राजनीति अखिलेश सरकार की कथनी व करनी में खुला विरोधाभास ! February 8, 2017 by मोहम्मद आसिफ इकबाल | Leave a Comment मोहम्मद आसिफ इकबाल भारत की राजनीति बड़ी दिलचस्प है साथ ही यहां के लोग भी राजनीति में खूब रुचि रखते हैं। छोटा हो या बड़ा, पढ़ा लिखा हो या अनपढ़, कार्यालय में काम करने वाला हो या खेत खलिहान में, चाय की दुकान पर बैठे लोग हों या बसों और ट्रेनों में यात्रा करते यात्री, कोई भी स्थान हो और किसी […] Read more » Akhilesh yadav Featured samajwadi party UP-Elections-2017 अखिलेश सरकार कथनी व करनी में विरोधाभास !
राजनीति व्यंग्य मैं वोट जरूर दूंगा February 8, 2017 by विजय कुमार | Leave a Comment चुनाव के दिन जैसे-जैसे पास आ रहे हैं, हर कोई उसके रंग में रंगा दिख रहा है। किसी ने छत पर अपनी मनपंसद पार्टी का झंडा लगाया है, तो किसी ने सीने पर उसका बिल्ला। कुछ लोगों ने साइकिल, स्कूटर और कार पर ही अपने प्रिय प्रत्याशी को चिपका लिया है। पान की दुकान हो […] Read more » Featured मैं वोट जरूर दूंगा वोट वोट दूंगा
राजनीति चुनावी अनुष्ठान में अनिवार्य मतदान जरूरी क्यों? February 7, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा, मणिपुर के विधानसभा चुनावों में एक बार फिर मतदाता को अपने भाग्य का फैसला करने का अधिकार मिला है। यदि मतदाता सशक्त और स्वस्थ लोकतंत्र चाहता है तो उसे कम-से-कम मतदान में उत्साह का प्रदर्शन करना होगा और अधिकतम मतदान को संभव बनाना होगा। मतदान के प्रति मतदाता […] Read more » Featured अनिवार्य मतदान चुनावी अनुष्ठान चुनावी अनुष्ठान में अनिवार्य मतदान जरूरी क्यों मतदान
राजनीति ‘जो कुछ भी आज अतीत है वो भविष्य की बात होगी!’ : उत्तरप्रदेश चुनाव February 7, 2017 by कीर्ति दीक्षित | Leave a Comment कीर्ति दीक्षित कैम्ब्रिज के इतिहासकार एफ. डब्ल्यू. मीटलैंड ने कहा था – ‘जो कुछ भी आज अतीत है वो भविष्य की बात होगी’ ये तथ्य अब भी उतना ही ताजा है । वर्तमान और भूतकाल के परिदृश्य का मूल्याङ्कन करके आप निश्चय कीजिये कि हमारी राजनीति कितनी बदली है। उत्तरप्रदेश गुजरे साल से राजनैतिक अखाडा […] Read more » Akhilesh yadav Azam khan Featured Mulayam Singh Yadav Ram Gopal Yadav samajwadi party Shivpal Yadav UP election 2017 uttar pradesh उत्तरप्रदेश चुनाव
राजनीति क्या एक वोट इतना शक्तिशाली है? February 7, 2017 by अमित राजपूत | Leave a Comment अमित राजपूत अबकी बार उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, पंजाब, मणिपुर और गोवा राज्यों में हो रहे विधानसभा के चुनावों में मतदान के औसत से साफ हो जाएगा कि वोट ना करने जाने की प्रवृत्ति लोगों में मानसिक और आदतन है। लोगों की यह मानसिक प्रवृत्ति और दामन थामकर बैठ जाने वाली आदत उनकी निष्क्रियता और असंपृक्तता […] Read more » one vote so important in politics power of one vote powerful one vote एक वोट एक वोट शक्तिशाली है
राजनीति सत्ता केन्द्रित राजनीति और राष्ट्र हित February 7, 2017 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment सुरेश हिंदुस्थानी वर्तमान में देश में विधानसभा सीटों के हिसाब से सबसे बड़े राज्य उत्तरप्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियां चल रहीं हैं। इसमें चार प्रमुख राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस चुनाव मैदान में दम दिखाने के लिए उतावली दिखाई दे रहे हैं। सभी राजनीतिक दल कमोवेश सत्ता […] Read more » centre based politics and nation first UP-Elections-2017 कांग्रेस बहुजन समाज पार्टी भारतीय जनता पार्टी राष्ट्र-हित सत्ता केन्द्रित राजनीति समाजवादी पार्टी
