बनाते रहो पहचान अपनी, हवाएं खुद तुम्हारा तराना गाएंगी।’ तमिलनाडू के पर्वतीय क्षेत्र में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में शहादत के बाद बिपिन रावत की उपलब्धियों के […] Read more » Bipin Rawat Bipin Rawat: The hero who took the army into the 21st century बिपिन रावत
पर्यावरण लेख क्या वायु प्रदूषण की ‘स्थाई चादर’ लपेट चुका है ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र ‘ दिल्ली December 8, 2021 / December 8, 2021 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानीअन्य विकासशील देशों की ही तरह भारत भी निरंतर वायु प्रदूषण की चपेट में रहने वाले देशों की सूची में अपना नाम शामिल करा चुका है। ख़ास तौर पर दिल्ली व उसके आस पास का राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तो लगभग पूरा वर्ष और चौबीस घंटे घोर प्रदूषण की चपेट में रहने लगा है। दिल्ली […] Read more » वायु प्रदूषण
लेख स्वास्थ्य-योग हौआ नहीं है ओमिक्रॉन December 8, 2021 / December 8, 2021 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on हौआ नहीं है ओमिक्रॉन प्रमोद भार्गव दक्षिण अफ्रीका से निकले कोरोना विषाणु के नए स्वरूप (वैरिएंट) के अवतरित होने के बाद भारत समेत दुनिया दहशत के साथ चिंता में है। इसका इतना हौआ बना दिया गया है कि कानपुर के एक चिकित्सक ने ओमिक्रोन के डर से अपनी पत्नी समेत दो बच्चों की हत्या कर दी।जबकि अब तक किसी […] Read more » omicron ओमिक्रॉन
कविता राम हारे के हरिनाम जगत के त्राणकर्ता December 8, 2021 / December 8, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकराम बनो परशुराम क्यों बनते हो?वर्णवादी जाति वर्चस्व के नाम परक्यों किसी भी जाति को हनते हो?जाति वर्ण नहीं मानव से प्रेम कर! कोई भी नस्ल-वंश-गोत्र-जाति-प्रजाति,बुरे नहीं होते, बल्कि विशेष व्यक्ति,किसी की नजर में बुरे भले बंदे होते,मनुज जाति नहीं व्यक्तित्व से होते! जिससे तुम असहमत हो जाते हो,उनसे बहुत लोग सहमत हो […] Read more » राम हारे के हरिनाम जगत के त्राणकर्ता
कविता मैं किताब हूं हां मैं किताब हूं December 8, 2021 / December 8, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | 1 Comment on मैं किताब हूं हां मैं किताब हूं —विनय कुमार विनायकमैं किताब हूं मुझे पढ़ लो,मैं वेद उपनिषद पुराण हूं,मैं अतीत हूं मैं वर्तमान हूं,मैं भविष्य का सद्ज्ञान हूं,मैं किताब हूं मुझे पढ़ लो! किताब में कुछ लिखी होती,किताब में कुछ खाली होती,खाली में विवेक से काम लो,लिखे को पढ़ो खाली भर दो,मनुष्य हो और मनुष्य बनो! मैं किताब हूं, सब को पढ़ा […] Read more » मैं किताब हूं हां मैं किताब हूं
धर्म-अध्यात्म लेख वैदिक कर्म-फल सिद्धान्त सत्य नियमों पर आधारित यथार्थ दर्शन है December 8, 2021 / December 8, 2021 by मनमोहन आर्य | 2 Comments on वैदिक कर्म-फल सिद्धान्त सत्य नियमों पर आधारित यथार्थ दर्शन है -मनमोहन कुमार आर्यवैदिक धर्म सृष्टि का सबसे पुराना धर्म है। यह धर्म न केवल इस सृष्टि के आरम्भ से प्रचलित हुआ है अपितु इससे पूर्व जितनी बार भी प्रलय व सृष्टि हुई हैं, उन सब सृष्टि कालों में भी एकमात्र वैदिक धर्म ही पूरे विश्व में प्रवर्तित रहा है। इसका कारण यह है कि ईश्वर, […] Read more » Vedic Karma-False Siddhanta is a real philosophy based on true rules. वैदिक कर्म-फल सिद्धान्त
कविता प्रश्नोत्तर की परंपरा से बनी हमारी संस्कृति December 7, 2021 / December 7, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकप्रश्नोत्तर की परंपरा से बनी हमारी संस्कृति,प्रश्न करे उत्तर दे उपनिषद ऐसी ज्ञान विधि!उपनिषद यानि गुरु समीप बैठ ज्ञान प्राप्ति,यह वेदान्त बौद्ध जैन दर्शन की मूल निधि! समस्याओं का हल वाद-विवाद-संवाद में ही,भारत में गुरु-शिष्य पठन विधा थी बलवती!कठोपनिषद यम नचिकेता संवाद मृत्यु-गुत्थी,मुण्डकोपनिषद में सत्यमेवजयते की प्रतीति! वृहदारण्यकोपनिषद;याज्ञवल्क्य मैत्रेयी वार्ता,असतोमा सदगमय! तमसो मा […] Read more » प्रश्नोत्तर की परंपरा से बनी हमारी संस्कृति
कविता चुनाव व नेता December 7, 2021 / December 7, 2021 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment नेता आज सत्ता के खातिर,अपना उल्लू सीधा कर रहे।वोटो के खातिर वे सब अब,मुफ्त चीजे खूब है बांट रहे।। कोई लैपटॉप फ्री में बांट रहा,कोई फ्री में राशन है बांट रहा।बिजली पानी की बात न करो,वह तो धर्म जाति में बांट रहा।। अपनी जेबों से देते नही कुछ,टैक्स कर्ता का धन है बांट रहे।वोट बटोरने […] Read more » election and leader चुनाव व नेता
राजनीति लेख रोमिला थापर का पाखंडी स्वरूप December 6, 2021 / December 6, 2021 by शंकर शरण | Leave a Comment डॉ शंकर शरण भारतीय परंपरा में साधुओं के साथ-साथ शिक्षकों, विद्वानों को भी सहज सम्मान देने की प्रवृत्ति रही है, लेकिन जिस तरह रंगे कपड़े पहनकर नकली लोग भी कई बार “साधु” कहला लेते हैं, उसी तरह बड़े अकादमिक पद पर रहकर सामान्य लफ्फाज भी “विद्वान” कहलाते हैं। एक उदाहरण से इसे समझा जा सकता […] Read more » Romila Thapar The hypocritical form of Romila Thapar रोमिला थापर का पाखंडी स्वरूप
लेख जीवन की सफलता हेतु वेदाध्ययन की आर्ष-शिक्षा पद्धति को अपनाना आवश्यक December 6, 2021 / December 6, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यसंसार में अनेक भाषायें हैं। इन भाषाओं की अपनी-अपनी व्याकरण प्रणालियां हैं। संसार की प्रथम भाषा संस्कृत है। संस्कृत का आरम्भ सृष्टि के आरम्भ में परमात्मा के चार ऋषियों को वेद ज्ञान के उपदेश से हुआ। यह चार ऋषि थे अग्नि, वायु, आदित्य और अंगिरा तथा यह उपदेश चार वेद ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद […] Read more » For the success of life it is necessary to adopt the method of education of Vedas. वेदाध्ययन की आर्ष-शिक्षा पद्धति को अपनाना आवश्यक