व्यंग्य धनतेरस और धनवर्षा November 17, 2011 / November 28, 2011 by विजय कुमार | Leave a Comment विजय कुमार कुछ लोग कहते हैं कि नाम में क्या रखा है; पर सच यह है कि नाम में बहुत कुछ रखा है। विश्वास न हो तो शर्मा जी से पूछ कर देखें। उनका पूरा नाम मक्खन लाल शर्मा है; पर वे यह बताना पंसद नहीं करते। इसकी भी एक कहानी है। बात उस समय […] Read more » Dhanteras Dhanvarsha Diwali धनतेरस
कहानी आखिर समस्या कहाँ हैं ? November 16, 2011 / November 28, 2011 by राजीव गुप्ता | 2 Comments on आखिर समस्या कहाँ हैं ? राजीव गुप्ता आज ऑफिस जाना कैंसिल….कितनी अच्छी बारिश हो रही है ….है न गीत ? नारायण ने अपनी पत्नी कम दोस्त ज्यादा , अर्धांग्नी गीत से बरामदे में लगे झूले पर झूलते हुए चाय की चुस्की के साथ पूछा ( सभी पात्र और नाम काल्पनिक हैं ) ! सही कह रहे हो….चलो आज मै भी छुट्टी मार लेती हूँ …. पता नहीं क्यों आज […] Read more » Where is the Problem? समस्या कहाँ हैं
साहित्य कहो कौन्तेय-६२ November 16, 2011 / November 28, 2011 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment विपिन किशोर सिन्हा (महासमर का पहला और दूसरा दिन) महासमर के लिए श्रेष्ठ जनों की आज्ञा और उनका आशीर्वाद ले, हमलोग अपनी सेना के मध्य लौट आए। अब और कोई औपचारिकता शेष नहीं बची थी। दोनों पक्षों की ओर से आकाश का हृदय विदीर्ण करने वाले शंखनाद हुए, रणभेरियां बजीं। युद्ध का महायज्ञ प्रदीप्त हो […] Read more » Kaho Kauntey कहो कौन्तेय
आलोचना आर्थिक संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर मिले आरक्षण November 16, 2011 / November 28, 2011 by सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” | Leave a Comment सिद्धार्थ मिश्र स्वतंत्र अभी कुछ दिनों पूर्व योजना आयोग की रिर्पोट ने हंगामा खडा कर दिया है। लोग सोचने पर विवश हैं क्या …„ रूपए पर्याप्त हैं,व्यकित की रोजमर्रा के खानपान और जरूरतों के लिए । इस अल्प राशि में क्या खाएं क्या न खाएं,सोचकर लोगों का दिमाग भन्ना गया है। पत्रकारों और अन्य विशेषज्ञों […] Read more » Reservation
व्यंग्य लंगोटी का अर्थशास्त्र November 15, 2011 / November 28, 2011 by पंडित सुरेश नीरव | Leave a Comment पंडित सुरेश नीरव जिसमें कुछ हुनर होता है उसको कामयाबी शर्तिया मिलती है। चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं। और जो पैदाइशी फिसड्डी होते हैं उन्हें कितनी भी कबड्डी खिलाई जाए वे फिसड्डी होतो हैं तो फिसड्डी ही होते हैं। भैयाजी पैदाइशी हुनरमंद हैं। होशियारी के मल्टीचैनल मॉडल।होनहार बिरवान के होत चीकने पात। इस फार्मूले के […] Read more » लंगोटी का अर्थशास्त्र
साहित्य कहो कौन्तेय-६१ November 15, 2011 / December 3, 2011 by विपिन किशोर सिन्हा | 2 Comments on कहो कौन्तेय-६१ विपिन किशोर सिन्हा (श्रीकृष्ण का गीतोपदेश एवं अर्जुन का मोह-भंग) मैं पारिवारिक स्नेह के मिथ्या शोक से अभिभूत था। श्रीकृष्ण ने पल के शतांश में ही मेरा भाव ताड़ लिया। अब वे हंस रहे थे। अपने मधुर स्वरों पर स्नेह का अतिरिक्त लेप लगा बोलने लगे – “हे पार्थ! तुम पाण्डित्यपूर्ण वचन तो कह रहे […] Read more » Kaho Kauntey कहो कौन्तेय
