राजनीति ममता का त्यागपत्र और राजनीति की नौटंकी September 30, 2012 / September 29, 2012 by राकेश कुमार आर्य | 1 Comment on ममता का त्यागपत्र और राजनीति की नौटंकी राकेश कुमार आर्य तृणमूल कांग्रेस की नेता और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आखिरकार यूपीए को अलविदा कह ही दिया। उनके छह मंत्रियों ने सरकार से अपना त्यागपत्र दे दिया है और सत्तारूढ़ यूपीए से समर्थन वापसी का पत्र भी राष्ट्रपति को सौंप दिया है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बहुब्रांड खुदरा में प्रत्यक्ष […] Read more » ममता का त्यागपत्र राजनीति की नौटंकी
राजनीति महाराष्ट्र में राजनीतिक उथल-पुथल / मा. गो. वैद्य September 29, 2012 / September 29, 2012 by मा. गो. वैद्य | Leave a Comment मराठी में ‘घड़ामोड़’ (बनना-बिगड़ना) यह एक बहुत अच्छा अर्थपूर्ण शब्द है. ‘घड़ामोड़’ मतलब जिसमें कुछ बनता है और कुछ बिगड़ता भी है. बात सही तरीके से बनती नहीं रहती; और सीधे बिगड़ती भी नहीं. लेकिन कभी-कभी ‘बिगड़ती’ रहती है. ऐसा ही अभी महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में हुआ. चर्चा प्रासंगिक महाराष्ट्र में अभी जो […] Read more » कांग्रेस राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी
राजनीति अन्ना-केजरीवाल मतभेद: बात दरअसल ये है… September 27, 2012 / September 27, 2012 by निर्मल रानी | 1 Comment on अन्ना-केजरीवाल मतभेद: बात दरअसल ये है… निर्मल रानी जिस प्रकार गुज़रा एक वर्ष टीम अन्ना द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध तथा जनलोकपाल विधेयक के समर्थन में छेड़े गए आंदोलन को लेकर सुर्खियों में रहा तथा इस आंदोलन ने न केवल सत्ताधारी पक्ष बल्कि अन्य सभी राजनैतिक दलों की नींदें भी हराम कर दीं। ठीक इसके विपरीत इन दिनों इसी टीम अन्ना के […] Read more » अन्ना-केजरीवाल मतभेद
राजनीति महाराष्ट्र के बहाने हितों को साधने की राजनीति September 27, 2012 / September 27, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | Leave a Comment सिद्धार्थ शंकर गौतम केंद्र सरकार पर मंडराते सियासी संकट को अधिक गहरा करते हुए एनसीपी कोटे से महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने इस्तीफ़ा दे दिया है और खबर है कि उनका इस्तीफ़ा मंजूर भी कर लिया गया है| हालांकि उनके समर्थन में अन्य मंत्रियों द्वारा दिए गए सामुहिक इस्तीफे नामंजूर हो गए हैं| महाराष्ट्र […] Read more » अजित पवार
राजनीति राजनीतिक अदूरदर्शिता के कारण ममता अकेली पड़ीं September 26, 2012 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 2 Comments on राजनीतिक अदूरदर्शिता के कारण ममता अकेली पड़ीं जगदीश्वर चतुर्वेदी ममता बनर्जी और सोनिया गांधी में कल तक मित्रता थी, इन दिनों दोनों नेत्रियों में छत्तीस का आंकड़ा है। ममता की राजनीतिक अदूरदर्शिता को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। कल तक ममता बनर्जी पापुलिज्म की बेताज बादशाह थीं लेकिन आज वे संकट में हैं। राज्य में मुख्यमंत्री बनने के एक साल […] Read more » ममता बनर्जी
राजनीति कुछ पेड़ों पर पैसे लगते हैं प्रधानमंत्री जी September 25, 2012 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 1 Comment on कुछ पेड़ों पर पैसे लगते हैं प्रधानमंत्री जी डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले दिनों देश को चेतावनी दी कि पैसे पेड़ों पर नहीं लगते । वे आर्थिक क्षेत्र में अपनी सरकार की नीतियों का समर्थन कर रहे थे । वे बता रहे थे कि विकास के कामों के लिये आखिरकार पैसा लगता है । आखिर यह पैसा कहाँ से […] Read more » मनमोहन सिंह
