साहित्य कहो कौन्तेय-७९ December 17, 2011 / December 16, 2011 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment विपिन किशोर सिन्हा अपने ज्येष्ठ भ्राता के वध को अन्य भाई सह नहीं सके। उन्माद के अतिरेक में निषंगी, कवची, पाशी, दण्डधर, धनुर्धर, अलोलुप, सह, वातवेग और सुवर्चा – ये दस धृतराष्ट्र नन्दन एक साथ भीम पर टूट पड़े। क्रोध में भरे हुए भीम उस दिन साक्षात काल के समान प्रतीत हो रहे थे। उन्होंने […] Read more » episodes of mahabharta Kaho Kauntey कहो कौन्तेय
लेख वैलडन अन्ना! लोहे को लोहा ही काटेगा अब December 17, 2011 / December 16, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 1 Comment on वैलडन अन्ना! लोहे को लोहा ही काटेगा अब इक़बाल हिंदुस्तानी संसद को सर्वोच्च बताने वालों को पता नहीं जनता सबसे उूपर है? जनलोकपाल बिल पर अन्ना की मांगे ना ना करते करते एक के बाद एक मानकर कांग्रेस की हालत उस आदमी जैसी होती जा रही है जिस पर एक किस्सा याद आ रहा है। एक आदमी ने कोई गल्ती करदी। उस को […] Read more » Anna Congress अन्ना लोहे को लोहा ही काटेगा
लेख संसद की भावना से खिलवाड़ December 16, 2011 by प्रमोद भार्गव | 3 Comments on संसद की भावना से खिलवाड़ प्रमोद भार्गव अभिषेक मनु सिंघवी की अध्यक्षता वाली संसद की स्थायी समिति ने एक साथ दो गलतियां कीं हैं। एक संसद के दोनों सदनों की भावना को नकारा। दूसरे, समिति के ही बहुमत को नजरअंदाज कर लोकपाल का प्रारुप संसद को सौंप दिया। इस उपेक्षा के नतीजतन देश में शायद यह ऐसा पहला अवसर निर्मित […] Read more » Parliament संसद की भावना से खिलवाड़
आलोचना एक ठुमके के चार करोड़, गरीब को चार पैसे नही December 16, 2011 / December 16, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | 4 Comments on एक ठुमके के चार करोड़, गरीब को चार पैसे नही \” शादाब जफर शादाब देश में हर तरफ न्यू ईयर कैसे सेलिब्रेट किया जाए इस सब की प्लानिंग की जा रही है। न्यू इयर में पैसे की बारिश हो जाये और आने वाले साल में पूरे साल पैसा बरसता रहे देश के कुछ तिकडमबाज आज इस गुणा भाग में लगे है। इस सब के लिये […] Read more » new year celebration एक ठुमके के चार करोड़ गरीब को चार पैसे नही
व्यंग्य खुशवंत जी ने पता लगाया सरदारों पर क्यों बनते हैं चुटकुले? December 16, 2011 / December 16, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 1 Comment on खुशवंत जी ने पता लगाया सरदारों पर क्यों बनते हैं चुटकुले? इक़बाल हिंदुस्तानी मनमोहन सिंह को लेकर उनकी राय से पक्षपात सामने आया! सबसे पहले यह स्पश्ट करदूं कि मैं इस बात के व्यक्तिगत रूप से खिलाफ हूं कि चुटकुले सरदारों या किसी भी वर्ग या जाति पर बनाये जायें। मैं यह भी उतना ही गलत मानता हूं कि किसी की अच्छाई या बुराई हम उसके […] Read more » jokes on Manmohan Singh jokes on sikhs writer Khuswant Singh खुशवंत जी सरदारों पर क्यों बनते हैं चुटकुले
साहित्य कहो कौन्तेय-७८ December 16, 2011 / December 16, 2011 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment विपिन किशोर सिन्हा दुशासन का वध मेरे मन में न जाने क्यों आज कुछ शंकाएं घर करती जा रही थीं। आज ही सूर्यास्त के पूर्व कर्ण-वध की प्रतिज्ञा कर ली थी, लेकिन उसको नहीं मार पाया तो? इस महासमर में मैंने जयद्रथ, भगदत्त, सुशर्मा समेत असंख्य महारथियों का वध किया था लेकिन कर्ण उन सबसे […] Read more » epusodes of mahabharata Kaho Kauntey दुशासन का वध
