महिला-जगत राजनीति महिला कल्याण पर केन्द्रीत मोदी सरकार के तीन वर्ष May 24, 2017 by मनोज कुमार | Leave a Comment स्टार्टअप में बेटियों के लिए खास प्रयास किए गए हैं. यह सच है कि जो बेटियां घर की जिम्मेदारी सम्हाल सकती हैं, वे अपने उद्योग-धंधे की सफल कप्तान भी बन सकती हैं. आवश्यकता है तो उनके भीतर छिपे उस हुनर को तराशने की जो आने वाले दिनों में उन्हें कामयाब बनाएगी. स्टार्टअप में सरकार ने यही कोशिश की है और परिणाम आने लगा है. महिलाओं में बचत की आदत होती है लेकिन इसे बैंकिंग व्यवस्था से जोडऩे की खास पहल की है. सुकन्या, धनलक्ष्मी नाम से कुछ ऐसी योजनाएं जो महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती हैं. Read more » Featured प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महिला कल्याण स्टार्टअप स्वच्छ भारत मिशन
राजनीति वाघेला ‘बापू’ कांग्रेस को गच्चा देने की फिराक में May 15, 2017 / May 15, 2017 by निरंजन परिहार | Leave a Comment वाघेला की राजनीति का इतिहास रहा है कि वे अपने हर राजनीतिक कदम को बहुत नाप तोलकर रखते रहे हैं। सो, वापू के समर्थकों की तरफ से भले ही यह कहलवाया जा रहा हो कि कांग्रेस की ओर से वाघेला को मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी बनाया जाए। लेकिन वाघेला खुद भी जानते हैं कि कांग्रेस ऐसा नहीं करेगी। फिर हाल ही में गुजरात कांग्रेस के प्रभारी महासचिव अशोक गहलोत ने भी मुख्यमंत्री के उम्मीदवार का नाम घोषित करने से साफ इनकार भी कर ही दिया है। मतलब साफ है कि कांग्रेस से किनारा करने की पहली सीढ़ी को वाघेला ने पार कर लिया है। Read more » Featured गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह वाघेला
राजनीति केजरीवालः हर रोज नया बवाल May 15, 2017 by संजय द्विवेदी | 1 Comment on केजरीवालः हर रोज नया बवाल आम आदमी पार्टी का संकट यह है कि वह अपने परिवार में पैदा हो रहे संकटों के लिए भी भाजपा को जिम्मेदार ठहरा रही है। जबकि भाजपा एक प्रतिद्वंदी दल है और उससे किसी राहत की उम्मीद आप को क्यों करनी चाहिए। मुंह खोलते ही आप के नेता प्रधानमंत्री को कोसना शुरू कर देते हैं। भारत जैसे देश में जहां संघीय संरचना है वहां यह बहुत संभव है कि राज्य व केंद्र में अलग-अलग सरकारें हों। उनकी विचारधाराएं अलग-अलग हों। किंतु ये सरकारें समन्वय से काम करती हैं, एक दूसरे के खिलाफ सिर्फ तलवारें ही नहीं भांजतीं। Read more » AAP Arvind Kejriwal Featured केजरीवाल हर रोज नया बवाल
राजनीति सत्ता की ठसक का प्रमाण May 15, 2017 by सज्जाद हैदर | Leave a Comment यह कार्य स्वयं महिला सम्मान के रक्षक विधायक जी के द्वारा एक महिला अधिकारी के प्रति किया गया है तो इससे स्पष्ट रूप से साफ हो जाता है कि जब एक महिला (आई.पी.एस.) अधिकारी को एक विधायक के अहंकार का सामना करना पड़ता है तो प्रदेश की साधरण जानता एवं आम जन-मानस का क्या हाल होगा। Read more » Featured महिला सम्मान सत्ता की ठसक
