टेलिविज़न लेख समाज अंधविश्वास ,उदारीकरण व पैसे के पीछे भागता मीडिया झोंक रहा है देश को बर्बादी के गड्ढे मे September 19, 2020 / September 19, 2020 by भगवत कौशिक | Leave a Comment भगवत कौशिक यदि किसी समाज का आर्थिक विकास की अपेक्षाकृत बौद्धिक विकास न हो तो वह समाज अंधविश्वासों में और भी गहरे धंसता चला जाता है। फिर उस समाज में लोगों के अंधविश्वास का फायदा उठाकर अपना घर भरने वाले परजीवियों का साम्राज्य विकसित होने लगता है। भारत के मामले में यही हुआ है। 90 […] Read more » liberalization and money is putting the country in the pit of ruin Media rushing behind superstition अंधविश्वास उदारीकरण पैसे के पीछे भागता मीडिया
समाज देश के कर्णधार हमारे शिक्षक व शिष्य कैसे हों? September 19, 2020 / September 19, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य शिक्षा देने व विद्यार्थियों को शिक्षित करने से अध्यापक को शिक्षक तथा शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शिष्य कहा जाता है। आजकल हमारे शिक्षक बच्चों को अक्षर व संख्याओं का ज्ञान कराकर उन्हें मुख्यतः भाषा व लिपि से परिचित कराने के साथ गणना करना सिखाते हैं। आयु वृद्धि के साथ […] Read more » How should our teachers and disciples be the masters of the country शिक्षक व शिष्य शिक्षक व शिष्य कैसे हों
लेख विविधा समाज जोरों से चल रहा है हिंदुस्तान को इस्लामी देश बनाने का कुचक्र : लव जिहाद है खास हथियार September 9, 2020 / September 9, 2020 by आर बी एल निगम | 3 Comments on जोरों से चल रहा है हिंदुस्तान को इस्लामी देश बनाने का कुचक्र : लव जिहाद है खास हथियार आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकारकेरल से शुरू होने वाले लव जिहाद के विरुद्ध जब हिन्दू स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा होने वाले समाचार-पत्र एवं साप्ताहिकों में समाचारों के प्रकाशन किये जाने को समस्त छद्दम सेक्युलरिस्ट फिरकापरस्ती का नाम देकर नज़रअंदाज़ करने का काम करते थे, उस समय कोई अन्य पत्र या पत्रिका इन समाचारों को महत्व नहीं देता था।2014 […] Read more » love jihad The cycle of making India an Islamic country in full swing लव जिहाद हिंदुस्तान को इस्लामी देश बनाने का कुचक्र
राजनीति शख्सियत समाज सर्वोदय की उड़ान: शांति का आह्वान September 8, 2020 / September 8, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment आचार्य विनोबा भावे की 126वीं जन्म जयन्ती- 11 सितम्बर, 2020 आचार्य विनोबा भावे-ललित गर्ग-दिव्य कर्तव्य, मानवतावादी सोच, सबके उदय की कामना, चिन्मयी पुरुषार्थ और तेजोमय शौर्य से मानव-मानव की चेतना को झंकृत करने एवं धरती को जय जगत का सन्देश देने वाले युगपुरूष संत विनोबा भावे का जन्म 11 सितम्बर 1895 को हुआ था। इस महापुरूष […] Read more » आचार्य विनोबा भावे
लेख विविधा समाज शिक्षा एक गंभीर सामाजिक दायित्व-बोध है September 4, 2020 / September 4, 2020 by डाॅ. कृष्णगोपाल मिश्र | Leave a Comment भारतवर्ष की सनातन सांस्कृतिक परंपरा में ‘शिक्षा’ स्वयं में बहुअर्थगर्भित शब्द है। यहाँ शिक्षा का अभिप्राय साक्षरता अथवा शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की उपलब्धता मात्र नहीं है। शिक्षा यहां मानव-मन को शुभसंस्कारों से सज्ज करने का माध्यम है; मनुष्य को मनुष्य बनाने की कला है; उसमें सामाजिक दायित्वबोध का जागरण है और उदात्त मानव-मूल्यों की प्राप्ति का […] Read more » Education is a serious social responsibility शिक्षा शिक्षा एक गंभीर सामाजिक दायित्व-बोध है
लेख समाज कभी पेट में चिकोटी तो कभी कान उमेठते मास्साब, आप हैं तभी हम हैं September 3, 2020 / September 3, 2020 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार कहते हैं कि संकट में ही व्यक्ति की पहचान होती है और आप इस बात पर यकीन करते हैं तो आपको इस बात पर भी यकिन करना होगा कि हर बुरे समय में, हर बुरे दौर में शिक्षक ही समाज को रोशनी देने वाला होता है. भारतीय समाज में आज भी शिक्षक का […] Read more » Sometimes the twitch in the stomach and sometimes the ears rise up Teachers Day शिक्षक शिक्षक दिवस