राजनीति अन्ना-केजरीवाल, अलग राह पर मकसद एक September 25, 2012 / September 25, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 1 Comment on अन्ना-केजरीवाल, अलग राह पर मकसद एक सिद्धार्थ शंकर गौतम क्या अब अन्ना का वह जादू युवा वर्ग पर फिर उसी तरह सर चढ़कर बोलेगा जिस तरह एक-डेढ़ साल पहले बोलता था? क्या अरविंद केजरीवाल बिन अन्ना और उनके नाम के राजनीतिक राह पर अग्रसर हो पायेंगे? क्या रामदेव-अन्ना साथ आयेंगे और व्यवस्था में परिवर्तन का झंडा बुलंद करेंगे? क्या जनांदोलन के […] Read more » Anna & Kejriwal अन्ना-केजरीवाल
महत्वपूर्ण लेख राजनीति अन्ना हजारे, अरविन्द केजरीवाल और राजनैतिक विकल्प September 25, 2012 / September 26, 2012 by आर. सिंह | 15 Comments on अन्ना हजारे, अरविन्द केजरीवाल और राजनैतिक विकल्प दिनांक १८ अगस्त मंगलवार की शाम को मैं संयोग बस Constitution क्लब पहुँच गया था।उड़ती उड़ती खबर मिली थी कि वहाँ अन्ना हजारे आने वाले हैं।अन्ना हजारे और अरविन्द केजरीवाल के सम्बन्ध में मीडिया में बहुत सी परस्पर विरोधी खबरे आ रही थीं।आ रहा था कि अन्ना और केजरीवाल में खटपट हो गयी है। अन्ना […] Read more » anna and Arvind अन्ना हजारे और अरविन्द केजरीवाल अरविन्द केजरीवाल और राजनैतिक विकल्प
आर्थिकी राजनीति आखिर क्या हैं पैसे पेड़ पर नहीं उगते के निहितार्थ ? September 24, 2012 / September 24, 2012 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment प्रवीण गुगनानी * अभावपूर्ण मध्यमवर्ग के लिए मनमोहनसिंह का उच्चवर्गीय, निर्मम व भावहीन भाषण * खाद के मूल्य, गरीबी, महंगाई, भ्रष्टाचार जैसे अनेक विषय क्यों दूर रहे मनमोहन सिंह के भाषण से!!! घोर, घनघोर भौतिकता की ओर तेजी से बढती इस दुनिया में भारत ही उन बचे देशों में प्रमुख है जहां भौतिकतावाद के स्थान […] Read more » adress of Manmohan singh to india
राजनीति सरकार भ्रष्ट ही नही झूठी भी है। September 24, 2012 / September 24, 2012 by शादाब जाफर 'शादाब' | 5 Comments on सरकार भ्रष्ट ही नही झूठी भी है। शादाब जफर ‘‘शादाब ’’ आज सत्ता के राजनीतिक गलियारो में जो भी राजनीतिक ड्रामा हो रहा है वो सिर्फ और सिर्फ लोकसभा 2014 के चुनाव का कमाल है। ये भारत बंद का शोर, सरकार से सर्मथन वापसी का नाटक, और अंदर ही अंदर सरकार को बचाने के नाम पर जो सौदेबाजी की खिचड़ी मुलायम और […] Read more » congress mostcorrupt govt
राजनीति मनमोहन पर मुल्ला मुलायम की ममता आखिर क्यों..? September 24, 2012 / September 26, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 2 Comments on मनमोहन पर मुल्ला मुलायम की ममता आखिर क्यों..? सिद्धार्थ शंकर गौतम १८ सितम्बर की शाम जैसे ही यह खबर राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खी बनी कि ममता अपने तमाम मंत्रियों के साथ संप्रग सरकार २ से समर्थन वापस लेंगी, केंद्र की राजनीति में उन्हें मनाने से लेकर अन्य जोड़-तोड़ के समीकरणों पर माथापच्ची होने लगी| इसी तारतम्य में बुधवार १९ सितम्बर को कांग्रेस कोर […] Read more » mamta and congress
राजनीति मगरूर नहीं, मजबूर मुलायम September 24, 2012 / September 24, 2012 by डॉ0 आशीष वशिष्ठ | 1 Comment on मगरूर नहीं, मजबूर मुलायम डॉ. आशीष वशिष्ठ मंहगाई, रिटेल सेक्टर में एफडीआई से चौरतरफा आलोचना झेल रही और तमाम घपलों, घोटालों में आकंठ तक डूबी यूपीए सरकार के संकटमोचक के तौर पर मुलायम सिंह की सक्रिय भूमिका और कांग्रेस से गलबहियां यूपी में उनके राजनीतिक गणित और समीकरण बिगाड़ रही हैं, बावजूद इसके मुलायम का बार-बार यूपीए सरकार के […] Read more » mulayam and his support to congress