कविता साहित्य दादाजी अब चिता छोड़ें October 9, 2019 / October 9, 2019 by प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Leave a Comment बार -बार दादाजी मेरा , बस्ता यूँ न छुआ करें। धूल लगी है करूँ सफाई, यह कहकर बस्ता छूते। साफ सफाई बड़ी उमर में, नहीं आपके है बूते। काम कर सकूँ मैं खुद अपने, यही आप बस दुआ करें। मैं शाळा जाती हूँ बस से, उससे ही वापस आती। टीचर देख रेख करते हैं, पूर्ण […] Read more » दादाजी अब चिता छोड़ें
महत्वपूर्ण लेख लेख हिंदू राष्ट्र के स्वप्नद्रष्टा : बंदा वीर बैरागी October 9, 2019 / October 9, 2019 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment अध्याय —— 2 पंजाब की गुरु परंपरा और बंदा वीर बैरागी जिस समय पंजाब में हमारे गुरुओं का आविर्भाव हुआ उस समय ईसाइयत और इस्लाम दोनों अपने-अपने अनुयायियों के बढ़ाने पर अधिक बल दे रहे थे । चारों ओर वह अपने मत के प्रचार – प्रसार में लगे हुए थे । इस्लाम ने अपने आप […] Read more » बंदा वीर बैरागी
लेख मर्यादा के प्रतिमान मर्यादा पुरुषोत्तम राम October 9, 2019 / October 9, 2019 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment अरविंद जयतिलक कौशल्यानंदन भगवान श्रीराम परब्रह्म और ईश्वर हैं। संसार के समस्त पदार्थों के बीज और जगत के सूत्रधार हैं। सनातन धर्म की आत्मा और परमात्मा हैं। शास्त्रों में उन्हें साक्षात ईश्वर कहा गया है। उनकी सभी चेष्टाएं धर्म, ज्ञान, शिक्षा, नीति, गुण, प्रभाव व तत्व जन-जन के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने प्रकृति के सभी […] Read more » Ram पुरुषोत्तम राम
लेख साहित्य बुराईरूपी रावण का अंत जरूरी October 9, 2019 / October 9, 2019 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- दशहरा बुराइयों से संघर्ष का प्रतीक पर्व है, आज भी अंधेरों से संघर्ष करने के लिये इस प्रेरक एवं प्रेरणादायी पर्व की संस्कृति को जीवंत बनाने की जरूरत है। प्रश्न है कौन इस संस्कृति को सुरक्षा दे? कौन आदर्शो के अभ्युदय की अगवानी करे? कौन जीवन-मूल्यों की प्रतिष्ठापना मे अपना पहला नाम लिखवाये? […] Read more » बुराईरूपी रावण
लेख प्लास्टिक का उपयोग और जागरुकता की जरूरत October 9, 2019 / October 9, 2019 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment योगेश कुमार गोयल राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर केन्द्र सरकार द्वारा देश की जनता से ‘सिंगल यूज प्लास्टिक’ (एकल उपयोग वाली प्लास्टिक) की आदतों पर नियंत्रण का आव्हान किया गया। हालांकि अभी तक यही माना जा रहा था कि सरकार इस अवसर पर इस तरह के प्लास्टिक के उपयोग पर […] Read more » use of plastic प्लास्टिक का उपयोग
लेख अंधविश्वास एवं जादू-टोना की क्रूरताएं कब तक? October 5, 2019 / October 5, 2019 by ललित गर्ग | 2 Comments on अंधविश्वास एवं जादू-टोना की क्रूरताएं कब तक? – ललित गर्ग-ओडीशा के गंजाम जिले के कुछ अंधविश्वासी लोगों ने वहां के छह बुजुर्ग व्यक्तियों के साथ जिस तरह का बर्ताव किया, उससे एक बार फिर यही पता चलता है कि हम शिक्षित होने एवं विकास के लाख दावे भले करें, लेकिन समाज के स्तर पर आज भी काफी निचले पायदान पर खड़े हैं। […] Read more » superstition in India अंधविश्वास एवं जादू-टोना
