विधि-कानून सर्वोच्च न्यायालय द्वारा केंद्रीय सरकार की आलोचना April 4, 2011 / December 14, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on सर्वोच्च न्यायालय द्वारा केंद्रीय सरकार की आलोचना धार्मिक सुधारों के कानून मात्र बहुसंख्यकों के लिए क्यों? हरिकृष्ण निगम हाल में सर्वोच्च न्यायालय ने जिस तरह से केंद्र को कानूनी प्रक्रिया को अल्पसंख्यकवाद के शिकंजे में फंसाने के लिए उत्तरदायी ठहराकर उसकी भर्त्सना की है वह किसी की भी आंखे खोलने वाला है। सर्वोच्च न्यायालय में दायर समय-समय पर अनेक मुकद्मों में […] Read more » High Court सर्वोच्च न्यायालय
राजनीति विधि-कानून इस हमाम में सब नंगे है…… March 26, 2011 / December 14, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | Leave a Comment संसद का शीतकालीन सत्र बर्बाद करने वाले टू जी स्पेक्ट्रम से लेकर सीवीसी थॉमस की नियिुक्त जैसे मामलो पर भी विपक्ष ने प्रधानमंत्री का इस्तीफा माँगने से परहेज किया। लेकिन “नोट के बदले वोट’’ का जिन्न विकिलीक्स के खुलासे के बाद एक बार फिर बोतल से बाहर आकर सरकार के सिर पर मंडराने लग गया […] Read more »
विधि-कानून नालायक औलादो सरकार का चाबुक जल्द March 25, 2011 / December 14, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | Leave a Comment वरिष्ट नागरिक भरण पोषण अधिनियम 2007 के तहत अब बहुत जल्द बेटा अथवा बेटी पर अपने माता पिता व दादा दादी के भरण पोषण की अनिवार्य रूप से जिम्मेदारी होगी। इसे अमल में लाकर उ0 प्र0 प्रदेश सरकार इस पर कार्यवाही के लिये प्रत्येक जिले में एक एक ट्रिब्युनल व अपीलिएट ट्रिब्युनल गठित किया जायेगा। […] Read more »
विधि-कानून सार्थक पहल बैंकों के दोहरे मापदंड March 17, 2011 / December 14, 2011 by सतीश सिंह | Leave a Comment भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने अपने ताजा बयान में बैंकिंग सेवाओं का लाइसेंस लेने के लिए इच्छुक औघोगिक घरानों को कहा है कि उन्हें कमजोर वर्गों तक बैंकिंग की हर सुविधा मुहैया करवाने के शर्त पर ही लाइसेंस मिल पाएगा। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि विदेशी बैंक भारत में अपना […] Read more » Banks बैंकों
विधि-कानून महिला उत्पीड़न : इंसाफ ! ढूंढते रह जाओगे – डा.गोपा बागची March 8, 2011 / December 15, 2011 by डा.गोपा बागची | 1 Comment on महिला उत्पीड़न : इंसाफ ! ढूंढते रह जाओगे – डा.गोपा बागची महिला दिवस के मौके पर हम महिलाओं के अधिकारों और जागरुकता के लंबे चौडे समारोह-भाषण करके अपनी गिनती कुछ खास लोगों में कर लेते हैं। आधी आबादी के सरोकारों पर चर्चाएं सभी को पसंद आती हैं। नये दौर में महिलाओं के पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ने की मिसालें रखने में हम […] Read more » Women's oppression महिला उत्पीड़न
विधि-कानून हत्यारे को मिली सजा…लेकिन उठे कई सवाल February 25, 2011 / December 15, 2011 by श्वेता सिंह | Leave a Comment श्वेता सिंह 26 नवंबर 2008 दहशतगर्ती की काली रात.. जिसने 166 लोगों को मौत की नींद सुला दी…इस काली रात के गुनहगार को निचली अदालत ने 9 महीने पहले फांसी की सजा सुनाई थी…जिसे मुंबई हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है…लेकिन अब भी इस दरिंदे कसाब के पास सुप्रीम कोर्ट जाने का रास्ता बचा है…कसाब सुप्रीम […] Read more » terrorism आतंकवाद
