विविधा हिंदी दिवस भारतीयता की प्रतिनिधि भाषा हिन्दी September 7, 2015 by डॉ. सौरभ मालवीय | 3 Comments on भारतीयता की प्रतिनिधि भाषा हिन्दी हिन्दी भारत की आत्मा, श्रद्धा, आस्था, निष्ठा, संस्कृति और सभ्यता से जुड़ी हुई है।हिन्दी के अब तक राष्ट्रभाषा नहीं बन पाने के कारणों के बारे में समान्यतः आम भारतीय की सहज समझ यही होगी कि दक्षिण भारतीय नेताओं के विरोध के चलते ही हिन्दी देश की प्रतिनिधि भाषा होने के बावजूद राष्ट्रभाषा के रूप में […] Read more » Featured भारतीयता की प्रतिनिधि भाषा हिन्दी
विविधा हिंदी दिवस हिन्दी के आयोजनों को चश्मा उतार कर देखें September 7, 2015 / September 7, 2015 by मनोज कुमार | Leave a Comment संदर्भ : दसवां विश्व हिन्दी सम्मेलन -मनोज कुमार मध्यप्रदेश भारत का ह्दयप्रदेश है और हिन्दी के एक बड़ी पट्टी वाले प्रदेश के रूप में हमारी पहचान है। हिन्दी हमारे प्रदेश की पहचान है और लगातार निर्विकार भाव से हिन्दी में कार्य व्यवहार की गूंज का ही परिणाम है कि चालीस साल बाद हिन्दी के विश्वस्तरीय […] Read more » Featured दसवां विश्व हिन्दी सम्मेलन हिन्दी के आयोजनों को चश्मा उतार कर देखें
विविधा हिंदी दिवस हिंदी की जरूरत किसे है? September 6, 2015 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 1 Comment on हिंदी की जरूरत किसे है? संजय द्विवेदी अब जबकि भोपाल में 10 सितंबर से विश्व हिंदी सम्मेलन प्रारंभ हो रहा है, तो यह जरूरी है कि हम हिंदी की विकास बाधाओं पर बात जरूर करें। यह भी पहचानें कि हिंदी किसकी है और हिंदी की जरूरत किसे है? लंबे समय के बाद दिल्ली में एक ऐसी सरकार है जिसके मुखिया […] Read more » Featured हिंदी हिंदी की जरूरत
टॉप स्टोरी विविधा विहिप पचास वर्षों की अनथक गौरवमयी यात्रा September 4, 2015 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment विश्व हिंदू परिषद उस संगठन का नाम है जो संभवतः देश में संगठन कम और परिवार अधिक के रूप में चिर परिचित है; इस देश के बहुसंख्य हिंदुओं ने इस संगठन को जहां परिवार के रूप में देखा व स्वयं को इसकी इकाई के रूप में महसूसा वहीँ इसे संगठन के रूप में समुचित […] Read more » Featured Vishw Hindu Parishad गौरवमयी यात्रा विहिप
जन-जागरण विविधा समाज समाज में संस्कार गढने वाला गुरू समाज में सम्मान को तरसता September 4, 2015 / September 5, 2015 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on समाज में संस्कार गढने वाला गुरू समाज में सम्मान को तरसता 5 सितम्बर को एक बार फिर सारा देश भारत के पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली डां. राधाकृष्णन का जन्मदिवस शिक्षक दिवस के रूप में मनाने जा रहा है। महर्षि अरविंद ने शिक्षकों के संबंध में कहा है कि शिक्षक राष्ट्र की संस्कृति के चतुर माली होते हैं। वे संस्कारों की जड़ों में खाद देते हैं और […] Read more » Featured
विविधा व्यंग्य खास को यूं आम मत बन बनाओ …प्लीज…!! August 30, 2015 / August 30, 2015 by तारकेश कुमार ओझा | 1 Comment on खास को यूं आम मत बन बनाओ …प्लीज…!! बचपन में अपने हमउम्र बिगड़ैल रईसजादों को देख कर मुझे उनसे भारी ईष्या होती थी। क्योंकि मेरा ताल्लुक किसी प्रभावशाली नहीं बल्कि प्रभावहीन परिवार से था। मैं गहरी सांस लेते हुए सोचता रहता … काश मैं भी किसी बड़े बाप का बेटा होता , या एट लिस्ट किसी नामचीन मामा का भांजा अथवा किसी बड़े […] Read more » Featured
