लेख एक तरफ भूखे लोग, दूसरी तरफ हो रही अन्न की बर्बादी! February 18, 2020 / February 18, 2020 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे परिवर्तन प्रकृति का नियम है, साल दर साल, दशक दर दशक रहन सहन, खान पान आदि में परिवर्तन आना आम बात है। यह परिवर्तन अगर समाज या व्यक्ति के हित में है तो इसका स्वागत किया जाना चाहिए, पर दिखावे, चोचलों के लिए अगर परिवर्तन का लबादा ओढ़ा जा रहा है तो इसकी […] Read more » food wastage on the other side! Hungry people on one side अन्न की बर्बादी एक तरफ भूखे लोग दूसरी तरफ हो रही अन्न की बर्बादी
लेख आखिर सुख निरंतर क्यों नहीं होता? February 18, 2020 / February 18, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग- जीवन में सुख और दुःख का चक्र चलता रहता है। दिन के बाद रात और रात के बाद दिन-यही क्रम सुख और दुःख का भी है। हमने खेतों में अरहट चलते हुए देखा है। नीचे से पानी भर कर आता है और ऊपर आकर खाली हो जाता है। यह क्रम चलता है। […] Read more » why is happiness not continuous सुख निरंतर क्यों नहीं होता
लेख हिंद स्वराज वायुसेना में बढ़ती जंगी बेड़ों की क्षमता February 16, 2020 / February 16, 2020 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव देश की तीनों सेनाओं का आधुनिकतम शस्त्रों और युद्धक हवाई-जहाजों व हेलिकाॅप्टरों से सुसज्जित होना आवश्यक है। इस दृष्टि से बीते कुछ सालों में भारतीय वायुसेना के जंगी बेड़ों की क्षमता करीब 20 प्रतिशत बढ़ गई। इनमें आधुनिक तकनीक से लैस राफेल, अपाचे, सुखोई और शिनूक जंगी बेड़े शामिल हुए हैं। वायुसेना ने […] Read more » वायुसेना वायुसेना में बढ़ती जंगी बेड़ों
लेख विश्ववार्ता हमारे शब्दों की विस्तार क्षमता February 16, 2020 / February 16, 2020 by डॉ. मधुसूदन | 5 Comments on हमारे शब्दों की विस्तार क्षमता डॉ. मधुसूदन (एक) प्रवेश:जब हम हिदी-संस्कृत या स्वदेशी प्राकृतों का शब्द चलन में स्वीकारते हैं, तो मात्र एक शब्द ही नहीं पर पूरा उस शब्द से जुडा जाल साथ साथ हमारी भाषा में घुलने में सहायता होती है। ऐसे विस्तार से, वास्तव में हम कई गुना लाभ प्राप्त करते हैं। समझने के लिए, […] Read more »
कविता साहित्य दिल्ली चुनाव और भाजपा (2020) February 16, 2020 / February 16, 2020 by मुकेश चन्द्र मिश्र | Leave a Comment पिच पर अपनी खींच रहे थे, कट्टरता से सींच रहे थे। हिन्दू मुस्लिम और गद्दारी, पर तलवारें खींच रहे थे॥ किन्तु केजरी भी सातिर है, वो जन्मा सत्ता की खातिर है॥ राजनीति का एड्स जिसे, अपने कुमार जी कहते हैं॥ पर मोदी के महारथी, खांसी बस उसे समझते हैं॥ धोका जिसकी फितरत ही हो, उससे […] Read more » दिल्ली चुनाव और भाजपा
लेख शख्सियत समाज रामकृष्ण परमहंस : परमहंसी साधना एवं सिद्धि के अलौकिक संत February 16, 2020 / February 16, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग- भारत की रत्नगर्भा वसुंधरा माटी में कई संत और महान व्यक्ति हुए हंै जिन्हें उनके कर्म, ज्ञान और महानता के लिए आज भी याद किया जाता है। जिन्होंने अपने व्यक्तित्व और कर्तृत्व से न सिर्फ स्वयं को प्रतिष्ठित किया वरन् उनके अवतरण से समग्र विश्व मानवता धन्य हुई है। इसी संतपुरुषों, गुरुओं […] Read more » Ramakrishna Paramahamsa Supernatural saint of spiritual practice and accomplishment रामकृष्ण परमहंस
