Category: समाज

राजनीति समाज

सामाजिक समरसता एवम् डॉ .भीमराव अांबेडकर

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डॉ .प्रेरणा चतुर्वेदी भारतीय संस्कृति की आत्मा समरसता परिपूर्ण है .धर्म सापेक्षीकरण ,धर्म निरपेक्ष करण ,सर्वधर्म समभाव, मानवतावाद ,बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय, आदि अवधारणा सामाजिक समरसता की पोषक रही हैं. विविधता में एकता का भाव समरसता का प्रतिनिधित्व करता है. ‘सर्वे भवंतु सुखिनः’ यह भारतीय संस्कृति का अमर वाक्य व्यष्टि  नहीं  समष्टि के कल्याण ,सुख […]

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समाज

वेद पारायण यज्ञ एवं वैदिक विद्वानों के उपदेशों से गुरुकुल पौंधा का वार्षिकोत्सव एक सच्चा तीर्थ

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मनमोहन कुमार आर्य श्रीमद्दयानन्द आर्ष ज्योतिर्मठ गुरुकुल, पौंधा का आगामी 18वां त्रि-दिवसीय वार्षिकोत्सव 1 जून से 3 जून, 2018 तक आयोजित किया जा रहा है। इस उत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। आज गुरुकुल के आचार्य डा. धनंजय जी इन पंक्तियों के लेखक के साथ गुरुकुल के सहयोगी व आर्यसमाज की विचारधारा से जुड़े व […]

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राजनीति समाज

भारतीय संस्कृति का प्रतीक है देश की पहली मस्जिद

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तनवीर जाफ़री भारतवर्ष के सत्तालोभी चतुर राजनीतिज्ञों द्वारा भारतीय समाज को हिंदू-मुस्लिम व मंदिर-मस्जिद के नाम पर विभाजित कर सत्ता शक्ति प्राप्त की जा रही है। देश में कई जगह से इस प्रकार के विवादों की ख़बर आती रहती है। पिछले दिनों तो कुछ मनचले तथाकथित स्वयंभू हिंदुत्ववादी नवयुवकों द्वारा कुछ ऐसी हरकतें की गईं […]

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