Category: समाज

धर्म-अध्यात्म समाज

“पराधीन भारत में अंग्रेजों की आर्यसमाजियों पर क्रूर दृष्टि के कुछ उदाहरण”

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  मनमोहन कुमार आर्य,  पराधीन भारत में अंग्रेज पादरियों और अधिकारियों की आर्यसमाज के अनुयायियों पर कू्रर दण्डात्मक दृष्टि थी। इसके लगभग 24 उदाहरण आर्यसमाज के विद्वान आचार्य पं. सत्यप्रिय शास्त्री, प्राचार्य, दयानन्द ब्राह्म महाविद्यालय, हिसार ने अपनी पुस्तक ‘भारतीय स्वातन्त्र्य संगाम में आर्यसमाज का योगदान’ में दिये हैं। वह पुस्तक के छठे अध्याय में […]

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समाज

आदिवासी समाज को राष्ट्र की मूलधारा में लाना होगा: अठावले

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ललित गर्ग सुखी परिवार फाउंडेशन द्वारा अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर-नई दिल्ली के नालंदा सभागार में ‘अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस’ समारोह का भव्य आयोजन आदिवासी जनजीवन के प्रेरणास्रोत गणि राजेन्द्र विजयजी के सान्निध्य में आयोजित हुआ, जिसमें केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री श्री रामदास अठावले मुख्य अतिथि, कुरूक्षेत्र के सांसद श्री राजकुमार सैनी एवं राज्यसभा सांसद श्री […]

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राजनीति समाज

   राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और महिलाएं

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विजय कुमार,  जब से राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष बने हैं, तब से वे कुछ अधिक ही बोलने लगे हैं; पर इससे उनका अज्ञान भी लगातार प्रकट हो रहा है। वे कई बार कह चुके हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ महिला विरोधी है। गत सात अगस्त 2018 को दिल्ली में कांग्रेस के महिला सम्मेलन में […]

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समाज

 नर्मदा घाटी संदर्भ: आदिवासी दिवस व बाबासाहेब

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प्रवीण गुगनानी, जनजातीय समाज की प्रतिष्ठा, उसके रक्षण व विकास की भारत में प्राचीन परंपरा रही है. प्रकृति पूजन हमें वेदों से प्राप्त हुआ जिसके प्रति नगरीय समाज की अपेक्षा जनजातीय समाज अधिक आग्रही रहा. जनजातीय समाज रक्षण का पात्र नहीं अपितु शेष समाज का रक्षक भी रहा है ऐसी मान्यता का परिचय भी हमें प्राचीन भारतीय […]

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राजनीति समाज

भारत में आदिवासी उपेक्षित क्यों है?

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गणि राजेन्द्र विजय  अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस सिर्फ उत्सव मनाने के लिए नहीं, बल्कि आदिवासी अस्तित्व, संघर्ष, हक-अधिकारों और इतिहास को याद करने के साथ-साथ जिम्मेदारियों और कर्तव्यों की समीक्षा करने का भी दिन है। आदिवासियों को उनके अधिकार दिलाने और उनकी समस्याओं का निराकरण, भाषा संस्कृति, इतिहास आदि के संरक्षण के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ […]

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समाज

इस्लामिक चक्रव्यूह में भारत…एक और चुनौती 

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विनोद कुमार सर्वोदय क्या मुस्लिम समाज वास्तव में भयभीत है या फिर सवा करोड़ के मुस्लिम युवाओं के क्लब के गठन द्वारा आक्रांताओं की जड़ों को गहरा करके अपने पूर्वाग्रहों के कारण इस्लामिक चक्रव्यूह में घेरने के लिये भारत को एक और चुनौती दे रहा है ? समाचारों से ज्ञात हुआ है कि इस्लामिक संस्था […]

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