पर्व - त्यौहार विविधा धागों से बंधा रिश्तों का बंधन August 30, 2015 / May 17, 2016 by बरुण कुमार सिंह | Leave a Comment बरुण कुमार सिंह भारत की सांस्कृतिक विशष्टता यहाँ के पर्वों के कारण भी है। भारतीय परम्पराओं में सामाजिक जीवन दर्शन के गहरे सूत्र छिपे हैं। प्राचीन विचारकों ने जब विविध सामाजिक पर्वों के चलन को प्राथमिकता दी होगी, तो उसके पीछे इन पर्वों के मानवीय और कल्याणकारी सरोकार अवश्य रहे होंगे। श्रावण माह की पूर्णिमा […] Read more » Featured धागों से बंधा रिश्तों का बंधन
वर्त-त्यौहार विविधा रक्षा बन्धन अन्याय न करने और अन्याय पीढि़तों की रक्षा करने का संकल्प लेने का पर्व है August 29, 2015 / August 30, 2015 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment प्रत्येक वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन रक्षा बन्धन का पर्व सभी सुहृद भारतीयों द्वारा विश्व भर में सोत्साह मनाया जाता है। समय के साथ प्रत्येक रीति रिवाज व परम्परा में कुछ परिवर्तन होता रहता है। ऐसा ही कुछ परिवर्तन रक्षा बन्धन पर्व में हुआ भी लगता है। भारत में मुस्लिम काल में […] Read more » Featured रक्षा बन्धन
खेत-खलिहान विविधा प्याज के आंसू से सरकार भी हरकत में August 28, 2015 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment अशोक “प्रवृद्ध” गरीबों के सम्बन्ध में एक कहावत प्रचलित है कि गरीब प्याज और चटनी के साथ रोटी खाकर संतुष्ट हो लेता है, परन्तु इस कहावत को प्याज के निरंतर बढ़ते दाम झूठा साबित करने पर तुलें हैं। देश में गरीब के उसी प्याज की कीमतें पिछले कुछ दिनों में आसमान छूने लगने के […] Read more »
विविधा श्वेताम्बरों का संथारा – दिगंबरों का संलेखना August 28, 2015 by श्रीराम तिवारी | 3 Comments on श्वेताम्बरों का संथारा – दिगंबरों का संलेखना श्वेताम्बरों का संथारा – दिगंबरों का संलेखना और उपनिषद प्रणीत वेदान्त देशन का ‘अंतिम समाधि योग’ ये तीनों सिर्फ नाम ,रूप और ‘साधनों’ में ही भिन्न-भिन्न हैं ! सारवस्तु के रूप में इन तीनों का लक्ष्य एक ही है ! मैं व्यक्तिगत रूप से घोर नास्तिक होने के वावजूद ,सभी -धर्मों -मजहबों का बराबर सम्मान […] Read more » दिगंबरों का संलेखना श्वेताम्बरों का संथारा
जन-जागरण विविधा कलयुग का मिथक बनती ‘मां की ममता’ August 28, 2015 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी इंटरनेट के माध्यम से सूचना के क्षेत्र में आई क्रांति के वर्तमान दौर में आए दिन पूरे विश्व से आने वाले तमाम ऐसे समाचार,चित्र व वीडियो सांझा किए जा रहे हैं जिन्हें देखकर कोई भी इंसान जल्द विश्वास नहीं कर सकता। उदाहरण के तौर पर कहीं जंगल का राजा शेर किसी जेबरा के […] Read more » कलयुग का मिथक मां की ममता’
वर्त-त्यौहार विविधा रक्षाबंधनः भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधि पर्व August 28, 2015 by डॉ. सौरभ मालवीय | Leave a Comment डा. सौरभ मालवीय रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधि पर्व है ।अनेकानेक श्रेष्ठतम आदर्शों उच्चतम प्रेरणाओ,महान प्रतिमानों और वैदिक वांग्मय से लेकर अद्यतन संस्कृति तक फैले हुए भारतीयता के समग्र जीवन का प्राण है|यह पर्व श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को आयोजित किया जाता जाता है, जब चन्द्रमा श्रवण नक्षत्र में विचरण करते हों तो यह पर्व आता है। […] Read more » रक्षाबंधन