लेख समाज शिक्षक : संस्कारों का प्रकाश स्तंभ September 3, 2020 / September 3, 2020 by डॉ. वंदना सेन | Leave a Comment डॉ. वंदना सेन हम भली भांति जानते हैं कि पुरातन काल में भारतीय गुरुकुलों में जो शिक्षा प्रदान की जाती थी, वह निश्चित रूप से बच्चों का समग्र विकास करने वाली ही थी। इतना ही नहीं वह शिक्षा विश्व स्तरीय ज्ञान का द्योतक भी थी, इसलिए विश्व के कई देश भारत के शिक्षालयों में ज्ञान […] Read more » 5 सितंबर शिक्षक दिवस Teacher: Lighthouse of Rites डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन शिक्षक संस्कारों का प्रकाश स्तंभ
लेख समाज नेक नीयत की नोक-झोंक प्यार के रंग को चोखा करती है, September 2, 2020 / September 2, 2020 by केवल कृष्ण पनगोत्रा | Leave a Comment * केवल कृष्ण पनगोत्रा जिंदगी समग्रता से संपूर्ण होती है और समग्रता तब आती है जब जिंदगी हर रंग से रंगी जाए.संगीत तभी संपूर्ण होता है जब सात सुरों का संगम होता है. सिर्फ एक ही सुर से न गीत मुकम्मल होता है और न ही संगीत. जैसे […] Read more » नेक नीयत की नोक-झोंक नोक-झोंक प्यार
समाज कोरोना काल में बढ़ेगा कुपोषण का प्रभाव? September 1, 2020 / September 1, 2020 by सोनम लववंशी | Leave a Comment कोरोना वायरस दिन दूनी रात चौगुनी के साथ विस्तार ले रहा है। इस वायरस के बढ़ते आंकड़ो ने न केवल हमारी ज़िंदगी की रफ़्तार पर ब्रेक लगाया है बल्कि हमारी दिनचर्या को भी काफी हद तक प्रभावित किया है। आज हर व्यक्ति पोष्टिक आहार और अपने स्वास्थ्य के प्रति चिंतित नजर आ रहा है। एक […] Read more » malnutrition increase in the corona period Will malnutrition increase in the corona period कुपोषण कोरोना काल में कोरोना
महिला-जगत समाज नहीं रुक रहा महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध August 29, 2020 / August 29, 2020 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment शालू अग्रवाल, मेरठ कोरोना के आपदा काल में जब समूचा विश्व महामारी से बचाव के लिए जीवनोपयोगी वैक्सीन बनाने की कवायद में जुटा है, जब पूरी दुनिया इस आफत से मानव सभ्यता को बचाने में चिंतित है ऐसी मुश्किल घड़ी में भी महिलाओं की सुरक्षा एक अहम प्रश्न बनी हुई है, क्योंकि संकट की इस […] Read more » Crime against women Crime against women is not stopping महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध
लेख समाज भारत में बुज़ुर्गों की बढ़ती संख्या एवं उनकी स्थिति August 27, 2020 / August 27, 2020 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment अभी हाल ही में जनसंख्या एवं विकास पर भारतीय सांसदों की एक समिति (Indian Association of Parliamentarians on Population and Development – IAPPD) ने देश में बुज़ुर्गों की स्थिति पर एक विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया है। इस प्रतिवेदन के अनुसार, इस समय भारत में 10.5 करोड़ बुजुर्ग व्यक्ति हैं और वर्ष 2050 तक इनकी संख्या […] Read more » Increasing number of elderly and their status in India बुज़ुर्गों की बढ़ती संख्या बुज़ुर्गों की स्थिति भारत में बुज़ुर्गों की बढ़ती संख्या भारत में बुज़ुर्गों की स्थिति
महिला-जगत समाज महिला समानता के लिए पहले मानसिकता बदलें……. August 27, 2020 / August 27, 2020 by डाॅ. दयानिधि सेवार्थी | Leave a Comment डाॅ0 दयानिधि सेवार्थी आज विश्व महिला समानता की बात करता है। परन्तु भारत का इतिहास कहता है कि महिलाओं का स्थान पुरुषों से हजारों गुना अधिक है। वैदिक काल में अनेकों ऋषिकाओं को ऋषियों से आगे बढकर मंत्र विचार हो या शास्त्रार्थ हो कार्य करने का मौका रहता था। गार्गी मैत्रेयी जैसे अनेकों उदाहरण हमारे […] Read more » women equality महिला समानता