समाज गोल्डन गर्ल की गोल्डन जीत से महका भारत July 14, 2018 / July 14, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग देश का एक भी व्यक्ति अगर दृढ़ संकल्प से आगे बढ़ने की ठान ले तो वह शिखर पर पहुंच सकता है। विश्व को बौना बना सकता है। पूरे देश के निवासियों का सिर ऊंचा कर सकता है। भारत की नई ‘उड़नपरी’ 18 वर्षीय असमिया एथलीट हिमा दास ने ऐसा ही करके दिखाया है, […] Read more » 18 वर्षीय असमिया एथलीट Featured ओलिंपिक गोल्डन गर्ल की गोल्डन जीत से महका भारत टोक्यो में गुरबचन सिंह रंधावा थाईलैंड में 1978 में गीता जुत्शी फिनलैंड भारत की नई ‘उड़नपरी’ मिल्खा सिंह लम्बा संघर्ष और दृढ़ संकल्प हिमा दास
समाज कचरा बनी दिल्ली में टूटती जीवन सांसें July 14, 2018 / July 14, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान एवं उनके कथन कि “एक स्वच्छ भारत के द्वारा ही देश 2019 में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर अपनी सर्वोत्तम श्रद्धांजलि दे सकते हैं।क्या हश्र हो रहा है, दिल्ली में स्वच्छता की स्थिति पर दिल्ली हाई कोर्ट की ताजा टिप्पणी से सहज ही अनुमान लगाया जा […] Read more » Featured अतिक्रमण कचरा बनी दिल्ली में टूटती जीवन सांसें कचरे गंदगी दिल्ली-मुंबई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बारिश से होने वाले जलभराव यातायात जाम
समाज ‘‘ समाज में उजालें कम क्यों हो रहे हैं? ’ July 13, 2018 / July 13, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग स्वार्थ चेतना अनेक बुराइयों को आमंत्रण है। क्योंकि व्यक्ति सिर्फ व्यक्ति नहीं है, वह परिवार, समाज और देश के निजी दायित्वों से जुड़ा है। अपने लिए जीने का अर्थ है अपने सुख की तलाश और इसी सुख की तलाश ने अनेक समस्याएं पैदा की हैं। सामाजिक जीवन का एक आधारभूत सूत्र है सापेक्षता। […] Read more » ‘‘ समाज में उजालें कम क्यों हो रहे हैं? ’ Featured आश्वस्त करना ग्लानि का निवारण करना देश या राष्ट्र न अविश्वास न असुरक्षा की आशंका होगी न शत्रुता न संग्रह न हिंसा वात्सल्य प्रकट करना समाज संस्था स्वार्थ चेतना
समाज यह लड़ाई है अच्छाई और बुराई की July 13, 2018 / July 13, 2018 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment डॉ नीलम महेंद्र उच्चतम न्यायालय ने 9 जुलाई 2018 के अपने ताजा फैसले में 16 दिसंबर 2012 के निर्भया कांड के दोषियों की फाँसी की सजा को बरकरार रखते हुए उसे उम्र कैद में बदलने की उनकी अपील ठुकरा दी है। दिल्ली का निर्भया कांड देश का वो कांड था जिसने पूरे देश को […] Read more » Featured उच्चतम न्यायालय उन्नाव कठुआ निर्भया कांड बलात्कार मंदसौर यह लड़ाई है अच्छाई और बुराई की सतना। सूरत
राजनीति समाज राजनीति का ‘कुरूपतम’ काल July 12, 2018 / July 12, 2018 by निर्मल रानी | 1 Comment on राजनीति का ‘कुरूपतम’ काल निर्मल रानी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 को हुए क्रूरतम निर्भया सामूहिक बलात्कार कांड में पिछले दिनों उच्चतम न्यायालय ने दोषियों को दी गई फांसी की सज़ा को बरक़रार रखते हुए एक बार फिर यह संदेश देने की कोशिश की है कि जघन्य अपराध में शामिल दोषियों को बख़्शा नहीं जाना चाहिए। निर्भया […] Read more » Featured आतंकी क़साब केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा दक्षिणपंथी संगठनों राजनीति का ‘कुरूपतम’ काल राष्ट्रभक्ति राष्ट्रविरोधी सांप्रदायिक रंग सामूहिक बलात्कार कांड
समाज हरिद्वार में कवियों का सम्मेलन July 10, 2018 / July 10, 2018 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिक आज हरिद्वार में कवि-सम्मेलन नहीं, कवियों का सम्मेलन हुआ। कवि सम्मेलन में हजारों-लाखों श्रोता होते हैं। यहां सिर्फ कवि थे। सारे भारत से आए लगभग सौ कवि ! क्या आपने कभी सुना कि 100 कवि दुनिया में कहीं एक साथ इकट्ठे हुए हों ? हरिद्वार के जयराम आश्रम में यह कवियों का […] Read more » Featured डाॅ. कुंवर बेचैन डाॅ. हरिओम पंवार प्रो. अशोक चक्रधर श्री उदयप्रताप सिंह श्री सुरेंद्र शर्मा हरिद्वार में कवियों का सम्मेलन
