लेख हम किस आजादी की बात करते हैं? July 27, 2011 / December 8, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on हम किस आजादी की बात करते हैं? बरुण कुमार सिंह आजादी के 65 साल बाद भी मुल्क का जनमानस अपने ही द्वारा चुने गये राजनेताओं की काली करतूतों से शमिरंदा है। सब जानते हैं कि तमाम बड़े नेता ऐसे हैं, जो भ्रष्टाचार के आरोप में जेल जा चुके हैं। कोई मुख्यमंत्रा हैं, तो कोई केन्द्रीय सरकार के कैबिनेट का सम्मानित सदस्य रह […] Read more » independence राजनेताओं की काली करतूतों
गजल हाथों में रची मेहँदी और झूले पड़े हैं July 27, 2011 / December 8, 2011 by सत्येन्द्र गुप्ता | Leave a Comment हाथों में रची मेहँदी और झूले पड़े हैं पिया क्यों शहर में मुझे भूले पड़े हैं। आजाओ जल्दी से अब रहा नहीं जाता कि अमिया की ड़ाल पर झूले पड़े हैं। सावन का महीना है मौका तीज का पहने आज हाथों में मैंने नए कड़े हैं। समां क्या होगा जब आकर कहोगे गोरी अब तो […] Read more » Mehandi हाथों में रची मेहँदी
लेख भारत-रत्न दिलवाने की जिद July 27, 2011 / December 8, 2011 by विनोद उपाध्याय | 3 Comments on भारत-रत्न दिलवाने की जिद विनोद उपाध्याय 2 जनवरी 1954 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने जब कला, साहित्य, विज्ञान और सार्वजनिक सेवा में उल्लेखनीय योगदान करने वालों को भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने के लिए भारत रत्न की स्थापना की थी तब यह सोचा भी नहीं होगा की भविष्य में यह विवाद का केंद्र बनेगा। भारत […] Read more » Atal Bihari Vajpayee अटल बिहारी वाजपेयी भारत-रत्न \ सचिन तेंदुलकर
साहित्य बीसवीं सदी में भारत के इतिहास के 6 काले पन्ने (भाग 5) July 27, 2011 / December 8, 2011 by रामदास सोनी | 5 Comments on बीसवीं सदी में भारत के इतिहास के 6 काले पन्ने (भाग 5) रामदास सोनी चौथा काला पन्ना भारतवासियों ने 1950 में संविधान की शपथ लेकर जन के तंत्र को स्वीकार किया। हमने कहा कि देश की संचालक आम जनता रहेगी। वह जनप्रतिनिधि चुनेगी और उनसे देश की सरकार चलवायेगी। अगर चलाने वालों ने अयोग्यता या भ्रष्ट आचरण का प्रदर्शन किया तो उन्हे बदल देगी। पूरें देश के […] Read more » History of India भारत के इतिहास
साहित्य कहो कौन्तेय-३ July 27, 2011 / December 8, 2011 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment विपिन किशोर सिन्हा पिछला भाग पढ़ने के लिए क्लिक करें। मैंने आँखें बंद कर ली। सर्वप्रथम महर्षि दुर्वासा को प्रणाम किया, पश्चात प्रभात बेला में उगते हुए सूर्य की ओर दृष्टि उठाई और द्रूतगति से मंत्रों का उच्चारण प्रारंभ कर दिया। मन की संज्ञा धीरे-धीरे लुप्त होती चली गई और जब आँख खुली तो देखा, […] Read more » Maharshi Durvasa महर्षि दुर्वासा
व्यंग्य हास्य-व्यंग्य/ मदर भैंसलो पब्लिक स्कूल July 27, 2011 / December 8, 2011 by पंडित सुरेश नीरव | 1 Comment on हास्य-व्यंग्य/ मदर भैंसलो पब्लिक स्कूल पंडित सुरेश नीरव शिक्षा और भैंस का संबंध पुराणकाल से ही फसल और खाद तथा सूप और सलाद की तरह घनिष्ठ रहा है। ये बात और है कि हमारा अपना व्यक्तिगत संबंध शिक्षा के साथ वैसा ही है जैसा कि भट्टा-पारसौल के किसानों का संबंध बिल्डरों के साथ। अगर ज़मीन किसान की जायदाद है तो […] Read more » vyangya व्यंग्य
