राजनीति गठबंधन में बंधन खुलने पर हंगामा क्यूँ ? June 20, 2013 by विनायक शर्मा | 2 Comments on गठबंधन में बंधन खुलने पर हंगामा क्यूँ ? १७ वर्षों तक साथ रहे नीतीश और शरद यादव की जेडीयू का एनडीए के गठबंधन से बंधनमुक्त होने पर इतना हंगामा क्यों ? बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में अभी तक चल रही एनडीए की सरकार के भंग होने व भाजपा के सरकार से बाहर होने की घटना चिरप्रतीक्षित थी. यह कोई ऐसी घटना […] Read more » गठबंधन में बंधन खुलने पर हंगामा क्यूँ ?
राजनीति मोदी का पटेल प्रेम June 20, 2013 by अरुण कान्त शुक्ला | Leave a Comment ये महज एक इत्तेफाक नहीं है कि जब भाजपा का लौह पुरुष कोपभवन में था, गुजरात में मोदी का प्रेम देश के लौह पुरुष सरदार पटेल के लिए उमड़ पड़ रहा था। अपनी पिछली दो पारियों में पटेल को शायद ही कभी याद करने वाले मोदी का प्रेम जब उनकी मातृ संस्था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ […] Read more »
राजनीति मनमोहन मंत्रिमंडल विस्तार की सार्थकता ? June 18, 2013 / June 18, 2013 by मिलन सिन्हा | Leave a Comment फिर हुआ मनमोहन सिंह के मंत्रिमंडल का विस्तार । कुल आठ नए उम्रदराज मंत्रियों के शपथ ग्रहण के साथ यूपीए -२ सरकार में अब 77 मंत्री हो गए हैं । कई दिनों से इसके कयास लगाये जा रहे थे। जोड़ – तोड़ का सिलसिला चालू था । तारीख तय होने के बाद इसके बदले जाने […] Read more » मनमोहन मंत्रिमंडल विस्तार की सार्थकता ?
राजनीति सशक्त संगठन के लिए संवाद से विमुखता हानिकारक June 17, 2013 / June 17, 2022 by अरूण कुमार जैन | Leave a Comment भारत के राजनैतिक दलों में आजकल देखने में आ रहा है कि आंतरिक लोकतंत्रा में लगातार कमी आती जा रही है। उसके क्या कारण हैं, यह एक चर्चा का व्यापक विषय है किंतु एक बात स्पष्ट तौर पर उभर कर सामने आती है कि दलों में कार्यकर्ताओं से संवाद लगातार कम होता जा रहा है। […] Read more » संगठन के लिए संवाद से विमुखता हानिकारक
राजनीति अपने हुए पराए June 17, 2013 by हिमकर श्याम | 4 Comments on अपने हुए पराए आखिरकार भाजपा और जदयू का 17 साल पुराना रिश्ता टूट गया। नीतीश कुमार को नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के लिए आगे बढ़ाए जाने पर एतराज है। नीतीश 19 जून को विधानसभा के विशेष सत्र में बहुमत साबित करेंगे। नीतीश सरकार की सेहत पर इसका क्या असर होगा यह देखना बाकी है। गठबंधनों का बनना […] Read more » अपने हुए पराए
राजनीति जम्मू कश्मीर में आतंकवाद से लड़ने का सरकारी तरीका June 17, 2013 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 3 Comments on जम्मू कश्मीर में आतंकवाद से लड़ने का सरकारी तरीका जम्मू-कश्मीर सरकार ने शिव कुमार शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। शर्मा राज्य की पुलिस में सब इंस्पेकटर के पद पर काम कर रहे हैं । कायदे से सब इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी अपने में कोई खबर नहीं है। जहां हर रोज भ्रष्टाचार में अरबों रुपये डकार जाने वाले मंत्री गिरफ्तार हो रहे हों वहां शिव […] Read more » जम्मू कश्मीर में आतंकवाद से लड़ने का सरकारी तरीका
राजनीति संघीय गठबंधन की बढ़ी उम्मीद June 17, 2013 / June 17, 2013 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment आखिरकार 17 साल पुराने राजग गठबंधन से जदयू ने गांठ खोल ही दी। भाजपा द्वारा नरेंद्र मोदी को पार्टी में दी बड़ी ताकत के मद्देनजर लालकृष्ण आडवाणी द्वारा दिए झटके ने जदयू को अलग कर दिया। इस टूट की परिणति में अब तीसरे या चौथे मोर्चे को वजूद में लाने की बजाय ‘संघीय मोर्चा’ ;फेडरल […] Read more » संघीय गठबंधन की बढ़ी उम्मीद
