राजनीति ‘लहरी’ नही ‘प्रहरी’ बनें जनप्रतिनिधि May 9, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment सत्ता में अपने लिए 'प्रबंध' और दूसरे के लिए 'प्रतिबंध' का खेल चलता रहता है। जो थोड़े से मुखर जनप्रतिनिधि होते हैं वे इस खेल में पारंगत होते हैं। वे दूसरों का रास्ता रोकने (प्रतिबंध) और अपना रास्ता प्रशस्त करने (प्रतिबंध करने) की कला को जानते हैं। इस प्रकार के जनप्रतिनिधि सत्ता में लॉबिंग करते देखे जा सकते हैं। इसीलिए ये कुछ मुखर रहते हैं। पार्टी के भीतर पार्टी बनाकर ये लोग सत्ता को भ्रमित करने या अपने अनुसार हांकने का भी प्रयास करते हैं। ये ऐसी शक्ति भी रखते हैं कि चुनावों के समय किसी का टिकट भी कटवा सकते हैं। इनके चिंतन में भी राष्ट्रचिंतन कम और अपने आपको सत्ता हिलाने में समर्थ दिखाने की चाह अधिक होती है। इस प्रकार इनसे भी देश का भला नहीं हो पा रहा। Read more » Featured जनप्रतिनिधि
राजनीति नेहरू, चीन और शांतिपूर्ण सह -अस्तित्व की अवधारणा May 9, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment नेहरूजी की विदेश नीति की समीक्षा आवश्यक है। विशेषत: तब जबकि हमारी विदेश नीति कई बार हमारे हितों को संरक्षित करने में असफल रही है। जिस समय राष्ट्र ने स्वतंत्रता प्राप्त की थी-हमें देखना होगा कि उस समय की परिस्थितियों का हम किस प्रकार सामना कर रहे थे? हमारे विषय में लोगों की क्या राय थी? हमारे आसपास में, पड़ोस में क्या घट रहा था? Read more » Featured चीन नेहरू
राजनीति भाजपा का अगला उत्तर प्रदेश अध्यक्ष होगा दलित चेहरा May 6, 2017 by सज्जाद हैदर | Leave a Comment भाजपा का यह एक अचूक निशाना हो सकता है, यदि भाजपा ऐसा करती है तो एक तीर से कई निशाने निश्चित साध लेगी, क्योंकि भाजपा की रणनीति आने वाले लोक सभा चुनाव में सभी समीकरणों को मजबूती से सिद्ध करना होगा, वास्तव में भाजपा आने वाले लोकसभा चुनाव में पुन: अपनी बड़ी जीत दर्ज करवाने […] Read more » Featured उत्तर प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य दिनेश शर्मा भाजपा
राजनीति गुजरात की आंधी में मारवाड़ का ‘गांधी’ May 6, 2017 by निरंजन परिहार | Leave a Comment दिसंबर से पहले गुजरात में चुनाव होने हैं। लेकिन समय बहुत कम है। थोड़ा सा जमीनी स्तर पर जाकर देखें, तो गहलोत के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि गुजरात के कई कई गांवों में न तो कांग्रेस का कोई नाम लेनेवाला है और न ही कोई शुभचिंतक। फिर, प्रदेश में कांग्रेस का कोई भी ऐसा नेता नहीं है, जिसके नाम से कहीं पर भी एक हजार लोग भी इकट्ठे किए जा सकें। गुजरात मं तो राहुल गांधी को भी रोड़ शो के जरिए लोगों की संख्या ज्यादा दिखाने का नुस्खा अपनाना पड़ता है। हालांकि गुजरात के सारे कांग्रेसी नेता थोड़े बहुत जनाधारवाले जरूर हैं, लेकिन पूरे प्रदेश में कांग्रेस के पक्ष में माहौल खड़ा कर दे, यह क्षमता किसी में नहीं है। जिस गुजरात में कांग्रेस मरणासन्न अवस्था में हैं, वहां गहलोत के लिए अपनी पार्टी को चुनाव जितवाना तो दूर बल्कि कांग्रेस संगठन को फिर से खड़ा करना भी जिस एक अलग किस्म की चुनौती है, उस पर विस्तार से बात कभी और करेंगे। Read more » Featured अशोक गहलोत अहमद पटेल कांग्रेस गुजरात कांग्रेस का प्रभारी
