समाज बुर्जुगवारों को दया नहीं, दुलार चाहिए September 29, 2020 / September 29, 2020 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार आप देश की राजधानी दिल्ली में रहते हों, या मायानगरी मुंबई में, आप इंदौर में रहते हैं, मैं भोपाल में रहता हूं. कोई किसी शहर में रहता हो लेकिन अपने अपने शहर से गुजरते हुए किसी वृद्धाश्रम से आपकी मुलाकात जरूर होती होगी. किसी शहर में दो-एक तो किसी शहर में आबादी के […] Read more » Elderly people do not have pity elderly people need caress बुर्जुगवारों को दया नहीं बुर्जुगवारों को दुलार चाहिए
विश्ववार्ता समाज क्या कठमुल्लाओं की साज़िश का शिकार है इस्लामी जगत ? September 20, 2020 / September 20, 2020 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment तनवीर जाफ़री पाकिस्तान के महानगर कराची में गत 11-12 सितंबर को सुन्नी (अहल-ए-सुन्नत) मुसलमानों के विभिन्न संगठन जिस समय सामूहिक रूप से एक विशाल प्रदर्शन पाकिस्तान के शिया समुदाय को लक्ष्य बनाते हुए आयोजित कर रहे थे और कई वक्ता जिनमें अधिकांशतः मौलवी,मुफ़्ती,हाफ़िज़ व क़ारी आदि ही थे,लाखों की भीड़ को देखकर उत्साहित होते हुए […] Read more » इस्लामी जगत कठमुल्लाओं की साज़िश साज़िश का शिकार है इस्लामी जगत
समाज माता पिता की सेवा से ही सन्तान का जीवन सुखी व सफल होता है September 19, 2020 / September 19, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हम इस संसार में माता–पिता के द्वारा जन्म प्राप्त पर यहां आये हैं। यदि हमारे माता–पिता न होते तो हमारा जन्म नहीं हो सकता था। हमारे जन्म की जो प्रक्रिया है उसमें हमारे माता–पिता को अनके प्रकार के कष्ट उठाने तथा पुरुषार्थ करने पड़ते हैं। यह ऐसा कार्य है कि जो […] Read more » The life of a child is happy and successful only by the service of parents माता पिता की सेवा
टेलिविज़न लेख समाज अंधविश्वास ,उदारीकरण व पैसे के पीछे भागता मीडिया झोंक रहा है देश को बर्बादी के गड्ढे मे September 19, 2020 / September 19, 2020 by भगवत कौशिक | Leave a Comment भगवत कौशिक यदि किसी समाज का आर्थिक विकास की अपेक्षाकृत बौद्धिक विकास न हो तो वह समाज अंधविश्वासों में और भी गहरे धंसता चला जाता है। फिर उस समाज में लोगों के अंधविश्वास का फायदा उठाकर अपना घर भरने वाले परजीवियों का साम्राज्य विकसित होने लगता है। भारत के मामले में यही हुआ है। 90 […] Read more » liberalization and money is putting the country in the pit of ruin Media rushing behind superstition अंधविश्वास उदारीकरण पैसे के पीछे भागता मीडिया
समाज देश के कर्णधार हमारे शिक्षक व शिष्य कैसे हों? September 19, 2020 / September 19, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य शिक्षा देने व विद्यार्थियों को शिक्षित करने से अध्यापक को शिक्षक तथा शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शिष्य कहा जाता है। आजकल हमारे शिक्षक बच्चों को अक्षर व संख्याओं का ज्ञान कराकर उन्हें मुख्यतः भाषा व लिपि से परिचित कराने के साथ गणना करना सिखाते हैं। आयु वृद्धि के साथ […] Read more » How should our teachers and disciples be the masters of the country शिक्षक व शिष्य शिक्षक व शिष्य कैसे हों
लेख विविधा समाज जोरों से चल रहा है हिंदुस्तान को इस्लामी देश बनाने का कुचक्र : लव जिहाद है खास हथियार September 9, 2020 / September 9, 2020 by आर बी एल निगम | 3 Comments on जोरों से चल रहा है हिंदुस्तान को इस्लामी देश बनाने का कुचक्र : लव जिहाद है खास हथियार आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकारकेरल से शुरू होने वाले लव जिहाद के विरुद्ध जब हिन्दू स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा होने वाले समाचार-पत्र एवं साप्ताहिकों में समाचारों के प्रकाशन किये जाने को समस्त छद्दम सेक्युलरिस्ट फिरकापरस्ती का नाम देकर नज़रअंदाज़ करने का काम करते थे, उस समय कोई अन्य पत्र या पत्रिका इन समाचारों को महत्व नहीं देता था।2014 […] Read more » love jihad The cycle of making India an Islamic country in full swing लव जिहाद हिंदुस्तान को इस्लामी देश बनाने का कुचक्र
