समाज तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं पर अत्याचार की पराकाष्ठा October 15, 2016 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कानून से मुस्लिम महिलाओं को तमाम अत्याचार झेलने पड़ते हैं। तीन तलाक तो इसकी पराकाष्ठा है। साथ ही साथ मुस्लिम पुरुष समाज को एक पत्नी होते हुए बहुविवाह की आजादी भी मुस्लिम महिलाओं पर अत्याचार है। Read more » Featured अत्याचार की पराकाष्ठा तीन तलाक मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड मुस्लिम महिलाओं मुस्लिम महिलाओं पर अत्याचार की पराकाष्ठा
समाज तीन तलाक पर प्रगतिशील बने मुस्लिम समाज October 14, 2016 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment हाल ही में जब कोर्ट ने केंद्र से तीन तलाक के विषय में कोर्ट में हलफनामा प्रस्तुत करनें के लिए कहा तब नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछली सरकारों की तरह इस मुद्दें पर कन्नी काटने व चुप बैठे रहनें के स्थान पर संविधान की धारा 44 के मर्म को समझ कर अपनी जिम्मेदारी निभाई व तीन तलाक के मुद्दे पर स्पष्ट असहमति व्यक्त कर दी है. 1840 में यह विवाद प्रथम बार उभरा था और Read more » Featured triple talaq तीन तलाक प्रगतिशील बने मुस्लिम समाज मुस्लिम समाज
शख्सियत समाज लोक नायक जयप्रकाश नारायण October 12, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment “सम्पूर्ण क्रांति से मेरा तात्पर्य समाज के सबसे अधिक दबे-कुचले व्यक्ति को सत्ता के शिखर पर देखना है ।’’ यह जयप्रकाश नारायण का विचार व नारा था जिसका आह्वान उन्होने इंदिरा गांधी की सत्ता को उखाड़ फेकने के लिये किया था।लोकनायक नें कहा कि सम्पूर्ण क्रांति में सात क्रांतियाँ शामिल है - राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, बौद्धिक, शैक्षणिक व आध्यात्मिक क्रांति। इन सातों क्रांतियों को मिलाकर सम्पूर्ण क्रान्ति होती है। Read more » Featured जयप्रकाश नारायण लोक नायक लोक नायक जयप्रकाश नारायण
समाज अहिंसा है सुखी समाज का आधार October 12, 2016 by ललित गर्ग | Leave a Comment शोषण विहीन समाज की रचना के लिए संग्रह स्पर्धा और उपभोग वृत्ति पर रोक आवश्यक है। इससे न केवल स्वयं के जीवन में संतुलन एवं संयम आएगा, समाज में भी संतुलन आएगा। शोषण की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी और इस चक्की में पिस रहे लोगों को राहत मिलेगी। इसलिए भगवान महावीर ने अपरिग्रह को धर्मयात्रा का अभिन्न अंग माना। अपरिग्रह का अर्थ है संग्रह पर सीमा लगाना। इससे शोषण की आधारशिला कमजोर होगी तब हिंसा का ताण्डव नृत्य भी कम होगा। अपरिग्रह के बिना अहिंसा की सही संकल्पना हो ही नहीं सकती और न इसकी सही अनुपालना हो सकती है। Read more » अहिंसा सुखी समाज का आधार
समाज समस्याओं से कैसे निपटा जाये? October 12, 2016 by ललित गर्ग | Leave a Comment जिंदगी एक पन्ने की तरह है, जिसके कुछ अक्षर फूलों से लिखे गए हैं, कुछ अक्षर अंगारों से लिखे गये हैं। क्योंकि जीवन में कहीं सुख का घास है तो कहीं रजनीगंधा के फूल हैं, कहीं रेगिस्तान है तो कहीं सागर है, कहीं मनमोहक घाटियां हैं तो कहीं सुंदर वन हैं, एक जैसा जीवन किसी का नहीं है। सबको संघर्षों से सामना करना पड़ता है। कई बार जीवन-संग्राम में संघर्ष करते-करते बहुत-से व्यक्ति थक-हारकर बैठ जाते हैं। Read more » how to get rid of problems in life समस्याओं से कैसे निपटा जाये?
