समाज क्या भारत को आज सिकुड कर बैठना चाहिए? March 12, 2017 by डॉ. मधुसूदन | 10 Comments on क्या भारत को आज सिकुड कर बैठना चाहिए? डॉ. मधुसूदन भारत को आज संसार से अलग सिकुडकर बैठने का अवसर नहीं है। क्यों? जानने के लिए आगे पढें। (एक) क्या विदेशी निवेश , सिकुडकर बैठने से संभव है? मार्च-३-२०१७ का, वॉल स्ट्रीट जर्नल का आलेख आया है। जिस में भारत में निवेश को प्रोत्साहित किया है। कहा है India is the best country […] Read more » Featured भारत को सिकुड कर बैठना चाहिए?
समाज बृद्धावस्था बोझ नहीं, परिवार व समाज के उद्धारक बनें March 10, 2017 / March 10, 2017 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 1 Comment on बृद्धावस्था बोझ नहीं, परिवार व समाज के उद्धारक बनें दादा दादी , नाना नानी के संरक्षण में बच्चों में आत्मविश्वास और सुरक्षित होने की भावना बढ़ती है। जिन घरों में गृहणियां बाहर नहीं जातीं , वहां भी वरिष्ठ सदस्यों की प्रासंगिकता रहती है। पति पत्नी एक मर्यादा में रहते हैं। बात बात में आपे से बाहर नहीं होते।बुढ़ापे को बेकार मत समझिए। इसे सार्थक दिशा दीजिए। तन में बुढ़ापा भले ही आ जाए, पर मन में इसे मत आने दीजिए। आप जब 21 के हुए थे तब आपने शादी की तैयारी की थी, अब अगर आप 51 के हो गए हैं तो शान्ति की तैयारी करना शुरू कर दीजिए। सुखी बुढ़ापे का एक ही मन्त्र हैं। दादा बन जाओ तो दादागिरी छोड़ दो और परदादा बन जाओ तो दुनियादारी करना छोड़ दो। Read more » Featured परिवार बृद्धावस्था बोझ नहीं समाज के उद्धारक
पर्व - त्यौहार वर्त-त्यौहार समाज बुराई को त्यागने का प्रतीक है होली March 10, 2017 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment रंगों का पर्व होली हिन्दुओं का पवित्र त्यौहार है। यह मौज-मस्ती व मनोरंजन का त्योहार है। सभी हिंदू जन इसे बड़े ही उत्साह व सौहार्दपूर्वक मनाते हैं। यह त्योहार लोगों में प्रेम और भाईचारे की भावना उत्पन्न करता है। Read more » Featured होली
कला-संस्कृति पर्व - त्यौहार वर्त-त्यौहार समाज होली पर्व भारत में बहुसांस्कृतिक समाज के जीवंत रंगों का प्रतीक March 9, 2017 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment होली पर्व पूरे देश में परंपरा, हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया जाने वाला त्यौहार है। होली पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। होली पर्व हमारे देश में उपस्थित बहुसांस्कृतिक समाज के जीवंत रंगों का प्रतीक है। होली पर्व देश में हमारी संस्कृति और सभ्यता के मूल सहिष्णुता और सौहार्द की भावना को बढ़ावा देने वाला पर्व है। इस पर्व को सभी लोगों को शांति, सौहार्द और भाईचारे की भावना से मनाना चाहिए। Read more » Featured जीवंत रंगों का प्रतीक होली पर्व होली पर्व भारत में बहुसांस्कृतिक समाज के जीवंत रंगों का प्रतीक
महिला-जगत समाज अनचाही बेटियाँ March 8, 2017 by जावेद अनीस | Leave a Comment समाज में लिंग अनुपात संतुलन लगातार बिगड़ रहा है. वर्ष 1961 से लेकर 2011 तक की जनगणना पर नजर डालें तो यह बात साफ तौर पर उभर कर सामने आती है कि 0-6 वर्ष आयु समूह के बाल लिंगानुपात में 1961 से लगातार गिरावट हुई है पिछले 50 सालों में बाल लिंगानुपात में 63 पाइन्ट की गिरावट दर्ज की गयी है. लेकिन पिछले दशक के दौरान इसमें सांसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गयी है Read more » Featured unwanted daughters अनचाही बेटियाँ भ्रूणलिंग जांच समाज में घटती महिलाओं की घटती संख्या
महिला-जगत समाज माँ, ममता और महिला March 8, 2017 by अर्पण जैन "अविचल" | Leave a Comment ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता:’ की आध्यात्मिक ताक़त वाला राष्ट्र जिसकी रगों में नारी का सम्मान बसा हुआ है, किंतु दुर्भाग्य इस कलयुगी पौध का जो यौवन के मदमास में अपने गौरवशाली इतिहास की किताबो को कालिख पोतते हुए अपमान के नए अंगवस्त्र तैयार कर रही है, वो भूल गई 'यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्रफला: क्रिया’ अर्थात जिन घरों में स्त्रियों का अपमान होता है, वहां सभी प्रकार की पूजा करने के बाद भी भगवान निवास नहीं करते हैं। Read more » Featured अंतराष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास ममता महिला मां
