जन-जागरण विविधा साहित्यकारों का पुरस्कार लौटाना ठीक नहीं October 21, 2015 by सुरेश हिन्दुस्थानी | 1 Comment on साहित्यकारों का पुरस्कार लौटाना ठीक नहीं सुरेश हिन्दुस्थानी हमारी भारतभूमि ने अनेक प्रेरणादायी साहित्यकारों को जन्म दिया है। विश्व के अनेक देश साहित्य की गहराई में उतरने के लिए भारत की तरफ मुखातिब होते हैं। वास्तव में भारत साहित्य की जननी है। लेकिन वर्तमान में साहित्य को विकृत रूप देने वाले साहित्यकार अपनी स्वयं की प्रतिभा पर ही बहुत बड़ा सवाल […] Read more » Featured साहित्यकारों का पुरस्कार लौटाना ठीक नहीं
विविधा यादव सिंह की चहेती फर्मों का नया ठिकाना एलडीए ! October 21, 2015 by प्रणय विक्रम सिंह | 2 Comments on यादव सिंह की चहेती फर्मों का नया ठिकाना एलडीए ! प्रणय विक्रम सिंह अदब का शहर लखनऊ अब भ्रष्टाचार के राष्ट्रीय हस्ताक्षर बन चुके यादव सिंह की चहेती कंपनियों का ठिकाना बनने जा रहा है। बात यहां तक होती तो शायद इतना बड़ा सवाल न खड़ा होता किंतु चर्चा तो यह है कि सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अति महत्वाकांक्षी योजना चक गजरिया आईटी […] Read more » Featured एलडीए
विविधा तमिल छात्र, आज, हिन्दी चाहता है। October 21, 2015 by डॉ. मधुसूदन | 9 Comments on तमिल छात्र, आज, हिन्दी चाहता है। डॉ. मधुसूदन सारांश: *****तमिलनाडु के विश्वविद्यालयीन छात्र हिन्दी के पक्ष में। *****आज का तमिल छात्र हिंदी सीखने में उदासीन नहीं हैं। *****जानिए, आज तमिल छात्र क्या सोचता है? ****९५ % प्रतिशत छात्र हिन्दी के पक्ष में। ****किसी प्रादेशिक भाषा की अपेक्षा हिन्दी सर्वाधिक बोली जानेवाली भाषा है। **** पर सुझाव है, कि, तमिलों पर, पर […] Read more » Featured tamilians wat to learn hindi तमिल छात्र तमिल छात्र हिन्दी चाहता है
विविधा सिनेमा कहाँ से पहुंचे कहाँ तक, हिन्दी फिल्में और दिल्ली October 21, 2015 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment नलिन चौहान देश में आरंभ से ही हिंदी फिल्मों का दूसरा मतलब बंबई और अब मुंबई रहा है और इसका सबसे बड़ा प्रमाण हाॅलीवुड की नकल पर बालीवुड का नाम रहा है। ऐतिहासिक कारणों से हिंदी फिल्मों के निर्माण से लेकर कथानक तक में बंबई का वर्चस्व रहा। सन् 1947 में देश को आजादी मिलने […] Read more » कहाँ से पहुंचे कहाँ तक हिन्दी फिल्में हिन्दी फिल्में और दिल्ली
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म विविधा शख्सियत रक्ष संस्कृति का नायक था रावण October 21, 2015 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव राम प्रत्येक भारतीय के आराध्य देव हैं और वे भारत के कण-कण में रमें हैं। वे आदर्श पुरूष हैं, मर्यादा पुरूषोत्तम हैं। उनकी तुलना में रावण को राक्षस, कुरूप, अत्याचारी, अतिकाई, आतताई आदि विकृति के विभिन्न प्रतीक रूपों में प्रस्तुत किया जाता है। लेकिन क्या यह संभव है कि समृद्ध, वैभवपूर्ण विशाल राष्ट्र […] Read more » Featured रक्ष संस्कृति का नायक रक्ष संस्कृति का नायक था रावण रावण
विविधा बढ़ती मंहगाई और प्रेस-पाॅलटिक्स का अपवित्र गठजोड़ October 21, 2015 by संजय सक्सेना | Leave a Comment संजय सक्सेना देश की सियासत गरम है। मुट्ठी भर नेताओं और चंद मीडिया समूहों द्वारा देश पर थोपा गया ‘तनाव’ देश की सवा सौ करोड़ शांति प्रिय जनता पर भारी पड़ रहा है। पूरे हिन्दुस्तान में माहौल ऐसा तैयार किया जा रहा है, मानो दादरी कांड़, बीफ मुद्दा,आरएएस का आरक्षण पर बयान, कुछ साहित्यकारों का […] Read more » Featured प्रेस-पाॅलटिक्स का अपवित्र गठजोड़ बढ़ती मंहगाई मंहगाई और प्रेस-पाॅलटिक्स
