समाज ” राष्ट्रवाद मेरी नजर में “ April 14, 2018 by जालाराम चौधरी | Leave a Comment जालाराम चौधरी राष्ट्रवाद एक ऐसी अवधारणा हैं जिसमें राष्ट्र सर्वोपरि होता है। एक सूत्र में पिरोने का कार्य राष्ट्रवाद की भावना ही करती है। राष्ट्रवाद अर्थात् राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना। जो देशहित में खड़े होने की प्रेरणा देता है। आज के इस दौर में देश जिस मोड़ पर खड़ा है इनकी अपेक्षा देश […] Read more » 'सर्वजन हिताय Featured देशहित राष्ट्रवाद लोकतांत्रिक वर्तमान राष्ट्र सरकार सर्वजन सुखाय
समाज तो क्या ऐसे बचेंगी बेटियां? April 13, 2018 / April 25, 2018 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी हमारे देश में नवरात्रि के दौरान व्रत तथा पूजा-पाठ आदि धर्म एवं भक्ति का ऐसा पावन दृश्य देखने को मिलता है मानो इस देश से बड़े धर्मपरायण,सदाचारी तथा चरित्रवान लोग दुनिया के किसी दूसरे देश में रहते ही न हों। नेता,अभिनेता,अदालतें,सेना,पुलिस,मीडिया तथा धर्मगुरू आदि सभी महिलाओं के पक्ष में अपनी टिप्पणियां करते तथा […] Read more » Featured आरोप उन्नाव पूर्व जज जस्टिस ए के गांगूली बलात्कार बेटियां मीडिया तथा न्यायपालिका योगी राजनीति विधायक शोषण हैदराबाद
शख्सियत समाज डॉ आंबेडकर और उनका वैज्ञानिक चिंतन April 13, 2018 by संजीव खुदशाह | Leave a Comment आंबेडकर जयंती पर विशेष संजीव खुदशाह अक्सर डॉ आंबेडकर को केवल दलितों का नेता कहकर संबोधित किया जाता है। ऐसा संबोधित किया जाना दरअसल उनके साथ ज्यादती किया जाने जैसा है। ऐसा कहते समय हम भूल जाते हैं कि उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना की थी। हम भूल जाते हैं कि उन्होंने हीराकुंड जैसा विशाल बांध का निर्माण समेत दामोदर घाटी परियोजना और सोन नदी परियोजना जैसे […] Read more » Featured अंबेडकर धर्मनिरपेक्षता पिछड़ी वंचित जातियों भारतीय महिलाओं राजनीतिक प्रजातंत्र समाजिक लोकतंत्र
शख्सियत समाज सामाजिक क्रांति के अग्रदूत : बाबासाहब आंबेडकर April 12, 2018 / April 16, 2018 by डॉ. सौरभ मालवीय | Leave a Comment -डॉ. सौरभ मालवीय सामाजिक समता, सामाजिक न्याय, सामाजिक अभिसरण जैसे समाज परिवर्तन के मुद्दों को प्रमुखता से स्वर देने और परिणाम तक लाने वाले प्रमुख लोगों में डॊ. भीमराव आंबेडकर का नाम अग्रणीय है. उन्हें बाबा साहेब के नाम से जाना जाता है. एकात्म समाज निर्माण, सामाजिक समस्याओं, अस्पृश्यता जैसे सामजिक मसले पर उनका मन […] Read more » Featured बौद्धिक भारत रत्न भीमराव आंबेडकर समानता संविधान स्वतंत्रता
समाज साहित्य साहित्य समाज का दर्पण है April 9, 2018 by आर के रस्तोगी | 2 Comments on साहित्य समाज का दर्पण है आर के रस्तोगी “साहित्य समाज का दर्पण है” वो कैसे ?जिस तरह से आप दर्पण या शीशे (Miror) में अपने आप को देखते हो या निहारते हो तो आप उसी तरह से दिखाई देते हो जैसे आप हो| ठीक उसी तरह से साहित्य भी ऐसे देखने को मिलेगा जैसा समाज है क्योकि कोई लेखक या […] Read more » "कफ़न" "निर्मला" "मंगल सूत्र" Featured इतिहास गोदान दर्पण समाज साहित्य
समाज नशे से पतन की ओर बढ़ता देश और समाज April 9, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य इस संसार की सबसे श्रेष्ठ कृति है जिसे सर्वोत्कृष्ट, ज्ञानवान, पवित्र व धार्मिक स्वभाव वाले परमेश्वर ने अपने सर्वज्ञ व परमोत्कृष्ट ज्ञान से बनाया है। मनुष्य को परमात्मा ने क्यों बनाया? इस प्रश्न का उत्तर हमें वेद और ऋषियों द्वारा वेदों के व्याख्यान रूप में लिखे गये शास्त्रों व ग्रन्थों से […] Read more » Alcoholism decline due to alcoholism Featured नशे से पतन
