दोहे रच कौन क्या गया है सृष्टि ! February 3, 2020 / February 4, 2020 by गोपाल बघेल 'मधु' | Leave a Comment रच कौन क्या गया है सृष्टि, कौन देखता; कितना अनन्त उसके शून्य, वही झाँकता; गुणवत्ता आँकता है वही, सत्ता परखता; अलवत्ता उसे कोई कभी, ही है समझता ! संज्ञान उसका लेता जो भी, वो है थिरकता; अणु अपना अहं करके वही, उसमें सिमटता ! अपना विराट रूप वही, जगती में पाता; हर प्राण परश उर […] Read more » रच कौन क्या गया है सृष्टि !
कविता अपना आपा खो दॅू February 3, 2020 / February 3, 2020 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment अपने घर -परिवार के लिये, अपने सगे संबंधियों के लिये अपने समाज व देश के लिये मैं जीना चाहता हॅू सभी के लिये इस हद तक, कि अपना आपा खो दॅू। मैं अपने सारे स्वार्थो के बिना मैं अपने सारे हितों के बिना दूसरों के लिये अपना सारा जीवन जीना चाहता हॅू इस हद तक, […] Read more » अपना आपा खो दॅू
दोहे स्वर्गलोक-भूलोक हो एकीभूत February 3, 2020 / February 3, 2020 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment जो गिरा हुआ है, उसे गिरने का क्या डर होगा जो नतमस्तक है, उसे घमण्ड ने क्या छुआ होगा। खुद मालिक उसे राह दिखायेे,जो नम्र हुआ होगा। जिसने जीत लिया मन को,वह संतोशी रहा होगा। जो शरण प्रभु की पा जाये,समर्पित वह रहा होगा।। जो दिल का बोझ उठाये, वासनाओं में घिरा होगा।। जो सत्य […] Read more » स्वर्गलोक-भूलोक हो एकीभूत
दोहे उर अश्रु लिए भस्म रमा ! February 3, 2020 / February 3, 2020 by गोपाल बघेल 'मधु' | Leave a Comment उर अश्रु लिए भस्म रमा, कौन विचरता; शिव सरिस ललित ताण्डव कर, व्याप्ति सिहरता ! आलोक अलोकी का दिखा, जाग्रत करता; कर चित्त-शुद्धि चक्रन वरि, वरण वो करता ! आयाम अनेकों में रमा, प्राणायाम सुर; गुरु चक्र प्रणय लीला किए, प्रणवित करता ! यम नियम सुद्रढ़ शोध करा, स्वास्थ्य सुधाता; अध्यात्म रस में रास करा, […] Read more » उर अश्रु लिए भस्म रमा !
लेख साहित्य प्राचीनतम सभ्यता – नर्मदा घाटी January 31, 2020 / January 31, 2020 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment हाल ही के दशकों में किये अन्वेषणों व खुदाइयों से नर्मदा घाटी का एक नया स्वरूप उभर कर आया है। नर्मदा घाटी से ऐसे बहुत से ऐसी शिलाएं, शिलालेख, निर्मितियां, भित्ति चित्र, तैल चित्र आदि मिलें हैं जिनसे भारतीय सभ्यता के इतिहास को नए आयाम प्राप्त होते हैं। नर्मदा घाटी की खुदाई से मिले तथ्यों […] Read more » नर्मदा घाटी प्राचीनतम सभ्यता नर्मदा घाटी
लेख समाज प्रत्येक मनुष्य को देश व समाज को सुदृण करने का कार्य करना चाहिये January 31, 2020 / January 31, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हमारा जन्म भारत में हुआ। अनेक मनुष्यों का जन्म भारत से इतर अन्य देशों में हुआ है। सभी मनुष्यों का एक सामान्य कर्तव्य होता है और अधिकांश इसका पालन भी करते हैं कि जो जिस देश में उत्पन्न होते हैं वह उस देश की उन्नति व सम्पन्नता सहित उसकी रक्षा और […] Read more » देश व समाज\
मीडिया लेख इसका, उसका, किसका मीडिया January 31, 2020 / January 31, 2020 by संजय स्वदेश | Leave a Comment संजय स्वदेशबाबा साहब भीम राव अंबेडकर ने 31 जनवरी 1920 को मराठी पाक्षिक ‘मूकनायक’ का प्रकाशन प्रारंभ किया था. सौ साल पहले पत्रकारिता पर अंग्रेजी हुकूमत का दबाव था. दबाव से कई चीजे प्रभावित होती थी. सत्ता के खिलाफ बगावत के सूर शब्दों से भी फूटते थे. आजाद भारत में यह दबाव धीरे धीरे मार्केट ने […] Read more » बाबा साहब अंबेडकर
पुस्तक समीक्षा मध्यम वर्गीय जीवन का आइना है ‘सॉफ़्ट कार्नर’ January 30, 2020 / January 30, 2020 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment प्रभुनाथ शुक्ल साहित्यकार रामनगीना मौर्य का हालिया में प्रकाशित कहानी संग्रह ‘सॉफ़्ट कार्नर’ मध्यवर्ग जीवन का अनूंठा संग्रह है। संग्रह में सभी ग्यारह कहानियां उसकी आइना हैं , जो पाठक को अंत तक बांध रखती […] Read more » सॉफ़्ट कार्नर
कविता आया बसन्त January 29, 2020 / January 29, 2020 by शकुन्तला बहादुर | 1 Comment on आया बसन्त Read more » आया बसन्त
लेख देश हित के कार्यों से रहित कोरा आध्यात्मिक जीवन उचित नहीं January 29, 2020 / January 29, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य इस जड़-चेतन संसार में जन्म लेता व मृत्यु को प्राप्त होता है। उसे यह पता नहीं होता कि उसका जन्म क्यों हुआ व उसे क्या करना है? उसे यह भी पता नहीं होता कि जन्म से पूर्व वह था या नहीं और यदि था तो वह कहां था? मरने पर […] Read more » कोरा आध्यात्मिक जीवन उचित नहीं
लेख शेरू का पुनर्जन्म ….!! January 28, 2020 / January 28, 2020 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझाकुत्ते तब भी पाले जाते थे, लेकिन विदेशी नस्ल के नहीं। ज्यादातर कुत्तेआवारा ही होते थे, जिन्हें अब स्ट्रीट डॉग कहा जाता है। गली – मोहल्लोंमें इंसानों के बीच उनका गुजर – बसर हो जाता था। ऐसे कुत्तों के प्रतिकिसी प्रकार का विशेष लगाव या नफरत की भावना भी तब बिल्कुल नहीं थी।हां […] Read more » शेरू का पुनर्जन्म
पर्व - त्यौहार लेख ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा का पर्व ‘बसंत पंचमी’ January 28, 2020 / January 28, 2020 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment – योगेश कुमार गोयल माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी ‘बसंत पंचमी’ के रूप में देशभर में धूमधाम से मनाई जाती रही है क्योंकि माना जाता है कि यह दिन बसंत ऋतु के आगमन का सूचक है और इसी दिन से बसंत ऋतु का आगमन होता है। मान्यता है कि इस दिन शरद […] Read more » क्या हैं बसंत पंचमी का महत्त्व बसंत पंचमी