कविता मैं तो हूं केवल अक्षर February 16, 2020 / February 16, 2020 by आलोक कौशिक | Leave a Comment मैं तो हूं केवल अक्षर तुम चाहो शब्दकोश बना दो लगता वीराना मुझको अब तो ये सारा शहर याद तू आये मुझको हर दिन आठों पहर जब चाहे छू ले साहिल वो लहर सरफ़रोश बना दो अगर दे साथ तू मेरा गाऊं मैं गीत झूम के बुझेगी प्यास तेरी भी प्यासे लबों को चूम के […] Read more » मैं तो हूं केवल अक्षर
टॉप स्टोरी लेख भारतीय जीवन बीमा निगम का जीवन ही संकट में! February 16, 2020 / February 16, 2020 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे लगभग 64 साल पुराने भारतीय जीवन बीमा निगम अर्थात एलआईसी ऑफ इंडिया का जीवन अब संकट में दिख रहा है। भारत सरकार के नियंत्रण वाले जीवन बीमा निगम की अपनी कुछ हिस्सेदारी को बेचने की बात कही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा यह बात सदन में कही गई है। उनका तर्क […] Read more » LIC LICF Life insurance corporation of India Life insurance corporation of India is in trouble भारतीय जीवन बीमा निगम
दोहे पीली सरसों चन्द्रमुखी संग ! February 16, 2020 / February 16, 2020 by गोपाल बघेल 'मधु' | Leave a Comment पीली सरसों चन्द्रमुखी संग, मन बगिया में खिलती देखी; अद्भुत सुन्दर मन मोहक छवि, स्वप्न खेत बिच भायी नीकी! आए चले संग पगडंडी, वाहन किसी अजब बहुरंगी; स्वैटर पहन बान्द्री निकली, जंगल ओर गई वो टहली ! अभिनव दुर्लभ शोभा लख कर, अति आनन्द रहा मन छाई; खींचन चाहा चित्र फ़ोन से, तभी गई निद्रा […] Read more » पीली सरसों पीली सरसों चन्द्रमुखी संग !
दोहे काल चक्र घूमता है February 14, 2020 / February 14, 2020 by गोपाल बघेल 'मधु' | Leave a Comment काल चक्र घूमता है, केन्द्र शिव को देखलो;भाव लहरी व्याप्त अगणित, परम धाम परख लो! कितने आए कितने गए, राज कितने कर गए;इस धरा की धूल में हैं, बह के धधके दह गए ! सत्यनिष्ठ जो नहीं हैं, स्वार्थ लिप्त जो मही;ताण्डवों की चाप सहके, ध्वस्त होते शीघ्र ही ! पार्थ सूक्ष्म पथ हैं चलते, […] Read more » काल चक्र घूमता है
महिला-जगत लेख समाज स्वास्थ्य-योग जानिए किराए की कोख अर्थात सरोगेसी आखिर क्या है बला! February 14, 2020 / February 14, 2020 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे दुनिया भर में हर प्राणी, चाहे वह मनुष्य हो, जलचर हों, नभचर हों या धरती पर रहने वाले जीव, सभी के द्वारा अपने अपने तौर तरीकों से संतानोत्पत्ति की अभिलाषा रखी जाती है। इन सभी में मनुष्य ही इकलौता ऐसा जीव है जो वंश बढ़ाने के अलावा आनंद के लिए संसर्ग करता है। […] Read more » Know what the hell is for surrogacy surrogacy सरोगेसी
लेख समाज संकट आदर्श जीवनशैली के बिखरने का February 14, 2020 / February 14, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग –हमारे देश की सांस्कृतिक परंपराएँ और आदर्श जीवन-मूल्य समृद्ध एवं सुदृढ़ रहे हैं। किंतु अंग्रेजों की हम पर गुलामी की पूरी एक सदी ने, पश्चिमी हवाओं ने हमारे जन-मानस में जहर घोलकर हमारे रहन-सहन और आचार-विचार को विकृत किया है, और इससे हमारी संयुक्त परिवार, आदर्श जीवनशैली एवं प्रेरक संस्कृति की परंपरा बिखर […] Read more » Crisis of the ideal lifestyle