विधि-कानून विविधा क्या न्यायपालिका सर्वशक्तिमान है? October 31, 2016 by वीरेंदर परिहार | Leave a Comment लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह कि पारदर्शिता के इस दौर में और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में पारदर्शिता की पक्षधर न्यायपालिका अपने लिए पारदर्शिता की पक्षधर नहीं है। वह रंच-मात्र भी जवाबदेह नहीं होना चाहती। वह सबके मामले में हस्तक्षेप कर सकती है, यहां तक कि कानून भी बना सकती है जो संसद का काम है, पर अपने मामले में वह कोई नियंत्रण स्वीकार करने को तैयार नहीं है। Read more » appointment of judges Featured इलाहाबाद हाईकोर्ट काॅलेजियम न्यायपालिका सुप्रीम कोर्ट
विधि-कानून समाज जजों की नियुक्ति एक भ्रमजाल …!! October 31, 2016 by एडवोकेट मनीराम शर्मा | Leave a Comment मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति किरुबकरन ने एक अवमान मामले की सुनवाई में कहा है कि देश की जनता पहले ही न्यायपालिका से कुण्ठित है अत: पीड़ित लोग में से मात्र 10% अर्थात अतिपीडित ही न्यायालय तक पहुंचते हैं| सुप्रीम कोर्ट के जानमाने वकील प्रशांत भूषण ने कहा है कि भारत में न्याय मात्र 1% ही होता है| समय समय पर लोक अदालतें लगाकर समझौतों के माध्यम से मामले निपटाकर वाही वाही लूटी जाती है जबकि समझौते न्यायपालिका की सफलता न होकर विफलता है क्योंकि समझौते कमजोर पक्ष के हित की बलि देने पर ही संपन्न होते हैं Read more » appointment of judges Featured जजों की नियुक्ति
विधि-कानून विविधा न्यायपालिका के खुद के लिए पैमाने September 9, 2016 by वीरेंदर परिहार | Leave a Comment वीरेन्द्र सिंह परिहार सर्वोच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस टी.एस. ठाकुर को इस बात को लेकर गंभीर शिकायत है कि प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से न्यायपालिका के संबंध में कुछ नहीं कहा। इसके पहले भी प्रधानमंत्री की मौजूदगी में एक समारोह में बोलते हुए वह निहायत ही भावुक अंदाज में जजों […] Read more » colegium system Featured न्यायपालिका
विधि-कानून समाज तीन तलाक पर मुस्लिम महिलाओं को क्या न्याय मिलेगा ? September 3, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी अवैधानिक और महिलाओं के अधिकार का उल्लंघन:-मुस्लिम समाज में पति-पत्नी के बीच संबन्ध विच्छेद करने वाली परंपरा ‘तलाक-तलाक-तलाक’ को लेकर भले ही सुप्रीम कोर्ट संवैधानिकता को लेकर अध्ययन कर रहा हो, लेकिन देश की करीब 92 फीसदी मुस्लिम महिलाएं इस मौखिक तलाक के खिलाफ है। केंद्र सरकार की धार्मिक समुदाय और सेक्स […] Read more » Featured ट्रिपल तलाक गैरकानूनी तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं को न्याय मौखिक तलाक के खिलाफ महिलाएं
विधि-कानून समाज आधी दुनिया की एक और सम्मानजनक जीत August 27, 2016 by ललित गर्ग | 1 Comment on आधी दुनिया की एक और सम्मानजनक जीत ललित गर्ग मुंबई की सुप्रसिद्ध हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश का रास्ता साफ कर हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, जिसके दूरगामी परिणाम होंगे। यह मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने की तरफ एक बड़ा कदम तो है ही, साथ-ही-साथ नारी के सांविधानिक अधिकारों का हनन को रोकने का भी एक सराहनीय कदम है। […] Read more » Featured धार्मिक भेदभाव मुंबई उच्च न्यायालय शनि शिंगणापुर में महिलाओं के प्रवेश हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश
विधि-कानून समाज आह! भारतीय मातृत्व सरेआम सरोगेट होने से बच गया….. August 25, 2016 by डॉ. शुभ्रता मिश्रा | Leave a Comment डॉ. शुभ्रता मिश्रा पिछले कुछ सालों से भारतीय समाज में सरोगेट मदर चर्चा का विषय रहा है। फिल्मी हस्तियों के सरोगेटी बच्चों ने इस विषय को अच्छा खासा कौतुहल का विषय बना दिया था। चाहे वह आमिर खान साहब हों, शाहरुख खान साहब हों, या फिर हाल ही में सरोगेसी की सहायता से एक बेटे […] Read more » Featured surrogacy Surrogacy regulation bill 2016 surrogate mother सरोगेसी रेगुलेशन बिल 2016
