राजनीति भारत बंद जैसे हालात कब तक? September 28, 2021 / September 28, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग केन्द्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान यूनियनों का भारत बंद एक बाद फिर आम जनता के लिये परेशानियों का सबब बना। हाइवे रोके गये, रेल की पटरियों पर प्रदर्शनकारियों ने रेल यातायात को अवरूद्ध किया। जनजीवन अस्तव्यस्त हुआ, परेशानियों के बीच आम आदमी का जीवन थमा ही नहीं, कड़वे अनुभवों […] Read more » situation like Bharat Bandh Till when the situation like Bharat Bandh भारत बंद जैसे हालात
राजनीति देश से पहले दलों में लोकतंत्र आये September 27, 2021 / September 27, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग भारत के लोकतंत्र की अजीब विडम्बना यह है कि लोकतंत्र में राजनीतिक दल तो हैं किंतु राजनीतिक दलों में लोकतंत्र नहीं है। आजादी का अमृत महोत्सव मनाते हुए हमें लोकतंत्र को परिपक्व बनाना है तो राजनीतिक दलों में लोकतंत्र को लाना होगा। निश्चित रूप से एक नया भारत बन रहा है- उदासीन एवं […] Read more » all political parties of India Democracy came before the country in the parties
राजनीति वाशिंगटन में मोदी की उपलब्धियाँ September 27, 2021 / September 27, 2021 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका-यात्रा के दौरान चार प्रमुख घटनाएँ हुई हैं। संयुक्तराष्ट्र महासभा में अभी उनका भाषण होना है। सबसे पहले उन्हें मेरी बधाई कि उन्होंने अपना भाषण हिंदी में दिए। वाशिंगटन में वे पहले अमेरिका की पाँच बड़ी तकनीकी कंपनियों के मुख्य कर्त्ता-धर्ताओं से मिले। चीन से मोहभंग होने के बाद भारत ही […] Read more » Modi's achievements in Washington वाशिंगटन में मोदी की उपलब्धियाँ
राजनीति साधु समाज और संपत्ति-विवाद September 27, 2021 / September 27, 2021 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on साधु समाज और संपत्ति-विवाद प्रमोद भार्गव अखाड़ा परिषद् के अध्यक्ष रहे महंत नरेंद्र गिरी का फांसी पर झूलना एक गंभीर सामाजिक विकृति और सांस्कृतिक विद्रूपता का संकेत है। धार्मिक स्थलों की बढ़ती संपत्ति, महिलाओं से संदिग्ध संबंध और भोग-विलास के उपकरण भी विवाद की जड़ में हैं। साधु-संतो ंके बीच अपने को ज्ञान के क्षेत्र में श्रेष्ठ बनाए […] Read more » Sadhu Samaj and property dispute साधु समाज और संपत्ति-विवाद
राजनीति राम तथाकथित दलित बहुजन समाज विरोधी नहीं थे September 27, 2021 / September 27, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | 1 Comment on राम तथाकथित दलित बहुजन समाज विरोधी नहीं थे —विनय कुमार विनायकइन दिनों दलितों की राजनीति करनेवाले राजनेता दलित वोटों की तलाश में राम का चरित्र हनन और रावण का महिमा मंडन की ओछी राजनीति कर रहे हैं। जिसके लिए उन्हें पेरियार के सच्चा रामायण से प्रेरणामिल रही है। हालांकि इसके लिए उन्होंने राम कथा सेसम्बन्धित विभिन्न साहित्यिक सामग्री को पढ़ना मुनासिब नहीं समझा। […] Read more » Ram so called Dalit Bahujan was not anti-social राम
राजनीति मोदी, शाह व हार्दिक की लोकप्रियता में सवाल गुजरात के नेतृत्व का है! September 27, 2021 / September 27, 2021 by राकेश दुबे | Leave a Comment -राकेश दुबे गुजरात और गुजरातियों की ताकत देखने का वक्त आने ही वाला है। न केवल गुजरात में रहने वालों की, बल्कि दुनिया भर के गुजरातियों की नजर अभी से अपने प्रदेश के अगले विधानसभा चुनाव पर है। जिसके बारे में माना जा रहा है कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह व हार्दिक पटेल की ताकत तोलने का […] Read more » In the popularity of Modi Shah and Hardik the question is about the leadership of Gujarat मोदी शाह व हार्दिक सवाल गुजरात के नेतृत्व का है
