समाज अपने मौलिक नाम से जाने जाना गौरव का विषय है विवाद का नहीं October 20, 2018 / October 20, 2018 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment डॉ. नीलम महेंद्रा बरसों पहले अंग्रेजी के मशहूर लेखक शेक्सपियर ने कहा था, व्हाट इस इन द नेम? यानी नाम में क्या रखा है? अगर गुलाब का नाम गुलाब न होकर कुछ और होता, तो क्या उसकी खूबसूरती और सुगंध कुछ और होती? आज एक बार फिर यह प्रश्न प्रासंगिक हो गया है कि क्या नाम महत्वपूर्ण होते हैं? लेकिन इस पूरे […] Read more » उमापति नीलकंठ मत्स्यपुराण शम्भू अकबर इलाहाबाद ऋग्वेद प्रयागराज महाभारत रामायण शंकर
समाज जन-जन के आराध्य प्रभु श्रीराम October 19, 2018 / October 19, 2018 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment अरविंद जयतिलक भगवान श्रीराम साक्षात परब्रह्म ईश्वर हैं। संसार के समस्त पदार्थों के बीज और जगत के सूत्रधार हैं। वैदिक सनातन धर्म की आत्मा और परमात्मा हैं। शास्त्रों, पुराणों और उपनिषदों में उन्हें साक्षात ईश्वर कहा गया है। भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण का वध कर मानव जाति को संदेश दिया कि सत्य और धर्म […] Read more » गुणी गौतम ऋषि जन-जन के आराध्य प्रभु श्रीराम ज्ञानी बुद्धिमान साक्षर स्वस्थ
राजनीति समाज व्यर्थ न जाए गंगापुत्र सानंद का बलिदान October 18, 2018 / October 18, 2018 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment अरविंद जयतिलक जन-जन की आराध्य व मोक्षदायिनी मां गंगा की रक्षा के लिए प्रभावी कानून बनाने और गंगा की अविरलता को लेकर 113 दिनों से अनशनरत रहे नए दौर के भगीरथ स्वामी ज्ञानस्वरुप सानंद (जीडी अग्रवाल) आखिरकार दुनिया से चल बसे। याद होगा सात साल पहले मातृसदन के एक अन्य संत निगमानंद ने भी गंगा […] Read more » अलकनंदा प्रो गुरुदास अग्रवाल उर्फ भागीरथी उच्चतम न्यायालय मंदाकिनी व्यर्थ न जाए गंगापुत्र सानंद का बलिदान- स्वामी सानंद
मनोरंजन समाज अभिजात वर्गीय है मी टू कैंपेन October 18, 2018 / October 18, 2018 by संजीव खुदशाह | Leave a Comment संजीव खुदशाह पिछले दिनों से मी टू कैंपेन सोशल मीडिया से लेकर प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तक काफी चर्चित हो रहा है। इस मूवमेंट में महिलाएं #MeToo के साथ कडुवे अनुभव कुछ स्क्रीन शॉट्स भी शेयर कर रही हैं। भारत में इसकी शुरूआत 2017 से हुई थी लेकिन अभिनेत्री तनुश्री दत्ता के मामले ने पहले […] Read more » रजत कपूर अभिजात वर्गीय है मी टू कैंपेन आलोक नाथ कैलाश खैर चेतन भगत जुल्फी सुईद तमिल राइटर वैरामुथु नाना पाटेकर मशहूर हॉलीवुड एक्ट्रेस एलिसा मिलानो विकास बहल सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य
समाज घर में ही नहीं, घट में भी दीये जलें October 17, 2018 / October 17, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग- हम हर वर्ष दीपावली मनाते हैं। यह त्यौहार भारतीय संस्कृति का गौरव है, क्योंकि दीपावली रोशनी का पर्व है और दीया प्रकाश का प्रतीक है और तमस को दूर करता है। इस त्यौहार का न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि आध्यात्मिक, सांस्कृृतिक, भौतिक दृष्टि से भी विशेष महत्व है। भगवान महावीर का निर्वाण […] Read more » अनैतिकता आतंकवाद इंद्रियों ओजोन घट में भी दीये जलें घर में ही नहीं प्रदूषण भय भ्रष्टाचार हिंसा
समाज बुद्ध और कबीर की पुण्यभूमि में October 17, 2018 / October 17, 2018 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिक मेरे पिछले दो दिन ऐसे बीते, जो जीवन में हमेशा याद रहेंगे। मैंने महात्मा बुद्ध का जन्म स्थान, लुम्बिनी देखा। उनका परिनिर्वाण-स्थल कुशीनगर देखा। संत कबीर के निर्वाण स्थल मगहर के भी दर्शन किए। यहां के अत्यंत लोकप्रिय भाजपा सांसद श्री जगदंबिका पाल का निमंत्रण था कि बस्ती के प्रेस क्लब के […] Read more » अफगानिस्तान और मध्य एशिया कोरिया चीन जापान नेपाल बुद्ध और कबीर की पुण्यभूमि में भूटान श्रीलंका
