व्यंग्य महंगाई ‘डायन’ है कि सरकार September 28, 2011 / December 6, 2011 by राजकुमार साहू | 1 Comment on महंगाई ‘डायन’ है कि सरकार राजकुमार साहू महंगाई पर हम बेकार की तोहमत लगाते रहते हैं। अभी जब बाजार में सामग्रियां सातवें आसमान में महंगाई की मार के कारण उछलने लगी, उसके बाद महंगाई एक बार फिर हमें ‘डायन’ लगने लगी। इस बार तंग आकर महंगाई ने भी अपनी भृकुटी तान दी और कहा कि उसने कौन सी गलती कर […] Read more » Inflation डायन महंगाई सरकार
लेख भारत माता के देश में लाचार है जननी September 28, 2011 / December 6, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे दुनिया के चौधरी अमेरिका की मशहूर पत्रिका न्यूजवीक ने एक सर्वे कराया है जिसमें भारत गणराज्य में महिलाओं की दयनीय स्थिति का वर्णन मिलता है। भारत को सौ में से महज 41.9 अंक ही मिल पाए हैं। जिस देश का पहला नागरिक महिला हो, जिस देश में लोकसभाध्यक्ष महिला हो, जिस देश के […] Read more » indian mother भारत माता लाचार है जननी
गजल गजलें September 28, 2011 / December 6, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | Leave a Comment आदमी के खून का ही आदमी प्यासा मिला गॉव से पहुंचा बाहर तो हर तरफ धोखा मिला सेठ के बच्चे खिला कर घर जो पहुंची राम दीन अपना बच्चा सुबह से भूखा उसे रोता मिला दे दिया नारा चलो स्कूल इस सरकार ने टाट, शिक्षक, श्याम पट स्कूल मे कुछ ना मिला […] Read more » ghazals गजले
आलोचना सरकार गरीबी नहीं गरीबों को हटाना चाहती है! September 28, 2011 / December 6, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | Leave a Comment इक़बाल हिंदुस्तानी पूंजीवादी नीतियों पर चलकर तो यही होना स्वाभाविक है! अगर कोई आदमी बीमार हो और उसे यही पता नहीं लगे कि उसको क्या रोग है तो वह अपना इलाज कैसे करा सकता है? ऐसा ही आलम हमारी सरकार का है। वह आज तक यही तय नहीं कर पा रही है कि गरीब किसे […] Read more » poverty गरीबी गरीबों
व्यंग्य ‘मौनमोहन’ से मिन्नतें September 28, 2011 / December 6, 2011 by राजकुमार साहू | 1 Comment on ‘मौनमोहन’ से मिन्नतें राजकुमार साहू हे ‘मौनमोहन’, आपको सादर नमस्कार। आप इतने निरा मन से क्यों अपना राजनीतिक चक्र घुमा रहे हैं। जिस ताजगी के साथ आपने देश में नई बुलंदी को छू लिया और लोगों के दिल में भी समा गए, आखिर अब ऐसा क्या हो गया, जो आप एकदम से थकेथके से नजर आ रहे हैं। […] Read more » Manmohan Singh
पुस्तक समीक्षा राष्ट्र-ऋषि नानाजी September 28, 2011 / December 6, 2011 by डॉ. मनोज चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मनोज चतुर्वेदी नानाजी देशमुख का नाम याद आते ही मेरे अंदर उस दिव्य पुरूष का चित्र उपस्थित हो जाता है जब काशी विद्यापीठ में अध्ययन के दौरान ही देश और समाज के प्रति पीड़ा ने मुझे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का स्वयंसेवक बनने हेतु प्रेरित किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रति झुकाव को देखकर मेरे […] Read more » Nanaji Deshmukh नानाजी देशमुख