राजनीति जारी है राष्ट्रपति चुनाव की कशमकश May 13, 2017 by डॉ. मनोज जैन | Leave a Comment संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्यों और राज्यों के विधायी विधानसभाओं और दिल्ली और पुडुचेरी के संघ शासित प्रदेशों के निर्वाचित सदस्यों से मिलकर भारत के राष्ट्रपति का चुनाव करता है। निर्वाचन मंडल की कुल ताकत 10 98,882 है और एनडीए के पास 53,1442 की ताकत है, 54,9442 के बहुमत से सिर्फ 18,000 वोटों की कमी हो रही है। Read more » Featured Presidential election in India राष्ट्रपति चुनाव
राजनीति ‘‘क्या 67 सीटों पर विजय ई.वी.एम. हैकिंग का ही कमाल है ?’’ May 10, 2017 by डाॅ. कृष्णगोपाल मिश्र | 1 Comment on ‘‘क्या 67 सीटों पर विजय ई.वी.एम. हैकिंग का ही कमाल है ?’’ क्या 67 सीटों पर आम आदमी पार्टी की विजय इसी ई.वी.एम. हैकिंग का ही कमाल है ?जब आप के नेता इस तकनीकि से इतने परिचित हैं तब यह क्यों न माना जाय कि ई.वी.एम. में इस प्रकार का कोई कोड डालकर उन्होंने दिल्ली विधानसभा के पिछले चुनावों में अपेक्षित लाभ प्राप्त किया होगा। यदि इस प्रकार का कोई कारनामा संभव है तो उसे किसी भी दल का कोई भी जानकार कर सकता है। फिर आरोप केवल भाजपा पर ही क्यों ? Read more » Featured अरविन्द केजरीवाल ई.वी.एम. हैकिंग दिल्ली विधानसभा
राजनीति अखिलेश विरोधियों को बदलना पड़ेगा सियासी चोला May 9, 2017 by संजय सक्सेना | Leave a Comment चचा शिवपाल सिंह यादव तो समाजवादी सेक्युलर मोर्चे की रूपरेखा तक तैयार करने में लग गये हैं,उनके अनुसार मुलायम सिंह यादव इस मोर्चे के अध्यक्ष बनने को तैयार हैं। बकोल शिवपाल, नेताजी ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। मगर नेताजी को यही नहीं पता है कि उनकी इस संबंध में शिवपाल से कोई बात भी हुई है। वह तो यहां तक कहते हैं शिवपाल ने ऐसी बात गुस्से में कह दी होगी। Read more » Akhilesh yadav Featured Mulayam Singh Yadav
राजनीति कपिल मिश्रा और अरविन्द केजरीवाल की कलंक कथा May 9, 2017 by राकेश कुमार आर्य | 1 Comment on कपिल मिश्रा और अरविन्द केजरीवाल की कलंक कथा आज केजरीवाल की कलंक कथा और कपिल के आरोप चर्चा का विषय हैं। केजरीवाल मौन हैं। हो सकता है कि वह सोच रहे हैं कि धीरे-धीरे सब शांत हो जाएगा। हम भी मानते हैं कि सब धीरे-धीरे शांत हो जाएगा, पर सत्यनिष्ठा पर जो प्रश्नचिन्ह एक बार लग जाता है वह तो चरित्र पर लगे एक दाग की भांति होता है, जिसे धोने वाली कोई साबुन आज तक नही बनी है। समाचार पत्रों को चार दिन बाद हो सकता है कि लिखने पढऩे के लिए फिर कोई 'केजरीवाल ' का 'पिता' मिल जाए या और कोई ऐसा धमाका हो जाए कि सारी मीडिया आप की सडांध मारती लाश को छोडक़र उधर को भाग ले पर दिल्ली की जनता के हृदय में तो इतनी देर में गांठ लग चुकी होगी, जिसे खोलना अब केजरीवाल के वश की बात नहीं होगी। यह जनता है जो सब जानती है-यह भूलती नही है-अपितु हृदय में लगे एक एक शूल को उठा उठाकर सुरक्षित रखती जाती है। समय आने पर सबका हिसाब किताब गिन गिनकर पूरा कर देती है। अत: केजरीवाल ध्यान रखें कि पर्दे के पीछे के उनके कुकृत्यों को जनता अपने पर्दे (हृदय) के पीछे ले गयी है और अब पर्दे का हिसाब 'पर्दे' में ही होगा।.....राज को राज रहने दो। Read more » 2 crore bribe kejriwal Alegation on Arvind Kejriwal Arvind Kejriwal Delhi Featured Kapil Mishra अरविन्द केजरीवाल की कलंक कथा कपिल के आरोप कपिल मिश्रा
