समाज मी टू की आवाज को सुनें October 12, 2018 / October 12, 2018 by ललित गर्ग | 1 Comment on मी टू की आवाज को सुनें ललित गर्ग इनदिनों देश में नारी शक्ति की प्रतीक समझी जाने वाली देवी मां दुर्गा की उपासना हो रही है और इसी समय नारी का एक तबका यौन शोषण के मामले पर एकजुट हो रहा है। इन्हीं यौन शोषण के मामलों को उजागर करने के लिए अमेरिका में मी टू नाम से शुरू हुआ अभियान […] Read more » गैंगरेप नारी उत्पीड़न बलात्कार यौन-शोषण सुख सुरक्षा सुविधा स्नेह स्वतंत्रता
समाज क्या आप भी पचास के हो रहे हैं ? October 11, 2018 / October 11, 2018 by विजय कुमार | 2 Comments on क्या आप भी पचास के हो रहे हैं ? विजय कुमार, पिछले दिनों हमारे पड़ोस में श्रीरामकथा का आयोजन था। कथावाचक घर-गृहस्थी वाले अच्छे विद्वान और संत पुरुष थे। प्रतिदिन एक घंटा वे अपने आवास पर लोगों से मिलते थे। उसमें लोग अपनी निजी जिज्ञासा, समस्या आदि की चर्चा करते थे। गुप्ता जी अब 55 साल के हो गये हैं। अवकाश प्राप्ति में कुछ […] Read more » क्या आप भी पचास के हो रहे हैं ? कारोबार घर प्रतिष्ठा स्वास्थ्य
समाज असम की बिनीता जैन बनीं मिसाल October 11, 2018 / October 11, 2018 by देवेंद्रराज सुथार | Leave a Comment देवेंद्रराज सुथार टीवी के लोकप्रिय धारावाहिक ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के दसवें संस्करण में असम के गुवाहाटी की रहने वाली बिनीता जैन ने 1 करोड़ रुपए जीतकर महिलाओं के लिए नई मिसाल कायम की है। इसके साथ ही बिनीता जैन इस संस्करण की पहली करोड़पति बन गई है और साथ ही में सात करोड़ रुपए यानी […] Read more » 'कब तक रोकेगे' 'कौन बनेगा करोड़पति' अमिताभ बच्चन असम की बिनीता जैन बनीं मिसाल
समाज न्यायालय के फैसले और आहत भारतीयता October 4, 2018 / October 4, 2018 by अर्पण जैन "अविचल" | 1 Comment on न्यायालय के फैसले और आहत भारतीयता डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत एक न केवल भूमि का टुकड़ा नहीं है बल्कि भारत के भारत होने के मतलब में ही भारतीयता संस्कार निहित है। संस्कार और संस्कृति के अध्ययन और मूल तत्व की खोज में हमारे अब तक सफल होने का कारण या कहें पूर्व में विश्वगुरु होने के पीछे केवल भारत धर्मग्रंथों […] Read more » जलिकट्टू न्यायालय के फैसले और आहत भारतीयता पुलिस भारतीयता संस्कार सबरीमाल
राजनीति समाज उत्तर प्रदेश पुलिस का अमानवीय चेहरा October 2, 2018 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार जबसे अस्तित्व में आई है, तब से मुठभेड़ में बदमाशों को मार गिराए जाने का सिलसिला जारी है। किंतु अब प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मोबाइल कंपनी एपल के क्षेत्रीय प्रबंधक विवेक तिवारी की हत्या को जिस तरह से अंजाम दिया गया है, उससे लगता है […] Read more » आईएएस आईपीएस योगी आदित्यनाथ सिपाही
समाज मदन से दाती महाराज बनने की दास्तान October 2, 2018 / October 2, 2018 by अनिल अनूप | Leave a Comment -अनिल अनूप 25 साल की महिला से दुष्कर्म के आरोपी दाती महाराज के जीवन संघर्ष पर नजर डालें तो यह सब किसी रहस्य-रोमांच सरीखा लगता है। चाय की प्याली उठाने से लेकर टेलीविजन चैनलों पर सर्वाधिक लोकप्रिय बाबा बनने वाला दाती महाराज एक दिन 25 वर्षीय युवती से दुष्कर्म के आरोपों के चलते दर-दर फिरेगा, […] Read more » कैलाश कॉलोनी ज्योतिषी बनने पुलिस मदन से दाती महाराज बनने की दास्तान सामूहिक दुष्कर्म
