समाज देश में बालश्रम, केंद्र सरकार और हमारी मानसिकता September 26, 2017 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मयंक चतुर्वेदी आज के बच्चे कल के होनहार नागरिक हैं जोकि किसी भी देश को गढ़ने का कार्य करते हैं, इसलिए ही बच्चों को देश की अमूल्य निधि माना जाता है। इस दृष्टि से दुनिया के तमाम देश अपने भविष्य को लेकर बेहद संवेदनशील रहते हैं। फिर भी कुछ देश ऐसे भी हैं जो अपने […] Read more » child labour Child Labour in India Featured बाल श्रम राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना 1988
शख्सियत समाज अंतिम जन के हितचिंतक पं. दीनदयाल उपाध्याय September 25, 2017 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार नव-भारत के निर्माण की बात चल पड़ी है और इस दिशा में सकरात्मक प्रयास भी आरंभ हैै। यह पहल एक समय के बाद अपना आकार लेगी लेकिन इस महादेश में बड़ी संख्या में ऐसे लोग निवास करते हैं जिन तक विकास की रोशनी भी नहीं पहुंच पाती हैै। सौ साल पहले भी वे […] Read more » Featured पं. दीनदयाल उपाध्याय
समाज भारत में अंत्योदय के सिद्धांत के चमत्कारी परिणाम September 25, 2017 by अशोक बजाज | Leave a Comment अशोक बजाज असाधारण प्रतिभा के धनी एवं महान आर्थिक चिंतक पं. दीनदयाल उपाध्याय ने पूंजीवाद, साम्यवाद और समाजवाद के मुकाबले एकात्म मानव दर्शन के माध्यम से अंत्योदय के सिद्धांत को प्रतिपादित कर देश में समग्र विकास की दिशा तय की थी । उन्होने कहा कि यहां अमीरी व गरीबी के बीच की खाई दिनों दिन […] Read more » Featured अंत्योदय पं. दीनदयाल उपाध्याय के पं. दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत में अंत्योदय
समाज रक्षक बने भक्षक September 22, 2017 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment आज समाचार पत्रों में मुख्य समाचार है कि लखनऊ के प्राइवेट मेडिकल कालेज में दाखिले से संबन्धित मामलों को रफ़ादफ़ा करने की साज़िश में हाई कोर्ट के पूर्व जज समेत छः लोग गिरफ़्तार। यह डील एक करोड़ की थी। हाई कोर्ट के पूर्व जज हैं — उड़ीसा हाई कोर्ट के पूर्व जज इसरत मसरूर कुद्दुसी। […] Read more » Featured उड़ीसा हाई कोर्ट के पूर्व जज इसरत मसरूर कुद्दुसी नाभा जेल ब्रेक कांड मुख्य आरोपी गोपी घनश्यामपुरिया लखनऊ के प्राइवेट मेडिकल कालेज
समाज हे देवि! अब मृजया रक्ष्यते को लेकर हमारी शर्मिंदगी भी स्वीकार करें September 22, 2017 by अलकनंदा सिंह | 1 Comment on हे देवि! अब मृजया रक्ष्यते को लेकर हमारी शर्मिंदगी भी स्वीकार करें अतिवाद कोई भी हो, वह सदैव संबंधित विषय की उत्सुकता को नष्ट कर देता है। अति की घृणा, प्रमाद, सुंदरता, वैमनस्य, भोजन, भूख, जिस तरह जीवन को प्रभावित करती हैं और स्वाभाविक प्रेम, त्याग, कर्तव्य को खा जाती हैं उसी प्रकार आजकल ”अति धार्मिकता” अपने कुछ ऐसे ही दुष्प्रभावों को हमारे सामने ला रही है। […] Read more » Featured देवी की मृजया रक्ष्यते की सीख शारदीय नवरात्र की स्थापना स्वच्छता
समाज ये क्या कह रहा है अमेरिकी विदेश मंत्रालय September 22, 2017 by शैलेन्द्र सिंह | Leave a Comment शैलेंद्र सिंह भारत में 90 के दशक में शुरू हुए आर्थिक उदारवाद और भूमंडलीकरण के प्रभाव में एक नव्य राजनीतिक धारा का अद्भुत अभिभूतीकरण हुआ. जीडीपी को चमकाने की हड़बड़ी में उदारवाद की खुशफहमियां, अंततः अपने ही लोगों पर अलग अलग ढंग से टूटीं, बेरोजगारी, गरीबी, बेदखली, पलायन, अपराध, अशांति और हिंसा के रूप में. […] Read more » Featured अमेरिकी विदेश मंत्रालय आर्थिक उदारवाद केरल भूमंडलीकरण राजनीतिक हत्याएं राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो लव-जेहाद की बर्बरता
