कविता अबकी सावन उदास है August 2, 2021 / August 2, 2021 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment अबकी सालगाँव आया सावन उदास हैपागलों सा लगताबदहवाश हैखुद में खुद को तलाशताऔर बदली फिज़ाओं सेपूछता सवाल है ?अबकी सावन उदास है अबकी सालसुनी पड़ी गांव की गलियाँहाथों में मेहंदी की न अगड़ाईयाँझूमती घटाओं मेंपूरवाई उदास हैगायब सखियों की अट्टासऔर भौजाई की मजाकनीरसहरियाली से पूछता सवाल हैअबकी सावन उदास है अबकी सालझूले बगैर सूनी पड़ी […] Read more » now savan is sad अबकी सावन उदास है
लेख आज छोटे शहर खाली क्यों हो रहे है ? August 2, 2021 / August 2, 2021 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment शायद आपने कभी ध्यान से देखा या देखा नहीं चूकि आपका गली मुहल्ले से इतना वास्ता नहीं पड़ता। आप बस तेजी से अपनी बाइक या कार से सीधे अपने काम पर निकल जाते हैं और वापस अपने घर आ जाते हैं । इसलिए शायद आपकी सूने होते मकानों और मोहल्लों पर नज़र जा नहीं पाती […] Read more » small towns getting empty today Why are small towns getting empty today छोटे शहर खाली क्यों हो रहे है
कविता भारतीय डाकघर की गिरती दशा July 31, 2021 / July 31, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकश्रद्धेय महामहिम भारत सरकारनमस्कार डाकघर का नमस्कार!औपचारिक कुशलम कुशलात के पश्चातशुरू करता हूं अपनी बातभारतीय डाकघर की हालत नित हो रही बदतरअंग्रेज गए सत्ता बदली पर किस ने लिया खबर? अंतरिक्ष जयी भारत टैंक मिसाइल से लैस होचला नई सदी की ओरपर डाकघरयूंटीम-टीम करते जैसे तारक भोर! नौ शाखाओं की डाक व्यवस्थाहो साखहीन […] Read more » deteriorating condition of india post office भारतीय डाकघर की गिरती दशा
लेख शख्सियत प्रेमचंद का साहित्यिक अवदान July 31, 2021 / July 31, 2021 by प्रणय कुमार | Leave a Comment किसी भी उदार, गतिशील एवं जागरूक समाज में विमर्श और विश्लेषण सतत ज़ारी रहना चाहिए। परंतु भारतीय मनीषा ने उससे एक क़दम आगे बढ़ते हुए भिन्न-भिन्न मतों के बीच एकत्व या समन्वय साधने की अद्भुत कला विकसित की है। यह कला या जीवन-दृष्टि ही हमारी थाती है। हमारे अध्ययन-अध्यापन, चिंतन-मनन, विमर्श-विश्लेषण का लक्ष्य ही सृष्टि […] Read more » Literary contribution of Premchand प्रेमचंद प्रेमचंद का साहित्यिक अवदान
लेख समस्या मुक्ति के लिये खुद को जानना जरूरी July 31, 2021 / July 31, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग –कोरोना महामारी केघनघोर अंधेरों के बीच इस दुनिया में विश्वास की एक छोटी-सी किरण अभी भी बची हुई है, जो सूर्य का प्रकाश भी देती है और चन्द्रमा की ठण्डक भी। और सबसे बड़ी बात, वह यह कहती है कि ‘अभी सभी कुछ समाप्त नहीं हुआ। अभी भी सब कुछ ठीक हो सकता […] Read more » समस्या मुक्ति
लेख भारतीय स्वाधीनता का अमर नायक राजा दाहिर सेन अध्याय – 2, भाग – 2, राजा पोरस का अवतार July 31, 2021 / July 31, 2021 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राजा पोरस का अवतार हमें यह बात ध्यान रखनी चाहिए कि सिकन्दर के समय राजा पोरस ने अपने पौरुष के प्रताप से विदेशी आक्रमणकारी को मार भगाया था । जिसे इतिहासकारों ने इतिहास में सही स्थान व सम्मान नहीं दिया । अब उसी पोरस के उत्तराधिकारी के रूप में एक नया योद्धा हमारी सीमाओं की […] Read more » King Dahir Sen the immortal hero of Indian independence Chapter-2 राजा दाहिर सेन
