राजनीति केंद्रीय नेतृत्व को ठेंगा दिखाता प्रदेश नेतृत्व December 10, 2010 / December 19, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment गोविन्द भाई चौधरी भारत को आजाद हुए पूरे 64 वर्ष हो चुके हैंऔर इस 64 वर्षों के लंबे अंतराल में हमारी प्रजातांत्रिक व्यवस्था इतनी मजबूत हुई है कि देश के प्रत्येक प्रदेश में एक क्षेत्रिय पार्टी का बोलबाला है। इन बातों को छोड़कर हम जरा मुद्दे की बात करे। आज हमारी प्रजातांत्रिक व्यवस्था इतनी सुदृढ़ […] Read more » State प्रदेश
राजनीति यह परिवर्तन की आहट है December 9, 2010 / December 19, 2011 by आशुतोष | 1 Comment on यह परिवर्तन की आहट है -आशुतोष राष्ट्रमण्डल खेलों में हुए घोटाले पर उंगलियां तो पहले ही उठने लगी थीं, खेल समाप्त होते-होते तो लोगों ने उन्हें भ्रष्टमण्डल खेल कहना शुरू कर दिया। खेलों के आयोजन की योजना बनाते समय निश्चित किये गये कुल बजट से भी कई गुना अधिक राशि के घोटाले का अनुमान लगाया जा रहा है। भ्रष्टमण्डल खेलों […] Read more » UPA भ्रष्टाचार यूपीए
राजनीति सोनिया जी की इच्छा … December 8, 2010 / December 19, 2011 by राजीव दुबे | 3 Comments on सोनिया जी की इच्छा … -राजीव दुबे 17 दिन से संसद स्थगित चल रही है। विपक्ष है कि मानता ही नहीं। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बात ऐसी अटकी कि अब कोई हल ही नहीं दिखता। काँग्रेस को लगता है कि भ्रष्टाचार है तो क्या हुआ, आगे बढ़ो, बड़े-बड़े लोग भारत आ रहे हैं, स्वागत करो, भोज आयोजित करो, और दिल्ली […] Read more » Soniya Gandhi सोनिया गांधी
राजनीति वाम की जीत और प्राइमरी शिक्षा का सच December 8, 2010 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 4 Comments on वाम की जीत और प्राइमरी शिक्षा का सच -जगदीश्वर चतुर्वेदी हाल ही में पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा परिषद के चुनावों में वाममोर्चे को भारी जीत मिली है। यह जीत इस बात की सूचना है कि प्राथमिक शिक्षकों और कर्मचारियों में वाम मोर्चे का प्रभाव बरकरार है। किन्तु इस जीत का यह अर्थ नहीं है कि प्राइमरी शिक्षा में सब ठीक चल रहा है। […] Read more » पश्चिम बंगाल वामपंथ शिक्षा
राजनीति डॉ. लोहिया की धारा और विचारधारा December 8, 2010 / December 19, 2011 by सत्येन्द्र सिंह 'भोलू' | Leave a Comment -सत्येनद्र सिंह ‘भोलू’ कहते है वक्त बड़ा बेरहम होता है और उसके साथ जुडा इतिहास निरंतर कुचक्र रचता है। महात्मा गांधी जैसे महापुरूष भाग्यशाली होते है जिनके नाम के साथ उनकी विचार धारा को वक्त स्वीकार करता है और इतिहास भी याद रखता हैं लेकिन उनके बारे मे क्या कजिनके नाम को याद रखने को […] Read more » Socialism डॉ. राममनोहर लोहिया समाजवाद
राजनीति आम नहीं खास लोगों के लिए है भारत की लोकशाही December 8, 2010 / December 19, 2011 by गौतम चौधरी | 1 Comment on आम नहीं खास लोगों के लिए है भारत की लोकशाही -गौतम चौधरी विगत दिनों सर्वोच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश ने एक याचिका के सुनवाई के दौरान अपनी तल्ख टिप्पणी में कहा था कि भारतीय न्यायालय व्यवस्था अमीरों के लिए है। इसका जीता जागता उदाहरण पिछले दिनों गुजरात में देखने को मिला। विगत 27 फरवरी 2010 को सीमा शुल्क चोरी के एक मामले में अदानी […] Read more » Democracy लोकतंत्र
