टेलिविज़न लेख समाज अंधविश्वास ,उदारीकरण व पैसे के पीछे भागता मीडिया झोंक रहा है देश को बर्बादी के गड्ढे मे September 19, 2020 / September 19, 2020 by भगवत कौशिक | Leave a Comment भगवत कौशिक यदि किसी समाज का आर्थिक विकास की अपेक्षाकृत बौद्धिक विकास न हो तो वह समाज अंधविश्वासों में और भी गहरे धंसता चला जाता है। फिर उस समाज में लोगों के अंधविश्वास का फायदा उठाकर अपना घर भरने वाले परजीवियों का साम्राज्य विकसित होने लगता है। भारत के मामले में यही हुआ है। 90 […] Read more » liberalization and money is putting the country in the pit of ruin Media rushing behind superstition अंधविश्वास उदारीकरण पैसे के पीछे भागता मीडिया
फ़ेस बुक पेज़ से लेख शख्सियत उसूलों पर अडिग महातार्किक : पेरियार ई.वी.रामासामी September 19, 2020 / September 20, 2020 by प्रो. अमरनाथ | Leave a Comment दक्षिण में हिन्दी विरोध, ब्राह्मणवाद विरोध, वेद विरोध, गीता विरोध, रामायण विरोध, धर्म विरोध आदि को नेतृत्व प्रदान करने वाले पेरियार ईरोड वेंकटप्पा रामासामी नायकर (17.9.1879- 24.12.1973) को यूनेस्को ने 27 जून 1970 को ‘नए युग का संत’, ‘दक्षिण-पूर्व एशिया का सुकरात’ और ‘समाज –सुधार आन्दोलन का जनक’ कहकर सम्मानित किया। मात्र चौथी कक्षा तक […] Read more » Periyar EV Ramasamy Stringent principles on principles: Periyar EV Ramasamy पेरियार ईरोड वेंकटप्पा रामासामी नायकर
कविता आलिंगन September 19, 2020 / September 19, 2020 by आलोक कौशिक | Leave a Comment पृथक् थी प्रकृति हमारीभिन्न था एक-दूसरे से श्रमईंट के जैसी सख़्त थी वोऔर मैं था सीमेंट-सा नरम भूख थी उसको केवल भावों कीमैं था जन्मों-से प्रेम का प्यासाजगत् बोले जाति-धर्म की बोलीहम समझते थे प्यार की भाषा प्रेम अपार था हम दोनों में मगरना जाने क्यों नहीं होता था हमारा मिलनपड़ा प्रेम का जल ज्यों […] Read more » आलिंगन
व्यंग्य दिल ने कहा दिल से September 19, 2020 / September 19, 2020 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment आदमी के दिल को समझ पाना मुश्किल है। मेरे बचपन के मित्र सुनील मालवीय के पास जब भी बैठता हूँ तो वे बचपन की यादों के साथ सुख-दुख की बाते करते हुये आध्यात्म की चर्मोत्कृष्टता तक बात ले जाने का अवसर नही खोते है। गरीबी ओर मुफ़लिसी में बचपन गुजारने के कारण उन्हे ज़िंदगी […] Read more » दिल ने कहा दिल से
कविता खाते हो जिस थाली में September 19, 2020 / September 19, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment खाते हो जिस थाली में,उसी में तुम छेद करते हो।दिया है फिल्म इंडस्ट्री ने सब,उसी से मन भेद रखते हो।। ये थाली तुमने अकेले नहीं,सबने मिलकर ही बनाई है।सबने छप्पन भोग बनाकर,ये थाली सबने सजाई है।। अब तो छाज तो छाज़,छलनी भी बोलने लगी है।जिसमे बहात्तर छेद है पहले,थाली में भी छेद करने लगी है […] Read more » खाते हो जिस थाली में
लेख स्वास्थ्य-योग कोरोना से लड़ाई में योग सबसे अहम September 17, 2020 / September 17, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग –कोरोना महामारी से मुक्ति में योग की विशेष भूमिका है। कोरोना महाव्याधि से पीड़ित विश्व में योग इसलिये वर्तमान की सबसे बड़ी जरूरत है, क्योंकि नियमित योग करने से रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। जहां कोरोना श्वसन तंत्र पर हमला करता है, वहीं योग उसी श्वसन तंत्र को मजबूत बनाने का काम करता […] Read more » Yoga is most important in the fight against Corona कोरोना से लड़ाई में योग
