समाज चिंता का विषय है कुवारों की बढ़ती संख्या March 11, 2015 by बी.आर.कौंडल | Leave a Comment कहते है जब सृष्टि की संरचना हुई थी तो एक ही अदृश्य शक्ति पुंज से शिव व शक्ति के दो रूप प्रकट हुए जिससे एक मर्द और दूसरा औरत का रूप सृजित हुआ ताकि वे मनुष्यजाति में वंश वृद्धि कर सके | सृष्टि रचना में दोनों की समान भागीदारी मानी गई तथा […] Read more » अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कुवारों की बढ़ती संख्या घरेलू हिंसा निरोधक दहेज़ उत्पीड़ना बलात्कार सम्बंधी कानून बेटी बचाओ
बच्चों का पन्ना समाज सार्थक पहल स्वास्थ्य-योग स्वस्थ परिवार की 10 आदतेँ February 28, 2015 / March 2, 2015 by शिवेश प्रताप सिंह आज के इस भागदौड़ के जीवन में वास्तविक जीवन से हम बहूत दूर होते जा रहे हैं | हम परिवर्तनों को नहीं रोक सकते परन्तु थोडा जागरूक होकर हम अपने परिवार में एक स्वस्थ वातावरण बना सकते हैं | स्वस्थ परिवार की दस आदतेँ अपनाकर हम बहुत अच्छा बदलाव कर सकते हैं | १. परिवार […] Read more » स्वस्थ परिवार की 10 आदतेँ
महिला-जगत समाज माँ बनने के लिए बच्चा होना काफी नही, माँ में ममता होना जरूरी February 24, 2015 by बी.आर.कौंडल | 1 Comment on माँ बनने के लिए बच्चा होना काफी नही, माँ में ममता होना जरूरी कहते हैं पुत्र कुपुत्र हो सकता है परन्तु माँ कुमाता नही होती | माँ और बच्चे का एक ऐसा रिश्ता है जो खून की डोर से बंधा है | तभी तो कहते है माता-पिता के अधिकतर गुण उनकी संतान में जन्म से आते है व जन्म लेने के उपरान्त कैसे बच्चे की […] Read more » माँ बनने के लिए बच्चा होना काफी नही माँ में ममता होना जरूरी
समाज बदलाव चाहिए, तो जनता भी बदले February 19, 2015 by अरुण तिवारी | 5 Comments on बदलाव चाहिए, तो जनता भी बदले दिल्ली जनादेश-२०१५ को किसी पार्टी के पक्ष अथवा विपक्ष में देखे जाने से ज्यादा जरूरत, जनप्रतिनिधि संस्कारों में बदलाव, बुनियादी जरूरतों की पूर्ति और आत्मसम्मान की जनाकांक्षा के व्यापक उभार के संकेत के रूप में देखे जाने की है। यह संकेत ज्यादा महत्वपूर्ण इसलिए हैं, चंूकि दिल्ली की आबादी अपने आप में भिन्न विचार, वर्ग […] Read more » तो जनता भी बदले बदलाव चाहिए
जन-जागरण समाज स्कूलों में असुरक्षित बच्चे February 17, 2015 / February 17, 2015 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment अरविंद जयतिलक उत्तर प्रदेश राज्य की राजधानी लखनऊ में एक शिक्षक की हैवानियत से गुरु-शिष्य का पावन रिश्ता फिर तार-तार हुआ है। शिक्षक के कुकृत्य से देश-समाज स्तब्ध है और मानवता शर्मसार। समझ से बाहर है कि जब शिक्षा स्थली में ही बच्चे सुरक्षित नहीं हैं तो फिर अन्यत्र उनकी सुरक्षा पर यकीन कैसे किया […] Read more » स्कूलों में असुरक्षित बच्चे
धर्म-अध्यात्म शख्सियत समाज संत रैदास: धर्मांतरण के आदि विरोधी घर वापसी के सूत्रधार February 2, 2015 by प्रवीण गुगनानी | 1 Comment on संत रैदास: धर्मांतरण के आदि विरोधी घर वापसी के सूत्रधार 3 फर.माघ पूर्णिमा, संत रविदास जयंती पर विशेष – लगभग सवा छः सौ वर्ष पूर्व 1398 की माघ पूर्णिमा को काशी के मड़ुआडीह ग्राम में संतोख दास और कर्मा देवी के परिवार में जन्में संत रविदास यानि संत रैदास को निस्संदेह हम भारत में धर्मांतरण के विरोध में स्वर मुखर करनें वाली और स्वधर्म में […] Read more » घर वापसी धर्मांतरण के आदि विरोधी संत रैदास