समाज वर्षा जल संचयन से रोकें बारिश के पानी की बर्बादी July 10, 2018 / July 10, 2018 by देवेंद्रराज सुथार | 1 Comment on वर्षा जल संचयन से रोकें बारिश के पानी की बर्बादी देवेंद्रराज सुथार मानसून का महीना हर किसी को आत्मिक आनंद से सराबोर करने वाला होता है। इस समय नील व्योम काली घटाओं के कैद में बंद मेघों के माध्यम से वसुधा को अपनी असीम स्वर्णिम जलबूंदों से तरबतर करने को उत्साहित व आतुर दिखाई पड़ता है। मनोहर, मनभावन, मनमोहक व मन को तृप्त करने वाले […] Read more » Featured कंटेनरों पशु-पक्षी भीषण गर्मी रोकें बारिश के पानी की बर्बादी वर्षा जल संचयन वाष्पीकरण
समाज आओ एक नयी दुनिया बसाये July 5, 2018 / July 5, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग आज का मनुष्य भूलभूलैया में फंसा हुआ है। यदि देखा जाये तो संसार का विस्तार यानी सुविधावादी और भौतिकवादी जीवनशैली एक प्रकार की भूलभूलैया ही है। भोग के रास्ते चारों ओर खुले हुए हैं। धन, सत्ता, यश और भोग – इन सबका जाल बिछा है और यह जान इतना मजबूत है कि एक […] Read more » Featured अकर्तव्य आओ एक नयी दुनिया बसाये धन पवित्रता-अपवित्रता यश और भोग सत्ता सार-असार
समाज पहली बारिश की सौंधी सुगंध-सी हैं ‘रिश्तों की बूंदें’ July 2, 2018 / July 2, 2018 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | Leave a Comment – लोकेन्द्र सिंह कवि के कोमल अंतस् से निकलती हैं कविताएं। इसलिए कविताओं में यह शक्ति होती है कि वह पढऩे-सुनने वाले से हृदय में बिना अवरोध उतर जाती हैं। कवि के हृदय से पाठक-श्रोता के हृदय तक की यात्रा पूर्ण करना ही मेरी दृष्टि में श्रेष्ठ काव्य की पहचान है। युवा कवि सुदर्शन व्यास के […] Read more » 'रिश्तों की बूंदें Featured ऋषि वाल्मीकि कविताओं पहली बारिश की सौंधी सुगंध-सी हैं 'रिश्तों की बूंदें' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
समाज अच्छाई को जीने के लिये तैयारी चाहिए July 2, 2018 / July 2, 2018 by ललित गर्ग | 1 Comment on अच्छाई को जीने के लिये तैयारी चाहिए – ललित गर्ग – अल्बर्ट आइंस्टीन ने कहा था कि दुनिया एक बेहद खतरनाक जगह है। उन लोगों की वजह से नहीं, जो बुरा करते हैं, बल्कि लोगों के कारण जो कुछ नहीं करते।’ अब तो इंसान ही नहीं, बल्कि जानवर भी बदल रहे हैं, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले की पर्यावरणशास्त्री केटलिन गेनर इस पर […] Read more » Featured अच्छाई को जीने के लिये तैयारी चाहिए आतंकवाद कष्ट डाॅक्टर भी नकली दवा भी नकली दानदाता भी नकली भिखारी भी नकली भ्रष्टाचार विपत्तियां हिंसा
धर्म-अध्यात्म समाज किसी मुस्लिम गड़रिये ने नहीं खोजी अमरनाथ गुफा June 30, 2018 / June 30, 2018 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment प्रवीण गुगनानी आजकल जबकि प्रतिवर्ष अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं पर मुस्लिम आतंकवादियों का ख़तरा मंडराता रहता है व यात्रियों पर घातक हमले भी होते रहते हैं तब ऐसे जहरीले वातावरण में एक झूठी मान्यता यह भी प्रायोजित कर दी गई है कि वर्ष 1850 में एक कश्मीरी मुस्लिम बूटा मलिक अपनी भेड़ें चराने के […] Read more » 13600 फीट Featured अमरनाथ यात्रा कश्मीरी त्रिनेत्रधारी शिवशंकर ने जगतजननी माँ पार्वती मुस्लिम आतंकवादियों श्रद्धालुओं स्वामी विवेकानंद हिमखंड
राजनीति समाज विकास के बहाने दिल्ली में पेड़ों की बलि June 29, 2018 / June 29, 2018 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव दिल्ली में नौकरशाहों के लिए आधुनिक किस्म के नए आवासीय परिसर और व्यापारिक केंद्र बनाने के लिए 16,500 पेड़ों की बलि देने की तैयारी हो गई हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने फिलहाल पेड़ कटाई पर अंतरिम रोक जरूर लगा दी है, लेकिन यह रोक कब तक लगी रह पाती है कहना मुश्किल है। […] Read more » Featured काॅर्बन डाईआॅक्साइड जीव-जंतुओं व कीट-पतंगों पक्षियों पर्यावरण संरक्षण पेड़-पौधे भौगोलिक स्थिति मिट्टी विकास के बहाने दिल्ली में पेड़ों की बलि स्थानीय जलवायु