राजनीति कार्यकर्ता या नेता February 6, 2017 by विजय कुमार | Leave a Comment पिछले कई दिन से शर्मा जी से भेंट नहीं हुई। पता लगा कि वे चुनाव में व्यस्त हैं। असल में 40 साल की समाजसेवा के बावजूद उनकी ओर किसी का ध्यान नहीं गया। उनकी बड़ी इच्छा थी कि वे भी चुनाव लड़ें। चुनाव की चर्चा चलते हुए छह महीने हो गये; पर किसी दल ने […] Read more » Featured कार्यकर्ता या नेता
राजनीति आर्यसमाज जगे तो देश उठे February 6, 2017 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment पिछले दो दिन मैंने हैदराबाद में बिताए। मैं सोचता रहा कि निजाम के विरुद्ध आर्यसमाज ने जबर्दस्त आंदोलन न छेड़ा होता तो क्या आज हैदराबाद भारत का हिस्सा होता? हैदराबाद तो क्या, भारत की आजादी और एकता में जो योगदान महर्षि दयानंद और आर्यसमाज का था, उसके आगे सिर्फ गांधी ही टिक सकती है। कांग्रेस […] Read more » आर्यसमाज भगतसिंह और रामप्रसाद बिस्मिल महर्षि दयानंद महर्षि दयानंद के सपनों का भारत लाला लाजपतराय सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा स्वामी श्रद्धानंद
राजनीति सेक्युलर( धर्म-निरपेक्षता )का सही स्वरुप : राजनेताओं से सावधान February 6, 2017 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 6 Comments on सेक्युलर( धर्म-निरपेक्षता )का सही स्वरुप : राजनेताओं से सावधान डा. राधेश्याम द्विवेदी भ्रामक और कुपरिभाषित शब्द :- सेकुलरिज्म एक भ्रामक और कुपरिभाषित शब्द है. अधिकाँश लोग इस शब्द का सही अर्थ भी नहीं जानते। इस शब्द की न तो कोई सटीक परिभाषा है, और न ही कोई व्याख्या है। आजकल गलतफहमी में सेकुलर मतलब केवल “हिन्दू-मुस्लिम भाई-भाई” समझ लिया जाता है और, ऐसा करके […] Read more » beware of politicians Featured sarv dharam sambhav secularism the true meaning of secularism सांप्रदायिकता सेकुलरिज्म की उत्पत्ति
राजनीति राजनीति को पावन करें February 4, 2017 by विनोद कुमार सर्वोदय | Leave a Comment देश की वर्तमान स्थिति में प्रायः सभी राजनैतिक दलो के नेताओं में 5 विधान सभाओं में होने वाले चुनावों की सनसनाहट धीरे धीरे बढ़ती जा रही है।उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक असमंजस का वातावरण बना हुआ है। मुख्य बिंदू यह है कि 2019 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी की संभावित जीत पर अंकुश कैसे […] Read more » राजनीति को पावन करें
राजनीति आम बजट २०१७ या भ्रष्टाचार के विरुद्ध युद्ध का शंखनाद! February 4, 2017 by विनोद बंसल | Leave a Comment विनोद बंसल आठ नवम्बर २०१६ की रात्रि ८ बजे प्रधान मंत्री द्वारा देश की ८६% मुद्रा के एक झटके में #विमुद्रीकरण (५०० व १००० के नोट बंदी) की घोषणा के बाद अब केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों के मंत्री श्री अरूण जेटली ने भी संसद में वर्ष २०१७-१८ का आम बजट पेश करते हुए अनेक […] Read more » Association of democratic reform budget 2017 Featured railway budget 2017 railway budget merged with common budget 2017 आम बजट २०१७ एसोसिएशन आफ डेमोक्रेटिक रिफार्म भ्रष्टाचार के विरुद्ध युद्ध का शंखनाद
आर्थिकी राजनीति बजट 2017 : सशक्त वित्तीय अनुशासन का सन्देश February 3, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग – बजट हर वर्ष आता है। अनेक विचारधाराओं वाले वित्तमंत्रियों ने विगत में कई बजट प्रस्तुत किए। पर हर बजट लोगों की मुसीबतें बढ़ाकर ही जाता है। लेकिन इस बार बजट ने नयी परम्परा के साथ राहत की सांसें दी है। इस बजट में कृषि, डेयरी, शिक्षा, कौशल विकास, रेलवे और अन्य बुनियादी […] Read more » Featured किसान कृषि कृषि ऋण गांव एवं गरीब का बजट फसल बीमा एवं ग्रामीण सड़क निर्माण बजट 2017 मध्यमवर्ग को इनकम टैक्स में राहत रेल बजट वित्तीय व्यवस्था में निवेशकों का भरोसा सिंचाई व्यय