समाज सिनेमा समाज को दिशाहीन करतीं हिंसा मुक्त फिल्म January 31, 2015 by सुरेश हिन्दुस्थानी | 2 Comments on समाज को दिशाहीन करतीं हिंसा मुक्त फिल्म सुरेश हिन्दुस्थानी कहते हैं भारतीय फिल्मों का समाज जीवन पर गहरा असर होता है, आज कई युवा तो केवल फिल्मों से आकर्षित होकर उसकी तरफ कदम बढ़ाने को आतुर दिखाई देते हैं। केवल चमक दमक और हिंसा मुक्त फिल्में ही आज समाज के सामने दिखाई जा रही हैं, जो समाजानुकूल नहीं कही जा सकतीं। वर्तमान […] Read more » समाज को दिशाहीन करतीं हिंसा मुक्त फिल्म
जन-जागरण समाज मुहिम सें ज्यादा जागरूकता जरूरी January 30, 2015 by नीतेश राय | Leave a Comment विकासशील से विकसित राष्ट्र की तरफ अग्रसर भारत अपने शिक्षा व बुनियादी ढाचों में लगातार सुधार करता जा रहा है | यह जरुरी भी है कि भारत का विकास हर क्षेत्र में हो चाहे वह शिक्षा हो या फिर औधोगिक | अगर भारत की शिक्षा के क्षेत्र में हुए विकास पर नजर डाला जाय तो […] Read more » जागरूकता जरूरी बेटी पढाओं बेटी बचाओं सुकन्या समृद्धि योजना
जन-जागरण समाज सार्थक पहल बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ January 26, 2015 / January 26, 2015 by राहुल सांकृत्यायन | 4 Comments on बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ आप मोदी के समर्थक हों या विरोधी यह आप पर निर्भर है। भले काम करने के तरीके पर सवाल उठाईये लेकिन एक प्रधानमंत्री के तौर पर उन मुद्दों को तरजीह देना जिन पर कितने वर्षों से कोई सवाल नहीं उठा रहा, इसे सभी को मोदी से सीखने की जरूरत है। चाहे मुद्दा नशाखोरी का रहा […] Read more »
समाज विवाह का उद्देश्य एवं वैदिक जीवन की श्रेष्ठता January 24, 2015 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment हमारा यह संसार वैदिक परम्परा के अनुसार 1,96,08,53,115 वर्ष पुराना है। इस संसार को बनाने वाले ईश्वर ने संसार को बनाकर सभी प्राणियों को बनाया और उसकी अन्तिम कृति थी ‘मनुष्य’। मनुष्य को बनाने के बाद इसके कर्तव्यों का ज्ञान कराना भी आवश्यक था। अतः ईश्वर ने इसकी पूर्ति के लिए मनुष्यों को स्वाभाविक ज्ञान […] Read more » विवाह का उद्देश्य वैदिक जीवन की श्रेष्ठता’
महिला-जगत समाज गलीज़ धंधे वालियों के लिए January 24, 2015 / January 24, 2015 by अलकनंदा सिंह | Leave a Comment अकसर कहा जाता है कि किसी भी समाज में बड़े बदलाव उस समाज में औरतों की स्थिति और उनकी सामाजिक प्रगति के साथ ही आते हैं । समाज में आम तौर पर औरतों की दशा के ऊपर व्याख्यानों – विमर्शों तथा दावों के प्रलाप भी होते रहते हैं मगर इस कथित प्रगति-गाथा के बीच कहीं […] Read more » धंधे वालियों के लिए
समाज लव जिहाद से ध्वस्त होता भारत January 19, 2015 / January 19, 2015 by शिवदेव आर्य | 3 Comments on लव जिहाद से ध्वस्त होता भारत ब्र. शिवदेव आर्य इस आधुनिकता भरे भौतिकवादी युग की युवतियां पश्चिमी सभ्यता की मैली घिनौनी चादर ओड़कर सही गलत के निर्णय करने में विफल हो रही हैं। भौतिकवादी युग की फिल्मों की चकाचौंध भरी किरणे उनके चित्त पर इस प्रकार प्रस्तारित हो रही है जैसे डीजल में आग। प्यार ;सवअमद्ध शब्द उनमें जीवन की […] Read more » 'लव जिहाद' ध्वस्त होता भारत