शख्सियत समाज जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख – एक तुलनात्मक विश्लेषण October 11, 2016 by हरिहर शर्मा | Leave a Comment नानाजी अक्सर राजा राम की तुलना में वनवासी राम की अधिक प्रशंसा करते थे । उनका कहना था कि राजा के रूप में राम इसलिए अधिक सफल हुए, क्योंकि उन्होंने वन में रहते हुए गरीबी को जाना, समझा | इसीलिए नानाजी ने भी राजनीति से विराम लेकर गरीब वर्गों के उत्थान के लिए अपना जीवन खपाने का निर्णय लिया । दीन दयाल शोध संस्थान भी बनाया तो चित्रकूट में, जहाँ वनवास के दौरान भगवान राम ने अपना समय व्यतीत किया । अपने चित्रकूट प्रवास के दौरान नानाजी ने वहां के पिछड़ेपन, अशिक्षा और अंधविश्वास में डूबी जनता का मूक रुदन अनुभव किया । Read more » Featured जयप्रकाश नारायण नानाजी देशमुख
समाज सुधार क्यों नहीं चाहता मुस्लिम समुदाय October 11, 2016 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | 1 Comment on सुधार क्यों नहीं चाहता मुस्लिम समुदाय यह कैसी प्रथा है कि फोन पर, ई-मेल से, एसएमएस से या पत्र से भी तीन बार तलाक-तलाक-तलाक कह देने भर से संबंध खत्म कर लिया जाता है। मुस्लिम महिला को इसमें समानता का अधिकार कहाँ है? उसके पास तो अपना पक्ष रखने का अवसर भी नहीं है। इस कुरीति का समर्थन करने के लिए यह कहना कि यदि पुरुष के पास तीन तलाक का अधिकार नहीं होगा, तब वह महिला से छुटकारा पाने के लिए उसकी हत्या कर देगा। इसलिए तीन तलाक महिलाओं के हक में है, क्योंकि इससे उनका जीवन सुरक्षित होता है। यह कठमुल्लापन नहीं, तो क्या है? Read more » Featured triple talaq uniform civil code सुधार क्यों नहीं चाहता मुस्लिम समुदाय
समाज आतंक के विरुद्ध भारतीय मुसलमानों की एकजुटता October 9, 2016 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment परंतु अब भारतीय मुसलमान एकमत होकर यह ठान चुके हैं कि वे यह प्रमाणित करके रहेंगे कि आतंकवाद से इस्लामी शिक्षाओं का कोई लेना-देना नहीं है। और जो आतंकवादी है वह मुसलमान नहीं हो सकता। इस दिशा में सबसे बड़ा कदम यह भी उठाया गया है कि मुस्लिम उलेमाओं ने सामूहिक रूप से यह फैसला किया है कि सीमा पार से आने वाला कोई भी आतंकी यदि भारत की धरती पर मार गिराया जाता है तो यहां के मुसलमान उलेमा उसके जनाज़े पर नमाज़ तक नहीं पढ़ेंगे। Read more » Featured Muslims unity against terrorism आतंक के विरुद्ध भारतीय मुसलमानों की एकजुटता
समाज रावण-दहन से ज्यादा जरुरी है मैकाले-दहन October 9, 2016 by मनोज ज्वाला | Leave a Comment मालूम हो कि ईस्ट इण्डिया कम्पनी के माध्यम से भारत पर अपना औपनिवेशिक शासन-साम्राज्य कायम कर लेने के पश्चात अंग्रेजों ने पहले तो अपने साम्राज्यवादी उपनिवेशवाद का औचित्य सिद्ध करने के लिए अपने तथाकथित विद्वानों-भाषाविदों के हाथों प्राचीन भारतीय शास्त्रों-ग्रन्थों को अपनी सुविधा-योजनानुसार अनुवाद करा कर उनमें तदनुसार तथ्यों का प्रक्षेपण कराया और फिर बाद में भारतीय शिक्षण-पद्धति Read more » Featured मैकाले मैकाले-दहन रावण-दहन
शख्सियत समाज रावण की 10 अच्छाइयां October 8, 2016 / October 8, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी रावण रामायण का एक विशेष पात्र और एक केंद्रीय प्रतिचरित्र है। वह लंका का राजा था। वह अपने दस सिरों के कारण भी जाना जाता था (साधारण से दस गुणा अधिक मस्तिष्क शक्ति), जिसके कारण उसका नाम दशानन {दश (दस) + आनन (मुख)} भी था। किसी भी कृति के लिये अच्छे पात्रों […] Read more » 10 goodness of Ravana रावण की 10 अच्छाइयां
समाज आतंकवाद रुपी रावण का दहन जरूरी October 8, 2016 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment विजयदशमी सिर्फ बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक ही नहीं है, बल्कि आपसी सद्भाव का उत्कृष्ट उदाहरण भी है। विजयदशमी के दिन प्रत्येक नागरिक को अपने अंदर मानवीय मूल्यों का संचार करने का संकल्प लेना चाहिए और समाज में ऐसा माहौल बनाने कि कोशिश करनी चाहिए जहां हमेशा शांति और भाईचारा हो। आज के दिन प्रत्येक व्यक्ति को शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत बनाने का संकल्प लेना चाहिए, जो देश के विकास और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। Read more » आतंकवाद विजयदशमी पर्व
शख्सियत समाज दिव्यसंत देवरहा बाबा October 7, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment बाबा के आशीर्वाद कांग्रेस प्रचंड बहुमत प्राप्त किया:-देश में आपातकाल के बाद हुए चुनावों में जब इंदिरा गांधी हार गईं तो वह भी देवरहा बाबा से आशीर्वाद लेने गईं। उन्होंने अपने हाथ के पंजे से उन्हें आशीर्वाद दिया। Read more » Featured दिव्यसंत देवरहा बाबा