लेख सरकार डाटा लीकेज को न रोककर अभिव्यक्ति के पीछे पड़ी है? December 24, 2011 / December 24, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | Leave a Comment इक़बाल हिंदुस्तानी टेलिफोन कम्पनियां खुलकर उड़ा रही हैं निजता की ध्ज्जियां! सरकार सोशल नेटवर्किंग साइटों पर सेन्सरशिप लगाने की अपनी क़वायद से पीछे हटने का तैयार नहीं है। अब उसके दूरसंचार मंत्री खुलेआम इसके लिये कार्यवाही न कर गूगल को इसके लिये अपने कार्यालय में बुलाकर मजबूर कर रहे हैं। सरकार ने आर्कुट और यू […] Read more » banning social networking data leakage to other companies अभिव्यक्ति के पीछे डाटा लीकेज
साहित्य कहो कौन्तेय-८३ December 24, 2011 / December 24, 2011 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment विपिन किशोर सिन्हा (अश्वत्थामा द्वारा द्रौपदी-पुत्रों की हत्या) गदायुद्ध में नियमतः कटि के नीचे किसी भी प्रकार का प्रहार वर्जित था। बलराम के अनुसार भीम ने नियम भंग किया था। दुर्योधन उनका सर्वप्रिय शिष्य था। उसके पतन ने बलराम का विवेक हर लिया। अपना हल लेकर चिल्लाते हुए भीम की ओर दौड़े – “कटि के […] Read more » episodes of mahabharta Kaho Kauntey अश्वत्थामा द्वारा द्रौपदी-पुत्रों की हत्या कहो कौन्तेय
लेख मीडिया में भ्रष्टाचार उसके मिशन से धंधा बन जाने की वजह से! December 23, 2011 / December 23, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | Leave a Comment इक़बाल हिंदुस्तानी जहां पॉवर होगी उसका दुरूपयोग भी होना तय है? लिब्रल, प्राइवेट और ग्लोबल यानी एलपीजी की नीतियों के दौर में मीडिया आज मिशन से पूरी तरह उद्योग यानी धंधा वह भी गंदा बन चुका है। इसमें पाठक और दर्शक उपभोक्ता माने जाते हैं। किसी कानून और नियम को हम अभिव्यक्ति की आज़ादी के […] Read more » corruption in fhe media obscenity in the media मीडिया में भ्रष्टाचार
लेख फतवों में घुटता मुस्लिम समाज December 23, 2011 / December 23, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | 5 Comments on फतवों में घुटता मुस्लिम समाज शादाब जफर शादाब आज हिन्दुस्तान की हर सियासी पार्टी मुसलमान के आरक्षण, तालीम,उन के रहन सहन, उन के जिंदगी जीने के गिरते स्तर पर चिंतित दिखाई दे रह है। पर मेरा मानना और सोचने के साथ ही देश की तमाम सियासी पार्टियो से ये भी कहना है कि अरे भाई मुस्लिमो को कोई आरक्षण वारक्षण […] Read more » fatwa and muslim फतवो में घुटता मुस्लिम समाज
महत्वपूर्ण लेख लेख सभी धर्मों में एक ही बात नहीं / शंकर शरण December 23, 2011 / June 6, 2012 by शंकर शरण | 32 Comments on सभी धर्मों में एक ही बात नहीं / शंकर शरण शंकर शरण एक प्रवासी हिन्दू भारतीय की बिटिया ने किसी मुस्लिम से विवाह का निश्चय किया तो वह बड़े दुःखी हुए। उन्होंने समझाने का प्रयास किया कि यह उस के लिए, परिवार के लिए और अपने समाज के लिए भी अच्छा न होगा। तब बिटिया ने कहा, ‘मगर पापा, आप ही ने तो सिखाया था […] Read more » all religion all religion are not equal सभी धर्मों में एक ही बात नहीं
व्यंग्य महाअनादरणीयः माननीय December 23, 2011 / December 23, 2011 by पंडित सुरेश नीरव | Leave a Comment पंडित सुरेश नीरव सिर्फ आदमी का ही मुकद्दर नहीं होता। आदमी की मुकद्दर की इबारत लिखनेलाले लफ्जों का भी मुकद्दर होता है। कल तक जो शब्द हमारी जिंदगी के अभयारण्य में शेर की तरकह दहाड़ा करते थे आज वक्त के म्यूजियम में मसाला भरे शेरों की तरह वह खड़े और पड़े हुए हैं। बड़े-तो-बड़े जिन्हें […] Read more » Satire suresh neerav महाअनादरणीय माननीय