लेख भारतीय स्वाधीनता का अमर नायक राजा दाहिर सेन, अध्याय -3 , भाग – 2, अदम्य साहस और शौर्य का प्रतीक राजा दाहिर सेन July 31, 2021 / July 31, 2021 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment अदम्य साहस और शौर्य का प्रतीक राजा दाहिर सेन सब लोगों को मारता हुआ भी नहीं मारता, यह बात आज के कानून विदों के लिए या विधि विशेषज्ञों के लिए समझ में न आने वाली एक रहस्यमयी पहेली है। पर इसे हमारे वीर योद्धाओं ने भारतीय स्वाधीनता और संस्कृति की रक्षा के अपने प्रण का […] Read more » King Dahir Sen the immortal hero of Indian independence भारतीय स्वाधीनता का अमर नायक राजा दाहिर सेन
लेख भारतीय स्वाधीनता का अमर नायक राजा दाहिर सेन, अध्याय – 3, भाग – 1 क्यों है हमारी स्वाधीनता कर रक्षक राजा दाहिर सेन ? July 31, 2021 / July 31, 2021 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment क्यों है हमारी स्वाधीनता का रक्षक राजा दाहिर सेन? दाहिर सेन को स्वतंत्रता सेनानी और भारतीय संस्कृति का रक्षक क्यों कहा जाए ? इस प्रश्न पर भी विचार करना बहुत आवश्यक है । क्योंकि कई लोगों को ऐसी भ्रांति हो सकती है कि हम ऐसा किसी पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर कह रहे हैं। संस्कृति स्वाधीनता […] Read more » raja dahir sen राजा दाहिर सेन
पर्यावरण लेख हिमालय की विरासत पर प्रकृति का कहर July 31, 2021 / July 31, 2021 by ललित कुमार कुचालिया | Leave a Comment डॉ. ललित कुमार उत्तर भारत के हिमालय पर्वतों पर प्राकृतिक आपदाओं का कहर लगातार जारी है। बारिश के इस मौसम में प्राकृतिक आपदाओं का इतने बड़े पैमाने पर आना मौसम वैज्ञानिकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। लगातार एक के बाद के एक प्राकृतिक आपदाओं में भूस्खलन, बादल फटने, […] Read more » Nature's havoc on the heritage of the Himalayas प्रकृति का कहर हिमालय की विरासत हिमालय की विरासत पर प्रकृति का कहर
लेख शख्सियत मुंशी प्रेम चंद और उनके उपन्यास व कहानियाँ July 31, 2021 / July 31, 2021 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment ,आज महान उपन्यासकर व कहानीकार मुंशी प्रेम चंद जी का जन्म दिन है। वे अपने समय के महान उपन्यास कार थे। उन्होंने उस समय जो देखा वह लिखा। महान कथाकार और उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद ने अपने समय के अनेक विषयों पर अपनी बेबाक लेखनी चलायी. कालजयी पात्रों, चरित्रों, कहानियों और उपन्यासों […] Read more » Munshi Prem Chand Munshi Prem Chand and his novels and stories मुंशी प्रेम चंद जी मुंशी प्रेम चंद जी का जन्म दिन
लेख उधम सिंह ने उठाई थी अत्याचारियों के खिलाफ आव़ाज, दुनियाँ को भारतीय वीरता और दृढ़ता का दिया संदेश July 31, 2021 / July 31, 2021 by अरुण जायसवाल | Leave a Comment 31 जुलाई को भारत मां के वीर सपूत उधम सिंह की पुण्यतिथि मनाई जाती है, जिन्होंने बड़े ही बहादुरी से दुश्मन को उसी के घर में घुसकर मारा और जलियांवाला बाग नरसंहार का बदला लिया। सरदार उधम सिंह का नाम भारत की आजादी के इतिहास में एक महान क्रांतिकारी के रूप में दर्ज किया गया […] Read more » Udham Singh gave a message of Indian valor and perseverance to the world Udham Singh raised his voice against the tyrants उधम सिंह उधम सिंह की पुण्यतिथि
कविता आ लौट के आजा भारत मां के खून July 30, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायक आ लौट के आजा भारत मां के खून कि तुम फैले हुए हो काबुल से रंगून, तुम सगे भाई हो जैसे हिन्दू शक हूण! तुम भ्रमित होकर अपने में देखते गैर भारतीय, अरबी कबीले का गुण, तुम नहीं हो अरब के कबिलाई मूल, तुम हो बृहदतर भारत के हिन्दू कुल! इस तथ्य […] Read more » आ लौट के आजा भारत मां के खून