कविता बलात्कार September 17, 2020 / September 17, 2020 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment अदम गोंडवी की कविता आइए महसूस करिए ज़िन्दगी के ताप कोमैं चमारों की गली तक ले चलूँगा आपको जिस गली में भुखमरी की यातना से ऊब करमर गई फुलिया बिचारी एक कुएँ में डूब कर है सधी सिर पर बिनौली कंडियों की टोकरीआ रही है सामने से हरखुआ की छोकरी चल रही है छंद के […] Read more » बलात्कार
कविता जिंदगी बेहाल है, बहुत बुरा हाल है September 17, 2020 / September 17, 2020 by अशोक बजाज | Leave a Comment यह कोरोना काल है, दुनिया में भूचाल है,घर से बाहर ना निकलें, जी का जंजाल है।पर किसने किसकी मानी है, घर में रहने की ठानी है,जब फैल गया कोरोना तो, हर बस्ती में वीरानी है।चारों ओर हाहाकार है, मरीजों की चीत्कार है,दवा नहीं बनेगी, तब तक डॉक्टर भी लाचार हैं।सूना सूना बाज़ार है, ऑनलाइन व्यापार […] Read more » कोरोना काल जिंदगी बेहाल है
लेख हिंदी दिवस हिंदी दिवस या अंग्रेजी हटाओ दिवस ? September 15, 2020 / September 15, 2020 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिक भारत सरकार को हिंदी दिवस मनाते-मनाते 70 साल हो गए लेकिन कोई हमें बताए कि सरकारी काम-काज या जन-जीवन में हिंदी क्या एक कदम भी आगे बढ़ी? इसका मूल कारण यह है कि हमारे नेता नौकरशाहों के नौकर हैं। वे दावा करते हैं कि वे जनता के नौकर हैं। चुनावों के दौरान […] Read more » English Remove Day? Hindi Diwas अंग्रेजी हटाओ दिवस हिंदी दिवस
लेख विधि-कानून अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम न्यायपालिका की अवमानना September 14, 2020 / September 14, 2020 by डॉ अभिषेक अत्रे | Leave a Comment डॉ अभिषेक अत्रे आलोचना और विद्रूपता के बीच एक बहुत पतली रेखा है। स्वतंत्रता का एक मूल सिद्धांत यह है कि आप कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र हैं जो मेरी स्वतंत्रता में हस्तक्षेप नहीं करता है। अवमानना का कानून नया नहीं है और न्यायपालिका की स्वतंत्रता की रक्षा के इरादे से इसे लागू किया […] Read more » Contempt of judiciary Contempt of judiciary versus freedom of expression freedom of expression अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता न्यायपालिका की अवमानना
लेख हिंद स्वराज हिन्दी भाषा और भारतीय परम्पराएँ September 14, 2020 / September 14, 2020 by मुकेश चन्द्र मिश्र | Leave a Comment आजकल पूरी दुनिया कोरोना वाइरस से लड़ रही है और लाखो जाने जा चुकी हैं हमारा देश भी कोविड से बुरी तरह प्रभावित है पर अगर हम मृत्यु दर की तुलना अन्य देशो से करें तो सायद हम अन्य पश्चिमी देशो से बेहतर स्थिति मे हैं और उसके लिए हम कह सकते हैं की इसमे […] Read more » भारतीय परम्पराएँ हिन्दी भाषा
लेख हिंदी दिवस हिन्दी को भी चाहिए संक्रमण से मुक्ति September 14, 2020 / September 14, 2020 by विनोद बंसल | Leave a Comment -विनोद बंसल हिन्दी है माथे की बिंदी, इसका मान बढ़ाएंगे.हम सब भारतवासी मिलकर इसे समृद्ध बनाएंगे.. Read more » Hindi also needs freedom from infection हिन्दी हिन्दी को भी चाहिए संक्रमण से मुक्ति