राजनीति भारत में भूख की समस्या, मोटा अनाज और मोदी सरकार September 24, 2021 / September 24, 2021 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment -डॉ. मयंक चतुर्वेदीकोरोना महामारी के दौर में दुनिया भर के कई गरीब देशों के लिए पेटभर भोजन एक चुनौती के रूप में सामने आया है। भारत की रिपोर्ट भी बहुत अच्छी नहीं है, बावजूद इसके कि आज भारत मोटे अनाज जैसे स्वस्थ खाद्य पदार्थों की उत्पादकता में अग्रणी पंक्ति में खड़ा है । सरकार कुपोषण […] Read more » coarse grains and Modi government The problem of hunger in India भारत में भूख की समस्या भूख की समस्या मोटा अनाज और मोदी सरकार
राजनीति शख्सियत दीनदयाल उपाध्याय – भारतीय पत्रकारिता के पुरोधा September 24, 2021 / September 24, 2021 by डॉ. पवन सिंह मलिक | Leave a Comment किसी ने सच ही कहा है कि कुछ लोग सिर्फ समाज बदलने के लिए जन्म लेते हैं और समाज का भला करते हुए ही खुशी से मौत को गले लगा लेते हैं। उन्हीं में से एक नाम है दीनदयाल उपाध्याय का। जिन्होंने अपनी पूरी जिन्दगी समाज के लोगों को ही समर्पित कर दी। पंडित दीनदयाल […] Read more » Deendayal Upadhyay Deendayal Upadhyay - The Pioneer of Indian Journalism दीनदयाल उपाध्याय
राजनीति मोदी की अमेरिका यात्रा पर कुतर्क गढ़ती सोशलमीडिया ? September 24, 2021 / September 24, 2021 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment प्रभुनाथ शुक्ल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका जैसे विशिष्ट गणराज्य के दौरे पर हैं। वैश्विक संदर्भ के वर्तमान परिपेक्ष में भारत के लिए यह यात्रा बेहद अहम है। मोदी की इस यात्रा की अहमियत तब और बढ़ जाती है […] Read more » Social media spoofing on Modi Social media spoofing on Modi's US visit मोदी की अमेरिका यात्रा
राजनीति शख्सियत भारतबोध के साथ वैश्विक कल्याण का पथ एकात्म दर्शन September 24, 2021 / September 24, 2021 by डॉ राघवेंद्र शर्मा | Leave a Comment -25 सितंबर दीनदयाल उपाध्याय जयंती विशेष-डॉ. राघवेंद्र शर्माधरती के हर मनुष्य के साथ ठीक वैसा व्यवहार हो, जैसा हम दूसरों से अपने लिए चाहते हैं। परिवार, समाज,देश और यहां तक कि विश्व के सभी शासक अपने पर निर्भर लोगों के साथ उनके हित को ध्यान में रखते हुए एक जैसा व्यवहार करें को एकात्म मानव […] Read more » 25 सितंबर दीनदयाल उपाध्याय जयंती एकात्म दर्शन दीनदयाल उपाध्याय जयंती भारतबोध के साथ वैश्विक कल्याण
राजनीति शख्सियत राष्ट्रसंस्कृति से आप्लावित पण्डित जी का राजनैतिक दर्शन September 24, 2021 / September 24, 2021 by कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल | Leave a Comment कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल भारतीय राजनीति के वृहदाकाश में दैदीप्यमान पं. दीनदयाल उपाध्याय अपने राष्ट्रीय विचारों, राष्ट्रवाद व भारतीय सनातन हिन्दू संस्कृति के मुखर पक्षधर व तदानुरुप रीति-नीति के आधुनिक राजनैतिक प्रवर्तकों में लब्ध-प्रतिष्ठित हैं।उन्होंने केवल विचार ही नहीं दिए,अपितु जनसंघ व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माध्यम से विचारों को धरातलीय रुप भी दिया। एकात्ममानव दर्शन […] Read more » Pandit deen dayal upadhyay birthday पं. दीनदयाल उपाध्याय राजनैतिक दर्शन में भारतीयता-भारतीय संस्कृति
राजनीति व्यंग्य सवा अरब यह पूछ रहा है September 23, 2021 / September 23, 2021 by मनोहर पुरी | Leave a Comment व्यंग्य— मनोहर पुरी —कनछेदी, घर से भागी युवा कन्या के पिता की भांति, बहुत परेशान इधर उधर टहल रहा था। पतिव्रता पत्नी से भी नहीं बहल रहा था। कभी अपने हाथ मलने लगता और कभी बाल नोंचने लगता। उसकी हालत उस जेलर जैसी थी जिसे जेल तोड़ कर कैदियों के भागने का समाचार अभी अभी […] Read more » सवा अरब यह पूछ रहा है