विधि-कानून विविधा कैसे हो जजों की कमी की पूर्ति ??? August 24, 2016 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव देश में जजों की कमी पर सर्वोच्च न्यायालय के प्रमुख न्यायाधीश टीएस ठाकुर पहले भी नाराजी जता चुके हैं। अब एक बार फिर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए भाषण को रेखांकित करते हुए कहा है कि डेढ़ घंटे के उद्बोधन में न्यायाधीशों की नियुक्ति का कहीं उल्लेख […] Read more » Featured जजों की कमी की पूर्ति
विधि-कानून विविधा यूजीसी के नए नियम, रैगिंग और अभिभावक August 14, 2016 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मयंक चतुर्वेदी रैगिंग शिक्षण संस्थानों में सीनियर छात्र-छात्राओं द्वारा जूनियर विद्यार्थियों को दिया जाने वाला वह जख्म है, जिसके होने के बाद कई बार इंसान अपने को इतना अपमानित महसूस करता है कि वह पढ़ाई छोडऩे से लेकर आत्महत्या करने जैसे आत्मघाती कदम तक उठा लेता है। नवागत विद्यार्थी के आत्म परिचय से आरंभ […] Read more » Anti Ragging Policies Featured parents ragging the new rule of UGC the new rule of ugc for ragging and parents अभिभावक यूजीसी के नए नियम रैगिंग
विधि-कानून विविधा समाज नस्ल-विज्ञान का साम्राज्यवादी औपनिवेशिक विधान July 17, 2016 by मनोज ज्वाला | Leave a Comment मनोज ज्वाला यूरोपीय औद्योगिक क्रांति की कोख से उत्त्पन्न औपनिवेशिक साम्राज्यवाद ने अपनी जडें जमाने के लिए एक से बढ कर एक ऐसे-ऐसे नायाब षड्यंत्रों का आविष्कार-प्रचार और इस्तेमाल किया कि उपनिवेशित देशों की कथित आजादी के बावजूद उसके वो षड्यंत्र आज भी दुनिया भर में जारी हैं । कम से कम एशियायी देशों, विशेष […] Read more » Featured औपनिवेशिक विधान नस्ल-विज्ञान साम्राज्यवादी औपनिवेशिक विधान
विधि-कानून समाज सभी के लिए समान कानून ? July 6, 2016 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on सभी के लिए समान कानून ? प्रमोद भार्गव देश में समान नागरिक संहिता को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है। इस बीच केंद्र सरकार ने एकाएक बड़ा कदम उठाते हुए विधि आयोग से इसे लागू करने को लेकर आ रही दिक्कतों की पड़ताल करने के लिए कहा है। आजादी के बाद यह पहला मौका है जब किसी सरकार ने […] Read more » Featured uniform civil code Uniform Civil Code in India सभी के लिए समान कानून
विधि-कानून विविधा डीजे पर बैन से संविधान प्राप्त धार्मिक स्वतंत्रता का हनन July 5, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी भारतीय संविधान सभी नागरिकों के लिए व्यिक्तिगत और सामूहिक रूप से कुछ बुनियादी अधिकार देता है। इन मौलिक अधिकारों की छह व्यासपक श्रेणियों के रूप में संविधान में गारंटी दी जाती है जो न्यातयोचित और न्यायालय में वाद योग्य हैं। संविधान के भाग 3 में सन्निहित अनुच्छे द 12 से 35 मौलिक […] Read more » ban on dj ban on dj voilates the right to freedom of religion Featured right to freedom of religion डीजे पर बैन धार्मिक स्वतंत्रता का हनन संविधान
विधि-कानून समाज भारत में आवश्यक है समान नागरिक कानून July 4, 2016 by सुरेश हिन्दुस्थानी | 2 Comments on भारत में आवश्यक है समान नागरिक कानून सुरेश हिंदुस्थानी प्राय: कहा जाता है कि कठोर कानूनों के माध्यम से ही देश के अंदर एकता का भाव निर्मित होता है। इसमें सबके लिए एक प्रकार का कानून हो तो इस दिशा में सकारात्मक प्रयास किए जा सकते हैं, लेकिन भारत देश में अंग्रेजों के समय से ही कानूनों को इस प्रकार से बनाया […] Read more » Featured uniform civil code Uniform Civil Code in India आवश्यक है समान नागरिक कानून भारत समान नागरिक कानून