कविता साहित्य तेरे मेरे दरम्यां ।। October 4, 2019 / October 4, 2019 by डा.सतीश कुमार | Leave a Comment नहीं चाहिए मुझे, बड़े-बड़े उपहार , मोतियों के हार , बड़ी-बड़ी बातें , गर्मियों में कश्मीर जाना, सर्दियों में दक्षिण भारत घूमना। चाहिए मुझे तो बस, तेरा प्यार से घण्टों, एकटक मुझे निहारना। मेरे हाथों को अपने हाथों में ले, बात बेबात हंसना, मुस्कुराना घंटों मेरे साथ बैठे रहना। मेरे बालों में धीरे -धीरे, तेरा […] Read more »
कविता स्वप्न में स्वप्न मेरा पालती है October 4, 2019 / October 4, 2019 by सुधीर मौर्य | Leave a Comment – सुधीर मौर्य स्वप्न में स्वप्न मेरा पालती है मेरी आँखों में आकर झांकती हैं। वो लड़की गाँव की उड़ती हवा सी कभी चंचल कभी अल्हड़ जरा सी उसकी देह पर तिफ्ली का मौसम युगल आँखे किसी काली घटा सी वो एक बहती हुई अचिरावती है स्वप्न में स्वप्न मेरा पालती है मेरी आँखों […] Read more »
जन-जागरण लेख पश्चिमी इतिहासकारों के ऐतिहासिक षड्यंत्र और दृष्टि-दोष का परिणाम October 4, 2019 / October 4, 2019 by अखिलेश आर्येन्दु | Leave a Comment अखिलेश आर्येन्दु आर्य और द्रविण को लेकर ईसाई पादरियों द्वारा जाति, भाषा, सभ्यता, संस्कृति, क्षेत्र और धर्म के आधार पर काल्पनिक विभेद को विश्व इतिहास में सत्य साबित करने के लिए पिछले दो सौ वर्षों के अन्तराल में एक षड्यंत्र के तहत अभियान चलाया गया। भारत में ब्रिटिश सत्ता जब तक कायम रही तब तक […] Read more » Comparative Philology of the Dravadian or South Indian Languages
लेख भारत के लोकप्रिय एवं यशस्वी प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयन्ती पर सादर नमन October 3, 2019 / October 3, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment आज जयन्ती के अवसर पर पावन स्मरण- मनमोहन कुमार आर्य आज देश के सर्वप्रिय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी (1904-1966) की जयन्ती है। वह श्री पिता शारदा प्रसाद श्रीवास्तव तथा माता श्रीमती राम दुलारी देवी जी के सुयोग्य पुत्र थे। शास्त्री जी की महत्ता अनेक बातों के साथ इस बात में भी है कि […] Read more »
लेख साहित्य और मनोविज्ञान October 3, 2019 / October 3, 2019 by बीनू भटनागर | Leave a Comment साहित्य मानव अनुभूतयों और सामाजिक व्यवहार का दर्पण होता है। साहित्यकार अपनी व्यक्तिगत कल्पनाओं और प्रतीकों के आधार पर, यथार्थ के धरातल पर, मानवीय संवेगों को संजोकर कोई रचना लिखता है। दूसरी ओर मनोविज्ञान व्यवहार का विज्ञान है, जो मन मे उठते अंतर्द्वन्दों, ,संवेगों और उद्वेगों के प्रभावों का अध्ययन करता है। साहित्य का क्षेत्र […] Read more » मनोविज्ञान साहित्य साहित्य और मनोविज्ञान
लेख संस्कृत ही विश्व की प्राचीनतम भाषा है, अन्य कोई नहीं है October 3, 2019 / October 3, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हम भारत के एक हिन्दी प्रदेश उत्तराखण्ड में निवास करते हैं और यहीं हमारा जन्म हुआ है। इससे पूर्व उत्तरखण्ड उत्तर प्रदेश राज्य का अंग हुआ करता थां। हमारी मातृ भाषा हिन्दी है। हिन्दी को संस्कृत की पुत्री कहा जाता है और वस्तुतः यह सत्य ही है। इसी प्रकार से देश […] Read more » संस्कृत