कला-संस्कृति समाज भारतीय संस्कृति की जीवन्तता का प्रतीक कुम्भ पर्व April 30, 2016 / April 30, 2016 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment अशोक “प्रवृद्ध” पौराणिक मान्यतानुसार हिन्दुओं के महत्वपूर्ण पर्वों में से एक कुम्भ पर्व में करोड़ों श्रद्धालुओं के कुम्भ पर्व स्थलों पर स्नान कर सामूहिक धर्मचर्चा करने की परिपाटी प्रचलित हैं । ये कुम्भ पर्व स्थल चार स्थानों – हरिद्वार, प्रयाग, उज्जैन और नासिक, में अवस्थित हैं , जहाँ समुद्र मंथन से प्राप्त अमृत की बूंदें […] Read more » Featured singhast kumbh कुम्भ पर्व
विधि-कानून समाज न्याय में देरी स्वयं अन्याय है —– April 30, 2016 / April 30, 2016 by डॉ नीलम महेन्द्रा | 1 Comment on न्याय में देरी स्वयं अन्याय है —– 8 सितंबर 2006 महाराष्ट्र का नासिक जिला मुम्बई से 290 कि मी दूर “मालेगाव ” दिन के सवा एक बजे हमीदिया मस्जिद के पास शबे बारात के जुलूस में बम विस्फोट हुए जिसमें 37 लोग मारे गए और 125 घायल हुए।29 सितम्बर 2008 मालेगांव पुनः दहला इस बार 8 लोगों की मृत्यु हुई और 80 […] Read more » Featured justice delayed justice denied न्याय में देरी
समाज बिना गाय के मानव का भविष्य धूमिल है April 28, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment किसी छोटे से छोटे कार्यक्रम का आयोजन भी बिना उसकी योजना के अपूर्ण ही रहता है। यदि कार्यक्रम की पूर्ण रूपरेखा बना ली गयी है और उसके एक-एक पहलू पर पूर्ण चिंतन-मनन कर लिया गया है तो फिर उसके संपन्न होने में किसी प्रकार की बाधा नही आ सकती। पूर्ण मनोयोग से किये गये कार्य […] Read more » Featured गाय मानव का भविष्य
समाज चुल्लू भर पानी का सवाल है भई ! April 27, 2016 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment अशोक “प्रवृद्ध” जीव-जन्तु हो या पेड़-पौधे,सबो के जीवन के लिए अत्यन्त ही महत्व की चीज है-जल। जल के अभाव में जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है।इसीलिए कहा गया हैकि जल ही जीवन है।वेद,पुराण,उपनिषद,इतिहासादि ग्रन्थों में सर्वत्र जल की महिमा गायी गई है।ग्रीष्म काल में तो जल की महता और भी बढ़ जाती […] Read more » Featured need to conserve water save water water चुल्लू भर पानी चुल्लू भर पानी का सवाल पानी
आर्थिकी समाज रामदेव के स्वदेशी मॉडल से पेट में मरोड़ क्यों? April 27, 2016 by प्रवीण दुबे | 2 Comments on रामदेव के स्वदेशी मॉडल से पेट में मरोड़ क्यों? प्रवीण दुबे बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद ने वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान अपनी बिक्री 5,000 करोड़ रुपये के पार जाने तथा इस वर्ष का लक्ष्य 10,000 करने की घोषणा क्या की कुछ लोगों के पेट में मरोड़ उठने लगी। आश्चर्य की बात यह है कि बाबा रामदेव की इस उपलब्धि पर कपड़े फाडऩे वालों […] Read more » Featured पेट में मरोड़ रामदेव रामदेव के स्वदेशी मॉडल स्वदेशी मॉडल
समाज नये दौर की नयी सोच : स्टार्टअप इंडिया April 26, 2016 / April 29, 2016 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग स्टार्टअप इंडिया-भारत के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की एक नई सुबह की आहट है। बिजनेस के नए आयडियाज तलाशना और दुनिया में भारत के व्यापार को नई पहचान देना ही स्टार्टअप की ओर पहला कदम है। ये स्टार्टअप ही टेक्नोलॉजी और बड़े निवेशक के आयडिया को बड़े स्तर पर ले सकते हैं। भारत […] Read more » Featured Start Up India नये दौर की नयी सोच स्टार्टअप इंडिया
