व्यंग्य जानकारी की आशा और सरकारी भाषा November 24, 2011 / November 28, 2011 by रामकुमार विद्यार्थी | Leave a Comment राम कुमार विद्यार्थी अजी सरकार तो सरकार ही है उसका जनता को जानकारी देना और लेना एक ही हाँथ से होता है ,अब देखो जरा कि मध्यप्रदेश की सरकार इनदिनों जनता को क्या कुछ नहीं दे रही है उसके हाँथ में लोक सेवा की गारंटी से लेकर वेबसाइट पर आनलाइन जारी जानकारियों की पूरी वारंटी […] Read more » जानकारी की आशा सरकारी भाषा
लेख काटजू को न कोसो, जांच बिठा लो! November 24, 2011 / November 28, 2011 by जगमोहन फुटेला | 1 Comment on काटजू को न कोसो, जांच बिठा लो! जगमोहन फुटेला दुनिया को गलत, सही का फर्क समझाने वालो ज़रा खुद के भीतर झांको और देखो कि पत्रकारिता कितनी गंदली हुई पड़ी है. पत्रकारिता में भी भ्रष्ट आचार की गंगा ऊपर से बह रही है. बात सिर्फ यहीं तक होती तो कोई बात थी. मीडिया इस देश में नकारात्मक से ले कर विध्वंसात्मक की […] Read more » Enquiry on Justice Katju justice katju
लेख बच पायेगा हिमालय का ग्लेशियर ? November 24, 2011 / November 28, 2011 by अशोक गौतम | 1 Comment on बच पायेगा हिमालय का ग्लेशियर ? अशोक बजाज ग्लेशियर बचाने भारत ,भूटान, नेपाल और बांग्लादेश का संयुक्त मोर्चा वैज्ञानिक रूप से यह बात अब प्रमाणित हो चुकी है कि पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम चक्र में आश्चर्यजनक ढंग से आये परिवर्तन के कारण हिमालय का बर्फ तेजी से पिघल रहा है. इन क्षेत्रों में बरसात की प्रकृति बदल गई है और हिमालय के […] Read more » Himalayas Glacier बच पायेगा हिमालय का ग्लेशियर हिमालय का ग्लेशियर
लेख विदेशों से केवल तकनीक ही नहीं, इंसाफ करना भी सीखें November 23, 2011 / November 28, 2011 by एडवोकेट मनीराम शर्मा | 2 Comments on विदेशों से केवल तकनीक ही नहीं, इंसाफ करना भी सीखें एडवोकेट मनीराम शर्मा भारत में विदेशी वस्तुओं और तकनीक को अपनाने वालों की अच्छी खासी तादाद है| विदेशी सामग्री को अपनाने के प्रति हर आम-ओ-खास में शर्म नहीं, बल्कि गर्व का सोच है| इस प्रकार से आजादी के समय में विदेशी कपड़ों की होली जलाने का भाव अब भारत में ध्वस्त हो चुका है| अब […] Read more » इंसाफ तकनीक विदेशों
लेख अमानवीय निवेष से सरकार को करनी होगी तौबा ! November 23, 2011 / November 28, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | Leave a Comment इक़बाल हिंदुस्तानी हायर एंड फायर की पॉलिसी से मज़दूर बन जायेंगे फिर गुलाम? यह अजीब बात है कि हम जिसके बारे में पूर्वाग्रह से जो राय बना लेते हैं, तमाम तथ्य और तर्क उसके खिलाफ जाने के बावजूद अपनी राय लंबे समय तक बदलने को तैयार नहीं होते। मिसाल के तौर पर पहले बंगाल से […] Read more » अमानवीय निवेष
लेख जूट उत्पादक किसानों की त्रासदी November 21, 2011 / November 28, 2011 by हरे राम मिश्र | Leave a Comment हरे राम मिश्र पिछले दिनों असम में जूट उत्पादक किसानों और पुलिस के बीच हुए खूनी संघर्ष में कम से कम पांच किसानों की मृत्यु हो गयी और कम से कम पन्द्रह किसान गंभीर रूप से घायल हो गये। करीब पांच सौ किसानों नें गुवाहाटी से करीब 80 किलोमीटर दूर दरांग जिले में बेसिमारी के […] Read more » जूट उत्पादक किसानों की त्रासदी
लेख डॉ लोहिया के विचारों और समाजवाद की अलख जगाये धरती पुत्र मुलायम सिंह यादव November 21, 2011 / November 28, 2011 by अरविन्द विद्रोही | 4 Comments on डॉ लोहिया के विचारों और समाजवाद की अलख जगाये धरती पुत्र मुलायम सिंह यादव अरविन्द विद्रोही उत्तर प्रदेश के जनपद इटावा के सैफई गाँव में माता श्रीमती मूर्तिदेवी के कोख से जन्मे मुलायम सिंह यादव के जन्म २२नवम्बर,१९३९ के समय उनके जन्मदाता पिता श्री सुघर सिंह यादव ने भी तनिक कल्पना नहीं की होगी कि उनकी संतान के रूप में जन्मा यह अबोध बालक करोडो-करोड़ गरीबो-मज़लूमो-पीडितो-वंचितों-आम जनों का दुःख […] Read more » डॉ लोहिया के विचारो और समाजवाद की अलख धरती पुत्र मुलायम सिंह यादव
व्यंग्य धन्य हुआ प्रभु! November 21, 2011 / November 28, 2011 by अशोक गौतम | 1 Comment on धन्य हुआ प्रभु! अशोक गौतम वे मेरे खास हैं या मैं उनका खास हूं ये तो मेरे राम को भी नहीं पता पर पर मेरा उनके साथ और उनका मेरे साथ चोली दामन का रिश्ता है। कभी वे चोली हो जाते हैं तो मैं दामन,तो कभी वे दामन हो जाते हैं तो मैं चोली। उनके बिना मेरा तनिक […] Read more » धन्य हुआ प्रभु!