राजनीति राष्ट्र के ब्रह्मा, विष्णु, महेश May 5, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment जब उसे विश्वमंचों पर देश के नायक के रूप में अपनी बात कहने का अवसर मिलता है। पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी और अटल जी ने अनेकों अवसरों पर विश्वमंचों पर देश का सम्मान बढ़ाया था, तब लोगों को लगता था कि उनके पास कोई नेता है। आज उसी परंपरा को नरेन्द्र मोदी आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने चीन में या उससे पूर्व अन्य देशों में जाकर जो सम्मान अर्जित किया है उससे देश का मस्तक ऊंचा हुआ है। उन्होंने चीन की धरती से ठीक ही कहा है कि चीन के राष्ट्रपति ने प्रोटोकॉल तोडकऱ जिस प्रकार उनका सम्मान किया है वह मेरे देश के सवा अरब लोगों को दिया गया सम्मान है। जिस किसी ने भी मोदी के यह शब्द सुने उसी ने प्रसन्नता का अनुभव किया। हर व्यक्ति ने मोदी से अधिक स्वयं को गौरवान्वित अनुभव किया। कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री रहते हुए प्रधानमंत्री बनने की सोच सकता है, और समय आने पर जनता की इच्छा से प्रधानमंत्री बन भी सकता है, यह एक अलग बात है। Read more » Featured तमिलनाडु नरेन्द्र मोदी पूर्व मुख्यमंत्री एम. करूणानिधि प्रधानमंत्री ब्रह्मा मनमोहन सिंह महेश राष्ट्र राष्ट्रपति विष्णु सर्वोच्च न्यायालय
राजनीति चीन, भारत और दलाईलामा May 5, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू ने तिब्बत को हड़पते हुए चीन को रोकने का उचित प्रयास नहीं किया। यदि इस घटना के घटित होते समय ही पंडित नेहरू के नेतृत्व में भारत उठ खड़ा होता तो संपूर्ण विश्व उस समय भारत के साथ होता। उस समय प्रथम विश्वयुद्घ को समाप्त हुए मात्र चार वर्ष का ही समय हुआ था। विश्व के लोग युद्घों की विनाशलीला से पहले से ही भय खा रहे थे, तब वह नहीं चाहते थे कि द्वितीय विश्वयुद्घ के समाप्त होते ही चीन जैसा कोई देश तीसरे विश्वयुद्घ की पृष्ठभूमि तैयार करने लगे। तब विश्व के देश साम्राज्यवाद को 'पाप' समझ रहे थे और इस दिशा में बढ़ते चीन को रोकने के लिए तब सारा विश्व एक हो सकता था, परंतु भारत चूक गया। Read more » Dalailama Featured Tibbet चीन दलाईलामा भारत
राजनीति योगी सरकार बनने से विरोधी दलों में भय का वातारवण May 5, 2017 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment समाजवादी व बसपा के बाहुबली जो लोग जेल में बंद है। अब वे लोग जेल में भी कांप रहे है। बाहुबलियों का जेल मे मुस्कराना व दरबार लगाना बंद हो गया है। अतीक अहमद जेसे लोगों की जमानत अब मुश्किल काम हो गया है। अतीक के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि मनपसंद जेल में रहना उसका मौलिक अधिकार है तब कोर्ट ने फटकार लगा दी। वहीं जब गायत्री प्रसाद प्रजापति ने धोखे से जमानत लेने का प्रयास किया तब सरकार ने जिस प्रकार से एक्शन लिया वह काबिलेतारीफ है तथा आम जनता के बीच सरकार के कदमों की प्रशंसा हो रही है। जिस जज ने रेप के आरोपी गायत्री को जमानत दी हाईकोर्ट ने उसी की ही नौकरी ले ली। रेप के आरोपी गायत्री की जमानत रदद हो गयी। पेट्रोल पंपों में चिप लगाकर की जा रही सनसनीखेज चोरी का ऐतिहासिक खुलासा कर दिया जिसमें भी करोड़ों रूपये के घोटाले का पर्दाफाश कर दिया है। सरकार ने 15 महापुरूषों की छुटिटयों को रदद करने का ऐतिहासिक कदम उठाया लेकिन विपक्ष है कि सुधर नही रहा । Read more » Featured विरोधी दलों में भय का वातारवण सरकार महंत योगी आदित्यनाथ