राजनीति समाज डा. अंबेडकर के सपनों का भारत April 26, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment डा. अंबेडकर के सपनों का भारत कैसा होगा? आज के घोर जातिवादी सामाजिक परिवेश में यह प्रश्न उठना या उठाया जाना बहुत ही आवश्यक है। मैं इस प्रश्न के उत्तर में विनम्रता से यही कहना चाहूंगा कि डा. अंबेडकर के सपनों का भारत किसी अगड़ी-पिछड़ी या दलित जाति को गाली देने वाला तो निश्चय ही […] Read more » डा. अंबेडकर के सपनों का भारत
जन-जागरण समाज कृपया नज़रअंदाज़ ने करें यह जल अपील और प्रतिक्रियायें April 26, 2016 by अरुण तिवारी | Leave a Comment अवसर देती जल अपील और प्रतिक्रियायें तारीख: 14 अप्रैल – बाबा साहब अंबेडकर की 125वीं जन्म तिथि; स्थान: परंपरागत तरीकों से जल संकट के समाधान की पैरोकारी के लिए विश्व विख्यात जलपुरुष राजेन्द्र सिंह की अध्यक्षता वाले संगठन तरुण भारत संघ का गांव भीकमपुरा स्थित तरुण आश्रम; मौका: 130 संगठनों के जमावङे का अंतिम […] Read more » Featured save water Water Conservation जल अपील
मीडिया समाज मनचाही नहीं अनचाही मौत: आत्महत्या April 25, 2016 by श्याम नारायण रंगा | Leave a Comment प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन के साथ साथ अपने जीवन को समाप्त करने का अधिकार लेकर पैदा होता है। कानून भले की इस अधिकार पर प्रतिबंध लगा दे लेकिन व्यक्ति के पास यह अधिकार सदैव स्वतंत्र रहता है। कानूनी प्रतिबंध के बावजूद प्रतिवर्ष दुनिया में लाखों लोग आत्महत्या करते हैं। आत्महत्या का विचार इतना प्रबल होता […] Read more » death upto hang Featured suicidal death अनचाही मौत आत्महत्या मनचाही मौत मौत
समाज कानून से नहीं, आदतें सुधारने से बचेगा पानी April 22, 2016 by प्रवीण दुबे | 2 Comments on कानून से नहीं, आदतें सुधारने से बचेगा पानी प्रवीण दुबे ‘रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून। पानी गए न ऊबरे, मोती मानुष चून।। रहीम के इस प्रेरणादायी दोहे से यदि हमने सीख ली होती तो शायद आज पेयजल के लिए हमारी सरकार को कानून बनाने की बात नहीं कहना पड़ती। सच पूछा जाए तो हमारा दर्शन, हमारी संस्कृति और हमारे पौराणिक ग्रंथों […] Read more » Featured आदतें सुधारने से बचेगा पानी दिल्ली में पानी की किल्लत बचेगा पानी वाहनों की सफाई में पानी का बर्बादी।
समाज सभ्य समाज की असभ्यता’-भाग-2 April 21, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment पश्चिमी अद्ध असभ्यता ने भारत की सभ्यता के साथ टी.वी. कल्चर और ‘बैड रूम कल्चर’ के द्वारा भयंकर छेड़छाड़ करनी आरम्भ की। इन दोनों चीज़ों को हमारे युवावर्ग ने बड़ी उत्सुकता से पकड़ा। उसने वीर्यनाश को मनोरंजन का साधन मान लिया। अब जो उसके सामने आ जाये वह उसी के साथ रासलीला करना चाहता है। […] Read more » Featured असभ्यता सभ्य समाज
कला-संस्कृति समाज भगवान महावीर की शिक्षायें मानव कल्याण के लिए! April 19, 2016 / April 21, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment महावीर जयन्ती पर जनहित में प्रकाशन हेतु विशेष लेख – डा.. जगदीश गांधी, शिक्षाविद् एवं संस्थापक-प्रबन्धक, सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ (1) मानवता के लिए त्याग करने वाला महावीर है:- महावीर का जन्म वैशाली (बिहार) के एक राज परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम सिद्धार्थ और माता का नाम त्रिशिला था। बचपन से […] Read more » Featured भगवान महावीर भगवान महावीर की शिक्षायें महावीर मानव कल्याण