लेख अपनी बुद्धिमत्ता का लोहा मनवाती ”बिहारी” प्रतिभाएं November 15, 2011 / November 28, 2011 by निर्मल रानी | 4 Comments on अपनी बुद्धिमत्ता का लोहा मनवाती ”बिहारी” प्रतिभाएं निर्मल रानी भारत में जब कभी बुद्धिमत्ता का जि़क्र होता है उस समय चाणक्य का नाम देश के सबसे बुद्धिमान व्यक्ति के रूप में लिया जाता है। बिहार की ही पृष्ठभूमि के चाणक्य की नीतियां आज भी न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व के लिए प्रासंगिक समझी जाती हैं। इसी प्रकार शिक्षा के सर्वोच्च […] Read more » Intelligence of Bihari Intellect अपनी बुद्धिमत्ता का लोहा मनवाती ''बिहारी'' प्रतिभाएं
आलोचना सरकार के निशाने पर एक बार फ़िर गरीब November 15, 2011 / November 28, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on सरकार के निशाने पर एक बार फ़िर गरीब आलोक कुमार’ बिहार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार के निर्भर पर रहने वाले गरीब आवासीय भूमिहीन सावधान हो जाएं। अब सरकार आपको सिर्फ 250 वर्गफ़ीट से लेकर 625 वर्ग फ़ीट जमीन ही देगी। उसी में आपको घर बनाकर रहना हैं। क्या आप 250 वर्गफ़ीट से लेकर 625 वर्ग फ़ीट जमीन में बने घर में रह […] Read more » downtrodden in therow सरकार के निशाने पर एक बार फ़िर गरीब
लेख सोनिया गांधी बेचैन क्यों है? November 15, 2011 / November 28, 2011 by वीरेंदर परिहार | 2 Comments on सोनिया गांधी बेचैन क्यों है? वीरेन्द्र सिंह परिहार यू.पी.ए. अध्यक्षा सोनिया गाधी का एक लिखित भाषण उत्तराखण्ड में एक रेल्वे लाइन के उदघाटन में रक्षा मंत्री ए.के. एन्टोनी द्वारा पढ़ा गया। जिसमें टीम अन्ना पर हमला करते हुए कहा गया कि भाषणबाजी से करप्शन के खिलाफ नही लड़ा जा सकता। इसमें कोर्इ शक नही कि करप्शन एक बड़ी बीमारी है […] Read more » सोनिया गाधी बेचैन क्यो है?
साहित्य कहो कौन्तेय-६० November 15, 2011 / December 3, 2011 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment विपिन किशोर सिन्हा (युद्ध के पूर्व अर्जुन का विषाद) पितामह के श्वेत दाढ़ी-मूंछों से मैं अक्सर खेला करता था। मुझे आभास भी नहीं होता था कि उन्हें खींचने से दादाजी को दर्द भी होता होगा। वे भी तो कभी बताते नहीं थे। उनका श्वेत उत्तरीय ले मैं भाग जाता और वे जानबूझकर मेरे पीछे-पीछे धीरे-धीरे […] Read more » Kaho Kauntey कहो कौन्तेय
लेख सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र मे हिमाचल सरकार ने प्रशंसनीय कार्य किए November 13, 2011 / December 3, 2011 by अन्नपूर्णा मित्तल | 1 Comment on सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र मे हिमाचल सरकार ने प्रशंसनीय कार्य किए हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक विकास को काफी प्रोत्साहित किया गया है। हिमाचल प्रदेश में व्यवसायियों को प्रदूषण रहित वातावरण, विद्युत की अत्यधिक उपलब्धता और तीव्रता से विकसित हो रही मूल संरचना, शांत वातावरण, प्रतिक्रियात्मक और पारदर्शी प्रशासन इत्यादि कुछ अन्य अतिरिक्त लाभ प्राप्त होते हैं। साथ ही हिमाचल प्रदेश की स्थिति यहां पर सूचना प्रौद्योगिकी […] Read more » Information Techonology in Himachal Pradesh मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र मे हिमाचल सरकार ने प्रशंसनीय कार्य किए
साहित्य कहो कौन्तेय-५९ November 12, 2011 / December 3, 2011 by विपिन किशोर सिन्हा | 1 Comment on कहो कौन्तेय-५९ विपिन किशोर सिन्हा (महासमर की तैयारी) हमारे संधि-प्रस्ताव दुर्योधन के अहंकार और धृतराष्ट्र के अनिर्णय की भेंट चढ़ चुके थे। हृदय पर पत्थर रखकर हमने मात्र पांच ग्रामों के बदले हस्तिनापुर को शान्ति देने का प्रस्ताव रखा था। दुर्योधन ने वह भी ठुकरा दिया। धृतराष्ट्र असहाय थे, पितामह मौन। सत्य और न्याय के लिए हस्तिनापुर […] Read more » Kaho Kauntey कहो कौन्तेय