आलोचना राजनीति नायक नहीं, खलनायक हूं मैं May 4, 2017 by वीरेंदर परिहार | Leave a Comment वीरेन्द्र सिंह परिहार अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की उत्पत्ति समझे जानें वाले अरविन्द केजरीवाल के मामले में पूर्व में आम लोगों की धारणा आम राजनीतिज्ञों से कुछ अलग किस्म की थी। यह माना गया था कि पेषेवर राजनीतिज्ञों की जगह केजरीवाल भारतीय राजनींति को नई दिषा देंगे। उनकी ‘आप’ पार्टी के बढ़ते ग्राफ […] Read more » AAP AAP Party Arbind Kejriwal Featured kejriwal खलनायक नायक नहीं
राजनीति विपक्षी एकता की (अ)संभावनाएं May 4, 2017 by विजय कुमार | Leave a Comment विपक्षी एकता की खिचड़ी पकाने के प्रयास फिर से हो रहे हैं। 1947 के बाद केन्द्र और राज्यों में प्रायः कांग्रेस का ही वर्चस्व रहता था। विपक्ष के नाम पर कुछ जनसंघी, तो कुछ वामपंथी ही सदनों में होते थे। 1967 में डा. राममनोहर लोहिया और दीनदयाल उपाध्याय के प्रयास से पहली बार यह खिचड़ी […] Read more » Featured मुस्लिम तुष्टीकरण
राजनीति आदिम युग की बर्बरता May 4, 2017 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment संदर्भः पाकिस्तानी सेना द्वारा भारतीय सेना के सिर काटना प्रमोद भार्गव पाकिस्तानी फौजियों द्वारा भारतीय सीमा के मेंढ़र सेक्टर में 250 मीटर अंदर घुसकर भारतीय सेना और सीमा सुरक्षक्षा बल के दो सैनिकों की हत्या स्तब्ध कर देने वाली घटना है। क्योंकि पाक सैनिक भारतीय सैनिको के साथ आदिम बर्बरता दिखाते हुए उनके सिर भी […] Read more » Featured आदिम युग की बर्बरता पाकिस्तानी सेना पाकिस्तानी सेना द्वारा भारतीय सेना के सिर काटना भारतीय सेना के सिर काटना
राजनीति ‘आप’ की उल्टी गिनती शुरू May 3, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग – आजकल उल्टी गिनती एक ”सूचक“ बन गई है, किसी महत्वपूर्ण काम की शुरूआत के लिए या किसी बड़े बदलाव के लिए। हमारे यहां भी कई उल्टी गिनतियां चल रही हैं। एक महत्वपूर्ण उल्टी गिनती पर देश की निगाहें लगी है। जुमा जुमा चार साल पहले पैदा हुई आम आदमी पार्टी की इस […] Read more » AAP Featured reverse counting of AAP आप केजरीवाल
राजनीति कश्मीरः ये आग कब बुझेगी ? May 2, 2017 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment यह वक्त ही है कि कश्मीर को ठीक कर देने और इतिहास की गलतियों के लिए कांग्रेस को दोषी ठहराने वाले आज सत्ता में हैं। प्रदेश और देश में भाजपा की सरकार है, पर हालात बेकाबू हैं। समय का चक्र घूम चुका है। “जहां हुए बलिदान मुखर्जी वह कश्मीर हमारा है” का नारा लगाती भाजपा देश की केंद्रीय सत्ता में काबिज हो चुकी है। प्रदेश में भी वह लगभग बराबर की पार्टनर है। लेकिन कांग्रेस कहां है?इतिहास की इस करवट में कांग्रेस की प्रतिक्रियाएं भी नदारद हैं। फारूख अब्दुल्ला को ये पत्थरबाज देशभक्त दिख रहे हैं। आखिर इस देश की राजनीति इतनी बेबस और लाचार क्यों है। Read more » kashmir kashmir a integral part of India Terrorism in Kashmir कश्मीर कश्मीर भारत का मूल राज्य