विविधा आतंकवाद से कैसे लड़ें January 4, 2016 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment संजय द्विवेदी आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई कड़े संकल्पों के कारण धीमी पड़ रही है। पंजाब के हाल के वाकये बता रहे हैं कि हम कितनी गफलत में जी रहे हैं। राजनीतिक संकल्पों और मैदानी लड़ाई में बहुत अंतर है, यह साफ दिख भी रहा है। पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसियों के रहते हम वैसे […] Read more » Featured how to combat terrorism how to fight terrorism terrorism आतंकवाद से कैसे लड़ें
विविधा चिंताजनक है सैनिकों में बढ़ता अवसाद January 3, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment लक्ष्मन शर्मा इसी वर्ष सितंबर महीने में हिसार की सैनिक छावनी की बैरक में केरल निवासी 33 वर्षीय दिलीप कुमार ने फांसी का फंदा लगाकर आत्म हत्या कर ली। हत्या का कारण पहली जांच में परिवार से दूर रहने के कारण उपजा अवसाद बताया गया। भिंड के एसडीएम बीबी अग्निहोत्री के आवास पर तैनात पूर्व […] Read more » Featured increasing depression in soldiers चिंताजनक है सैनिकों में बढ़ता अवसाद सैनिकों में बढ़ता अवसाद
विविधा शख्सियत समाज सावित्रीबाई फुले जिन्होंने भारतीय स्त्रियों को शिक्षा की राह दिखाई January 3, 2016 by उपासना बेहार | Leave a Comment उपासना बेहार “…..ज्ञान बिना सब कुछ खो जावे, बुद्धि बिना हम पशु हो जावें, अपना वक्त न करो बर्बाद, जाओ, जाकर शिक्षा पाओ……” सावित्रीबाई फुले की कविता का अंश अगर सावित्रीबाई फुले को प्रथम महिला शिक्षिका, प्रथम शिक्षाविद् और महिलाओं की मुक्तिदाता कहें तो कोई भी अतिशयोक्ति नही होगी, वो कवयित्री, अध्यापिका, समाजसेविका थीं. […] Read more » Featured savitribai Phule भारतीय स्त्रियों को शिक्षा सावित्रीबाई फुले
विविधा अदनान सामी से कलान सामी January 3, 2016 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment पाकिस्तान के प्रसिद्ध गायक अदनान सामी ने भारतीय नागरिकता ग्रहण करके भारत-पाक संबंधों के कई नए आयाम खोल दिए हैं। उनका जन्म पाकिस्तान में 15 अगस्त 1969 को हुआ था। उन्होंने अपने गायन से अंतरराष्ट्रीय ख्याति अर्जित की थी। भारत की नागरिकता ग्रहण करने का असली कारण क्या है, यह सामी ने नहीं बताया है […] Read more » adnan sami's indian citizenship Featured अदनान सामी
महिला-जगत विविधा शख्सियत समाज महाराष्ट्र की महानायिका सावित्रीबाई फुले January 3, 2016 / January 3, 2016 by शैलेन्द्र चौहान | Leave a Comment शैलेन्द्र चौहान महाराष्ट्र के लोकसमाज में सावित्रीबाई फुले का जीवन स्त्रियों के लिए सदैव प्रेरणास्पद रहा है। उनका जीवन एक ऐसी अद्वितीय मशाल है, जिसने स्वयं प्रज्वलित होकर भारतीय नारी को पहली बार सम्मान के साथ जीना सिखाया। सावित्रीबाई ने समय के उस कठिनतम दौर में काम शुरू किया था जब धार्मिक अंधविश्वास, रूढ़िवाद, अस्पृश्यता, […] Read more » Featured savitribai Phule महाराष्ट्र की महानायिका सावित्रीबाई फुले
मीडिया विविधा कर्तव्यों व जि़म्मेदारियों पर भारी पड़ती टीआरपी की होड़ January 3, 2016 / January 3, 2016 by तनवीर जाफरी | 1 Comment on कर्तव्यों व जि़म्मेदारियों पर भारी पड़ती टीआरपी की होड़ तनवीर जाफ़री मीडिया को समाज का दर्पण माना जाता है। हमारे भारतीय लोकतंत्र मे तो इसे गैर संवैधानिक तरीक़े से ही सही परंतु इसकी विश्वसनीयता तथा जि़म्मेदारी के आधार पर इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की संज्ञा से नवाज़ा गया है। अख़बारों में छपने वाली खबरें अथवा रेडियो या टीवी पर प्रसारित होने वाले समाचार […] Read more » Featured कर्तव्यों व जि़म्मेदारियों पर भारी पड़ती टीआरपी की होड़