विविधा हांफती जिंदगी और त्योहार…!! October 20, 2015 / October 20, 2015 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझा काल व परिस्थिति के लिहाज से एक ही अवसर किस तरह विपरीत रुप धारण कर सकता है, इसका जीवंत उदाहरण हमारे तीज – त्योहार हैं। बचपन में त्योहारी आवश्यकताओं की न्यूनतम उपलब्धता सुनिश्चित न होते हुए भी दुर्गापूजा व दीपावली जैसे बड़े त्योहारों की पद्चाप हमारे अंदर अपूर्व हर्ष व उत्साह भर […] Read more » Featured
जन-जागरण विविधा डॉक्टरों और दवाइयों के बीच फँसा गरीब October 20, 2015 / December 2, 2015 by अश्वनी कुमार, पटना | Leave a Comment चिकित्सा विज्ञानं के जनक ‘अरस्त्तु’ ने अपने समय में कभी सोचा भी नहीं होगा की एक दिन उनका यह प्रयास व्यवसाय में बदलकर व्यापक पैमाने पर गोरखधंधे का जरिया बन जाएगा। अस्पताल से लेकर सड़क तक कुकुरमुत्ते की तरह फैले मेडिकल नेटवर्क का जंजाल, डॉक्टरों के लिए तो ऐशो-आराम व पैसे का साधन है तो […] Read more » Featured
राजनीति विविधा अच्छी भाजपा कैसे हल करेगी विवादित मुद्दे October 19, 2015 by शाहिद नकवी | Leave a Comment भाजपा में नरेन्द्र मोदी-अमित शाह के युग को करीब डेढ़ बरस बीत गये हैं ।अब भाजपा के मायने मोदी और अमित शाह के हो गया है ।राजनीतिक पंडितों का मानना है कि अटलबिहारी और लालकृष्ण आडवानी अपने दौर मे जितने ताकतवर थे ,ये दोनो उससे भी ज़्यादा ताकतवर हैं ।बदलते दौर की भारतीय राजनीति मे […] Read more » Featured अच्छी भाजपा कैसे हल करेगी विवादित मुद्दे भाजपा कैसे हल करेगी विवादित मुद्दे विवादित मुद्दे
कला-संस्कृति विविधा अहिंसा और शान्ति का पैगाम है मोहर्रम October 19, 2015 by शाहिद नकवी | Leave a Comment इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना मोहर्रम शुरु होते ही पूरे विश्व में इमाम हुसैन की शहादत की वह दास्तां दोहाराई जाती है जो आज से साढ़े 14 सौ साल पूर्व इराक के करबला शहर में पेश आई थी। यानी पैगम्बर हज़रत मोहम्मद के नाती हज़रत इमाम हुसैन व उनके परिवार के 72 सदस्यों का तत्कालीन […] Read more » Featured अहिंसा और शान्ति का पैगाम है मोहर्रम
विविधा हिन्दी मीडिया के चर्चित चेहरों से मुलाकात कराती एक किताब October 19, 2015 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | Leave a Comment समीक्षकः लोकेंद्र सिंह हम जिन्हें प्रतिदिन न्यूज चैनल पर बहस करते-कराते देखते हैं। खबरें प्रस्तुत करते हुए देखते हैं। अखबारों और पत्रिकाओं में जिनके नाम से प्रकाशित खबरों और आलेखों को पढ़कर हमारा मानस बनता है। मीडिया गुरु और लेखक संजय द्विवेदी द्वारा संपादित किताब ‘हिन्दी मीडिया के हीरो’ पत्रकारिता के उन चेहरों और नामों […] Read more »
कला-संस्कृति विविधा गंगा-यमुना में मूर्ति विसर्जन पर रोक और विरोध October 19, 2015 by अरुण तिवारी | Leave a Comment संदर्भ: गंगा-यमुना में मूर्ति विसर्जन पर रोक और विरोध एक चिट्ठी, धर्माचार्यों के नाम —————————————————————————– धर्म जगत के सभी आचार्यो को प्रणाम। मूर्ति विसर्जन पर एक विनम्र निवेदन प्रस्तुत कर रहा हूं। उचित लगे, तो स्वीकारें और अनुचित लगे, तो मुझे सुधारें। खुशी होगी। —————————————————————————– आचार्यवर! आम धारणा है कि मुख्य रूप से उद्योग, सीवेज […] Read more » Featured गंगा-यमुना में मूर्ति विसर्जन पर रोक और विरोध मूर्ति विसर्जन