लेख परिवार की अदावत के मारे बाल ठाकरे December 23, 2011 / December 23, 2011 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 1 Comment on परिवार की अदावत के मारे बाल ठाकरे भारत में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति या परिवार हो जो तथा उनकी राजनीति से परिचित न हो| ठाकरे परिवार की राजनीति हमेशा ही कट्टर हिंदुत्व पर आधारित रही है| समय के साथ इसमें मराठी मानुष के हितों से जुडी राजनीति भी हावी होती गई| दशकों से मराठी मानुष की राजनीति में रंग चुके बाल […] Read more » muslim marriage in Thakerey family thakerey and hinduism परिवार की अदावत के मारे बाल ठाकरे
लेख क्रांतिकारी श्रद्धांजलि…स्व. अदम गोंडवी December 21, 2011 / December 21, 2011 by श्रीराम तिवारी | 5 Comments on क्रांतिकारी श्रद्धांजलि…स्व. अदम गोंडवी श्रीराम तिवारी जनकवि रामनाथसिंग ’अदम गौँडवी’ को क्रांतिकारी श्रद्धांजलि….स्व. अदम गोंडवी यह एक क्रमिक एवं स्वाभाविक युति है कि जिन कवियों की मातृभाषा हिंदी या कोई अन्य आंचलिक भाषा होती है,और यदि वे जनवाद या क्रांति जैसे विचारों से प्रेरित है तो वे प्रगतिशीलता के तत्वों को उर्दू शब्दों के सहारे ही थामने में सफल […] Read more » Adam Gondvi क्रांतिकारी श्रद्धांजलि स्व. अदम गोंडवी
लेख आम आदमी की शायराना आवाज़ थे अदम गौंडवी December 21, 2011 / December 21, 2011 by पंडित सुरेश नीरव | 2 Comments on आम आदमी की शायराना आवाज़ थे अदम गौंडवी पंडित सुरेश नीरव मटमैली-सी धोती और खादी के कुर्ते में एक औसत भारतीय की तरह ठेठ देहाती शख्सियत के कवि को मैंने बिजनौर कविसम्मेलन के मंच पर बैठे देखा तो अपने पास ही बैठे कवि डॉक्टर कुंअरबेचैन से इशारों-ही इशारों में जाना चाहा कि ये कौन सज्जन हैं तो उन्होंने कान में धीरे से फुसफुसाया-अदमगौंडवी। […] Read more » aadivasi shayar Adam Gondvi अदम गौंडवी शायराना आवाज़
लेख 121 करोड़ की सरकार मक्कार भ्रष्टाचार की दावेदार ? December 21, 2011 / December 21, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 1 Comment on 121 करोड़ की सरकार मक्कार भ्रष्टाचार की दावेदार ? इक़बाल हिंदुस्तानी एक बार वोट लेकर पांच साल लूट का लाइसेंस मिल जाता है! प्रवक्ता पर निर्मल रानी ने एक लेख में पूछा है कि जब निर्वाचित प्रतिनिधि संसद में मौजूद हैं तो फिर जनता की तरफ से किसी और को दावेदारी करने का हक़ किसने दिया है? हम उनसे पूछना चाहते हैं कि अगर […] Read more » 121 करोड़ की सरकार corrupt government मक्कार भ्रष्टाचार की दावेदार
लेख गीता और बुर्के पर वबाल क्यों December 21, 2011 / December 21, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | 2 Comments on गीता और बुर्के पर वबाल क्यों शादाब जफर ‘शादाब रूस के शहर तोमस्क मैं कुछ कट्टरपंथी ईसाईयो द्वारा भारत मैं हिंदू भाईयो द्वारा अकीदत से देखे और पढे जाने वाले पवित्र ग्रंथ भगवद्गीता पर पाबंदी लगाने की मांग इस पवित्र ग्रंथ को घर मैं कलह फैलाने वाला बता कर जहां इक नया विवाद छेड़ दिया है। आखिर क्यो इन विदेशियो द्वारा […] Read more » ban on burka ban on Gita गीता और बुर्के पर वबाल क्यो
लेख भाषाई मिलावट के दौर में हिंदी का भविष्य December 20, 2011 / December 20, 2011 by अखिलेश आर्येन्दु | 6 Comments on भाषाई मिलावट के दौर में हिंदी का भविष्य अखिलेश आर्येन्दु देश की राजभाषा हिंदी के भविष्य को लेकर यूं तो सालों से चर्चाओं का दौर चलता रहा है लेकिन जब से हिंदी में मिलावट कर उसे हिंग्रेजी या हिंगलिश बनाने का दौर शुरू हुआ है तब से हिंदी के भविष्य पर बहुत ही गम्भीर सवाल उठाए जाने लगे हैं। सवाल उठाया जाना वाजिब […] Read more » future of hindi भाषाई मिलावट हिंदी का भविष्य