समाज कौन हैं ‘किन्नर’? January 16, 2019 / January 16, 2019 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप हिजड़ा उर्दू एवं हिंदी भाषा का शब्द है जिसका प्रयोग तृतीय प्रकृति के लोगों के संदर्भ में किया जाता है। इस वर्ग के व्यक्तियों को विभिन्न नामों से पुकारा जाता है। ‘किन्नर’ इसी वर्ग के लिए एक संबोधन है। तेलुगु भाषा में हिजड़े के लिए ‘नपुंसकुडु’, कोज्जा या मादा जैसे शब्दों का प्रयोग होता […] Read more » rights of transgenders transgenders किन्नर
समाज सार्थक पहल एक अंजलि गई तो उसके शरीर से पांच और अंजलियां जिंदा हो गईं January 16, 2019 / January 16, 2019 by अनिल अनूप | Leave a Comment एक पिता, जिसकी 15 साल की बेटी को एक रोड एक्सीडेंट के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया और फिर उन्होंने फैसला किया कि वह उसकी आंखें, किडनी और लीवर किसी जरूरतमंद को दान कर देंगे.9 अगस्त शाम 4 बजे के आसपास की बात है. मैं रोज की तरह अपनी दुकान पर बैठा था […] Read more »
समाज खुशहाल पारिवारिक जीवन का रहस्य : भाग -1 January 15, 2019 / January 15, 2019 by सुनील कुमार ठाकुर | Leave a Comment बस यार बहुत हो गया, दो साल से ज्यादा हो गये, अब नही सहा जाता, अब लगता है तलाक देना ही पड़ेगा, किन्तु बच्चों के बारे में सोचकर असमंजस में पड़ जाता हूँ। इस तरह बोलकर विनय चुप हो गया और उसकी आंखे भर आयी। यह कहानी है मेरे प्रिय मित्र विनय की। विनय और […] Read more » खुशहाल पारिवारिक जीवन
शख्सियत समाज सन्यासी का संचार शास्त्र January 14, 2019 / January 14, 2019 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment -प्रो. संजय द्विवेदी स्वामी विवेकानंद ज्यादा बड़े संन्यासी थे या उससे बड़े संचारक (कम्युनिकेटर) या फिर उससे बड़े प्रबंधक ? ये सवाल हैरत में जरूर डालेगा पर उत्तर हैरत में डालनेवाला नहीं है क्योंकि वे एक नहीं,तीनों ही क्षेत्रों में शिखर पर हैं। वे एक अच्छे कम्युनिकेटर हैं, प्रबंधक हैं और संन्यासी तो वे हैं ही। भगवा […] Read more » swami vivekanand सन्यासी का संचार शास्त्र
समाज बच्चों द्वारा बुजुर्ग माता पिता की उपेक्षा January 11, 2019 / January 11, 2019 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदीआधुनिक युग में जितनी तेजी से भौतिक और वैज्ञानिक जीवन में विकास हुआ है ,उतनी ही तेजी से व्यक्ति का नैतिक और सांस्कारिक पतन भी हुआ है। दूसरों ,गुरुओं ,बड़ों ,बुजुर्गों की तो बात ही क्या अब तो माता -पिता तक के प्रति समर्पित ,सम्मान करने वाले और आज्ञाकारी बच्चे मिलने कम होते […] Read more » बुजुर्ग माता पिता की उपेक्षा
समाज सामाजिक न्याय की तरफ एक ठोस कदम January 11, 2019 / January 11, 2019 by डॉ नीलम महेन्द्रा | 1 Comment on सामाजिक न्याय की तरफ एक ठोस कदम भारत की राजनीति का वो दुर्लभ दिन जब विपक्ष अपनी विपक्ष की भूमिका चाहते हुए भी नहीं नहीं निभा पाया और न चाहते हुए भी वह सरकार का समर्थन करने के लिए मजबूर हो गया, इसे क्या कहा जाए? कांग्रेस यह कह कर क्रेडिट लेने की असफल कोशिश कर रही है कि बिना उसके समर्थन के भाजपा इस […] Read more » सामाजिक न्याय की तरफ एक ठोस कदम
