शख्सियत समाज सरल नहीं है उपासने हो जाना March 28, 2018 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार एक पत्रकार से एक सम्पादक हो जाना बहुत कठिन नहीं है लेकिन एक सम्पादक से किसी महनीय विश्वविद्यालय का कुलपति हो जाना मुश्किल सा था. और इस मुश्किल को बड़ी ही सहजता से जिसने पाया उसका नाम है जगदीश उपासने. माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के कुलपति बनाये जाने पर […] Read more » Featured Jagdish Upasne उपासने जगदीश उपासने भोपाल माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय
समाज ॥न सा सभा यत्र न सन्ति वृद्धाः॥ भा. (२) March 28, 2018 by डॉ. मधुसूदन | 5 Comments on ॥न सा सभा यत्र न सन्ति वृद्धाः॥ भा. (२) डॉ. मधुसूदन वृद्ध जनों का योगदान: भा. (२) भाग (१) से आगे– सारांश: *आदर्श परिवार का हरेक सदस्य अपनी न्य़ूनतम आवश्यकता के अनुपात में ले, और अपनी सर्वाधिक सामर्थ्य के अनुपात में योगदान करे.* *अंग्रेज़ी में, From each according his/her capacity to each according to his/her needs.* *अनुभवों के विश्वविद्यालय में पढी हुई ये नाना-दादा […] Read more » Featured वृद्ध जन वृद्ध जनों का योगदान
समाज दुनिया को बचाना है तो बच्चों को बचाइए March 27, 2018 by अनिल पांडेय | Leave a Comment अनिल पांडेय इक्कीसवीं सदी में विकास और आधुनिकता के तमाम दावों के बावजूद बच्चे सबसे ज्यादा उपेक्षित हैं। जबकि दुनिया का भविष्य इन्हीं के कंधों पर है। बच्चों के लिए एक ऐसी दुनिया का निर्माण होना चाहिए जहां हर बच्चा आजादी के साथ एक गरिमापूर्ण जीवन जी सके। स्वतंत्र, सुरक्षित, स्वस्थ और शिक्षित होकर बच्चों […] Read more » 100 मिलियन फॉर 100 मिलियन child labour Featured save the children save the world कैलाश सत्यार्थी दुनिया को बचाना है बच्चों को बचाइए बाल हिंसा लॉरीअट्स एंड लीडर्स सम्मिट फॉर चिल्ड्रेन
समाज न सा सभा यत्र न सन्ति वृद्धाः॥ March 22, 2018 by डॉ. मधुसूदन | 1 Comment on न सा सभा यत्र न सन्ति वृद्धाः॥ डॉ. मधुसूदन वृद्ध जनों का योगदान: भा. (१) डॉ. मधुसूदन सूचना: इसआलेख को *वे न दुखडा गाएंगे, न तुम अनुमान कर पाओगे* आलेख के बाद पढें. सारांश: * कोई प्रेम से चाय पिलाता है, तो चाय से अधिक पिलानेवाले का प्रेम व्यक्त होता है. मनुष्य जितना प्रेम का भूखा है; उतना उस चाय का नहीं.* […] Read more » Featured the contribution of old persons in our life वृद्ध जनों का योगदान
समाज जोखिमभरा बचपन सभ्य समाज की त्रासदी March 22, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- इक्कीसवीं सदी का सफर करते हुए तमाम तरह के विकास के वायदें तब खोखले साबित हो रहे हैं जब हम अपने बचपन को उपेक्षित होते एवं कई तरह के खतरों से जूझते देखते हैं। निश्चित रूप से यह चिंताजनक है और हमारी विकास-नीतियों पर सवाल भी उठाती है। बड़ा सवाल तो तब खड़ा […] Read more » child labour Civil Society The Tragedy of Childhood जोखिमभरा बचपन सभ्य समाज की त्रासदी
समाज पहचान और श्रम मूल्य के संकट से जूझती घरेलू कामगार महिलायें March 19, 2018 by उपासना बेहार | Leave a Comment उपासना बेहार घरेलू काम दुनिया के सबसे पुराने रोजगार के साधनों में से एक रहा है। सूखा, खेती में हानि, रोजगार के विकल्प का ना होना, विकास के नाम पर जमीन का अधिगृहण, विस्थापन, दलित वर्ग का उत्पीड़न, चिकित्सा, पानी इत्यादि मूलभूत सुविधाओं का अभाव जैसे विभिन्न कारणों के चलते गाँव से लोग शहर की ओर पलायन करने को मजबूर हो जाते […] Read more » Featured घरेलू कामगार महिलायें