लेख ,काटजू साहब मीडिया लक्षण है रोग तो व्यवस्था है! November 21, 2011 / November 28, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 4 Comments on ,काटजू साहब मीडिया लक्षण है रोग तो व्यवस्था है! इक़बाल हिंदुस्तानी सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस मार्कंडे काटजू बेशक एक ईमानदार और काबिल जज रहे हैं। उनकी फैसला लिखते समय की जानी वाली टिप्पणियां काफी चर्चित हुआ करती थीं। अब वे अपने पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं लिहाज़ा उनको फैसला लिखने और तरह तरह की टिप्पणियां लिखकर पूरे देश का ध्यान अपनी तरफ […] Read more » Justice Markandey Katju काटजू साहब रिटायर्ड जस्टिस मार्कंडे काटजू
लेख विश्व पूंजीवाद के स्वर्णिम दिन लदने को हैं November 21, 2011 / November 28, 2011 by श्रीराम तिवारी | 4 Comments on विश्व पूंजीवाद के स्वर्णिम दिन लदने को हैं श्रीराम तिवारी एक ध्रुवीय गतिज उर्जा के नकारात्मक परिणाम उसके सृजनहार द्वारा छुपाये नहीं छुप रहे हैं.सोवियत समाजवादी व्यवस्था की जड़ों में मठ्ठा डालने वालों को अब दुनिया भर में अपनी फजीहत कराने में भी शर्म नहीं आ रही है.पेंटागन आधारित और बहुराष्ट्रीय एकाधिकारवादी कम्पनियों द्वारा निर्धारित वैश्वीकरण की पूंजीवादी आर्थिक नीतियों के दुष्परिणाम अब […] Read more » Golden Days of Capitalism विश्व पूंजीवाद
व्यंग्य दूर संचार …………….के लम्बे के तार,सुख राम पहुंचे राजा के पास …तिहार. November 21, 2011 / November 28, 2011 by एल. आर गान्धी | Leave a Comment एल. आर. गाँधी. इसे इत्तेफाक ही कहेंगे कि १५ साल बाद ‘दो बिल्लिया’ एक साथ ‘थैले ‘ से बाहर आई हैं. १९९६ में एक ने क्रिकेट में देश को शर्मसार किया तो दूसरे ने राजनीति में लूट का नया मील पत्थर स्थापित किया . खेल के मैदान पर जब सारा देश शर्मसार हो रहा था […] Read more » Telecommunication and Sukhram तिहार. दूर संचार राजा सुख राम
लेख क्या वास्तव में ईरान पर मंडरा रहा है सैन्य कार्रवाई का ख़तरा ? November 21, 2011 / November 28, 2011 by तनवीर जाफरी | 1 Comment on क्या वास्तव में ईरान पर मंडरा रहा है सैन्य कार्रवाई का ख़तरा ? तनवीर जाफरी एक ओर दुनिया के कई देश जहां परमाणु तकनीक पर आधारित उर्जा संयंत्रों को बढ़ावा देकर सस्ती एवं पर्याप्त बिजली के उत्पादन की दिशा में काम कर रहे हैं, वहीं ईरान द्वारा चलाया जा रहा परमाणु कार्यक्रम गत् एक दशक से अमेरिका, इज़राईल तथा इनके सहयोगी देशों के लिए चिंता का विषय बना […] Read more » Iran Millitary actions in Iran सैन्य कार्रवाई का ख़तरा