राजनीति आडवानी के त्यागपत्र के निहितार्थ June 17, 2013 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | 1 Comment on आडवानी के त्यागपत्र के निहितार्थ भाजपा के कद्दावर नेता और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी ने बिना इस बात का स्पष्ट शब्दों में उल्लेख किये कि वे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को भाजपा का शीर्ष नेतृत्व प्रदान करने के खिलाफ हैं, ये कहते हुए भाजपा के प्रमुख पदों से त्यागपत्र देने का ऐलान कर दिया कि भाजपा अब […] Read more » आडवानी के त्यागपत्र के निहितार्थ
राजनीति कितने अजीब रिश्ते हैं यहां पर — सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” June 17, 2013 by सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” | 1 Comment on कितने अजीब रिश्ते हैं यहां पर — सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” कितने अजीब रिश्ते हैं यहां पर, दो पल मिलते हैं साथ साथ चलते हैं,जब मोड़ आये तो ,बच के निकलते हैं । बहुचर्चित चलचित्र पेज-३ का ये गीत मानों वर्तमान सियासी परिप्रेक्ष्यों को ध्यान में रखकर ही लिखा गया हो । राजग गठबंधन में चल रही खींचतान का निर्णायक परिणाम आखिरकार हम सभी के सामने […] Read more » कितने अजीब रिश्ते हैं यहां पर
राजनीति वाजपेयी उदार और आडवाणी कट्टर क्यों माने जाते रहे हैं? June 16, 2013 / June 16, 2013 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 24 Comments on वाजपेयी उदार और आडवाणी कट्टर क्यों माने जाते रहे हैं? इक़बाल हिंदुस्तानी मोदी को आगे लाने से भाजपा की सीटें बढ़ सकती हैं घटक नहीं! भाजपा नेता शाहनवाज़ हुसैन ने मोदी का बचाव करते हुए यह सवाल उठाया है कि नितीश कुमार जैसे एनडीए घटक नेताओं को या तो सभी भाजपा नेताओं को साम्प्रदायिक मानना चाहिये या सेकुलर मानना चाहिये। शाहनवाज़ हुसैन भूल रहे हैं […] Read more »
राजनीति भीष्म पितामह और लाल कृष्ण आडवानी June 16, 2013 by विपिन किशोर सिन्हा | 4 Comments on भीष्म पितामह और लाल कृष्ण आडवानी अपने देश में पितामह शब्द ही भीष्म का पर्यायवाची मान लिया गया है। भीष्म विख्यात कुरुवंशी हस्तिनापुर के राजा शान्तनु के पुत्र और कौरव-पाण्डवों के पितामह थे। वे गंगा-पुत्र थे – पतित पावनी गंगा और महाराज शान्तनु की सन्तान। हस्तिनापुर के एक महावीर, महापराक्रमी, यशस्वी और सुदर्शन युवराज के रूप में उनकी ख्याति […] Read more » भीष्म पितामह भीष्म पितामह और लाल कृष्ण आडवानी लाल कृष्ण आडवानी
राजनीति तीसरे मोर्चे की सियासी संभावनाएं – सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” June 15, 2013 by सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” | Leave a Comment हालिया प्रदर्शित बहुचर्चित चलचित्र गैंग्स ऑफ वासेपुर में रामाधीर सिंह (तिग्मांशु धुलिया) का एक संवाद है, इहां सबके दिमाग में अपना सिनेमा चल रहा है । गैंग्स आफ वासेपुर में विशेष महत्व रखने वाले इस संवाद का वर्तमान सियासी परिप्रेक्ष्यों में भी खासा महत्व है । अपना सिनेमा से अर्थ अपने को सर्वमान्य नायक साबित […] Read more » तीसरे मोर्चे की सियासी संभावनाएं – सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र”