समाज गाय सर्वोत्तम उपकारी पशु ही नहीं अपितु मनुष्यों का पूजनीय देवता है April 7, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य परमात्मा ने इस सृष्टि को जीवात्माओं को कर्म करने व सुखों के भोग के लिए बनाया है। जीवात्मा का लक्ष्य अपवर्ग होता है। अपवर्ग मोक्ष वा मुक्ति को कहते हैं। दुःखों की पूर्ण निवृत्ति ही मोक्ष कहलाती है। यह मोक्ष मनुष्य योनि में जीवात्मा द्वारा वेदाध्ययन द्वारा ज्ञान प्राप्त कर एवं उसके […] Read more » cow a deity Featured गाय
टेक्नोलॉजी समाज निगरानी प्रौद्योगिकी April 5, 2018 / April 6, 2018 by गंगानन्द झा | 2 Comments on निगरानी प्रौद्योगिकी एक प्रसिद्ध उक्ति है, “ जिस व्यक्ति को एकान्तता (Privacy) के प्रति सम्मान नहीं हो वह बर्वर होता है तथा जो अपने आचरण में गोपनीयता(secrecy) बनाए रखे वह खतरनाक होता है।“ अभी के सन्दर्भ में यह उक्ति प्रासंगिक हो गई है क्योंकि संकेत स्पष्ट हैं कि हमारे लिए एकान्तता और गोपनीयता बनाए रखना शायद मुमकिन […] Read more » Featured आधार इन्टरनेट कार्ड मोबाइल कैमरा डिजिटल तस्वीरें मोबाइल सोशल साइट्स
समाज शिक्षा अब रंजीता के रास्ते में बाधा है March 31, 2018 / March 31, 2018 by गौहर आसिफ | Leave a Comment गौहर आसिफ छत्तीसगढ के सरगुजा जिले के अम्बिकापुर ब्लाॅक के असोला गांव की रंजीता मुंडा ने जीवन के 30 बसंत देखे हैं। रंजीता ने कक्षा छह तक की शिक्षा हासिल की है। रंजीता विवाहित हैं व परिवार में कुल छह सदस्य हैं। इनका मायका अम्बिकापुर ब्लाक के वार्ड नमना का है। शादी के बाद रंजीता […] Read more » Education is now obstructing the path of Ranjita शिक्षा
समाज असंगठित विकास से श्रीनगर की स्थिरता को खतरा March 31, 2018 / March 31, 2018 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment अफ़साना रशीद धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर धीरे-धीरे अपनी खूबसूरती खोता जा रहा है। सालों भर पर्यटकों से गुलज़ार रहने वाले इस शहर की चमक फीकी होती जा रही है। इसके पीछे प्रकृति का कोई बदलाव नहीं बल्कि विकास के नाम पर समाज की बढ़ती महत्वाकांक्षा है। श्रीनगर को […] Read more » Featured Srinagar Threat to the stability unorganized development श्रीनगर
समाज खाध्य और खेती में चुनौंतियाँ सतत विकास के लक्ष्य में बाधा March 31, 2018 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment भारत डोगरा 2030 तक कृषि उत्पादन एवं आय को बढाने और भूख की भयावता को दूर करने के सतत विकास का लक्ष्य प्रशंसनीय है। लेकिन 12 वर्षों में इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए भारत को बड़े पैमाने पर नीतियों में बदलाव करने की आवश्यकता है। यदि हम सतत विकास लक्ष्यों की अतिरिक्त आवश्यकताओं को ध्यान में […] Read more » drought farming challenges inhibit the goal sustainable development खाध्य खाध्य और खेती में चुनौंतियाँ
समाज पैरेण्टिंग( परवरिश) March 29, 2018 by गंगानन्द झा | Leave a Comment गङ्गानन्द झा अमेरिकी शिक्षाविद एवम् बच्चों की कहानों के लेखक केट विगिन(1856-1923) की उक्ति है, “इस संसार में जन्मा हर बच्चा विधाता का एक नया विचार है, एक सतत अम्लान एवम् दीप्तिमान सम्भावना।” जरूरत है कि माँ-बाप विधाता के विचार की सांकेतिक लिपि को समझने की निष्ठा रख पाएँ ताकि वे उसके विकास में सार्थक […] Read more » Featured पैरेण्टिंग