समाज सेक्स वर्कर के मानस गणिका की चौपाइयां सुनने पर आपत्ति क्यों January 8, 2019 / January 8, 2019 by अलकनंदा सिंह | Leave a Comment जिस वक्त सनातन धर्म, राम मंदिर तथा हिंदुत्व के साथ-साथ जनेऊ और गोत्र सहित अनेक अन्य बे-सिरपैर के ‘झूठ से भरे’ समाचारों के समुद्र में देश की राजनीति गोते लगा रही हो तब आपको किसी संत द्वारा अत्यंत निकृष्ट व अस्पृश्य समझी जाने वाली ”वेश्याओं” के लिए सामान्यजन की भांति रामकथा सुनाने का पता लगे […] Read more »
जन-जागरण समाज न जाने कौन सा टेलीफोन तलाक बन जाएगा ? January 5, 2019 / January 5, 2019 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्यलोकसभा ने एक बार फिर मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की अमानवीय प्रवृत्ति से मुक्ति दिलाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। जब उसने तीन तलाक संबंधी विधेयक को लोकसभा में पारित कर दिया। इस समय कांग्रेस, राजद ,सपा जैसी कई पार्टियों ने अपना चरित्र दिखाते हुए लोकसभा से वोटिंग के समय बहिष्कार […] Read more »
समाज माँ, बेटी, बुजर्ग, बच्चां के लिये सवेंदनायें जाति देखकर जिंदा नहीं होती December 30, 2018 / December 30, 2018 by जगदीश वर्मा ‘समन्दर’ | Leave a Comment आगरा के मलपुरा में बीच सड़क पर जिन्दा जला दी गई लालऊ गाँव की बेटी संजली के हत्यारों को लेकर पुलिस ने खुलासा कर दिया । हत्यारे और कोई नहीं बल्कि संजली के परिवार के भाई निकले । पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी संजली के ताऊ का लड़का योगेश था जिसने पुलिस पूछताछ में बुलाये […] Read more »
समाज वैदिक धर्म ही धर्म है और इतर विचारधारायें मत-मतान्तर, पंथ व सम्प्रदाय हैं December 30, 2018 / December 30, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य संसार में अनेक मत-मतान्तर हैं परन्तु सब अपने आप को धर्म की संज्ञा देते हैं। अंग्रेजी भाषा में धर्म का पर्यायवाची शब्द नहीं अतः अंग्रेजी में धर्म व मत-मतान्तरों सबको रिलीजन कहा जाता है। रिलीजन में मत, पन्थ व सम्प्रदाय सभी मत आते हैं परन्तु धर्म इनसे भिन्न सत्ता है। अंग्रेजी […] Read more »
समाज जुल्म के खिलाफ उठी आवाज December 17, 2018 / December 17, 2018 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप उत्तरी इराक में अपना बचपन गुजारने वाली यह लड़की आज 25 बरस की है। उसके जहन में उसकी जिंदगी के अब तक गुजरे तकरीबन 8125 दिनों की अच्छी बुरी यादें होनी चाहिएं, लेकिन उसे याद है तो सिर्फ वह तीन महीने, जो उसने इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों की कैद में गुजारे। वह उन […] Read more » उत्तरी इराक जुल्म के खिलाफ उठी आवाज नोबेल पुरस्कार सीरिया
समाज बाल मजदूरी की हकीकत और हम December 11, 2018 / December 11, 2018 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप यह माना जाता है कि भारत में 14 साल के बच्चों की आबादी पूरी अमेरिकी आबादी से भी ज़्यादा है. भारत में कुल श्रम शक्ति का लगभग 3.6 फीसदी हिस्सा 14 साल से कम उम्र के बच्चों का है. हमारे देश में हर दस बच्चों में से 9 काम करते हैं. ये बच्चे […] Read more » बाल मजदूरी की हकीकत और हम राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना 1988 श्रम शक्ति