वर्त-त्यौहार विविधा समाज इतिहास के आइने में रक्षाबंधन का पर्व August 28, 2015 / August 29, 2015 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग रक्षाबंधन हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है। श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाने वाला यह त्यौहार भाई बहन के प्यार का प्रतीक है। सात्विकता एवं पवित्रता का सौंदर्य लिए यह त्यौहार सभी जन के हृदय को अपनी खुशबू संवेदनाओं से महकाता है। इस दिन सभी बहने अपने भाइयों की कलाई पर […] Read more »
विविधा गरम होता प्याज का मिजाज August 27, 2015 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on गरम होता प्याज का मिजाज प्याज के गरम होते मिजाज ने सरकार और जनता को एक बार फिर से प्याज के आंसू रुलाना शुरू कर दिया है। देश के कई प्रांतों में दो सप्ताह पहले तक 20 रूपए किलो के ईद-गिर्द रहीं प्याज की कीमतें एकाएक उछाल कर 70-80 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई हैं। इन बढ़ते मूल्यों को लेकर […] Read more » प्याज का मिजाज
विविधा देश के लिए खतरनाक है नौकरी में आरक्षण August 27, 2015 by सुरेश हिन्दुस्थानी | 3 Comments on देश के लिए खतरनाक है नौकरी में आरक्षण सुरेश हिंदुस्थानी देश में किसी भी समाज को प्रगति करने से रोकना है तो उसे आरक्षण की वैसाखियों का सहारा प्रदान कर दीजिये। वह समाज अपने आप ही पतन की ओर अपने कदम बढ़ा देगा। वास्तव में देखा जाये तो आरक्षण समाज की धरातलीय प्रगति और विकास का आधार कभी बन ही नहीं सकता। […] Read more » नौकरी में आरक्षण
विविधा तब भारत के करोड़ों युवा भी हार्दिक का हार्दिक समर्थन करते ! August 27, 2015 by श्रीराम तिवारी | 4 Comments on तब भारत के करोड़ों युवा भी हार्दिक का हार्दिक समर्थन करते ! एक उत्साही युवा हार्दिक पटेल भी उन्ही सरदार पटेल की जाति -समाज के नाम पर गुजरात में कोहराम मचाने को आतुर है। पटेल -पाटीदार समाज के आरक्षण आंदोलन की अगुआई कर रहे हार्दिक पटेल का नारा है – “पटेलों-पाटीदारों को आरक्षण दो या आरक्षण को ही समाप्त करो ,वरना आइन्दा गुजरात में कमल नहीं खिलेगा […] Read more »
विधि-कानून विविधा बाल मजदूरी August 27, 2015 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment पियूष पटेरिया बच्चों को देख न जाने क्यों अपने आप ही चहरे पर एक मुस्कान सी आ जाती है , सच ही कहा किसी ने बच्चो मे भगवान होते है बच्चो से भी ज्यादे आगर कोई ओर प्यारी चीज हो तो वो है बचपन , सभी का बचपन एक अलग ही रोचक ओर मजेदार होता […] Read more » बाल मजदूरी
विविधा संगीत सिनेमा अतुलनीय मुकेश – न भूतो न भविष्यति August 26, 2015 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment (पुण्य-तिथि २५-२६ अगस्त पर विशेष) अमर गायक मुकेश उन सौभाग्यशाली कुछ गायकों में एक हैं, जिन्हें फिल्म-जगत में सफलता प्राप्त करने के लिए कोई संघर्ष नहीं करना पड़ा। शहद मिश्रित स्वर के बेताज बादशाह मुकेश को जब संगीतकार अनिल विश्वास ने पहली बार सुना, तो आश्चर्य से उनकी आँखें फटी की फटी रह गईं। उन्हें […] Read more »
खेल जगत विविधा भीड़ में छिपा नायक August 26, 2015 by रवि कुमार छवि | Leave a Comment कोलंबो टेस्ट के साथ ही संगाकारा के 15 साल के स्वर्णिम करियर पर विराम लग गया। यकीनन, संगाकारा आधुनिक क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर्स में से एक है.उनके रिकॉर्ड और उनका सौम्य व्यक्कित्व उन्हें महान खिलाड़ियों की जमात में शामिल करता है। संगाकारा सही अर्थोँ में क्रिकेट के दूत है। कुमार चोकशानडा संगाकारा का जन्म 27 […] Read more »
विविधा व्यंग्य प्याज का मारा इक दुखिया बेचारा August 24, 2015 by अशोक गौतम | Leave a Comment जबसे मैंने अपने दोस्त का चेहरा देखा है, अपने सा बेरंग ही देखा है। हो सकता है कभी उनके चेहरे पर नूर रहा हो, जब वे अविवाहित रहे हों। असल में वे मेरे जिगरी दोस्त विवाह के बाद ही हुए हैं। जो मैं विवाहित न होता, वे विवाहित न होते शायद ही हम एक […] Read more »
विविधा हिंदी दिवस चुनौती किसकी? हिंदी या अंग्रेजी की? August 24, 2015 / August 24, 2015 by देविदास देशपांडे | 5 Comments on चुनौती किसकी? हिंदी या अंग्रेजी की? भारत के 69वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई दिल्ली से भाषण कर रहे थे वहीं ट्वीटर प्रदेश में कुछ अलग ही घमासान हो रहा था। हिंदी की सख्ती रोको (StopHindiImposition), यह नारा लोकप्रियता की पायदानें चढ़ रहा था। मोदी के हिंदी से लगाव की महीमा पिछले एक-डेढ़ वर्ष में […] Read more »
विविधा हिंदी दिवस आओ, हिंदी की भी सोच लें भाई August 24, 2015 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment भारतीय भाषाओं की एकजुटता से ही देश की भाषा में बोलेगा भारत -संजय द्विवेदी सितंबर का महीना आ रहा है। हिंदी की धूम मचेगी। सब अचानक हिंदी की सोचने लगेंगें। सरकारी विभागों में हिंदी पखवाड़े और हिंदी सप्ताह की चर्चा रहेगी। सब हिंदीमय और हिंदीपन से भरा हुआ। इतना हिंदी प्रेम देखकर आंखें […] Read more »
विविधा भारत में सावन August 24, 2015 / August 24, 2015 by सुरेन्द्र नाथ गुप्ता | 1 Comment on भारत में सावन सुरेन्द्र नाथ गुप्ता भारत में सावन और बरसात एक दूसरे के पर्याय हो गये हैं और यहाँ के सामाजिक जीवन के मनोभावों की अभिव्यक्ति का माध्यम बन गये हैं। बरसात तो सारे विश्व में होती है परंतु सावन केवल भारत में ही आता है। संसार में कहीं तो नाम मात्र ही बरसात होती […] Read more »
विविधा समाज इलाहाबाद उच्च न्यायालय के शिक्षा संबंधी फैसले की पूरे देश को ज़रूरत August 23, 2015 by तनवीर जाफरी | 3 Comments on इलाहाबाद उच्च न्यायालय के शिक्षा संबंधी फैसले की पूरे देश को ज़रूरत तनवीर जाफऱी हमारे देश की लगभग सभी सरकारें व सभी राजनैतिक दलों के नेता प्राय: गला फाड़-फाड़ कर यह चीख़ते-चिल्लाते दिखाई देते हैं कि ‘हमारे देश के बच्चों को शिक्षा के समान अवसर मिलने चाहिए तथा सभी को शिक्षा का समान अधिकार होना चाहिए’। परंतु ऐसी लोकलुभावनी बातें करने वाले देश के किसी भी नेता […] Read more »