गजल गजल:मौसम कभी मुक़द्दर को मनाने में लगे हैं December 15, 2011 / December 15, 2011 by सत्येन्द्र गुप्ता | 1 Comment on गजल:मौसम कभी मुक़द्दर को मनाने में लगे हैं मौसम कभी मुक़द्दर को मनाने में लगे हैं मुद्दत से हम खुद को बचाने में लगे हैं। कुँए का पानी रास आया नहीं जिनको वो गाँव छोड़ के शहर जाने में लगे हैं। हमें दोस्ती निभाते सदियाँ गुज़र गई वो दोस्ती के दुखड़े सुनाने में लगे हैं। बात का खुलासा होता भी तो कैसे सब […] Read more » gazal Satyendra Gupta गजल सत्येंद्र गुप्ता
लेख पत्तों को मत झाड़िए, जड़ को उखाड़िये December 14, 2011 / December 14, 2011 by डॉ0 आशीष वशिष्ठ | 1 Comment on पत्तों को मत झाड़िए, जड़ को उखाड़िये प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया को आचार संहिता के फंदे में फंसा चुकी सरकार अब सोशल नेटवर्किंग साइटस पर लगाम लगाने की कवायद में जुट गई है। सरकार ये प्रचार कर रही है कि इन सोशल नेटवर्किंग साइटस पर धार्मिक संप्रदायों और महापुरूषों का अपमान होता है। ऊपरी तौर पर सरकार की पहल साफ-सुथरी और नेक […] Read more » social networking sites Sonia Gandhi कपिल सिब्बल यूपीए - 2 सोशल नेटवर्किंग साइटस
साहित्य कहो कौन्तेय-७७ December 14, 2011 / December 14, 2011 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment विपिन किशोर सिन्हा अहिंसक मत्यु दंड और अहिंसक आत्मघात इधर भीमसेन अत्यन्त प्रचण्ड वेग से कौरव सेना को रौंदते हुए आगे बढ़ रहे थे। उनके प्रचण्ड वेग को सह सकने में कोई भी धृतराष्ट्र पुत्र समर्थ नहीं था। वे ऊंचे स्वर में दुर्योधन को पुकार रहे थे। अचानक संदेशवाहक ने कर्ण के हाथों युधिष्ठिर के […] Read more » episodes of mahabharta Kaho Kauntey अहिंसक मत्यु दंड और अहिंसक आत्मघात कहो कौन्तेय
व्यंग्य हास्य-व्यंग्य/आज मौसम बड़ा बेईमान है December 14, 2011 / December 14, 2011 by पंडित सुरेश नीरव | Leave a Comment पंडित सुरेश नीरव हमें गर्व है कि हमारे देश की सरकारी घोषणाएं और सरकारी मौसमविभाग की गैरसरकारी भविष्यवाणियां आजतक कभी सही नहीं निकलीं। जिसने भी इनकी बातों को सीरियसली लिया वही अर्जेटली दुखी हुआ। कल एक माननीय सब्जीवाले को जब हमने बताया कि वित्तमंत्री ने संसद में बयान दिया है कि महंगाई पिछले वित्तवर्ष के […] Read more » भ्रष्टाचार महंगाई
महिला-जगत लेख आखिर कब रुकेंगी औरतों पर होती यातनाएं ? – भाग दो December 14, 2011 / December 14, 2011 by अन्नपूर्णा मित्तल | 8 Comments on आखिर कब रुकेंगी औरतों पर होती यातनाएं ? – भाग दो मैंने “आखिर कब रुकेंगी औरतों पर होती यातनाएं ?” लेख लिखा। इस लेख को लोगों ने जिस प्रकार गंभीरतापूर्वक लिया उसके लिए सबका धन्यवाद। इस लेख पर लोगो की हर प्रकार की प्रतिक्रियाएँ आए और खासतौर पर शादाफ जाफ़र जी की, उसके बाद मुझे आखिर कब रुकेंगी औरतों पर होती यातनाएं ? – भाग दो, […] Read more » torture on woman Woman woman suffering औरत यातनाएं
साहित्य कहो कौन्तेय-७६ December 14, 2011 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment विपिन किशोर सिन्हा कर्ण-युधिष्ठिर युद्ध महासंग्राम का सत्रहवां दिन। मुस्कुरता हुआ सूर्य आज भी उदित हुआ। अभी तक एक दिन भी धुंध या मेघों ने सूर्य और कुरुक्षेत्र के बीच आने का साहस नहीं किया था। अपनी सेनाओं का उत्साह बढ़ाने के बाद श्रीकृष्ण के साथ मैंने कौरव सेना पर दृष्टि डाली। उत्साह से भरा […] Read more » episodes of mahabharta Kaho Kauntey कर्ण-युधिष्ठिर युद्ध कहो कौन्तेय