राजनीति केजरीवाल पर आरोप: सच की सभावनाएँ May 9, 2017 by डाॅ. कृष्णगोपाल मिश्र | Leave a Comment कविवर रहीम का कथन है – रहिमन अँसुआ नैन ढरि, जिय दुख प्रकट करेइ। जाहि निकासौ गेह ते, कस न भेद कहि देइ।। अर्थात् जिस प्रकार आँसू नयन से बाहर आते ही हृदय की व्यथा को व्यक्त कर देता है उसी प्रकार जिस व्यक्ति को घर से निकाला जाता है, वह घर के […] Read more » AAP Featured Kapil Mishra Kejriwal Failure Kejriwal failure in Goa Kejriwal failure in Punjab Kejriwal in politics केजरीवाल की भविष्य की राजनीति केजरीवाल की राजनीति
राजनीति ‘लहरी’ नही ‘प्रहरी’ बनें जनप्रतिनिधि May 9, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment सत्ता में अपने लिए 'प्रबंध' और दूसरे के लिए 'प्रतिबंध' का खेल चलता रहता है। जो थोड़े से मुखर जनप्रतिनिधि होते हैं वे इस खेल में पारंगत होते हैं। वे दूसरों का रास्ता रोकने (प्रतिबंध) और अपना रास्ता प्रशस्त करने (प्रतिबंध करने) की कला को जानते हैं। इस प्रकार के जनप्रतिनिधि सत्ता में लॉबिंग करते देखे जा सकते हैं। इसीलिए ये कुछ मुखर रहते हैं। पार्टी के भीतर पार्टी बनाकर ये लोग सत्ता को भ्रमित करने या अपने अनुसार हांकने का भी प्रयास करते हैं। ये ऐसी शक्ति भी रखते हैं कि चुनावों के समय किसी का टिकट भी कटवा सकते हैं। इनके चिंतन में भी राष्ट्रचिंतन कम और अपने आपको सत्ता हिलाने में समर्थ दिखाने की चाह अधिक होती है। इस प्रकार इनसे भी देश का भला नहीं हो पा रहा। Read more » Featured जनप्रतिनिधि
राजनीति नेहरू, चीन और शांतिपूर्ण सह -अस्तित्व की अवधारणा May 9, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment नेहरूजी की विदेश नीति की समीक्षा आवश्यक है। विशेषत: तब जबकि हमारी विदेश नीति कई बार हमारे हितों को संरक्षित करने में असफल रही है। जिस समय राष्ट्र ने स्वतंत्रता प्राप्त की थी-हमें देखना होगा कि उस समय की परिस्थितियों का हम किस प्रकार सामना कर रहे थे? हमारे विषय में लोगों की क्या राय थी? हमारे आसपास में, पड़ोस में क्या घट रहा था? Read more » Featured चीन नेहरू
राजनीति भाजपा का अगला उत्तर प्रदेश अध्यक्ष होगा दलित चेहरा May 6, 2017 by सज्जाद हैदर | Leave a Comment भाजपा का यह एक अचूक निशाना हो सकता है, यदि भाजपा ऐसा करती है तो एक तीर से कई निशाने निश्चित साध लेगी, क्योंकि भाजपा की रणनीति आने वाले लोक सभा चुनाव में सभी समीकरणों को मजबूती से सिद्ध करना होगा, वास्तव में भाजपा आने वाले लोकसभा चुनाव में पुन: अपनी बड़ी जीत दर्ज करवाने […] Read more » Featured उत्तर प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य दिनेश शर्मा भाजपा