महिला-जगत समाज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस March 8, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment माता का हमेशा सम्मान हो मां अर्थात माता के रूप में नारी, धरती पर अपने सबसे पवित्रतम रूप में है। माता यानी जननी। मां को ईश्वर से भी बढ़कर माना गया है, क्योंकि ईश्वर की जन्मदात्री भी नारी ही रही है। मां देवकी (कृष्ण) तथा मां पार्वती (गणपति/ कार्तिकेय) के संदर्भ में हम देख सकते हैं इसे। किंतु बदलते समय के हिसाब से संतानों ने अपनी मां को महत्व देना कम कर दिया है। यह चिंताजनक पहलू है। Read more » Featured International Women Day अंतराष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस अरुणा आसफ अली इला भट्ट देवी अहिल्याबाई होलकर मदर टेरेसा महादेवी वर्मा राजकुमारी अमृत कौर सुचेता कृपलानी और कस्तूरबा गांधी
महिला-जगत समाज आधी दुनिया के हिस्से को पूरा हक March 7, 2017 by मनोज कुमार | Leave a Comment विश्व महिला दिवस पर 8 मार्च पर विशेष एक अनजाना सा गांव पुलवाही देश ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय फलक पर चमक उठा है. ग्राम फलवानी डिंडोरी जिले के मेहदवानी विकासखंड में आता है. भौगोलिक रूप से यह गांव, विकासखंड और जिला मध्यप्रदेश में है लेकिन इस पर कभी मध्यप्रदेश का अविभाज्य अंग रहे छत्तीसगढ़ की […] Read more » 8 मार्च Featured महिला सशक्तिकरण विश्व महिला दिवस
महिला-जगत समाज मातृशक्ति को अपने अधिकारों और शक्ति को पहचानने की जरुरत March 6, 2017 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment आज जरूरत है कि समाज में महिलाओं को अज्ञानता, अशिक्षा, कूपमंण्डुकता, संकुचित विचारों और रूढिवादी भावनाओं के गर्त से निकालकर प्रगति के पथ पर ले जाने के लिए उसे आधुनिक घटनाओं, ऐतहासिक गरिमामयी जानकारी और जातीय क्रियाकलापों से अवगत कराने के लिए उसमे आर्थिक ,सामजिक, शैक्षिक, राजनैतिक चेतना पैदा करने की। जिससे की नारी पुरुषों के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर समाज को आगे बढाने में सहयोग कर सके। Read more » 08 मार्च Featured अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस 08 मार्च मातृशक्ति
समाज अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम , अर्थात बेरोक-टोक धर्मान्तरण March 3, 2017 by मनोज ज्वाला | Leave a Comment मनोज ज्वाला ‘अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम’ दुनिया भर के देशों को छडीबाज मास्टर की तरह स्वतंत्रता , समानता, लोकतंत्र व मानवाधिकार का पाठ पढाते रहने वाले अमेरिका के हाथों का एक ऐसा डंडा है , जिसकी मार से उसकी छाल इस कदर उखड जाती है कि धार्मिक स्वतंत्रता की परिभाषा ही बदल जाती है । […] Read more » Featured religious conversion अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम धर्मान्तरण धार्मिक स्वतंत्रता बेरोक-टोक धर्मान्तरण
महिला-जगत समाज नारी अस्तित्व एवं अस्मिता पर धुंधलके क्यों? March 3, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- सम्पूर्ण विश्व में नारी के प्रति सम्मान एवं प्रशंसा प्रकट करते हुए 8 मार्च का दिन उनकी सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक उपलब्धियों के उपलक्ष्य में, उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन से पहले और बाद में हफ्ते भर तक विचार विमर्श और गोष्ठियां होंगी जिनमें महिलाओं से जुड़े मामलों जैसे […] Read more » Featured नारी अस्तित्व नारी अस्तित्व एवं अस्मिता नारी अस्मिता नारी की अवमानना
समाज पाखंडी साधुओं की पोल कौन खोलेगा? March 2, 2017 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment अभी नोएडा की पुलिस ने एक ‘बिल्डर बाबा’ को गिरफ्तार किया है। यह बाबा संन्यासी का भेस धारण करके लोगों को ठगता रहा है। इसने सस्ते फ्लैट बेचने के नाम पर करोड़ों रु. की ठगी की है। लगता है, यह बाबा आसाराम और उसके लड़के की तरह भोला है। वरना भारत में बाबा लोगों पर […] Read more » बिल्डर बाबा