लेख संयुक्त राष्ट्र में भी मनमोहन सिंह विकास के मायाजाल से नहीं निकल सके September 28, 2011 / December 6, 2011 by सतीश सिंह | Leave a Comment सतीश सिंह आजकल मनमोहन सिंह विकास और गरीबी उन्मूलन के प्रति प्रतिबद्ध हैं। विगत सप्ताह ही योजना आयोग ने शहरों में प्रति दिन 32 रुपये और गाँवों में प्रति दिन 26 रुपये कमाने वालों को गरीबी से निजात दिलाया है। इसके बरक्स में योजना आयोग ने सर्वोच्च न्यायलय में दाखिल अपने हलफनामें में साफ तौर […] Read more » मनमोहन सिंह विकास के मायाजाल संयुक्त राष्ट्र
लेख भ्रष्टाचार देश की बड़ी समस्या September 28, 2011 / December 6, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 5 Comments on भ्रष्टाचार देश की बड़ी समस्या सुनील कुमार बंसल आज देश के सामने कई प्रकार की समस्यायें हैं जिनके साथ हम रोजाना जूझ भी रहे हैं व उनके साथ जी भी रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ी समस्या कौन सी है इसको लेकर समाज में अलग-अलग प्रकार के लोगों के अलग-अलग मत हो सकते हैं। अनुभव ऐसा है कि जो जिस समय […] Read more » Corruption भ्रष्टाचार देश की बड़ी समस्या
गजल बह रही इस मुल्क में कैसी बयार देखिए…. September 28, 2011 / December 6, 2011 by हिमकर श्याम | Leave a Comment हिमकर श्याम कल के रहजन बन गये शहरयार, देखिए वैशाखियों पे चल रही ये सरकार, देखिए तारीकियाँ, मायूसियाँ, तबाहियाँ और बलाएँ बह रही इस मुल्क में कैसी बयार देखिए दुकान सजाये बैठे हैं सदाक़तो ईमान बेचने रिश्वतों पे चल रहा सारा कारोबार, देखिए किस मुक़ाम पे जा पहुँची तर्जे सियासत यहाँ हुकूमतों […] Read more »
महत्वपूर्ण लेख लेख राहुल गाँधी के बयान September 28, 2011 / December 6, 2011 by शंकर शरण | 2 Comments on राहुल गाँधी के बयान शंकर शरण अब विदेशियों को भी राहुल गाँधी से निराशा हो रही है। अमेरिकी कांग्रेस (संसद) की शोध संस्था ने अपनी नई रिपोर्ट में कहा है कि राहुल गाँधी बोलने में प्रायः गड़बड़ा जाते हैं। 94 पृष्ठों की यह रिपोर्ट भारत की स्थिति पर है, और इस में अगले लोक सभा चुनाव के बारे में […] Read more » Rahul Gandhi राहुल गाँधी के बयान
आलोचना मैं स्वर्ग से भगत सिंह बोल रहा हूं !!! September 27, 2011 / December 6, 2011 by रामदास सोनी | 1 Comment on मैं स्वर्ग से भगत सिंह बोल रहा हूं !!! शहीदे आजम भगत सिंह जयंती पर विशेष रामदास सोनी प्यारे भारतवासियों! मैंने तथा मेरे साथी चन्द्रशेखर, बिस्मिल और न जाने कितने अज्ञात शहीदों ने अपनी कुर्बानी देकर प्रिय भारत को परतंत्रता की बेड़ियों से मुक्त करवाया था। हमने हमारा बलिदान इस आशा के साथ किया था कि हमारा देश भारत आजादी पाकर और फलेगा- […] Read more » Bhagat Singh भगत सिंह
कविता सागर छोटा पड़ जाएगा September 27, 2011 / December 6, 2011 by मनोज श्रीवास्तव 'मौन' | 2 Comments on सागर छोटा पड़ जाएगा आज उजाला मत ढूंढो, कल उजाला खुद ही आयेगा। दीप जले दीवाली हो तो, होली रंग लगायेगा। सावन की फुहारें मत ढूंढो, मधुमास स्वतः छा जायेगा। बस पतझड़ को जाने तो दो, मलोज ‘‘मौन’’ होली रंग लगायेगा। दूर गगन पर रंग है बिखरे, नदियों में परछाइयां हैं। दूर खड़े रखोगे खुद को […] Read more » saagar सागर छोटा पड़ जाएगा