राजनीति समाज राजनीति में युवा सक्रियता के लिये प्रयास October 16, 2018 / October 16, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग- कभी-कभी लगता है समय का पहिया तेजी से चल रहा है जिस प्रकार से घटनाक्रम चल रहा है, वह और भी इस आभास की पुष्टि करा देता है। पर समय की गति न तेज होती है, न रुकती है। हां पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव घोषित हो जाने से तथा प्रक्रिया प्रारंभ हो […] Read more » कामचोरी गांव घटता भूजल प्रखर वक्ता प्रधानमंत्री भ्रष्टाचार महंगाई महंगी शिक्षा माओवादी और नक्सली हिंसा मुस्लिम आतंकवाद युवा व्यक्तित्व राजनीति में वंशवाद राष्ट्र वारिस
राजनीति समाज रोहिंग्या घुसपैठियों के रद्द होंगे पहचान-पत्र October 15, 2018 / October 15, 2018 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment संदर्भ-ः संयुक्त राष्ट्र उच्चायोग के शरणार्थी पहचान-पत्र को भारत में मान्यता नहीं प्रमोद भार्गव भारत सरकार रोहिंग्या मुसलमान घुसपैठिए और शरणार्थीयों की पहचान व वापसी की राह आसान करने के प्रति प्रतिबद्ध दिखाई दे रही है। इस नाते सरकार ने रोहिंग्यों समेत सभी अवैध प्रवासियों के प्रति सख्ती दिखाते हुए ‘संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायोग (यूएनएचसीआर) […] Read more » आधार कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस पहचान-पत्र राशन-कार्ड रोहिंग्या मुसलमानों संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार हिंदुओं
समाज दशहरा है शक्ति की साधना का पर्व October 14, 2018 / October 14, 2018 by ललित गर्ग | 2 Comments on दशहरा है शक्ति की साधना का पर्व -ललित गर्ग- दशहरा-विजयदशमी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। आश्विन शुक्ल दशमी को यह त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्योहार भारतीय संस्कृति में वीरता का पूजक, शौर्य का उपासक प्रतीक पर्व है। व्यक्ति और समाज के रक्त में वीरता प्रकट हो, इसलिए दशहरे का उत्सव रखा गया है। भगवान राम ने इसी […] Read more » अहंकार आलस्य काम क्रोध तर्क हो दशहरा है शक्ति की साधना का पर्व न जल्दबाजी हो न सन्देह हो मत्सर मोह मद लोभ हिंसा
समाज केवल पुरुषों को दोष देने से काम नहीं चलेगा। October 13, 2018 / October 13, 2018 by डॉ नीलम महेन्द्रा | 3 Comments on केवल पुरुषों को दोष देने से काम नहीं चलेगा। डॉ नीलम महेंद्र पुरानी यादें हमेशा हसीन और खूबसूरत नहीं होती। मी टू कैम्पेन के जरिए आज जब देश में कुछ महिलाएं अपनी जिंदगी के पुराने अनुभव साझा कर रही हैं तो यह पल निश्चित ही कुछ पुरुषों के लिए उनकी नींदें उड़ाने वाले साबित हो रहे होंगे और कुछ अपनी सांसें थाम कर बैठे […] Read more » अभिनेता आलोक नाथ गायक कैलाश खेर गुरसिमरन खंभा फिल्म प्रोड्यूसर विकास बहल फेहरिस्त रजत कपूर लेखक चेतन भगत एम जे अकबर केवल पुरुषों को दोष देने से काम नहीं चलेगा।
समाज मी टू की आवाज को सुनें October 12, 2018 / October 12, 2018 by ललित गर्ग | 1 Comment on मी टू की आवाज को सुनें ललित गर्ग इनदिनों देश में नारी शक्ति की प्रतीक समझी जाने वाली देवी मां दुर्गा की उपासना हो रही है और इसी समय नारी का एक तबका यौन शोषण के मामले पर एकजुट हो रहा है। इन्हीं यौन शोषण के मामलों को उजागर करने के लिए अमेरिका में मी टू नाम से शुरू हुआ अभियान […] Read more » गैंगरेप नारी उत्पीड़न बलात्कार यौन-शोषण सुख सुरक्षा सुविधा स्नेह स्वतंत्रता
समाज क्या आप भी पचास के हो रहे हैं ? October 11, 2018 / October 11, 2018 by विजय कुमार | 2 Comments on क्या आप भी पचास के हो रहे हैं ? विजय कुमार, पिछले दिनों हमारे पड़ोस में श्रीरामकथा का आयोजन था। कथावाचक घर-गृहस्थी वाले अच्छे विद्वान और संत पुरुष थे। प्रतिदिन एक घंटा वे अपने आवास पर लोगों से मिलते थे। उसमें लोग अपनी निजी जिज्ञासा, समस्या आदि की चर्चा करते थे। गुप्ता जी अब 55 साल के हो गये हैं। अवकाश प्राप्ति में कुछ […] Read more » क्या आप भी पचास के हो रहे हैं ? कारोबार घर प्रतिष्ठा स्वास्थ्य