राजनीति शख्सियत समाज सर्वोदय की उड़ान: शांति का आह्वान September 8, 2020 / September 8, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment आचार्य विनोबा भावे की 126वीं जन्म जयन्ती- 11 सितम्बर, 2020 आचार्य विनोबा भावे-ललित गर्ग-दिव्य कर्तव्य, मानवतावादी सोच, सबके उदय की कामना, चिन्मयी पुरुषार्थ और तेजोमय शौर्य से मानव-मानव की चेतना को झंकृत करने एवं धरती को जय जगत का सन्देश देने वाले युगपुरूष संत विनोबा भावे का जन्म 11 सितम्बर 1895 को हुआ था। इस महापुरूष […] Read more » आचार्य विनोबा भावे
लेख विविधा समाज शिक्षा एक गंभीर सामाजिक दायित्व-बोध है September 4, 2020 / September 4, 2020 by डाॅ. कृष्णगोपाल मिश्र | Leave a Comment भारतवर्ष की सनातन सांस्कृतिक परंपरा में ‘शिक्षा’ स्वयं में बहुअर्थगर्भित शब्द है। यहाँ शिक्षा का अभिप्राय साक्षरता अथवा शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की उपलब्धता मात्र नहीं है। शिक्षा यहां मानव-मन को शुभसंस्कारों से सज्ज करने का माध्यम है; मनुष्य को मनुष्य बनाने की कला है; उसमें सामाजिक दायित्वबोध का जागरण है और उदात्त मानव-मूल्यों की प्राप्ति का […] Read more » Education is a serious social responsibility शिक्षा शिक्षा एक गंभीर सामाजिक दायित्व-बोध है
लेख समाज कभी पेट में चिकोटी तो कभी कान उमेठते मास्साब, आप हैं तभी हम हैं September 3, 2020 / September 3, 2020 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार कहते हैं कि संकट में ही व्यक्ति की पहचान होती है और आप इस बात पर यकीन करते हैं तो आपको इस बात पर भी यकिन करना होगा कि हर बुरे समय में, हर बुरे दौर में शिक्षक ही समाज को रोशनी देने वाला होता है. भारतीय समाज में आज भी शिक्षक का […] Read more » Sometimes the twitch in the stomach and sometimes the ears rise up Teachers Day शिक्षक शिक्षक दिवस
लेख समाज शिक्षक : संस्कारों का प्रकाश स्तंभ September 3, 2020 / September 3, 2020 by डॉ. वंदना सेन | Leave a Comment डॉ. वंदना सेन हम भली भांति जानते हैं कि पुरातन काल में भारतीय गुरुकुलों में जो शिक्षा प्रदान की जाती थी, वह निश्चित रूप से बच्चों का समग्र विकास करने वाली ही थी। इतना ही नहीं वह शिक्षा विश्व स्तरीय ज्ञान का द्योतक भी थी, इसलिए विश्व के कई देश भारत के शिक्षालयों में ज्ञान […] Read more » 5 सितंबर शिक्षक दिवस Teacher: Lighthouse of Rites डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन शिक्षक संस्कारों का प्रकाश स्तंभ
लेख समाज नेक नीयत की नोक-झोंक प्यार के रंग को चोखा करती है, September 2, 2020 / September 2, 2020 by केवल कृष्ण पनगोत्रा | Leave a Comment * केवल कृष्ण पनगोत्रा जिंदगी समग्रता से संपूर्ण होती है और समग्रता तब आती है जब जिंदगी हर रंग से रंगी जाए.संगीत तभी संपूर्ण होता है जब सात सुरों का संगम होता है. सिर्फ एक ही सुर से न गीत मुकम्मल होता है और न ही संगीत. जैसे […] Read more » नेक नीयत की नोक-झोंक नोक-झोंक प्यार
समाज कोरोना काल में बढ़ेगा कुपोषण का प्रभाव? September 1, 2020 / September 1, 2020 by सोनम लववंशी | Leave a Comment कोरोना वायरस दिन दूनी रात चौगुनी के साथ विस्तार ले रहा है। इस वायरस के बढ़ते आंकड़ो ने न केवल हमारी ज़िंदगी की रफ़्तार पर ब्रेक लगाया है बल्कि हमारी दिनचर्या को भी काफी हद तक प्रभावित किया है। आज हर व्यक्ति पोष्टिक आहार और अपने स्वास्थ्य के प्रति चिंतित नजर आ रहा है। एक […] Read more » malnutrition increase in the corona period Will malnutrition increase in the corona period कुपोषण कोरोना काल में कोरोना