विधि-कानून छत्तीसगढ़ को लग रहा है पुलिसिया ग्रहण? February 10, 2011 / December 15, 2011 by गिरीश पंकज | 2 Comments on छत्तीसगढ़ को लग रहा है पुलिसिया ग्रहण? गिरीश पंकज देश के अनेक शहरों की तरह छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भी इन दिनों पुलिसिया ग्रहण-सा लग गया है. एक पुलिस अधिकारी कोहराम मचा कर जाता है और दूसरा आता है, तो वह भी कम गुल नहीं खिलाता. शहर कोई भी हो, पुलिस की दबंगई (गुंडई का कुछ सौम्य शब्द-रूप है दबंगई) की […] Read more » Chattishgarh छत्तीसगढ़
विधि-कानून ग्राहम स्टेन्स और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मायने January 26, 2011 / December 15, 2011 by आर.एल. फ्रांसिस | 3 Comments on ग्राहम स्टेन्स और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मायने आर.एल.फ्रांसिस जस्टिस नियोगी की रिर्पोट को हम नहीं मानते, धर्मांतरण विरोधी कानून हमारी धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला हैं। डीपी वाधवा आयोग की रिर्पोट झूठ बोलती है। कंधमाल में हुए साप्रदायिक दंगों के बाद बनाए गए जस्टिस एससी मोहपात्रा आयोग की रिर्पोट दक्षिणपंथी संगठनों के प्रभाव में बनाई गई लगती है इसलिए यह विचार करने योग्य […] Read more » Supreme Court ग्राहम स्टेन्स सुप्रीम कोर्ट
विधि-कानून मानवाधिकारवादी न्यायाधीश की तलाश में December 26, 2010 / December 18, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 6 Comments on मानवाधिकारवादी न्यायाधीश की तलाश में जगदीश्वर चतुर्वेदी मानवाधिकार कार्यकर्ता विनायक सेन सहित 3 लोगों को छत्तीसगढ़ के रायपुर सत्र न्यायाधीश ने आजन्म कैद की सजा सुनाई है। न्याय के द्वारा मानवाधिकारों के हनन के सवाल पर इस तरह के जनविरोधी फैसले की जितनी भी आलोचना की जाए कम है। विनायक सेन और 2 अन्य को देशद्रोह के नाम पर आजन्म […] Read more » Vinayak Sen न्यायाधीश विनायक सेन
विधि-कानून परीक्षण के दौर से गुजरती न्यायपालिका December 16, 2010 / December 18, 2011 by अनिल त्यागी | 6 Comments on परीक्षण के दौर से गुजरती न्यायपालिका अनिल त्यागी देश की अदालतें जो अभी तक अखबारी खबरों से दूर रहती थी आज कल मीडिया की सुर्खियों में है। माननीय न्यायधीश एक दूसरे पर लगभग आरोप लगाने के करीब है। मद्रास उच्च न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश के एक पत्र को लेकर सवाल उछाले जा रहे हैं। जस्टिस एच.एम. गोखले ने खुल कर […] Read more » Court न्यायाधीश न्यायालय
विधि-कानून सूचनाधिकार बदलेगा भारत की सूरत: आरएस टोलिया October 12, 2010 / December 21, 2011 by धीरेन्द्र प्रताप सिंह | 2 Comments on सूचनाधिकार बदलेगा भारत की सूरत: आरएस टोलिया भारत में सूचना क्रांति के साथ आये राइट टू इनफॉर्मेशन आरटीआई यानि सूचना अधिकार अधिनियम 2005 को लागू हुए आगामी 12 अक्टूबर 2010 को पूरे पांच साल हो जाएगें। इन पांच सालों में इस कानून ने क्या उपलब्धियां हासिल की, इसके सामने क्या समस्याएं आई और इसका भविष्य के भारत पर क्या प्रभाव पड़ेगा। इन्हीं […] Read more » Right to Information आरएस टोलिया सूचना का अधिकार
विधि-कानून अयोध्या मामलाः इतिहास रचने और बदलने का अवसर October 9, 2010 / December 21, 2011 by धीरेन्द्र प्रताप सिंह | Leave a Comment कई सौं बर्षो से देश में अमानत में खयानत बने अयोध्या विवाद पर 30 सितंबर को आए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के लखनउ बेंच के फैसले ने देश की प्रगति और समाज में एकता की पैरोकारी करने वालों लोगों को इतिहास रचने और बदलने का अवसर दिया है। शायद यही कारण है िक इस मामले के […] Read more » Dheerendra Pratap Singh अयोध्या मामला