व्यंग्य व्यंग्य : नेता जी का डी.एन.ए July 27, 2011 / July 27, 2011 by विजय कुमार | Leave a Comment विजय कुमार कम उम्र में ही घरेलू झंझटों में उलझ जाने के कारण मैं अधिक पढ़ नहीं सका, इसलिए मैं डी.एन.ए का अर्थ दीनानाथ अग्रवाल या दयानंद ‘अलबेला’ ही समझता था; पर पिछले दिनों अखबार में पढ़ा कि वैज्ञानिकों ने आलू के डी.एन.ए की खोज कर ली है। मुझे बहुत गुस्सा आया। क्या जरूरत थी […] Read more »
साहित्य कहो कौन्तेय-२ July 26, 2011 / December 8, 2011 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment विपिन किशोर सिन्हा पूर्व भाग पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें नारी का अर्थ है – सृजन शक्ति का जागृत केन्द्र. परन्तु यह सृजन अगर विवाह-पूर्व हो जाए तो? सृजन बन जाता है पाप का प्रतिफल और नारी बन जाती है घृणा का स्थाई पात्र. तब समाज स्त्रित्व को नहीं मानता. मानता है सतीत्व को. […] Read more » Kaho Kauntey कहो कौन्तेय
लेख खाकी में खोखली और बीमार U.P पुलिस July 26, 2011 / December 8, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | Leave a Comment शादाब जफर “शादाब’’ दरोगा बनने की ललक में मेरठ हादसे के अगले ही दिन 24 और अभ्यर्थी सिपाही दौड में बीमार होने के बाद आजमग में भी दौड पूरी न कर सके और अस्पताल पहुच गये। इन में से एक सिपाही तो निराशा के कारण अस्पताल की छत से जान देने के उद्देश्य से कूद […] Read more » U.P. पुलिस खाकी खोखली और बीमार
कहानी कहानी/ डॉ. (मिस) मारग्रेट July 26, 2011 / December 8, 2011 by आर. सिंह | Leave a Comment आर. सिंह इस कहानी के तीन मुख्य पात्र हैं.डा.(मिस) मारग्रेट,श्रीमती शीला सिंह और गौतम सिंह.श्रीमती शीला सिंह गौतम सिंह की पत्नी नहीं थी.वह गौतम सिंह की साली थी,यानि उनके पत्नी की छोटी बहन.शीला सिंह का विवाह जनार्दन सिंह के साथ हुआ था,जो मेडिकल कालेज का अंतिम वर्ष का छात्र था.गौतम सिंह उसी शहर में रहता […] Read more »
व्यंग्य पुस्तक लोकार्पण संस्कार July 25, 2011 / December 8, 2011 by पंडित सुरेश नीरव | Leave a Comment पंडित सुरेश नीरव किताब से जिसका इतना-सा भी संबंध हो जितना कि एक बच्चे का चूसनी से तो वह समझदार व्यक्ति पुस्तक लोकार्पण के कार्यक्रम से जरूर ही परिचित होगा। भले ही वह इस कार्यक्रम की बारीकियां न जानता हो। यह कार्यक्रम लेखक क्यों करता है और कैसे –कैसे करता है इसकी केमिस्ट्री का उसे […] Read more » Book - release function पुस्तक लोकार्पण संस्कार पुस्तक-लोकार्पण समारोह
साहित्य बीसवीं सदी में भारत के इतिहास के 6 काले पन्ने (भाग 4) July 25, 2011 / December 8, 2011 by रामदास सोनी | 2 Comments on बीसवीं सदी में भारत के इतिहास के 6 काले पन्ने (भाग 4) रामदास सोनी तीसरा काला पन्ना भारत की सेना अजेय है। समय आने पर इसके सैनिक अधिकारी सैन्य विशेषज्ञों के गणित को नकारते हुए विजयश्री का वरण करते है। कारगिल की लड़ाई में जब दुनिया कह रही थी कि यह कई महीनों की लड़ाई है, बत भारतीय सेना ने कुछ ही दिनों में पाकिस्तानियों का हर […] Read more » History of India भारत के इतिहास के 6 काले पन्ने