राजनीति ये है दिल्ली मेरी जान November 21, 2010 / December 19, 2011 by लिमटी खरे | 1 Comment on ये है दिल्ली मेरी जान -लिमटी खरे कांग्रेस में सबसे बड़ा कद है राहुल का सियासी दल चाहे कांग्रेस हो या भाजपा, कांग्रेस की नजर में भविष्य के प्रधानमंत्री राहुल गांधी का कद सबसे बड़ा हो गया है। इस तरह की चर्चाएं कांग्रेस के दूसरी पंक्ति के सियासतदारों के बीच चल पड़ी हैं। संसदीय सौंध में इन दिनों ओबामा की […] Read more » Delhi दिल्ली मेरी जान
राजनीति सुदर्शन के आरोप और सोनिया की चुप्पी ! November 21, 2010 / December 19, 2011 by अनिल सौमित्र | 5 Comments on सुदर्शन के आरोप और सोनिया की चुप्पी ! -अनिल सौमित्र 10 नवम्बर को राष्ट्रव्यापी धरने के दौरान भोपाल में संघ के पूर्व प्रमुख सुदर्शन ने जो कुछ कहा उसके बाद बहुत कुछ बदल गया। संघ जो चाहता था नहीं हुआ। जो नहीं चाहता था, वही हो गया। सोनिया संबंधी अपने वक्तव्य के बाद सुदर्शन चुप हो गए। मीडिया के लाख प्रयासों के बावजूद […] Read more » K.C.Sudarshan Sonia Gandhi के सी सुदर्शन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सोनिया गांधी
राजनीति फासिस्ट कौन ? November 20, 2010 / December 19, 2011 by विजय कुमार | 4 Comments on फासिस्ट कौन ? -विजय कुमार न जाने कब से दिग्विजय सिंह, अर्जुन सिंह, राहुल गांधी, सोनिया और उनके दुमछल्ले संघ पर झूठे आरोप लगा रहे थे। दिग्विजय सिंह के अनुसार संघ को पाकिस्तान से पैसा मिलता है। वह आई.एस.आई के लिए काम करता है। राहुल बाबा संघ और सिमी को एक सा बताते हैं। प्रणव मुखर्जी और चिदम्बरम […] Read more » who is an Fasist फासिस्ट कौन
राजनीति अल्पसंख्यक वोट राजनीति और संघ November 20, 2010 / December 19, 2011 by आर.एल. फ्रांसिस | 5 Comments on अल्पसंख्यक वोट राजनीति और संघ -आर.एल.फ्रांसिस भारतीय राजनीति ने समाज को जोड़ने की जगह तोड़ने का काम ज्यादा किया है। नेताओं ने वोट बैंक के लालच में भारतीय समाज को जातियों, धर्मों, वर्गों, बरादरियों तक में बांट कर अपना वोट बैंक पक्का किया है। अल्पसंख्यकों (मुस्लिम-इसाइयों) के वोट के लालच में साप्रदायिकता-धर्मनिरपेक्षता जैसे जुमले उछाल दिये गए है। और आज […] Read more » minorities and votes अल्पसंख्यक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
राजनीति संघ से जंग कांग्रेस की राजनैतिक चाल November 19, 2010 / December 19, 2011 by राघवेन्द्र सिंह | 3 Comments on संघ से जंग कांग्रेस की राजनैतिक चाल जो अखण्ड भारत की मॉग, स्वदेशी अपनाने पर बल, अपने पूर्वजों को नमन, भगवद्वज (भगवा घ्वज) को गुरू, भारतवर्ष को भूमि का टुकडा न मानते हुये मॉ का स्थान देता है तथा घुसपैठ, आतंकवाद, अलगाववाद एवं जबरन धर्मान्तरण का स्पष्ट विरोध करता है जो राष्ट्रीय चरित्र जागरण तथा राष्ट्रीय साहित्य का श्रृजन कर वितरण भी […] Read more » RSS and congress कांग्रेस की राजनैतिक चाल संघ से जंग
राजनीति इंद्रेशजी ने भेजा शांति धारीवाल को नोटिस : देरी से उठाया गया एक सही कदम November 18, 2010 / December 19, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 4 Comments on इंद्रेशजी ने भेजा शांति धारीवाल को नोटिस : देरी से उठाया गया एक सही कदम अजमेर दरगाह विस्फोट मामले में राजस्थान के गृहमंत्री शांति धारीवाल को संघ के प्रचारक इन्द्रेश कुमार ने कानूनी नोटिस देकर अनर्गल बयानबाजी पर कोर्ट में घसीटने की चेतावनी दी है। राजस्थान पत्रिका के अनुसार, छह पेज के नोटिस में कहा गया है कि धारीवाल द्वारा दिया गया बयान जांच को प्रभावित करने तथा राजनीतिक हित […] Read more » indreshji and dhariwal इंद्रेशजी शांति धारीवाल को नोटिस
