साहित्य भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का सबसे बड़ा बलिदान था “15 फरवरी 1932 का तारापुर शहीद दिवस” February 8, 2021 / February 8, 2021 by जयराम 'विप्लव' | Leave a Comment देश को आजादी कितनी कुर्बानियों के बाद हासिल हुई है, इसका अंदाजा शायद नई पीढ़ी को नहीं होगा. इसमें उनका दोष भी नहीं है. वे आजाद भारत में पैदा हुए हैं और बिल्कुल अलग परिवेश में जी रहे हैं. इन 70 वर्षों में काफी कुछ बदल चुका है. लेकिन उन्हें इस बारे में […] Read more » 15 फरवरी 1932 का तारापुर शहीद दिवस तारापुर गोलीकांड तारापुर शहीद दिवस
लेख विज्ञान की जननी है वेद February 7, 2021 / February 7, 2021 by डॉ शंकर सुवन सिंह | Leave a Comment विज्ञान दो शब्दों से मिलकर बना है वि+ज्ञान अर्थात विशेष ज्ञान,ही विज्ञान है|विज्ञान में “वि” पूर्वप्रत्यय है जो शब्दों के आरम्भ में जुड़कर अर्थ देता है|विज्ञान को अंग्रेजी में‘साइंस’कहते है,यह शब्द लेटिन भाषा के “साइन्सिया” शब्द से लिया गया है जिसका अर्थ होता है जानना।अतएव हम कह सकते हैं किसी भी ज्ञान का विशेष स्वरुप […] Read more » विज्ञान की जननी है वेद
कविता अहिंसा की हिंसा February 7, 2021 / February 7, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकअहिंसक का हिंसा का शिकार हो जाना है,अहिंसा का हिंसा के प्रति अहिंसक हो जाना! हिंसा एक कुप्रथा है, अहिंसा धर्म से पोषित,ईसा अहिंसक थे इतना कि हिंसकों के लिएउनके दिल से आखिरी उद्गार निकला क्षमा! ईसापूर्व अशोक शोकग्रस्त तब हुए,जब हिंसा केविरुद्ध युद्ध विरत हो अहिंसक बौद्ध हो गए,हिंसकों का सबसे बड़ा […] Read more » अहिंसा की हिंसा
लेख समाज बुजुर्गों का ख़्याल रखना हमारा कर्तव्य February 6, 2021 / February 6, 2021 by सोनम लववंशी | 1 Comment on बुजुर्गों का ख़्याल रखना हमारा कर्तव्य किसी ने सच ही कहा है कि हम सब कुछ बदल सकते है, लेकिन अपने पूर्वज नहीं। उनके बिना न ही हमारा वर्तमान सुरक्षित है और ना ही भविष्य की नींव रखी जा सकती है। हमारे पूर्वज ही इतिहास से भविष्य के बीच की कड़ी होते है। इन सबके बावजूद अफ़सोस की आज हम अपने […] Read more » It is our duty to take care of the elderly बुजुर्गों का ख़्याल रखना हमारा कर्तव्य
कविता एक धर्म निरपेक्ष कविता February 6, 2021 / February 6, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —–विनय कुमार विनायकमैं चाहता हूंएक ऐसी कविता लिखनाजिसमें परम्परा गान न होकिसी संस्कृति पुरुष का नाम न होजो पूरी तरह से हो सेकुलरऔर समकालीन भी! मैं चाहता हूंएक वैसी कविता लिखनाजिसमें चिंता हो आज केवृद्ध-उपेक्षित-सेवानिवृत्त माता-पिता कीजिसे पढ़ूंगा उस सेमिनार मेंकि कितना जरूरी/कितना त्याज्य हैआज के वरिष्ठ नागरिक! मैं लिखूंगा नहींमातृ देवो भव:/पितृ देवो भव: […] Read more » एक धर्म निरपेक्ष कविता
लेख शख्सियत शुद्ध साधुता की सफेदी में सिमटा विलक्षण व्यक्तित्व : साध्वीप्रमुखाश्री कनकप्रभाजी February 6, 2021 / February 6, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ः ललित गर्ग:- इक्कीसवीं सदी तो महिलाओं के वर्चस्व की सदी मानी जाती है। उन्होंने विभिन्न दिशाओं में सृजन की ऋचाएं लिखी हैं, नया इतिहास रचा है। अपनी योग्यता और क्षमता से स्वयं को साबित किया है। उन्होंने राजनीति से लेकर चांद तक अपनी हिम्मत और हौसले की दास्तान लिखकर सिद्ध कर दिया है कि […] Read more » साध्वीप्रमुखाश्री कनकप्रभाजी