समाज क्यों मुद्दा गौण हो जाता है और राजनीति बड़ी? October 1, 2018 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment डॉ नीलम महेंद्र देर आयद दुरुस्त आयद ! सुप्रीम कोर्ट के हाल के फैसलों से-देश का-आम आदमी कुछ बातें सोचने के लिए मजबूर हो गया-है। आईये समझते-हैं कैसे ? इसे समझने के लिए कोर्ट के कुछ ताज़ा फैसलों पर एक नज़र डालते हैं , 1. सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की पीठ ने 4:1 के […] Read more » मस्जिद महिला जज जस्टिस इंदु मल्होत्रा सबरीमाला मन्दिर सुप्रीम कोर्ट
समाज व्यभिचार को सामाजिक स्वीकृति मिलना असंभव September 29, 2018 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिक स्त्री-पुरुष संबंधों के बारे में सर्वोच्च न्यायालय ने जो फैसला दिया है, ज्यादातर लोग उसकी तारीफ कर रहे हैं। उसे क्रांतिकारी बता रहे हैं। उनका मानना है कि यह फैसला अंग्रेज के बनाए उस कानून को रद्द कर रहा है, जिसके मुताबिक औरतों का दर्जा पशुओं-जैसा था। 1860 में बने इस कानून […] Read more » ईरान पाकिस्तान यमन सउदी अरब सर्वोच्च न्यायालय
समाज जीवन की राह: शांति की चाह September 29, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग – आज हर व्यक्ति चाहता है – हर दिन मेरे लिये शुभ, शांतिपूर्ण एवं मंगलकारी हो। संसार में सात अरब मनुष्यों में कोई भी मनुष्य ऐसा नहीं होगा जो शांति न चाहता हो। मनुष्य ही क्यों पशु-पक्षी, कीट-पंतगें आदि छोटे-से-छोटा प्राणी भी शांति की चाह में बेचैन रहता है। यह ढ़ाई अक्षर का […] Read more » अशांति कुंठा घुटन जीवन की राह: शांति की चाह तनाव नाम रूप शब्द शास्त्र संत्रास संस्कार संस्कृति सिद्धांत
समाज कीटाणुओं पर प्रहार करेगा अदालत से सीधा प्रसारण September 28, 2018 by विवेक कुमार पाठक | Leave a Comment विवेक पाठक पारदर्शिता हमेशा पर्दे और कोनों में छिपी बुराइयों पर प्रहार करती है। दुनिया की तमाम बुराइयां पारदर्शिता के अभाव में पनपती हैं। हमें लोग देख रहे हैं, हमें दुनिया देख रही है ये भाव हमें गलत भाव को आगे बढ़ाने से रोकता है। न्यायालय न्याय के मंदिर हैं मगर उनमें न्याय का दान […] Read more » देशवासियों न्यायालयों लाइव स्ट्रीमिंग वकीलों
समाज विकृति को बढ़ावा देनेवाले फैसले September 28, 2018 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment बिपिन किशोर सिंहा सुप्रीम कोर्ट देश का सर्वोच्च न्यायालय है। इसके फैसले कानून बन जाते हैं। अतः जिस फैसले से समाज का स्वस्थ तानाबाना तार-तार होता है, उसपर गंभीरता से विचार करने के बाद ही निर्णय अपेक्षित है। हाल में सुप्रीम कोर्ट के कुछ ऐसे फैसले आये हैं जिससे समाज में विकृति फैलने की पर्याप्त […] Read more » बालक/बालिका विकृति को बढ़ावा देनेवाले फैसले सुप्रीम कोर्ट स्त्री-पुरुषों
मीडिया समाज हाहाकार के बीच आंदोलन …! September 28, 2018 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझा दो दिनों के अंतराल पर एक बंद और एक चक्का जाम आंदोलन। मेरे गृह प्रदेश पश्चिम बंगाल में हाल में यह हुआ। चक्का जाम आंदोलन पहले हुआ और बंद एक दिन बाद। बंद तो वैसे ही हुआ जैसा अमूमन राजनैतिक बंद हुआ करते हैं। प्रदर्शनकारियों का बंद सफल होने का दावा और […] Read more » आदिवासियों मातृभाषा शिक्षाराष्ट्रीय चैनलों हाहाकार के बीच आंदोलन ...!