कविता साहित्य उनके प्यार की धुप आने लगी है May 22, 2019 / May 22, 2019 by आर के रस्तोगी | 1 Comment on उनके प्यार की धुप आने लगी है आर के रस्तोगी उनके प्यार की धूप आने लगी है सुबह से ही मुझको गर्माने लगी है देखता हूँ वे पिघलती है न पिघलती पर मेरे दिल की बर्फ पिघलने लगी है उनकी जुल्फे अब लहराने लगी है छत पर चढ़ कर सुखाने लगी है देखता हूँ वे क्या कह रही है शायद वे मुझको […] Read more » love for life love started to come poem poetry on love
कविता आखिर वो मेरी पत्नी है May 22, 2019 / May 22, 2019 by अजय एहसास | Leave a Comment वो विरह वेदना सहती है, फिर भी न वो कुछ कहती है चाहें दिल में हो दर्द भरा, पर सदा प्रेम में बहती है वो सहनशील भी कितनी है,आखिर वो मेरी पत्नी है। जब भी बीमार मैं हो जाता, दादी के नुस्खे बतलाये दो और दो चार नही जोड़े, परिवार जोड़ना सिखलाये वो पढ़ी लिखी […] Read more » poem poetry poetry on wife
कविता साहित्य इधर-उधर की मिट्टी May 22, 2019 / May 22, 2019 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment विनोद सिल्ला ऐ! हवा ये मिट्टी जो तुम साथ लाई हो ये यहाँ की प्रतीत नहीं होती तुम चाहती हो मिलाना उधर की मिट्टी इधर की मिट्टी में और इधर की मिट्टी उधर की मिट्टी में तभी तो लाती हो ले जाती हो सीमा पार मिट्टी लेकिन कुछ ताकतें हैं इधर भी उधर भी जो […] Read more » poem poetry poetry on soil
व्यंग्य इ वी एम पर कुंडली May 22, 2019 / May 22, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment हार हो जाये ,तब इवीएम में है दोष जीत जाये तो वह बिल्कुल है निर्दोष बिल्कुल है निर्दोष किस पर ठीकरा फोड़े मिला नहीं कोई तो इ वी एम पर ही फोड़े कह रस्तोगी कविराय,लाओ फूलो का हार हार गये तो क्या,तुम पहनाओ हार का हार आर के रस्तोगी Read more » EVM on EVM opposition poetry SATTIRE
कविता साहित्य नवगीत-हिटलर दिनमान May 22, 2019 / May 22, 2019 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment क्या गर्मी पड़ती जेठ में वैशाख में! लू हैं लपटें हैं मचा हाहाकार है! इन दिनों धूप की सख्ती बरकार है! चिन्गारी है दबी बुझी हुई राख में! गीष्म ॠतु में दिनमान हिटलर हो जाता! तानाशाह के आगे कुछ न चल पाता! पूंजीपति लोकतंत्र दाब लिए काँख में! अविनाश ब्यौहार रायल एस्टेट कटंगी रोड, जबलपुर। […] Read more » hitler dynasty literature form newsong poem poetry
लेख मेरा गाँव May 22, 2019 / May 22, 2019 by रामकिशोर पंवार | Leave a Comment रामकिशोर दयाराम पंवार रोंढावाला किसी बैरी की नज़र लग गई मेरे गांव को खंजरी की थाप पर झूमने वाले गांव में खंजर निकलने लगे कहते है कि भारत गांवो में बसता है, अग्रेंजो ने भारत को गांव का देश कहा है। भारत के गांवो को करीब से जानने वाले अग्रेंजी लेखक एवं जाने माने साहित्यकार […] Read more » importance of villages indiann villages my village
कहानी साहित्य एक सच्ची घटना May 21, 2019 / May 21, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment आर के रस्तोगी पिछले दिनों हमारे मेरठ शहर में एक प्रसिद्ध ज्योतिषी व विद्वान जो देहरादून के रहने वाले है का आगवन हुआ जिनकी भविष्यवाणी काफी सही निकलती थी | माना जाता है की उनकी वाणी में माँ सरस्वती विराजमान है जिसके कारण उनके पास भीड़ लगी रहती थी और काफी ख्याति हो गयी |उन्हें […] Read more » a true story Story true incident
राजनीति लेख राष्ट्रधर्मिता का पालक May 21, 2019 / May 21, 2019 by विनोद कुमार सर्वोदय | Leave a Comment विनोद कुमार सर्वोदय अभिनेता से नेता बने कमल हासन सम्भवतः लिखे हुए ही वाक्य बोलने की कलाकारी के कारण “गोडसे को पहला हिन्दू आतंकवादी बोलने को विवश हुए होंगे”। स्व.बंकिमचन्द्र चटर्जी के कथनानुसार “इतिहास से हमें ज्ञात होता है कि पराधीनता के परिणाम में पराधीन जाति की बौद्धिक रचनाशीलता समाप्त हो जाती है।” यह तथ्य […] Read more » Nationalism saviour of nationalism
कविता राजनीति चुनाव परिणाम आने के बाद का द्रश्य May 21, 2019 / May 21, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment आर के रस्तोगी मोदी की सरकार,तीन सौ के पार , सुना है यह जब से गठ्बब्धन ने , मचा है उन सब मे हाहाकार , कौन बनेगा अब प्रधान मंत्री , अब कोई नहीं बोल रहा है , लगता है विपक्षी नेताओ का , सिहांसन अब डोल रहा है || पूजा पाठ भी बन्द हो […] Read more » after elections result poem poem on politics poetry poetry on politics political poem
लेख साहित्य हिन्दी मेरी संगिनी May 21, 2019 / May 21, 2019 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment डा. मीरा सिंह हिन्दी भाषी प्रदेश में जन्म होने के कारण हिन्दी जन्म से ही मेरी संगिनी रही है । जब मैंने जन्म लिया, संसार में आते ही मैंने रोना शुरू कर दिया | मेरे रोने की आवाज को रोकने के लिए मेरे स्वजनों का जो पहला प्यार भरा शब्द सबसे पहले मेरे कानों में […] Read more » hindi hindi is companion Hindi Language importance of hindi love for hindi my language my best friend
व्यंग्य साहित्य मतदाता की आवाज May 20, 2019 / May 20, 2019 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment आर के रस्तोगी मै भारत का मतदाता हूँ,हर बार ही धोखा खाता हूँ | जब जब चुनाव आते है,उस समय ही पूजा जाता हूँ || नेताओ का कोई धर्म नहीं,ये झूठे वादे ही करते रहते है | पांच साल चुनाव के बाद ,अपनी शक्ल दिखाने आते है || अखंड भारत की जो बाते करते,ये ही […] Read more » voters voters voice voting चुनाव
कविता बिछुड़न May 20, 2019 / May 20, 2019 by अजय एहसास | Leave a Comment अजय एहसास पास आ करके हमें दूर न होना आया, दूर हो करके तुमसे बस हमें रोना आया । तुम्हारी याद में पलकें हैं बन्द होके खुली, इन आँखों में नहीं नींद न सोना आया, दूर हो करके तुमसे बस हमें रोना आया । न जाने कौन सी घड़ी थी शक किया तुमनें, अपना कहने […] Read more » Love poem poetry sad poem separation split sweet poem