राजनीति विधि-कानून दायित्व से भटके सांसद August 9, 2017 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव देश के जिन सांसदों पर कानून बनाने से लेकर देश और युवाओं को नई दिशा देने की जिम्मेबारी है, वही दायित्व से भटके नजर आ रहे हैं। हाल ही में भारतीय जनता पार्टी की संसदीय दल की बैठक में सदन में कई सांसद अनुपस्थित रहा। लोकतंत्र के लिए यह अच्छी बात नहीं है। […] Read more » absence of sansads in parliament Featured parliamentarians absence सांसद
विधि-कानून विविधा राष्ट्रगीत के सम्मान में न्यायालय का निर्णय July 29, 2017 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | 1 Comment on राष्ट्रगीत के सम्मान में न्यायालय का निर्णय – लोकेन्द्र सिंह भारतीय संविधान में ‘वंदेमातरम्’ को राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ के समकक्ष राष्ट्रगीत का सम्मान प्राप्त है। 24 जनवरी, 1950 को संविधान सभा ने ‘वन्देमातरम्’ गीत को देश का राष्ट्रगीत घोषित करने का निर्णय लिया था। यह अलग बात है कि यह निर्णय आसानी से नहीं हुआ था। संविधान सभा में जब बहुमत की इच्छा की अनदेखी कर वंदेमातरम् को राष्ट्रगान के दर्जे से दरकिनार […] Read more » Featured न्यायमूर्ति एमवी मुरलीधरन मद्रास उच्च न्यायालय राष्ट्रगीत वंदेमातरम्
विधि-कानून विविधा भारतीय पुलिस संस्कृति में भ्रष्टाचार की जड़ें July 19, 2017 / July 19, 2017 by एडवोकेट मनीराम शर्मा | 1 Comment on भारतीय पुलिस संस्कृति में भ्रष्टाचार की जड़ें भारतीय पुलिस में भ्रष्टाचार सर्वविदित और सुज्ञात है| जो इस विभाग में ईमानदार दिखाई देते हैं वे भी लगभग ईमानदारी का नाटक ही कर रहे हैं और वे महाभ्रष्ट नहीं होने से ईमानदार दिखाई देते हैं| भ्रष्ट भी दो तरह के होते हैं – एक वे जो माँगते नहीं अपितु दान दक्षिणा स्वीकार करते है […] Read more » corrupt Indian police Featured भारतीय पुलिस भारतीय पुलिस में भ्रष्टाचार
विधि-कानून विविधा चुनाव आयोग की हकलाहट July 14, 2017 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | 1 Comment on चुनाव आयोग की हकलाहट अपना चुनाव आयोग बड़ी दुविधा में फंस गया है। वह सर्वोच्च न्यायालय को यह नहीं बता पा रहा है कि जिन नेताओं को आपराधिक मामलों में दो साल से ज्यादा की सजा हो जाती है, उन्हें सिर्फ छह साल तक चुनाव नहीं लड़ने दिया जाए या पूरे जीवन भर का प्रतिबंध उन पर लगा दिया […] Read more » Featured चुनाव आयोग
विधि-कानून विविधा क्या आज भी उतना ही प्रासंगिक है संविधान ? June 20, 2017 by अनुज हनुमत | Leave a Comment समूचा देश पिछले एक वर्ष से 25 नवंबर के दिन अपना संविधान दिवस मनाता है । इसकी शुरूआत 2015 से हुई क्योंकि ये वर्ष संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर के जन्म के 125वें साल के रूप में मनाया गया था। आज संविधान को अंगीकृत किये हुए देश को 66 वर्ष का समय हो गया है […] Read more » #संविधान दिवस Featured केरल के एक मठ के प्रमुख केशवानंद भारती केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य बाबा साहेब आंबेडकर
विधि-कानून विविधा कब मिलेगा न्याय June 12, 2017 by संचित पुरोहित | Leave a Comment संविधान की व्याख्या के अनुसार भारत सरकार के तीन प्रमुख अंगों मंे व्यवस्थापिका, कार्यपालिका तथा न्यायपालिका के अधीन विभिन्न मंत्रालय और विभाग कार्यरत हैं । चूॅंकि नैसर्गिक न्याय से बढकर कुछ नहीं, अतः न्यायपालिका की कार्यकारी और महती भूमिका का जनतंत्र पर प्रभावी होना बहुत जरूरी है । संविधान के अनुसार भले ही दस गुनाहगार […] Read more » tele law टेली-लाॅ न्याय व्यवस्था में गति और स्वच्छता राष्ट्रीय न्यायिक डाटा ग्रिड
विधि-कानून विविधा पूर्वाग्रही राजनीति की भेंट चढ़ता संविधान का अनुच्छेद 48 June 6, 2017 by अलकनंदा सिंह | Leave a Comment जानवर कई बार बिकते हैं। कई हाथों से गुजरते हैं। हर खरीदार उनसे बदसलूकी करता है। जानवरों को ठीक से खाना-पानी नहीं मिलता क्योंकि हर खरीदार को पता होता है कि इसे आखिर में कत्ल ही होना है। कई बार तो जानवरों को फिटकरी वाला पानी दिया जाता है, जिससे उनके गुर्दे फेल हो जाएं। इससे उनके शरीर में पानी जमा हो जाता है। इससे जानवर हट्टे-कट्टे दिखते हैं। इससे उनकी अच्छी कीमत मिलती है। उन्हें पैदल ही एक बाजार से दूसरे बाजार ले जाया जाता है। Read more » Featured अनुच्छेद 48 केंद्र सरकार जानवरों की तस्करी पशु बाजार पशु वध में बेदर्दी मवेशियों की खरीद-फरोख्त