समाज क्यों ना हम पहले अपने अन्दर के रावण को मारें September 22, 2017 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment “रावण को हराने के लिए पहले खुद राम बनना पड़ता है ।“ विजयादशमी यानी अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दसवीं तिथि जो कि विजय का प्रतीक है। वो विजय जो श्रीराम ने पाई थी रावण पर, वो रावण जो पर्याय है बुराई का, अधर्म का ,अहम् का, अहंकार का और पाप का, वो जीत […] Read more » Featured रावण
समाज राष्ट्रीय चुनौतियों के मूल में बौद्धिक कारण September 20, 2017 by मनोज ज्वाला | Leave a Comment साहित्य से ही निवारण मनोज ज्वाला आज अपने देश में जितनी भी तरह की समस्यायें और चुनैतियां विद्यमान हैं, उन सबका मूल कारण वस्तुतः बौद्धिक संभ्रम है , जो या तो अज्ञानतावश कायम है या अंग्रेजी मैकाले शिक्षा-पद्धति से निर्मित औपनिवेशिक सोच का परिणाम है अथवा वैश्विक महाशक्तियों के भारत-विरोधी साम्राज्यवादी षड्यंत्र का अंजाम । […] Read more » Featured धर्मनिरपेक्षता पुरातन संस्कृति बौद्धिक कारण राष्ट्रीय अस्मिता साम्प्रदायिकता
समाज रोहिंग्याई मुसलमान : खतरों को आमंत्रण September 20, 2017 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment रोहिंग्या मुसलमान के बारे में अब यह स्पष्ट हो रहा है कि आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। इन्होंने म्यांमार में अशांति फैलाने का काम किया है। इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त रहकर काम करने वाले रोहिंग्याई मुसलमान के पक्ष में भारत में वातावरण बनाना निश्चित रुप से एक भीषण खतरे का संकेत है। […] Read more » Featured Rohungya Muslims threat to nation Rohingyas खतरों को आमंत्रण रोहिंग्या मुसलमान रोहिंग्याई मुसलमान
समाज मध्यप्रदेश- बच्चों के साथ त्रासदियों का पुराना सिलसिला September 19, 2017 by जावेद अनीस | Leave a Comment जावेद अनीस दुर्भाग्य से गोरखपुर की घटना कोई इकलौती घटना नहीं है इससे पहले भी देश के अनेक हिस्सों में इस तरह की घटनायें होती रही हैं . पूर्व में हुई घटनाओं से हम सीख हासिल सकते थे लेकिन हमने कभी भी ऐसा नहीं किया है. हमने तो जवाबदेही को एक दुसरे पर थोपने और […] Read more » Featured इंदौर इंदौर के शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय एमवाय हॉस्पिटल गोरखपुर भोपाल
समाज शक्ति की उपासना और कन्याओं पर बढ़ते जुल्म September 19, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग – शताब्दियों से हम साल में दो बार नवरात्र महोत्सव मनाते हुए कन्याओं को पूजते हैं। पूरे नौ दिन शक्ति की उपासना होती है। दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा-अर्चना करके लोग उनसे अपने घर पधारने का अनुरोध करते हैं। लेकिन विडम्बना देखिये कि सदियों की पूजा के बाद भी हमने कन्याओं को […] Read more » Featured आरुषि मर्डर मिस्ट्री कन्याओं पर बढ़ते जुल्म जेसिका लाल हत्याकांड नितीश कटारा हत्याकांड निर्भया कांड प्रियदर्शनी मट्टू बलात्कार व हत्याकांड रुचिका मेहरोत्रा आत्महत्या कांड शक्ति की उपासना
समाज क्यों जिन्दगी का सच नहीं ढूंढ़ पाये? September 17, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग जिन्दगी के सवालों से घिरा वक्त जीवन के सच को ढूंढ़ने की कोशिश कर रहा है। यह कोशिश अतीत से वर्तमान तक होती रही है। अनेक महापुरुषों ने इसके लिये अपना जीवन होम कर दिया। इसी जीवन के सच की सांसों की बांसुरी में सिमटे हैं कितने ही अनजाने-अनसुने सुर जो बुला रहे […] Read more » Featured जिन्दगी का सच