कविता अमृत और विष अपने हिय में होता है February 6, 2021 / February 6, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकअमृत और विष अपने हिय में होता है,अमृत के नाम से चहक उठता मानव,विष के नाम पर वह व्यर्थ ही रोता है!अमृत और विष अपने हिय में होता है! विकसित करो आत्म बल को, दूर करोसारे हतबल को,छल को,मन के मल को,डर कर मानव यूं ही क्यों कर सोता है!अमृत और विष अपने […] Read more » अमृत और विष अमृत और विष अपने हिय में होता है
कविता धर्माधिकारी February 5, 2021 / February 5, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —–विनय कुमार विनायकचाहे तुम बदल लो नाम जाति उपाधियहां तक कि धर्म भीपर तुम्हारी जाति उपाधि वंशावलीखोज ही लेंगे धर्माधिकारीतुम्हें अकुलीन/वर्णसंकर के बजायअपनी बराबरी का दर्जा देकरगले लगाएंगे नहीं धर्माधिकारी! कृष्ण बुद्ध महावीर शिवाजी तक कीजन्म कुंडली में वृषलत्व को ढूंढ लिया गया थाऔर वंचित किया गया था कृष्ण को अग्रपूजन सेऔर शिवाजी को तिलक […] Read more » धर्माधिकारी
लेख स्वास्थ्य-योग सेल्फ मोटिवेट बने_वर्ल्ड कैंसर डे February 5, 2021 / February 5, 2021 by आनंद जोनवार | Leave a Comment कैंसर के प्रति हर नागरिक को जागरूक करने के लिए हर वर्ष 4 फरवरी को वर्ल्ड कैंसर डे मनाया जा जाता है जिसका उद्देश्य कैंसर के प्रति लोगों को जागरूक करना और कैंसर से होने वाली मौत की संख्या में कमी लाना है. वर्ल्ड कैंसर डे की थीम है “मैं हूं और मैं रहूंगा”. इसी […] Read more » World Cancer Day
लेख स्वयं को देखने के लिए मन की आँखों को खोलें February 5, 2021 / February 5, 2021 by अखिलेश आर्येन्दु | Leave a Comment अखिलेश आर्येन्दु अचानक पीछे से उन्होंने दोनों हाथों से मेरी आँखें बंद की फिर धीरे से कान में कहा-‘‘अब देखो, दुनिया कैसी दिख रही है।’’ मैंने कहा,- ‘‘अँधेरे के अलावा अब कुछ भी नहीं दिख रहा है।’’ ‘‘वाह, अंधेरा दिख रहा है? ‘‘हाँ, अंधेरे को मैं देख और एहसास भी कर पा रहा हूँ।’’ फिर […] Read more » स्वयं को देखने के लिए मन की आँखों को खोलें
लेख मंदिर निर्माण : निधि समर्पण को तत्पर है देश February 4, 2021 by डॉ.रामकिशोर उपाध्याय | Leave a Comment इस समय पूरे देश में भगवान राम के मंदिर निर्माण हेतु समर्पण निधि भेजने का उपक्रम चल रहा है | लगभग पाँच सौ वर्ष की संघर्ष यात्रा के पश्चात् अयोध्या में भगवान् श्री राम का भव्य एवं दिव्य मंदिर बनने जा रहा है | प्रत्येक आस्तिक व्यक्ति मंदिर निर्माण में सहयोग करने को तत्पर है […] Read more » निधि समर्पण को तत्पर है देश मंदिर निर्माण
आलोचना प्रशासन को आचार संहिता से बांधना होगा February 4, 2021 / February 4, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भले ही प्राथमिकता से सरकारी कामकाज की शैली में पारदर्शिता, तत्परता और ईमानदारी की वकालत की हो, लेकिन आज भी सरकारी कार्यशैली लापरवाह, अनुशासनहीन, भ्रष्ट एवं उदासीन बनी हुई है। आजादी के बहतर सालों के बाद भी आम आदमी शासन-तंत्र की उपेक्षा एवं बेपरवाही के कारण अनेक संकटों का […] Read more » The administration has to be bound by the code of conduct सार्वजनिक रूप से आत्मदाह की कोशिश