विधि-कानून विविधा हिन्दू मामलों में माननीय सुप्रीम कोर्ट की रुचि अपेक्षाकृत ज्यादा May 30, 2017 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी वैसे तो न्यायपालिका लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तम्भ है। इसे पूरे देश की अखण्डता तथा समग्र देशवासी की भावना को देखते हुए ही कार्य करना चाहिए, परन्तु व्यवहार में अनेक अवसर आये हैं कि हिन्दू मामलों में जन भावना की अनदेखी की गई है। भारत के माननीय सुप्रीम कोर्ट एक स्वतंत्र संस्था […] Read more » गौ हत्यारों पर कार्यवाही जलीकट्टू दही हांडी पर कार्यवाही पर्दा बुर्का प्रथा शनि शिंगनापुर मंदिर में महिलाओं को प्रवेश
विधि-कानून विविधा बातचीत से सुलझ सकता है जाधव का मसला May 26, 2017 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment जाधव के मामले में पाकिस्तानी राजनीति में जूतम पैजार शुरु हो गई है लेकिन यह संतोष का विषय है कि भारत में पक्ष और विपक्ष एकजुट हैं। भारत सरकार, खासतौर से हमारी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज बधाई की पात्र हैं, जिन्होंने जाधव के मामले में इतनी दृढ़ता और कर्मण्यता दिखाई लेकिन अभी खुशी से फूलकर कुप्पा हो जाना ठीक नहीं है। पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखना जरुरी है। सभी दक्षेस देशों, इस्लामी राष्ट्रों और महाशक्तियों से फोन करवाए जाएं और संयुक्त राष्ट्र के नए महासचिव अंतानियो गुतरस भी मध्यस्थता करें तो बेहतर हो। Read more » जाधव
विधि-कानून विविधा अलविदा-तीन तलाक May 25, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड अब तीन तलाक की वर्तमान में जारी प्रक्रिया को सुधारने की दिशा में मौलवियों और काजियों को दिशा-निर्देश जारी करेगा। इन दिशा-निर्देशों को पूर्णत: लोकतांत्रिक और एक उदार सामाजिक व्यवस्था के अनुरूप बनाने व ढालने का प्रयास किया जाएगा। अब विवाद होने पर पति पत्नी पारस्परिक सहमति से हल निकालेंगे। यदि उनकी पारस्परिक सहमति से हल नहीं निकलता है तो कुछ समय के लिए वे अस्थायी रूप से अलग हो जाएंगे जिससे कि परिस्थितियों की उत्तेजना शांत हो सके और दोनों को एक दूसरे को समझते हुए अपनी गलती का अहसास करने का अवसर मिल सके। Read more » Featured triple talaq तीन तलाक मुस्लिम
विधि-कानून विविधा धर्मग्रंथ बड़ा है कि राष्ट्रग्रंथ ? May 13, 2017 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | 1 Comment on धर्मग्रंथ बड़ा है कि राष्ट्रग्रंथ ? तीन तलाक के बारे में हमारे सर्वोच्च न्यायालय ने अभी जो शुरुआती विचार रखा है, उसी पर देश के विचारकों को खुली बहस चलाने की जरुरत है। अदालत ने कहा है कि वह सिर्फ तीन तलाक के मुद्दे पर विचार करेगी और यह देखेगी कि कुरान में उसका समर्थन है क्या? यदि कुरान तीन तलाक […] Read more » तीन तलाक धर्मग्रंथ राष्ट्रग्रंथ
विधि-कानून विविधा न्यायपालिका में भ्रष्टाचार या अवहेलना न्यायालय की ?? May 12, 2017 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on न्यायपालिका में भ्रष्टाचार या अवहेलना न्यायालय की ?? ऐसा नहीं है कि न्यायपालिका के ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप पहली बार लगे हैं | इसके पहले भी कई जजों को स्टिंग ऑपरेशन में रंगे हाथों पकड़ा गया है | सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश तथा प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष रह चुके जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने कई बार सार्वजनिक रूप से न्यायपालिका में हो रहे भ्रष्टाचार पर चिंता जताई है | कितनी ही बार पूर्व न्यायाधीशों ने कोर्ट में हो रहे भ्रष्टाचार पर चिंता व्यक्त की है | न्यायपालिका में चल रहे भ्रष्टाचार पर जस्टिस काटजू ने भी कहा था कि “मेरा मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के ज्यादातर मुख्य न्यायाधीश न्यायपालिका के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने से परहेज करते रहे हैं, शायद इसलिए कि इससे न्यायपालिका की बदनामी होगी |” Read more » Featured कलकत्ता उच्च न्यायालय न्यायपालिका में भ्रष्टाचार न्यायाधीश चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्नन सर्वोच्च न्यायालय