समाज बकरी दीदी क्यों कहलाती हैं ये महिलाएं? March 18, 2018 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment उषा राय बकरियों की तीसरी बड़ी आबादी बिहार राज्य में पाई जाती है, यहां की कई महिलाएं पशु सखी और बकरी दीदी के नाम से भी प्रसिद्ध है, जो बकरी पालन के द्वारा अपने जीवन स्तर में सुधार ला रही हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की अधिकतर महिलाएं बकरी पालन के गुणों को सीख कर बकरियों की […] Read more » बकरी पालन
शख्सियत समाज स्टीफन हाॅकिंग-ब्रह्माण्ड के खोजी, ब्रह्माण्ड में विलीन March 18, 2018 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव आजीवन जिद और जिवटता के साथ ब्रह्माण्ड के रहस्यों को खंगालने में लगे रहे महान भौतिकी के वैज्ञानिक स्टीफन हाॅकिंग आखिरकार पंच-तत्वों से बने ब्रह्माण्ड में ही विलीन हो गए। 22 साल की उम्र में असाध्य बीमारी से ग्रस्त और बोलने से लाचार होने के बावजूद स्टीफन 55 साल तक मौलिक अनुसंधानों से […] Read more » Featured merged into the Universe Stephen Hawking स्टीफन हाॅकिंग
समाज सूचकांक से कहीं ज्यादा बड़ी है ‘भुखमरी’ March 14, 2018 / March 14, 2018 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment सचिन कुमार जैन सतत विकास लक्ष्य के कई एजेंडो में लक्ष्य 2 का एजेंडा जब तय किया गया तो विश्व के सभी लीडर इस बात पर एकमत थें कि वर्ष 2030 तक दुनिया से भुखमरी को समाप्त किया जायेगा। साथ ही बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष रूप से खाद्य और पोषण की सुरक्षा की स्थिति को हासिल […] Read more » Featured starvation The index is much larger than the 'starvation' भुखमरी
शख्सियत समाज समावेशी सोच के प्रणेता शिवराज सिंह चौहान March 13, 2018 / March 13, 2018 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment समावेशी सोच के प्रणेता शिवराज सिंह चौहान प्रमोद भार्गव किसी राजनेता या महान व्यक्तित्व की महिमा इस तथ्य से प्रमाणित नहीं होती है कि वह कहां जन्मा, उसके माता-पिता कौन हैं और उसकी जाति क्या है ? अलबत्ता उसकी गौरव-गाथा इस बात से तय होती है कि उसने अपने देश व समाज को दिया क्या […] Read more » Featured pioneer of inclusive thinking Shivraj Singh Chauhan शिवराज सिंह चौहान
महिला-जगत समाज महिला सशक्तीकरण की प्रतिबद्धता March 13, 2018 / March 13, 2018 by डॉ. सौरभ मालवीय | Leave a Comment डॊ. सौरभ मालवीय आज हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है, जहां महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज न कराई हो। महिलाएं समाज की प्रथम इकाई परिवार का आभार स्तंभ हैं। एक महिला सशक्त होती है, तो वह दो परिवारों को सशक्त बनाती है। प्राचीन काल में भी महिलाएं […] Read more » Commitment of women empowerment Featured woemn empowerment महिला सशक्तीकरण महिला सशक्तीकरण की प्रतिबद्धता
शख्सियत समाज “साहसी वीर देशभक्त अमर शहीद पं. चन्द्रशेखर आजाद” March 12, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, आज भारत माता के वीर, निर्भय साहसी और अद्भुद देशभक्त शहीद पं. चन्द्रशेखर आजाद जी का बलिदान दिवस है। चन्द्रशेखर आजाद जी का देश की आजादी में प्रमुख योगदान था। उन्होंने देश को आजाद कराने का सही रास्ता चुना था और उसके लिए देश की स्वतन्त्रता के पावन यज्ञ में प्राणों की […] Read more » "Courageous hero patriot Amar Shahid Pt. Chandrashekhar Azad" Featured Pt. Chandrashekhar Azad" पं. चन्द्रशेखर आजाद