राजनीति हिटलरशाही हो गए हैं भारत गणराज्य में लोकतंत्र के मायने December 8, 2010 / December 19, 2011 by लिमटी खरे | 4 Comments on हिटलरशाही हो गए हैं भारत गणराज्य में लोकतंत्र के मायने -लिमटी खरे आजादी के लगभग सवा छः दशकों बाद अब चुनिंदा लोग ही बचे होंगे जिन्हें वास्तव में पता होगा कि ब्रितानियों के जुल्मों को सहकर कितनी मशक्कत के उपरांत भारत ने आजादी हासिल की थी। कितने अरमान के साथ भारत गणराज्य की स्थापना की गई थी। क्या क्या सपने देखे थे, उस वक्त जवान […] Read more » Corruption भ्रष्टाचार
राजनीति गुजरात और बिहार के बारे में हर्षदायक समाचार December 7, 2010 / December 19, 2011 by लालकृष्ण आडवाणी | 4 Comments on गुजरात और बिहार के बारे में हर्षदायक समाचार लालकृष्ण आडवाणी काफी लम्बे अर्से के बाद 3 दिसम्बर, 2010 को मुझे टाइम्स ऑफ इंडिया के मुखपृष्ठ पर हर्षित कर देने वाला समाचार पढ़ने को मिला। समाचार का शीर्षक है ”एस.आई.टी. क्लीयरस मोदी ऑफ विलफुल्ली एलाऊइंग पोस्ट-गोधरा रायॅट्स-फाईन्ड्स नो सबसेंटशियल इवीडेंस” (एस.आई.टी. ने मोदी को, जानबूझकर कराए गए गोधरा पश्चात् के दंगों में क्लीन चीट […] Read more » Narendra Modi नरेन्द्र मोदी नीतिश कुमार बिहार विधानसभा चुनाव सुशील मोदी
राजनीति घोटालों के विरूद्ध कार्रवाई करने से भारत सरकार का इंकार December 7, 2010 / December 19, 2011 by लालकृष्ण आडवाणी | 1 Comment on घोटालों के विरूद्ध कार्रवाई करने से भारत सरकार का इंकार लालकृष्ण आडवाणी भारतीय संसद का मानसून सत्र यदि मुख्य रूप से आम आदमी को त्रस्त करने वाली मुद्रास्फीति और आवश्यक वस्तुओं की आकाश छूती कीमतों से उपजे गुस्से पर केन्द्रित रहा तो वर्तमान शीतकालीन सत्र भ्रष्टाचार मुद्दे पर केन्द्रित हो रहा है, और एक के बाद एक घोटालों से देश के नाम पर कीचड़ उछल […] Read more » Corruption भ्रष्टाचार यूपीए सरकार
राजनीति बिहार में भाजपा-जद(यू) गठबन्धन का चमत्मकार December 7, 2010 / December 19, 2011 by डॉ. मनोज मिश्र | Leave a Comment -डॉ. मनोज मिश्र बिहार विधान सभा चुनाव के परिणाम अप्रत्याशित नहीं बल्कि अपरिहार्य थे। लगभग 15 वर्षों तक लालू राबड़ी एण्ड कम्पनी की गिरफ्त में रहा बिहार विकास सुशासन तथा सुरक्षा के लिये छटपटाता रहा परन्तु जातियों के स्वाभिमान का नारा देकर लालू राबड़ी एण्ड कम्पनी अपना राजनैतिक सर्कस चलाते रहे। जे0पी0 आन्दोलन से निकले […] Read more » bihar बिहार विधानसभा चुनाव
राजनीति भीमराव आंबेडकर के 54वें परिनिर्वाण दिवस पर विशेष- अस्मिता की राजनीति का मसीहा December 6, 2010 / December 19, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 1 Comment on भीमराव आंबेडकर के 54वें परिनिर्वाण दिवस पर विशेष- अस्मिता की राजनीति का मसीहा -जगदीश्वर चतुर्वेदी आखिरकार आधुनिक युग में अछूत कैसे जीएंगे ? गैर अछूत कैसे जीएंगे इसके बारे में कोई विवाद ही नहीं था क्योंकि हम सब जानते थे कि वे कैसे हैं और उन्हें क्या चाहिए ?किंतु अछूत को हम नहीं जानते थे। हम कबीर को जानते थे,रैदास को जानते थे। ये हमारे लिए कवि थे। […] Read more » Bhimrao Ambedkar दलित भीमराव अम्बेडकर
राजनीति गरीब जनता पर निर्मम प्रहार कर रहे हैं नक्सलवादी December 6, 2010 / December 19, 2011 by श्रीराम तिवारी | 8 Comments on गरीब जनता पर निर्मम प्रहार कर रहे हैं नक्सलवादी -श्रीराम तिवारी ४०-४५ साल पहले नक्सलबाड़ी से शुरू हुआ नक्सल संघर्ष आज आधे भारत में फ़ैल चुका है. छतीसगढ़, झारखंड, आन्ध्र प्रदेश, बिहार, बंगाल, महाराष्ट्र, उड़ीसा, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश की सरकारें इस पर अपने-अपने ढंग से रणनीति निर्धारित करती रही हैं. कई बार प्रतिक्रांतिक कार्यवाही के लिए प्रशासकीय संसाधनों की बदतर तस्वीर भी प्रचार माध्यमों […] Read more » Naxalism नक्सलवाद माओवाद