राजनीति सुदर्शन प्रकरण में मीडिया की भूमिका और भाजपा नेतृत्व की कमजोरियाँ… November 18, 2010 / December 19, 2011 by सुरेश चिपलूनकर | 10 Comments on सुदर्शन प्रकरण में मीडिया की भूमिका और भाजपा नेतृत्व की कमजोरियाँ… सुदर्शन प्रकरण ने फ़िर से इस बात को रेखांकित किया है कि या तो संघ का अपना खुद का टीवी चैनल और विभिन्न राज्यों में 8-10 अखबार होने चाहिये, या फ़िर वर्तमान उपलब्ध मीडियाई भेड़ियों को वक्त-वक्त पर “समयानुसार कभी हड्डी के टुकड़े और कभी लातों का प्रसाद” देते रहना चाहिये। संघ से जुड़े लोगों […] Read more » Rahul Gandhi Sonia Gandhi Sudershan भाजपा नेतृत्व की कमजोरियाँ सुदर्शन प्रकरण में मीडिया की भूमिका
राजनीति चीन के खिलाफ स्वतंत्र रणनीति बनाए भारत – गौतम चाधरी November 18, 2010 / December 19, 2011 by गौतम चौधरी | 6 Comments on चीन के खिलाफ स्वतंत्र रणनीति बनाए भारत – गौतम चाधरी दुनिया में भले पाकिस्तान की स्थिति कूटनीतिक मामलों में कमजोर दिख रही हो लेकिन दक्षिण एशिया में पाकिस्तान की स्थिति कमजोर नहीं हुई है, बल्की मजबूत हुई है। पाकिसतान के कूटनीतिज्ञ इस बात को अच्छी तरह जानते है कि संयुक्त राज्य अमेरिका को अगर एशिया में सामरिक आधार बनए रखना है तो उसे पाकिस्तान को […] Read more » independent strategy against China चीन के खिलाफ स्वतंत्र रणनीति बनाए भारत
राजनीति नव्य उदारतावाद और साइबरकल्चर की चुनौतियां November 18, 2010 / December 19, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | Leave a Comment परवर्ती पूंजीवाद ने एशिया में विकास की नयी राजनीतिक संभावनाओं को खोला है। उसके कारण एशिया इस समय सबसे समर्थ आर्थिक शक्ति बन गया है। शीतयुद्ध की समाप्ति और संचार क्रांति ने विश्व की अर्थनीति में एशिया को ताकतवर बनाया है। एशिया आज जितना ताकतवर है वैसा ताकतवर वह कभी नहीं था। नयी परिस्थितियों में […] Read more » Challenges of cyber culture Neo liberalism नव्य उदारतावाद साइबरकल्चर की चुनौतियां
राजनीति अमेरिका को अधिक लाभ November 18, 2010 / December 19, 2011 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment ऐसा लगता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा आशा से अधिक सफल रही, क्योंकि उनकी यात्रा से बहुत आशाएं किसी ने नहीं लगा रखी थीं। भारत सरकार को भी पता नहीं था कि सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता को लेकर वे क्या कहेंगे या भारत को वे विश्व परमाणु शक्ति […] Read more » more profit to America अमेरिका को अधिक लाभ
राजनीति सीतारमैया से सीतारमैया तक का सफर : कांग्रेस ने कुचले हैं असहमति के स्वर November 17, 2010 / December 19, 2011 by डॉ. मनोज जैन | 4 Comments on सीतारमैया से सीतारमैया तक का सफर : कांग्रेस ने कुचले हैं असहमति के स्वर “पट्टाभि सीतारमैया की हार मेरी हार है” यह कह कर महात्मा गांधी ने एक व्यक्ति को कांग्रेस संगठन और देश पर भारी साबित करने का जो सिलसिला प्रारंभ किया था बह आज कांग्रेस पार्टी ने फिर से स्थापित करने का प्रयास किया है कि सोनिया गांधी इस देश में सभी सवालों से उपर हैं। और […] Read more » journey of sitarmaiya सीतारमैया का सफर
राजनीति पूंजीवाद की सफलता का रहस्य November 17, 2010 / December 19, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 5 Comments on पूंजीवाद की सफलता का रहस्य हिन्दुस्तान में ऐसे लोगों की किल्लत नहीं हैं जिन्हें मार्क्सवाद का अंत नजर आता है और पूंजीवाद अमर नजर आता है। पहली बात यह कि पूंजीवाद के अंत के रूप में मार्क्सवाद को देखना ही गलत है। खासकर भूमंडलीकरण,नव्य उदार आर्थिक नीतियों के आगमन के बाद सारी दुनिया में जिस तरह के घटनाक्रम का विकास […] Read more » Capitalism पूंजीवाद की सफलता पूंजीवाद की सफलता का रहस्य