खेत-खलिहान विविधा समाज सार्थक पहल कारसेवा का करिश्मा : निर्मल कालीबेंई January 2, 2016 by अरुण तिवारी | 1 Comment on कारसेवा का करिश्मा : निर्मल कालीबेंई अरुण तिवारी होशियारपुर के धनोआ गांव से निकलकर कपूरथला तक जाती है 160 किमी लंबी कालीबंेई। इसे कालीबेरी भी कहते हैं। कुछ खनिज के चलते काले रंग की होने के कारण ’काली’ कहलाई। इसके किनारे बेरी का दरख्त लगाकर गुरुनानक साहब ने 14 साल, नौ महीने और 13 दिन साधना की। एक बार नदी में […] Read more » Featured कारसेवा का करिश्मा निर्मल कालीबेंई
विविधा वैदिक धर्म और आंग्ल नववर्ष २०१६ December 31, 2015 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment वर्तमान समय में हमने व हमारे देश ने आंग्ल संवत्सर व वर्ष को अपनाया हुआ है। इस आंग्ल वर्ष का आरम्भ 2015 वर्ष पूर्व ईसा मसीह के जन्म वर्ष व उसके एक वर्ष बाद हुआ था। अनेक लोगों को कई बार इस विषय में भ्रान्ति हो जाती है कि यह आंग्ल संवत्सर ही सृष्टि में […] Read more » new year 2016 आंग्ल नववर्ष २०१६ वैदिक धर्म
जन-जागरण विविधा कई सबक दे गया साल 2015 December 31, 2015 / January 1, 2016 by शाहिद नकवी | Leave a Comment समय चक्र किसी के रोके रूकता नही है जो आज है वह कल बन जाता है ।इसी लिये वक्त के आईने मे हर तस्वीर इतिहास बन जाती है ।बेशक हम आगे बढ़ रहे हैं लेकिन पीछे कदमों के निशान भी छोड़ कर जा रहे हैं ।कैलेंडर फिर हमें एक और नया साल दे रहा है […] Read more » Featured कई सबक दे गया साल 2015 साल 2015
जन-जागरण विविधा अलविदा – 15 और सुस्वागतम- 16 December 30, 2015 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment उम्मीदों और आशाओं का दीप जलाता एक वर्ष बीत रहा है। हर वर्ष के अंतिम दिनों में समाज के सभी वर्गों के लोग अपना वार्षिक लेखा- जोखा याद करते हैं और अगले वर्ष का कैंलेंडर तैयार करते हैं । समाज के सभी लोग पिछले वर्षों में जो कमी रह जाती है उसे नये आगामी वर्ष […] Read more » अलविदा - 15 सुस्वागतम- 16
कला-संस्कृति विविधा सृष्टि सम्बत का प्रारम्भिक काल December 30, 2015 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment अशोक “प्रवृद्ध” काल गणना करने के लिए किसी प्रारम्भिक विन्दु का निश्चय करना पड़ता है, जहाँ से कि गणना आरम्भ की जा सके। उदाहरणतः यूरोपीय ईसाई राज्यों में काल की गणना हजरत ईसा के फाँसी दिये जाने के दिन से आरम्भ होती है, जिसे ईसा सम्बत कहते हैं । इस्लामी राज्यों में हजरत मोहम्मद के […] Read more » Featured सृष्टि सम्बत का प्रारम्भिक काल
विविधा २१वीं सदी का भारत…. जहां शहर बसे गाँवों की गोद में ! December 30, 2015 / December 30, 2015 by तुलसी टावरी | 1 Comment on २१वीं सदी का भारत…. जहां शहर बसे गाँवों की गोद में ! तुलसी टावरी प्रगति का अर्थ कमजोर को रौंद कर स्वयं आगे बढ़ना कदापि नहीं l समाज में हर एक व्यक्ति को हक़ है, समुचित अवसर पाने का, स्वयं के पुरुषार्थ को सम्पूर्णता से जीने का l विश्व की व्यवस्था में, भारत एक नयी राह- ‘तीसरा रास्ता’ – बनाने में सक्षम है; जहां आर्थिक-समृद्धि पाने के […] Read more » २१वीं सदी का भारत Featured जहां शहर बसे गाँवों की गोद में !